सूक्ष्म , लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय , सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) को दी जाने वाली ऋण सुविधाओं की ऋण गारंटी प्रदान करने के लिए ऋण गारंटी योजना (सीजीएस) लागू कर रहा है सूक्ष्म , लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए ऋण गारंटी योजना (सीजीएस) को ऋण गारंटी कोष ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (सीजीटीएमएसई) के माध्यम से लागू करता है , ताकि प्रथम पीढ़ी के उद्यमियों , महिला नेतृत्व वाले उद्यमों और पिछड़े जिलों में स्थित इकाइयों सहित एमएसई को दी जाने वाली ऋण सुविधाओं के लिए बिना किसी संपार्श्विक सुरक्षा या तृतीय-पक्ष गारंटी के ऋण गारंटी प्रदान की जा सके । सरकार द्वारा लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसई) के बीच ऋण प्रवाह को बेहतर बनाने और सीजीटीएमएसई योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए उठाए गए उपायों में निम्नलिखित शामिल हैं: i. सीजीएस के तहत दिए गए ऋण के लिए गारंटी की अधिकतम सीमा 01.04.2025 से 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये क...
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी)' योजना का उद्देश्य बाल लिंग-अनुपात में सुधार करना और लड़कियों तथा महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों का समाधान करना है
बीबीबीपी योजना का मुख्य उद्देश्य पूरे देश में लड़कियों के प्रति लोगों की सोच और व्यवहार में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन लाना है" बेटी बचाओ , बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी) योजना बाल लिंगानुपात (सीएसआर) में सुधार करने तथा लड़कियों और महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों का समाधान करने में सहायता करती है। यह विभिन्न हितधारकों को जानकारी देकर , प्रभावित करके , प्रेरित करके , उनकी भागीदारी सुनिश्चित करके तथा उन्हें सशक्त बनाकर बालिका के प्रति लोगों की सोच और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करती है। 15 वें वित्त आयोग की अवधि में , मिशन शक्ति के संबल ( SAMBAL) वर्टिकल के अंतर्गत एक घटक के रूप में बेटी बचाओ , बेटी पढ़ाओ योजना का विस्तार देश के सभी जिलों तक किया गया है। इसके अंतर्गत बहु-क्षेत्रीय प्रयासों के माध्यम से ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है , जिनका जमीनी स्तर पर वास्तविक प्रभाव पड़ता है। आज बेटी बचाओ , बेटी पढ़ाओ सिर्फ एक सरकारी नीति तक सीमित नहीं है , बल्कि सरकारी एजेंसियों , मीडिया , नागरिक समाज तथा आम जनता सहित विभिन्न हितधारकों की सक्रिय भागीदारी से यह एक राष्ट...