श्री अमित पाटिल और श्रीमती स्नेहा देशमुख (बदले हुए नाम) की यात्रा अंतर-जातीय विवाह को बढ़ावा देने से जुड़ी इस प्रगतिशील पहल के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य अंतर-समुदाय सद्भाव और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की परंपरा स्थापित करना है, साथ ही समानता, आपसी सम्मान और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। महाराष्ट्र सर कार द्वारा क्रियान्वित 'अंतर-जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना' अंतर-जातीय विवाहों को प्रोत्साहित करती है और जाति-आधारित भेदभाव से मुक्त समाज को बढ़ावा देती है। शादी के बाद, इस जोड़े को अपना नया घर बसाने और परिवार के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को संभालते समय वित्तीय कठिनाइयों और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इन चुनौतियों के कारण दैनिक खर्चों को प्रबंधित करना, आवश्यक घरेलू सामान खरीदना और अपने भविष्य की वित्तीय सुरक्षा की योजना बनाना मुश्किल हो गया था। उनके जीवन के इस महत्वपूर्ण चरण के दौरान, अंतर-जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता ने बहुमूल्य सहयोग प्रदान किया। इस सहायता से जोड़े को आवश्यक घरेलू सामान खरीदने, दैनिक आव...
भविष्य निधि (पीएफ) ट्रस्टों की छूट प्राप्त स्थिति को पूर्वव्यापी प्रभाव से नियमित करने के लिए माफी योजना, 2026
ईपीएफओ ने देशव्यापी अभियान तेज किया ; पात्र प्रतिष्ठानों को 28 दिसंबर की समय-सीमा की याद दिलाई कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) योजना , 2026 में माफी योजना से संबंधित प्रावधान एक संक्रमणकालीन उपाय के रूप में शामिल किए गए थे। इस योजना को 29 जून , 2026 को अधिसूचित किया गया था। इन प्रावधानों के तहत ऐसे भविष्य निधि (पीएफ) ट्रस्टों को अपनी छूट प्राप्त स्थिति नियमित कराने का एकमुश्त अवसर दिया गया है , जिन्हें आयकर अधिनियम , 1961 (1961 का 43) के अंतर्गत मान्यता प्राप्त है , लेकिन उनके पास कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम , 1952 की धारा 17 अथवा सामाजिक सुरक्षा संहिता (सीओएसएस) , 2020 की धारा 143 के तहत जारी औपचारिक छूट आदेश नहीं है। माफी योजना के संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों , जिनमें आवेदन की प्रक्रिया और प्रक्रियागत आवश्यकताएं शामिल हैं , का विवरण 11 जुलाई , 2026 को जारी परिपत्र में दिया गया था। यह योजना अधिसूचना की तारीख से छह महीने की अवधि के लिए जारी है और इसकी समय-सीमा 28 दिसंबर , 2026 को समाप्त होगी। समय-सीमा में तीन महीने से भी कम समय शेष रहने के मद्देनजर कर्म...