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अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना

कर्मचारी राज्य बीमा निगम ( ESIC) ने अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना ( ABVKY) का अवधि विस्तार 01.07.2026 से 30.06.2027 तक स्वीकृत किया है। अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना ( ABVKY) के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता मानदंड इस प्रकार हैं: ·         लाभार्थी व्यक्ति को बेरोज़गारी से ठीक पहले निरन्तर 12 महीने तक बीमायोग्य रोजगार में रहना चाहिए और बेरोज़गारी से ठीक पहले के 12 महीनों में किसी एक पूर्ण योगदान अवधि में कम से कम 78 दिनों का योगदान किया हुआ होना चाहिए। ·         बेरोज़गारी कदाचार ( misconduct), लॉकआउट , सुपरअन्यूसिएशन (सेवानिवृत्ति) , या कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम , 1948 की व्यवस्था के तहत गलत बयान देने पर दोषी सिद्ध होने के कारण नहीं होनी चाहिए। ·         योजना के तहत दावों के निपटान को तीव्र करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं ; इनमें दावों का ऑनलाइन सबमिशन और प्रोसेसिंग , लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर ( DBT), और लाभों के समय पर भुगतान सुन...
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पीएम-विद्यालक्ष्मी नामक नई केंद्रीय क्षेत्र की योजना - उच्च शिक्षा ऋण के लिए पीएम-विद्यालक्ष्मी पोर्टल

पीएम-विद्यालक्ष्मी नामक नई केंद्रीय क्षेत्र की योजना - भारत सरकार ने नवंबर 2024 में पीएम-विद्यालक्ष्मी नामक नई केंद्रीय क्षेत्र की योजना शुरू की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी विद्यार्थी को वित्तीय बाधाओं के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसर से वंचित न होना पड़े। इस योजना के अंतर्गत , जिन विद्यार्थियों को शीर्ष गुणवत्ता वाले उच्च शिक्षा संस्थानों (क्यूएचईआई) में योग्यता के आधार पर प्रवेश मिलता है और जो शिक्षा ऋण लेना चाहते हैं उन सभी विद्यार्थियों को बिना किसी जमानत और बिना किसी गारंटर के शिक्षा ऋण प्रदान किया जाता है। इसके अलावा , जिन छात्रों की वार्षिक पारिवारिक आय 8 लाख रुपये तक है उनके लिए इस योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपये तक के ऋण पर 3% ब्याज सब्सिडी भी प्रदान की जाती है। प्रत्येक वर्ष ऐसे 1 लाख तक नए छात्र जो शिक्षा ऋण पर किसी अन्य छात्रवृत्ति या ब्याज सब्सिडी का लाभ नहीं उठा रहे हैं , वे इस ब्याज सब्सिडी सुविधा के पात्र हैं। 2024-25 से 2030-31 की अवधि के दौरान 7 लाख तक नए छात्रों को 3% ब्याज सब्सिडी का लाभ देने के लिए 3,600 करोड़ रुपये...

वन स्टॉप सेंटर हिंसा से पीडि़त और संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही जगह एकीकृत और तत्कााल सहायता एवं मदद प्रदान करता है

  वन स्टॉप सेंटर को महिला हेल्पलाइन से जोड़ा गया , ताकि तालमेल मजबूत हो सके और सहायता सेवाओं तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित हो सके दीर्घकालिक संस्थािगत सहायता , पुनर्वास और सुरक्षित आवास की आवश्यककता वाली महिलाओं के रेफरल के लिए ओएससी को ‘शक्ति सदन’ से भी एकीकृत किया गया वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) मिशन शक्ति के अंतर्गत ‘संबल’ घटक का एक महत्‍वपूर्ण अंग है। यह देशभर में निजी एवं सार्वजनिक दोनों प्रकार के स्‍थानों पर हिंसा से प्रभावित तथा संकटग्रस्‍त महिलाओं को एक ही जगह एकीकृत और तत्‍काल सहायता एवं मदद प्रदान करता है। अब तक , देशभर में 1,033 वन स्टॉप सेंटरों (ओएससी) को स्‍वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 985 वन स्टॉप सेंटर वर्तमान में संचालित हैं।  योजना की शुरुआत 1 अप्रैल , 2015 से 30 जून , 2026 तक , देशभर में 15.20 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की जा चुकी है। केंद्र सरकार प्रत्‍येक ओएससी में 13 मानव संसाधनों की नियुक्ति/संविदा पर नियुक्ति के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को शत-‍प्रतिशत वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध कराती है। इनमें 1 केंद्र प्रशासक , 2 प्रकरणकर्म...

ऋण गारंटी योजना (सीजीएस)- प्रथम पीढ़ी के उद्यमियों, महिला नेतृत्व वाले उद्यमों और पिछड़े जिलों में स्थित इकाइयों सहित एमएसई को दी जाने वाली ऋण सुविधाओं के लिए बिना किसी संपार्श्विक सुरक्षा या तृतीय-पक्ष गारंटी के ऋण गारंटी प्रदान की जा सके

  सूक्ष्म , लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय , सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) को दी जाने वाली ऋण सुविधाओं की ऋण गारंटी प्रदान करने के लिए ऋण गारंटी योजना (सीजीएस) लागू कर रहा है सूक्ष्म , लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए ऋण गारंटी योजना (सीजीएस) को ऋण गारंटी कोष ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (सीजीटीएमएसई) के माध्यम से लागू करता है , ताकि प्रथम पीढ़ी के उद्यमियों , महिला नेतृत्व वाले उद्यमों और पिछड़े जिलों में स्थित इकाइयों सहित एमएसई को दी जाने वाली ऋण सुविधाओं के लिए बिना किसी संपार्श्विक सुरक्षा या तृतीय-पक्ष गारंटी के ऋण गारंटी प्रदान की जा सके । सरकार द्वारा लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसई) के बीच ऋण प्रवाह को बेहतर बनाने और सीजीटीएमएसई योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए उठाए गए उपायों में निम्नलिखित शामिल हैं:     i.             सीजीएस के तहत दिए गए ऋण के लिए गारंटी की अधिकतम सीमा 01.04.2025 से 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये क...

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी)' योजना का उद्देश्य बाल लिंग-अनुपात में सुधार करना और लड़कियों तथा महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों का समाधान करना है

  बीबीबीपी योजना का मुख्य उद्देश्य पूरे देश में लड़कियों के प्रति लोगों की सोच और व्यवहार में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन लाना है" बेटी बचाओ , बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी) योजना बाल लिंगानुपात (सीएसआर) में सुधार करने तथा लड़कियों और महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों का समाधान करने में सहायता करती है। यह विभिन्न हितधारकों को जानकारी देकर , प्रभावित करके , प्रेरित करके , उनकी भागीदारी सुनिश्चित करके तथा उन्हें सशक्त बनाकर बालिका के प्रति लोगों की सोच और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करती है। 15 वें वित्त आयोग की अवधि में , मिशन शक्ति के संबल ( SAMBAL) वर्टिकल के अंतर्गत एक घटक के रूप में बेटी बचाओ , बेटी पढ़ाओ योजना का विस्तार देश के सभी जिलों तक किया गया है। इसके अंतर्गत बहु-क्षेत्रीय प्रयासों के माध्यम से ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है , जिनका जमीनी स्तर पर वास्तविक प्रभाव पड़ता है। आज बेटी बचाओ , बेटी पढ़ाओ सिर्फ एक सरकारी नीति तक सीमित नहीं है , बल्कि सरकारी एजेंसियों , मीडिया , नागरिक समाज तथा आम जनता सहित विभिन्न हितधारकों की सक्रिय भागीदारी से यह एक राष्ट...

अश्लील कंटेंट दिखाने और आईटी अधिनियम व अन्य लागू कानूनों का उल्लंघन करने के कारण पिछले दो वर्षों में 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म बंद किए गए

सरकार ने डिजिटल मीडिया पर समसामयिक मामलों के प्रकाशकों और ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट ( ओटीटी प्लेटफॉर्म ) के प्रकाशकों के लिए एक संस्थागत व्यवस्था बनाने के मकसद से आईटी अधिनियम , 2000 के तहत 25.02.2021 को ' सूचना प्रौद्योगिकी ( मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता ) नियम , 2021' अधिसूचित किए थे। इन नियमों का भाग -III डिजिटल समाचार प्रकाशकों और ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट  ( ओटीटी प्लेटफॉर्म ) के प्रकाशकों के लिए आचार संहिता का प्रावधान करता है। शिकायतों का समाधान आईटी नियम , 2021 के प्रावधानों के तहत किया जाता है। आईटी अधिनियम , 2000 की धारा 79 ( 3 )( बी ) में गैर - कानूनी कंटेंट को हटाने या उस तक पहुंच को बंद करने के लिए मध्यस्थों को सूचित करने का प्रावधान है। शिकायतों के आधार पर , सरकार नियमित रूप से ऐसे मध्यस्थों और ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई करती है। सरकार ने पिछले दो वर्षों में अश्लील कंटेंट दिखाने और आईटी अधिनियम की धारा 67 व 67 ए , बीएनएस की धारा 294, और महिलाओं के अश्लील चित्रण ( निषेध ) अधिनियम , 1986 की धारा 4 का उल्लंघन करने के कारण भारत...

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