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बैंकर्स बुक्स साक्ष्य अधिनियम, 2026, 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा

यह कानून बैंकिंग रिकॉर्ड को साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल करने की कानूनी व्यवस्था को आधुनिक बनाता है , कानूनी कार्यवाही में बैंकिंग रिकॉर्ड के इस्तेमाल को आसान बनाने के लिए सरल और मानक प्रमाणन की व्यवस्था सरकार बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र को मजबूत करने , कारोबार में आसानी को बढ़ावा देने और अर्थव्यवस्था की बदलती जरूरतों के अनुरूप कानूनी और नियामक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगातार सुधार कर रही है। बैंकिंग के तरीकों और तकनीक में तेज़ी से हो रहे बदलावों के साथ , बैंकिंग रिकॉर्ड से जुड़े कानूनों को भी इन बदलावों के अनुरूप होने की ज़रूरत है। बैंकर्स बुक्स साक्ष्य अधिनियम , 2026, जिसे 13 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी , बैंकर्स बुक्स साक्ष्य अधिनियम , 1891 की जगह लेगा। यह समकालीन बैंकिंग तरीकों के अनुरूप बैंकिंग रिकॉर्ड को सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए एक आधुनिक व्यवस्था प्रदान करता है। 10 सितंबर 2026 की अधिसूचना (गजट अधिसूचना का लिंक नीचे दिया गया है) के अनुसार , 1 अक्टूबर 2026 से इस कानून के प्रावधान लागू होंगे। यह कानून तकनीक-निरपेक्ष दृष्टिकोण अपनाता है औ...
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केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों के 14 जिलों को कवर करने वाली तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिससे भारतीय रेलवे के वर्तमान नेटवर्क में लगभग 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी

इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 10,783 करोड़ रुपये है और इन्हें 2029-30 तक पूरा करने की योजना है , प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज रेल मंत्रालय की कुल 10,783 करोड़ रुपये की लागत वाली 3 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में शामिल हैं: ·         खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागदेही) चौथी लाइन ·         कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन ·         बिलासपुर (उसलापुर) – पेंड्रा रोड तीसरी लाइन बढ़ी हुई लाइन क्षमता से आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा , जिसके परिणामस्वरूप भारतीय रेल की प्रचालनगत दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। इन बहु-ट्रैकिंग प्रस्तावों से परिचालन सुव्यवस्थित होगा और भीड़भाड़ में कमी आएगी। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नए भारत के विजन के अनुरूप हैं। इनका उद्देश्य क्षेत्र के व्यापक विकास के माध्यम से इस क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है , जिससे उनके रोजगार/स्वरोजगार के अवस...

नीति आयोग की पहल ई-फास्ट इंडिया के तहत भारत में शून्य-उत्सर्जन माल ढुलाई के लिए पीएसीटी की शुरुआत

पीएसीटी देश भर में माल ढुलाई इकोसिस्टम के हितधारकों के साथ निरंतर संपर्क स्थापित करके बड़े पैमाने पर शून्य-उत्सर्जन ट्रकों के लिए व्यावसायिक आधार को मजबूत करेगा। 5 वें ई-फास्ट इंडिया शिखर सम्मेलन में व्यापार , वित्तपोषण और चार्जिंग साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए जेडईटी मार्केटप्लेस की भी शुरुआत की गई। नीति आयोग के सदस्य श्री राजीव गौबा ने आज 5 वें ई-फास्ट इंडिया समिट 2026 में पीएसीटी का शुभारंभ किया। यह शून्य-उत्सर्जन ट्रकों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव श्री वी उमाशंकर , एमएचआई के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हनीफ कुरैशी , नीति आयोग की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की कार्यक्रम निदेशक सुश्री अर्चना मित्तल , डब्ल्यूआरआई के कार्यकारी कार्यक्रम निदेशक श्री पवन मुलुकुटला और उद्योग , वित्त और माल ढुलाई क्षेत्र से जुड़े लगभग 250 प्रतिभागी उपस्थित थे। ई-फास्ट इंडिया प्लेटफॉर्म की एक प्रमुख पहल , पीएसीटी को शिपर्स , लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता और अन्य इकोसिस्टम हितधारकों से माल ढुलाई की मांग और चिन्हित माल ढुलाई कॉरिडोर में श...

आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0

समय पर क्रेडिट सहायता के ज़रिए बिज़नेस की मज़बूती बढ़ाना ईसीएलजीएस 5.0 बाहरी व्यवधानों से प्रभावित व्यवसायों को लक्षित क्रेडिट गारंटी सहायता प्रदान करती है। नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी द्वारा क्रियान्वित यह योजना पात्र ऋणदाता संस्थानों को कम क्रेडिट जोखिम के साथ अतिरिक्त कार्यशील पूंजी देने में सक्षम बनाती है। यह सरकार समर्थित गारंटियों के माध्यम से एमएसएमई , पात्र गैर - एमएसएमई व्यवसायों और अनुसूचित यात्री एयरलाइंस का समर्थन करती है। कोविड - 19 महामारी के दौरान शुरू किए गए ईसीएलजीएस के पूर्ववर्ती चरणों के आधार पर , यह योजना व्यावसायिक निरंतरता को समर्थन देने के साथ - साथ संस्थागत ऋण तक पहुंच को मजबूत करती है। व्यापक पहुंच , जन समर्थ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पहुंच तथा बैंकों और वित्तीय संस्थानों की भागीदारी ने इसके दायरे का विस्तार किया है। तरलता में सुधार , रोजगार की सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करके , ईसीएलजीएस 5.0 वैश्विक अनिश्चितता के दौर में व्यावसायिक लचीलेपन और सतत आर्थिक विकास में योगदान देती है।   ...

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