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राष्ट्रीय खेल नीति

सरकार ने 10 जुलाई 2025 को खेलो भारत नीति- 2025 का शुभारंभ किया। इस नीति का उद्देश्य देश में एक सशक्त , समावेशी और प्रदर्शन-केंद्रित खेल प्रणाली विकसित करना है। इसका विजन है "राष्ट्र निर्माण के लिए खेल: राष्ट्र के समग्र विकास में खेल की शक्ति का उपयोग"। इस विजन को साकार करने के लिए , यह नीति कई मुख्य लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करती है। इन लक्ष्यों से जुड़ी विस्तृत जानकारी https://yas.nic.in/sites/default/files/Khelo-Bharat-Niti2025_0.pdf पर उपलब्ध है। खेलो भारत नीति 2025 में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर खेल अवसंरचना को मजबूत करने और प्रतिभाओं की प्रारंभिक पहचान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रावधान शामिल हैं , जिसमें खेल के अवसरों की व्यापक पहुंच पर विशेष बल दिया गया है। यह नीति महिलाओं , दिव्यांगजनों और आर्थिक रूप से कमजोर समूहों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के खिलाड़ियों के लिए बुनियादी प्रशिक्षण सुविधाओं , समर्पित खेल अवसंरचना और प्रतियोगिता मंचों तक बेहतर पहुंच का प्रस्ताव करके ग्रामीण-शहरी अंतर को दूर करती है। यह स्कूली शिक्षा के साथ खेलों को जोड़ने प...
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एलएलबी डिग्री को मान्यता

  बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने सूचित किया है कि विधिक शिक्षा के पूर्व नियम , 1989 के तहत , बीसीआई ने दिल्ली और कुछ अन्य राज्यों के संस्थानों सहित कुछ विश्वविद्यालयों और विधि महाविद्यालयों द्वारा तत्कालीन प्रचलित मानकों के अनुपालन के अधीन शाम के समय संचालित होने वाले एलएलबी पाठ्यक्रमों को मान्यता दी थी। हालांकि , शैक्षणिक वर्ष 2000-2001 से , बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने विधिक शिक्षा के नियम , 1999, जिसे उस समय विधिक शिक्षा के मानक और विधि में डिग्री की मान्यता (नियम) कहा जाता था , के माध्यम से सभी राज्यों में शाम के समय संचालित होने वाले विधि डिग्री पाठ्यक्रमों की मान्यता समाप्त कर दी। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अपने विधिक शिक्षा नियम , 2008 के तहत इस स्थिति को लगातार बनाए रखा है , जिसके अनुसार एलएलबी एक नियमित , पूर्णकालिक व्यावसायिक पाठ्यक्रम है , जिसके लिए निर्धारित दैनिक और साप्ताहिक कक्षा समय , न्यूनतम उपस्थिति और सुबह 8.00 बजे से शाम 7.00 बजे के बीच एक निश्चित शैक्षणिक शिक्षण अवधि अनिवार्य है। तदनुसार , 2000-2001 से शाम के समय , रात्रि विद्यालय , अंशकालिक , सप्ताहांत , ...

श्रम संहिताओं में श्रमिकों के लिए प्रावधान

केन्द्र सरकार ने चार श्रम संहिताएं लागू की हैं। इनके नाम हैं मजदूरी संहिता , 2019 औद्योगिक संबंध संहिता , 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता , 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा , स्वास्थ्य एवं  कार्य स्थितियां संहिता , 2020 । ये सभी संहिताएं 21.11.2025 से लागू हो गईं हैं। नई श्रम संहिताएं संगठित और असंगठित श्रमिकों सहित सभी श्रमिकों को मिलने वाली सुरक्षा को मजबूत करती हैं। इन श्रम संहिताओं के तहत मजदूरी , रोजगार को औपचारिक बनाने और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों में शामिल हैं- ·         सभी श्रमिकों को न्यूनतम वेतन और समय पर वेतन भुगतान का वैधानिक अधिकार ; ·         संगठित और असंगठित श्रमिकों , जिसमें गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिक भी शामिल हैं , को कवर करके सामाजिक सुरक्षा का सार्वभौमीकरण ; ·         10 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों के लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) का कवरेज अनिवार्य रूप से तथा 10 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों के लिए स्वैच्छिक आधार पर और...

5जी सेवाओं के विस्तार और वर्तमान स्थिति

  संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5 जी सेवाएं शुरू कर दी गई हैं और वर्तमान में यह देश के 99.9 प्रतिशत जिलों में उपलब्ध है। 31 दिसंबर 2025 तक , दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) ने पूरे देश में 5.18 लाख 5 जी बेस ट्रांसीवर स्टेशन ( बीटीएस) स्थापित किए हैं। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा 31 दिसंबर 2025 तक स्थापित किए गए बेस ट्रांसीवर स्टेशनों (बीटीएस) की राज्य-वार संख्या अनुलग्नक- I में दी गई है। 5 जी नेटवर्क के कवरेज को और बेहतर बनाने के लिए भारत सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम निम्नलिखित हैं: ·         2022 में 5 जी मोबाइल सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी ·         संशोधित सकल राजस्व (एजीआर) , बैंक गारंटी (बीजी) और ब्याज दरों को तर्कसंगत बनाने के लिए वित्तीय सुधार। ·         वर्ष 2022 की नीलामी और...

सेल (SAIL) और राइट्स (RITES) ने डीजल लोकोमोटिव लीजिंग और रखरखाव के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

देश की महारत्न और सार्वजनिक क्षेत्र की स्टील उत्पादक कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने अपने संयंत्रों और खानों में लॉजिस्टिक्स और परिचालन दक्षता को मजबूत करने के लिए नवरत्न उपक्रम राइट्स लिमिटेड ( RITES) के साथ एक समझौता ज्ञापन ( MoU) पर हस्ताक्षर किया है। सेल ( SAIL) अपने संयंत्रों और खदानों के परिसर के भीतर एक समर्पित ' मिनी रेल नेटवर्क ' संचालित करता है ताकि कच्चे माल की आवक , इन-प्रोसेस ट्रांसफर और तैयार उत्पादों के आउट-बाउण्ड बिना रुकावट परिवहन को सुनिश्चित किया जा सके। अपने डीजल लोकोमोटिव बेड़े के प्रभावी रखरखाव , जिसमें वेट-लीज्ड ( Wet Leased) लोकोमोटिव भी शामिल हैं , परिचालन को बनाए रखने और भविष्य की क्षमता विस्तार एवं विकास की योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। चूँकि भारतीय रेलवे इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की ओर अपनी संक्रमण गति को तेज कर रहा है , राइट्स ( RITES) डीजल लोकोमोटिव संचालन और रखरखाव में मूल्यवान विशेषज्ञता प्रदान करना जारी रखे हुए है , जो सेल के डीजल बेड़े को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। भारतीय रेलवे की सुविधाओं , स्पेयर पार्ट्स और कुशल जनशक्त...

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में व्यावसायिक प्रशिक्षण की समग्र गुणवत्ता और प्रासंगिकता बढ़ाने के लिए उन्नत आईटीआई (पीएम सेतु) योजना के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार परिवर्तन को मंजूरी दी है।

पीएम-सेतु योजना के उद्देश्य   केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में व्यावसायिक प्रशिक्षण की समग्र गुणवत्ता और प्रासंगिकता बढ़ाने के लिए उन्नत आईटीआई (पीएम सेतु) योजना के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार परिवर्तन को मंजूरी दी है। योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं: ·         औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) में प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार करना ; ·         उद्योग मानकों के अनुसार बुनियादी ढांचे और उपकरणों का आधुनिकीकरण करना ; ·         नए और उभरते क्षेत्रों में उद्योग-संरेखित दीर्घकालिक और अल्पकालिक पाठ्यक्रम शुरू करना ; ·         मांग-संचालित कौशल और बेहतर रोजगार परिणामों के लिए उद्योग संबंध को मजबूत करना ; तथा ·         प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) की क्षमता बढ़ाना। इस योजना में दो घटक शामिल हैं: ...

युवाओं के लिए रोजगार सृजन

  रोजगार और बेरोजगारी से संबंधित आंकड़े आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के माध्यम से एकत्र किए जाते हैं , जो सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) द्वारा 2017-18 से आयोजित किया जा रहा है। सर्वेक्षण की अवधि प्रतिवर्ष जुलाई से जून तक होती है। नवीनतम उपलब्ध वार्षिक पीएलएफएस रिपोर्टों के अनुसार , 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लिए सामान्य स्थिति में अनुमानित श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 2017-18 में 46.8% से बढ़कर 2023-24 में 58.2% हो गया है , जो दर्शाता है कि डब्ल्यूपीआर यानी रोजगार में वृद्धि का रुझान है। रोजगार सृजन और रोजगार क्षमता में सुधार सरकार की प्राथमिकता है। तदनुसार , सरकार देश में विभिन्न रोजगार सृजन योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू कर रही है। सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न रोजगार सृजन योजनाओं और कार्यक्रमों का विवरण https://dge.gov.in/dge/schemes_programmes पर देखा जा सकता है। भारत सरकार के स्किल इंडिया मिशन (एसआईएम) के अंतर्गत , कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) विभिन्न योजनाओं , जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएम...

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