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श्रम और रोजगार मंत्रालय ने सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और असंगठित श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप पात्र असंगठित श्रमिकों के बच्चों के लिए शैक्षिक सहायता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार किया है।

  ये सुधार समावेशी सामाजिक सुरक्षा के लिए कल्याणकारी और योग्यता-आधारित छात्रवृत्तियों का संयोजन सुनिश्चित करेंगे , असंगठित श्रमिकों के आश्रितों के लिए शिक्षा संबंधी सहायता सामाजिक सुरक्षा संहिता , 2020 के अनुरूप सुदृढ़ की गई मंत्रालय कल्याणकारी श्रम कल्याण योजना (शिक्षा घटक) का संचालन करता है , जिसका नाम है , " बीड़ी/सिने/लौह , मैंगनीज और क्रोम अयस्क (आईओएमसी)/चूना पत्थर और डोलोमाइट अयस्क (एलएसडी)/अभ्रक खदानों के श्रमिकों के बच्चों को मैट्रिक से पहले और बाद की शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता"। यह योजना आर्थिक परेशानियों को कम करने और निर्बल श्रमिक परिवारों में शिक्षा की निरंतरता को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। यह योजना आवश्यकता-आधारित है और इसमें कोई योग्यता मानदंड निर्धारित नहीं है। मंत्रालय समानता को बढ़ावा देने , अनपेक्षित भेदभावों को दूर करने और नीतिगत स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए योजना के दिशानिर्देशों के संबंधित प्रावधान में उपयुक्त संशोधन करेगा। संशोधित दृष्टिकोण से मंत्रालय की कल्याणकारी छात्रवृत्ति का लाभ उठाने वाले छात्र , यदि पात्र हैं , तो किसी भी केंद्रीय य...
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भारत का एआई गौरव- भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एक अहम और भरोसे के साथ महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने की तैयारी कर रहा है।

  20,000 अतिरिक्त जीपीयू भारत के एआई नेतृत्व के अगले चरण को क्षमता प्रदान करेंगे भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एक अहम और भरोसे के साथ महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने की तैयारी कर रहा है। 17 फरवरी 2026 को , नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित की जा रही इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान , केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत अपनी कंप्यूट क्षमता को वर्तमान 38,000 ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (जीपीयू) से आगे बढ़ाएगा , और आने वाले हफ्तों में 20,000 और जीपीयू जोड़े जाएंगे। यह घोषणा सिर्फ तकनीकी नहीं अपितु रणनीतिक थी। इसने संकेत दिया कि भारत इरादे के साथ आगे बढ़ रहा है और स्वयं की दुनिया की नेतृत्वकारी एआई शक्तियों में मजबूती से जगह बना रहा है। यह घोषणा सम्मेलन के दूसरे दिन की गई और इसका विषय था-सर्वजन हिताय , सर्वजन सुखाय अर्थात सबका हित , सबकी प्रसन्नता। इस आयोजन को पहले से ही दुनिया की सबसे बड़ी एआई भागीदारी कहा जा रहा है। भारत मंडपम के अंदर , ऊर्जा स्पष्ट रूप से दिख रही थी। इस दौरान होने वाले वार्तालाप सुस्पष्ट , भविष्...

सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार योजना- “पीएम राहत” का शुभारंभ किया

प्रधानमंत्री ने सेवा तीर्थ  शिफ्ट होने के तुरंत बाद लिए अपने प्रथम निर्णय में पीएम राहत (सड़क दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार) योजना के शुभारंभ को स्वीकृति प्रदान की। यह निर्णय—सेवा , करुणा और कमजोर नागरिकों की सुरक्षा पर आधारित शासन के दृष्टिकोण को प्रतिबिम्बित करता है। यह कदम सरकार की इस प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है कि सड़क दुर्घटना के बाद तत्काल चिकित्सीय सहायता के अभाव में किसी भी व्यक्ति को जान नहीं गंवानी पड़े। भारत में प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटनाओं में बहुत अधिक संख्‍या में मौते होती हैं , जिनमें से अनेक को समय पर चिकित्सीय सहायता प्रदान कर टाला जा सकता है। अध्ययनों से संकेत मिलता है कि यदि दुर्घटना पीड़ितों को पहले एक घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती करा दिया जाए , तो लगभग 50% मौतों को टाला जा सकता है।   सेवा तीर्थ से पीएम राहत को स्वीकृति देकर प्रधानमंत्री ने जीवनरक्षक हस्तक्षेप , अस्पतालों के लिए वित्तीय सुनिश्चितता और दुर्घटना पीड़ितों के लिए सुव्यवस्थित आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करने को प्राथमिकता दी है। आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) ...

आजीविका और उद्यम के लिए हाशिए पर रहने वाले व्यक्तियों के लिए सहायता (स्माइल) योजना

  सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय , स्माइल (आजीविका और उद्यम के लिए सीमांत व्यक्तियों को सहायता) योजना को लागू कर रहा है , जिसमें "भिक्षा वृत्ति के कार्य में लगे व्यक्तियों का व्यापक पुनर्वास" उप-योजना शामिल है , जिसका उद्देश्य व्यापक पुनर्वास उपायों के माध्यम से भिक्षा वृत्ति मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना है। स्माइल भिक्षावृत्ति उप-योजना वर्तमान में देश भर के 181 चयनित शहरों में चलाई जा रही है। 31 जनवरी 2026 तक , कुल 30,257 भिक्षुकों की पहचान की गई है , और विभिन्न शहरों में 8,129   ऐसे व्यक्तियों का पुनर्वास किया गया है। स्माइल योजना के अंतर्गत ट्रांसजेंडर कल्याण के लिए , सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग द्वारा 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 23 गरिमा गृहों को वर्तमान में सहायता प्रदान की जा रही है। इनमें से 6 गरिमा गृहों को वर्ष 2025-26 के दौरान नया अनुमोदन प्राप्त हुआ और खोला गया। अगले पांच वर्षों के भीतर प्रत्येक राज्य की राजधानी में कम से कम एक गरिमा गृह स्थापित करने के लिए फिलहाल कोई रोडमैप प्रस्तावित नहीं किया गया है। स्माइल योजना के तहत...

बुजुर्गों के लिए योजनाएं और लाभार्थी

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए कई योजनाएं लागू कर रहा है , जिनमें एकीकृत वृद्धजन कार्यक्रम , राष्ट्रीय वयोश्री योजना (अटल वयो अभ्युदय योजना-एवीवाईएवाई के अंतर्गत) और राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धजन पेंशन योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यान्वित की जाती है। एकीकृत वृद्धजन कार्यक्रम के अंतर्गत गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों के लिए वृद्धाश्रमों और अन्य सुविधाओं के संचालन और रखरखाव के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पिछले पांच वित्तीय वर्षों के दौरान एकीकृत वृद्धजन कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल लाभार्थियों की संख्या , राज्यवार और वर्षवार , अनुलग्नक- I में दी गई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय से प्राप्‍त सूचना के अनुसार इंदिरा गांधी वृद्धजन पेंशन योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) पात्रता मानदंडों के अधीन , 60-79 वर्ष आयु वर्ग के व्यक्तियों को 200 रुपये प्रति माह और...

विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित शिकायतें

  संसद का प्रश्न: विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित शिकायतें केंद्रीकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम्स) एक ऑनलाइन मंच है जो नागरिकों को सातों दिन चौबीसों घंटे उपलब्ध है   जिसके माध्यम से वे सेवा वितरण से संबंधित किसी भी विषय पर सार्वजनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। पिछले तीन वर्षों ( 2023, 2024 और 2025) के दौरान , भारत सरकार के मंत्रालयों और विभागों को सीपीग्राम्स पर 51,15,713 सार्वजनिक शिकायतें प्राप्त हुईं , जिनमें से 43,56,331 शिकायतें , यानी लगभग 85%, निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटा दी गईं। सीपीग्राम्स में आरटीआई मामलों का निवारण नहीं किया जाता है। सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार के लिए कई तंत्र स्थापित किए हैं , जिनमें डैशबोर्ड-आधारित निगरानी के साथ समयबद्ध शिकायत निवारण के लिए सीपीग्राम्स ; फाइलों के इलेक्ट्रॉनिक हस्तांतरण के लिए ई-ऑफिस को अपनाना ; सार्वजनिक सेवा वितरण पोर्टलों की गुणवत्ता और दक्षता का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय ई-सेवा वितरण मूल्यांकन (एनईएसडीए) शामिल हैं...

आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2025

तेजी से बढ़ता शहरीकरण बड़े शहरी क्षेत्रों में नई और अनूठी चुनौतियां ला रहा है , जो कई क्षेत्रों में एक से अधिक जिलों में भी फैले हुए हैं। इसलिए , शहरी आपदा जोखिम प्रबंधन के मुद्दे पर ध्यान देने और शहरी मुद्दों पर एक केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने के लिए , आपदा प्रबंधन अधिनियम , 2005 में संशोधन कर प्रावधान '41 ए ' जोड़ा गया है , जो राज्य सरकारों को राज्य की राजधानियों और नगर निगम वाले सभी शहरों (राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश को छोड़कर) में शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूडीएमए) गठित करने का अधिकार देता है , जिससे शहर-विशिष्ट आपदाओं से अधिक बेहतर तरीके से निपटा जा सके।   यूडीएमए शहरी विशिष्ट आपदाओं , जिनमें बाढ़ और लू शामिल हैं , पर ध्यान देने वाली शहरी योजना बनाने और उसके कार्यान्वयन के समन्वय के लिए जिम्मेदार हैं। इसलिए , यूडीएमए की स्थापना करना राज्य सरकारों का अनिवार्य दायित्व है। मौजूदा जानकारी के अनुसार , केवल एक राज्य , कर्नाटक ने बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका के लिए यूडीएमए का गठन किया है। आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम , 2025 के तहत राष्ट्रीय आपदा ...

आयुष्मान सहकार योजना

आयुष्मान सहकार योजना राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम , जो सहकारिता मंत्रालय के अधीन एक सांविधिक  संगठन है , अन्य कार्यों के साथ-साथ विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में सहकारी समितियों के संवर्धन हेतु योजनाएं संचालित करता है । एनसीडीसी ने स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र को विकसित करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के अधिदेश के साथ स्वयं को संरेखित करते हुए आयुष्मान सहकार योजना को अधिसूचित किया । योजना के हिस्से के रूप में , एनसीडीसी परियोजना के विस्तृत तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के बाद स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में पात्र सहकारी समितियों को वित्तीय सहायता स्वीकृत करता है , जिससे दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित होती है। यह योजना आयुष सहित स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कार्यरत सहकारी समितियों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है , जिससे स्वास्थ्य सेवा प्रदाय में सामुदायिक स्वामित्व , भागीदारी और जवाबदेही को बढ़ावा मिलता है। कोई भी सहकारी समिति जो किसी भी राज्य अधिनियम या बहु-राज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम के अधीन पंजीकृत है और जिसकी उपविधियों में अस्पताल , स्वास्थ्य सेवा या स्वास्थ्य शिक्षा से संबंध...

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