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जनजातीय छात्रों के लिए योजनाएं

जनजातीय छात्रों के लिए योजनाएं केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने आज लोकसभा में जानकारी दी कि जनजातीय कार्य मंत्रालय अनुसूचित जनजाति के बच्चों को उनके सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) योजना को लागू कर रहा है।   एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के छात्रों की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दर बढ़ाने के लिए , ब्रिज कोर्स , सुधारात्मक कक्षाएं एवं अकादमिक मार्गदर्शन जैसी कई पहलें शुरू की गई हैं। इनका उद्देश्य अध्यन की कमियों को दूर करना और कक्षाओं में सुचारू रूप से आगे बढ़ने में सहायता प्रदान करना है। उच्च शिक्षा एवं करियर विकल्पों की स्पष्टता प्रदान करने के लिए करियर परामर्श सत्र आयोजित किए जाते हैं। कक्षा 11 वीं और 12 वीं के छात्रों को प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से नीट/जेईई की तैयारी जैसे विशेष कोचिंग उपलब्ध कराए जाते हैं। सीएसआर के अंतर्गत , आईआईटी-जेईई और नीट की तैयारी के लिए तीन उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) स्थापित किए गए हैं , जो मध्य प्रदेश के भोपाल , आंध्र प्रदेश के चिंतपल्ले...
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सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण

यंत्रीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र के लिए राष्ट्रीय कार्य (नमस्ते) योजना के अंतर्गत सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई में लगे सफाई कर्मचारियों की पहचान और उनका विवरण (प्रोफाइलिंग) तैयार किया गया है। 89,248 सफाई कर्मचारियों की प्रोफाइलिंग और सत्यापन किया जा चुका है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार , पिछले पांच वर्षों ( 2021 से 2025) के दौरान सीवर और सेप्टिक टैंकों की जोखिम वाली सफाई के कारण 317 सफाई कर्मचारियों की जान चली गई है। सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों (एसएसडब्ल्यू) की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए यंत्रीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र के लिए राष्ट्रीय कार्य (नमस्ते) योजना 2023-24 में शुरू की गई है। नमस्ते योजना के अंतर्गत कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाने और मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए उपाय निम्नलिखित हैं:- ·         सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण किट। ·         सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों को व्यावसायिक सुर...

आयकर अधिनियम, 2025 (1 अप्रैल, 2026) से लागू हुआ, आयकर अधिनियम, 2025, भारत के प्रत्यक्ष कर ढांचे में एक ऐतिहासिक सुधार है।

आयकर अधिनियम , 2025 आज ( 1 अप्रैल , 2026) से लागू हुआ आयकर अधिनियम , 2025, भारत के प्रत्यक्ष कर ढांचे में एक ऐतिहासिक सुधार है। यह देश के आयकर कानून को सरल और आधुनिक बनाने का एक व्यापक प्रयास है , जो छह दशक पुराने आयकर अधिनियम , 1961 की जगह लेता है। यह अधिनियम मूल कर नीति में बदलाव किए बिना , सरल भाषा , सुव्यवस्थित संरचना और पाठक-अनुकूल प्रस्तुति के माध्यम से अधिक स्पष्टता और अनुपालन में सुगमता की ओर एक बदलाव का प्रतीक है। यह विधेयक संसद द्वारा 12 अगस्त , 2025 को पारित किया गया था और 21 अगस्त , 2025 को इसे भारत के माननीय राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई , जिसके परिणामस्वरूप यह ' आयकर अधिनियम , 2025' बन गया। (राजपत्र अधिसूचना – आयकर अधिनियम , 2025) नए अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए , केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा 20 मार्च , 2026 को ' आयकर नियम , 2026' अधिसूचित किए गए। (राजपत्र अधिसूचना – आयकर नियम , 2026) । इससे संबंधित नए प्रपत्र भी अधिसूचित कर दिए गए हैं। अनुपालन को सरल बनाने के उद्देश्य से , इन प्रपत्रों को सरल , मानकीकृत और उनकी प्रक...

एलपीजी रिफिल बुकिंग की समय-सीमा से संबंधित समाचार रिपोर्टों पर स्पष्टीकरण

सरकार के संज्ञान में आया है कि कुछ समाचार रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट में एलपीजी रिफिल बुकिंग की संशोधित समय-सीमा का दावा किया जा रहा है। इनमें पीएमयूवाई कनेक्शन के लिए 45 दिन , गैर-पीएमयूवाई सिंगल बॉटल कनेक्शन के लिए 25 दिन और गैर-पीएमयूवाई डबल बॉटल कनेक्शन के लिए 35 दिन बताया जा रहा है। यह स्पष्ट किया जाता है कि ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया है। रिफिल बुकिंग की मौजूदा समय-सीमा पूर्ववत बनी हुई है जो इस प्रकार है: ·         शहरी क्षेत्रों में 25 दिन , और ·         ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन , कनेक्शन की श्रेणी से कोई सरोकार नहीं। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और न ही उन्हें फैलाएं तथा एलपीजी रिफिल की अनावश्यक या घबराहट में बुकिंग से बचें। यह दोहराया जाता है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और चिंता का कोई कारण नहीं है। *** पीके/केसी/एकेएस/एसके प्रविष्टि तिथि: 25 MAR 2026 by PIB Delh ( रिलीज़ आईडी: 2244875) आगंतुक पटल : 1753

शी-मार्ट’ के रूप में ग्रामीण महिला उद्यमियों को मिलेगा नया बाजार

  सरकार का लक्ष्य—महिलाओं को आजीविका से आगे बढ़ाकर सफल उद्यमी बनाना और बाजार से सीधा जोड़ना , लोकसभा में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने श्री इटेला राजेंदर के प्रश्न के उत्तर में दी जानकारी ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आज संसद में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को सशक्त बनाने के लिए ‘स्वयं सहायता उद्यम मार्ट’ (शी-मार्ट) नामक एक नई पहल की घोषणा की है। इन मार्ट्स की परिकल्पना एक संरचित खुदरा प्लेटफॉर्म के रूप में की गई है , जहाँ स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया जा सकता है और सीधे उपभोक्ताओं को बेचा जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य बाजार के साथ बेहतर संपर्क   स्थापित करना , स्थानीय उत्पादों की दृश्यता बढाना , एसएचजी संस्थानों को सुदृढ़ बनाना और महिला उद्यमियों को अपने व्यवसायों का विस्तार करने तथा उन्हें बड़े स्तर पर ले जाने में सक्षम बनाना है। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत , ' शी-मार्ट्स ' पहल बाजार पहुंच और क्षमता निर्माण की सुवि...

यूट्यूबर यशवंत साहू जो… भिलाई टाईम्स नामक ब्लॉग लिखता है और… यह कपटपूर्ण विषयवस्तु वाले वीडियो आधारित दबदबा बनाकर सोशल मीडिया मंच वाला व्यापार चलाता है… इसी व्यापारिक गतिविधि के तहत यशवंत के द्वारा आपत्तिजनक वीडियो रोजाना बनाया जाता है… इस आपराधिक गतिविधि की पुनरावृत्ति करते हुए यशवंत ने… विगत दिनों उचित मूल्य दुकान का संचालन करने वाली… महिला स्व सहायता समूहों पर मानसिक दबाव बनाने का कपट पूर्वक प्रयास किया है… जिसकी पुलिस FIR कार्यवाही शिकायत दर्ज करवाई गई है..! पढ़िए पूरा मामला…

भिलाई टाईम्स वाला यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत का सामना करेगा रिसाली और भिलाई के कुछ वार्डों की जानकारी और… लोगों की आपसी खुन्नस को… चटकेदार मिर्च मसाला लगाकर… बिना किसी दस्तावेजिक प्रमाण के… यशवंत बयानबाजी करते हुए नाटकीय वीडियो बनाता है और… वीडियो को अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर… यशवंत प्रकाशित करता है । जिस पर आने वाली लाईक और क्लीक बढ़ाकर यशवंत द्वारा… अपनी रोजी रोटी चलाय जाना की बात लोगों ने बताई है लेकिन… इस बार यशवंत ने अपनी यूट्यूबर सीमा से बाहर जाकर… उचित मूल्य दुकान की संचालक महिला स्व सहायता समूहों को निशाना बनाया और… अपने बड़बोले अंदाज में पुलिस और शासन को भी… अपनी युटुब वीडियो बयान विषयवस्तु के आधार पर कटघरे में खड़ा कर दिया है । इसलिए अब यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत कार्यवाही का सामना करने की स्थिति में आ गया है । जवाबदेही तय : बचकाना भाषा शैली और लालच ने यशवंत को बुरा फसाया… साबित करना पड़ेगा फिल्मी डायलॉग वाले आरोप..!  वैसे तो यूट्यूबर यशवंत स्थानीय राजनीति में अपनी छोटी मोटी जगह तलाशने और… भ्रामक जानकारी के आधार पर बनाए नाटकीय वीडियो के आधार पर ...

हाथ से सफाई करने वालों का पुनर्वास

हाथ से सफाई करने वालों के रोजगार पर प्रतिबंध और उनके पुनर्वास अधिनियम , 2013 के प्रावधानों के अनुसार , देश के सभी जिलों में हाथ से सफाई करने वालों का एक नया सर्वेक्षण किया गया है , जिसमें कोई भी हाथ से सफाई करने वाला (एमएस) नहीं पाया गया है। हालांकि , 2013 और 2018 में किए गए दो सर्वेक्षणों के दौरान 58,098 हाथ से सफाई करने वालों की पहचान की गई थी। सभी पहचाने गए एमएस को 40,000 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से एकमुश्त नकद सहायता (ओटीसीए) का भुगतान किया गया है , जिसमें बिहार के 131 एमएस ( 0.22%) भी शामिल हैं।वर्ष 2020-21 से 2024-25 के दौरान 14,692 एमएस को ओटीसीए , 9,868 एमएस को कौशल विकास प्रशिक्षण और 1,524 एमएस को पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की गई है। ये विवरण अनुलग्नक में दिए गए हैं। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में सीवर और सेप्टिक टैंकों की खतरनाक सफाई के दौरान कुछ मौतें हुई हैं , जिसका कारण "हाथ से मैला ढोने पर प्रतिबंध और पुनर्वास अधिनियम , 2013" और "हाथ से मैला ढोने पर प्रतिबंध और पुनर्वास नियम , 2013" तथा आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिय...

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