केंद्रों का उद्देश्य भारत की भाषाई और साहित्यिक विरासत के अनुसंधान , संरक्षण , डिजिटलीकरण तथा व्यापक प्रसार को बढ़ावा देना उच्च शिक्षा विभाग , शिक्षा मंत्रालय , भारत सरकार ने शास्त्रीय असमिया , शास्त्रीय बंगाली , शास्त्रीय मराठी , शास्त्रीय पाली और शास्त्रीय प्राकृत में अध्ययन के लिए पांच उत्कृष्टता केंद्रों ( सीओई ) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह पहल उन्नत शैक्षणिक अनुसंधान , भाषाई और साहित्यिक विरासत के संरक्षण और डिजिटलीकरण और इन शास्त्रीय भाषाओं से संबंधित ज्ञान के व्यापक प्रसार के लिए समर्पित संस्थागत सहायता प्रदान करेगी। निम्नलिखित उच्च शिक्षण संस्थानों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे : क्रम संख्या शास्त्रीय भाषा उत्कृष्टता केंद्र 1 शास्त्रीय असमिया तेजपुर विश्वविद्यालय , असम 2 शास्त्रीय बांग्ला विश्वभारती विश्वविद्यालय , पश्चिम बंगाल 3 शास्त्रीय मराठी डेक्कन कॉलेज स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान संस्थान ( ...
तहसीलदार भिलाई 3 और अनुविभागीय अधिकारी को भू-अभिलेख संधारण की वस्तुस्थिति बताने के लिए ध्यानाकर्षण करवाकर पहल की गई है!
मेरा दृष्टिकोण | जनहित की वार्ता भिलाई-3 चरोदा क्षेत्र में भू-अभिलेखों के नियमसम्मत संधारण को लेकर नागरिक पहल प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने सूचना नोटिस, सांसद-विधायक को भी कराया गया वस्तुस्थिति से अवगत भिलाई-3 | जनहित पहल भू-अभिलेखों के नियमसम्मत संधारण को लेकर नागरिक स्तर से जन-जागरूकता की पहल भिलाई-3। भिलाई-3 चरोदा तहसील क्षेत्र में भू-अभिलेखों के नियमसम्मत संधारण तथा उससे जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों द्वारा एक पहल शुरू की गई है। इस पहल के माध्यम से नागरिक स्तर पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान भू-अभिलेखों के महत्व तथा उनके नियमानुसार संधारण की आवश्यकता की ओर आकर्षित कराया जा रहा है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता अमोल मालुसरे, श्रीमती निशा देशमुख एवं उनके साथियों द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), भिलाई-3 तथा तहसीलदार, भिलाई-3 के समक्ष सूचना नोटिस प्रस्तुत कर विषय की ओर ध्यानाकर्षण कर...