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केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने प्राथमिक शिक्षक संबंधी शिक्षा में छह माह के प्रमाण-पत्र (ब्रिज) पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया

यह पाठ्यक्रम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सेवारत प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों को व्यापक प्रशिक्षण प्रदान करेगा केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने 16 सितंबर , 2026 को नई दिल्ली में प्राथमिक शिक्षक संबंधी शिक्षा (पीटीई) में छह माह के प्रमाण-पत्र (ब्रिज) पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पाठ्यक्रम ऐसे सेवारत प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है , जिनके पास बी.एड. की डिग्री है। यह पाठ्यक्रम ऐसे शिक्षकों के लिए प्राथमिक स्तर पर शिक्षण हेतु आवश्यक प्रमाणन प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। यह विशेष व्यावसायिक विकास कार्यक्रम शिक्षकों को व्यापक प्रशिक्षण प्रदान करेगा , जिससे वे प्राथमिक स्तर (कक्षा I से V) के   विद्यार्थियों को प्रभावी ढंग से शिक्षित करने के लिए आवश्यक कौशल और दक्षताएं विकसित कर सकेंगे। यह ब्रिज पाठ्यक्रम राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत शिक्षकों को बाल-केंद्रित , समावेशी तथा बाल विकास के अनुरुप शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराया जाएगा। इससे शिक्षा के आधारभूत औ...
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घरेलू पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना

  हर घर के लिए स्वच्छ और किफायती पाइप से आपूर्ति की जाने वाली खाना पकाने की गैस   संक्षिप्त विवरण       पाइप से आपूर्ति की जाने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी ) का विस्तार भारत की स्वच्छ घरेलू ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा की ओर आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। घरों तक पीएनजी पहुंचाना सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन ( सीजीडी ) नेटवर्क के विकास का हिस्सा है। इस तरह के नेटवर्क में पाइपलाइन और उससे जुड़ी सुविधाएं होती हैं , जो घरों , वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों को सेवा देती हैं। इसे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी ) द्वारा अधिकृत संस्थाओं द्वारा विकसित किया जाता है। पीएनजीआरबी ने 309 भौगोलिक क्षेत्रों (जीए ) में संस्थाओं को अधिकृत किया है। इन क्षेत्रों में देश के पूरे मुख्य भू-भाग शामिल हैं। 18 अगस्त 2026 तक देशभर में 1.74 करोड़ घरेलू पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध थे। पीएनजी कवरेज को और बढ़ाने के लिए , 18 अगस्त 2026 को घरेलू पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू की गई थी। यह योजना 1 सितंबर...

बैंकर्स बुक्स साक्ष्य अधिनियम, 2026, 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा

यह कानून बैंकिंग रिकॉर्ड को साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल करने की कानूनी व्यवस्था को आधुनिक बनाता है , कानूनी कार्यवाही में बैंकिंग रिकॉर्ड के इस्तेमाल को आसान बनाने के लिए सरल और मानक प्रमाणन की व्यवस्था सरकार बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र को मजबूत करने , कारोबार में आसानी को बढ़ावा देने और अर्थव्यवस्था की बदलती जरूरतों के अनुरूप कानूनी और नियामक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगातार सुधार कर रही है। बैंकिंग के तरीकों और तकनीक में तेज़ी से हो रहे बदलावों के साथ , बैंकिंग रिकॉर्ड से जुड़े कानूनों को भी इन बदलावों के अनुरूप होने की ज़रूरत है। बैंकर्स बुक्स साक्ष्य अधिनियम , 2026, जिसे 13 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी , बैंकर्स बुक्स साक्ष्य अधिनियम , 1891 की जगह लेगा। यह समकालीन बैंकिंग तरीकों के अनुरूप बैंकिंग रिकॉर्ड को सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए एक आधुनिक व्यवस्था प्रदान करता है। 10 सितंबर 2026 की अधिसूचना (गजट अधिसूचना का लिंक नीचे दिया गया है) के अनुसार , 1 अक्टूबर 2026 से इस कानून के प्रावधान लागू होंगे। यह कानून तकनीक-निरपेक्ष दृष्टिकोण अपनाता है औ...

केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों के 14 जिलों को कवर करने वाली तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिससे भारतीय रेलवे के वर्तमान नेटवर्क में लगभग 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी

इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 10,783 करोड़ रुपये है और इन्हें 2029-30 तक पूरा करने की योजना है , प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज रेल मंत्रालय की कुल 10,783 करोड़ रुपये की लागत वाली 3 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में शामिल हैं: ·         खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागदेही) चौथी लाइन ·         कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन ·         बिलासपुर (उसलापुर) – पेंड्रा रोड तीसरी लाइन बढ़ी हुई लाइन क्षमता से आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा , जिसके परिणामस्वरूप भारतीय रेल की प्रचालनगत दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। इन बहु-ट्रैकिंग प्रस्तावों से परिचालन सुव्यवस्थित होगा और भीड़भाड़ में कमी आएगी। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नए भारत के विजन के अनुरूप हैं। इनका उद्देश्य क्षेत्र के व्यापक विकास के माध्यम से इस क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है , जिससे उनके रोजगार/स्वरोजगार के अवस...

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