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गिग और प्लेटफॉर्म पर काम करने वालों के लिए सामाजिक सुरक्षा

  श्रम और रोजगार मंत्रालय ने असंगठित श्रमिकों (एनडीयूडब्ल्यू) का एक व्यापक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने के लिए 26 अगस्त 2021 को ई-श्रम पोर्टल ( eshram.gov.in) का शुभारंभ किया। इसमें प्लेटफॉर्म श्रमिक , प्रवासी श्रमिक शामिल हैं। ई-श्रम पोर्टल असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण करता है। इनमें गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिक शामिल हैं और उन्हें स्व-घोषणा के आधार पर एक सार्वभौमिक खाता संख्या (यूएएन) प्रदान करता है। मंत्रालय ने 12 दिसंबर 2024 को ई-श्रम पोर्टल पर एग्रीगेटर मॉड्यूल शुरू किया। इसके माध्यम से एग्रीगेटर और उनके द्वारा नियुक्त प्लेटफॉर्म वर्कर पंजीकृत हो सकेंगे। इस नए मॉड्यूल को प्लेटफॉर्म एग्रीगेटर और प्लेटफॉर्म वर्करों की पंजीकरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और बेहतर बनाने के लिए विकसित किया गया है। अब तक कुल 12 प्रमुख एग्रीगेटर इस मॉड्यूल से जुड़ चुके हैं , जिनमें Zomato, Blinkit, Uncle Delivery, Urban Company, Uber, Amazon, Ola, Swiggy, Ecom Express, Rapido, Zepto और Porter शामिल हैं। पहली बार ' गिग वर्कर्स ' और ' प्लेटफॉर्म वर्कर्स ' की परिभाषा और उनसे संबंधित प्रावधान साम...
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सरकार ने राष्ट्रीय खेल संघों को आधिकारिक लोगो के अनधिकृत उपयोग को रोकने का निर्देश दिया है

राज्य चिह्न , मंत्रालय और साई के लोगो का दुरुपयोग भ्रामक सरकारी संबद्धता दिखाने के लिए पाया गया है , अनुपालन न करने पर मान्यता निलंबित या वित्तीय सहायता वापस ली जा सकती है भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय (एमओवाईएएस) ने सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल संघों (एनएसएफ) को निर्देश जारी किए हैं कि वे राज्य प्रतीक और युवा मामले एवं खेल मंत्रालय तथा भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के लोगो या चिह्नों का अनधिकृत उपयोग तत्काल बंद कर दें। यह देखा गया है कि कुछ राष्ट्रीय खेल संगठन (एनएसएफ) अपने लेटरहेड , वेबसाइटों , विजिटिंग कार्ड और अन्य संचार सामग्री पर सरकारी लोगो और प्रतीकों का उपयोग कर रहे हैं , जिससे यह गलत धारणा बन रही है कि वे भारत सरकार या साई का प्रत्यक्ष हिस्सा हैं। ऐसा उपयोग अनधिकृत है और भारत के राष्ट्रीय खेल विकास संहिता , 2011 के प्रावधानों के विपरीत है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यद्यपि एनएसएफ को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है और वे वित्तीय और अन्य प्रकार की सहायता के पात्र हैं , लेकिन ऐसी मान्यता या समर्थन उन्हें अपने आधिकारिक स्टेशनरी या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भार...

राष्ट्र के लिए नया आधार ऐप समर्पित

·        नया आधार ऐप पहचान सत्यापन को नए सिरे से परिभाषित करता है , जिसमें जनता को केंद्र में रखा गया है ·        चुनिंदा जानकारी का साझाकरण , सहमति का नियंत्रण आपकी उंगलियों पर ·        दिखाएँ , साझा करें , सत्यापित करें: आधार ऐप आधार के उपयोग को बढ़ावा देगा और जीवन को सुगम बनाएगा वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने आज नए आधार ऐप को राष्ट्र को समर्पित किया , जो जनहित में पहचान सत्यापन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा विकसित आधार ऐप एक अगली पीढ़ी का मोबाइल एप्लिकेशन है , जिसे आधार संख्या धारकों (एएनएच) को अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित , सुविधाजनक और गोपनीय तरीके से ले जाने , साझा करने , दिखाने और सत्यापित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। नए ऐप का अनावरण करने के बाद , श्री प्रसाद ने यूआईडीएआई को इस सराहनीय कार्य के लिए बधाई दी और जोर देते हुए कहा कि आधार सरकार के लिए डिजिट...

पद्मा पुरस्कार 2026 की घोषणा

पद्मा पुरस्कार 2026 की घोषणा पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक हैं , जो तीन श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं: पद्म विभूषण , पद्म भूषण और पद्म श्री। ये पुरस्कार कला , सामाजिक कार्य , सार्वजनिक मामलों , विज्ञान और इंजीनियरिंग , व्यापार और उद्योग , चिकित्सा , साहित्य और शिक्षा , खेल , सिविल सेवा आदि विभिन्न क्षेत्रों में दिए जाते हैं। पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए , पद्म भूषण उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए और पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। इन पुरस्कारों की घोषणा प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। ये पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोहों में प्रदान किए जाते हैं , जो आमतौर पर प्रत्येक वर्ष मार्च/अप्रैल के आसपास होते हैं। वर्ष 2026 के लिए , राष्ट्रपति ने 131 पद्म पुरस्कारों के प्रदान करने की स्वीकृति दी है , जिनमें 2 युगल पुरस्कार (युगल पुरस्कार को एक ही माना जाता है) शामिल हैं , जैसा कि नीचे दी गई सूची में है। इस सूची में 5 पद्म विभूषण , 13 पद्म भूषण और 113 प...

डाक विभाग ने भारत भर में 887 एटीएम सक्रिय करके अपने एटीएम ढांचे का आधुनिकीकरण किया है

बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए , डाक विभाग ने देश भर में अपने एटीएम बुनियादी ढांचे का नवीनीकरण किया है। विभिन्न डाकघरों में स्थापित ये 887 एटीएम नागरिकों को उनके घरों के पास ही आवश्यक बैंकिंग सेवाओं तक पहुँचने में मदद कर रहे हैं। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए लाभदायक है , जिससे डिजिटल परिवर्तन के माध्यम से वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करने के सरकार के दृष्टिकोण को बल मिलता है। इन एटीएम के माध्यम से ग्राहक आसानी से नकदी निकाल सकते हैं , खाते की शेष राशि की जांच कर सकते हैं और अन्य बुनियादी बैंकिंग लेनदेन कर सकते हैं। सभी नागरिकों को देशभर में मौजूद डाक विभाग की एटीएम सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। *** पीके/केसी/आईएम/एसके प्रविष्टि तिथि: 20 JAN 2026 by PIB Delhi( रिलीज़ आईडी: 2216455) आगंतुक पटल : 312

आईआईटी दिल्ली में विद्युत क्षेत्र में विनियामक मामलों के लिए विशिष्टता केंद्र का शुभारंभ किया गया

विद्युत मंत्री ने केंद्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह सोच-समझकर और दूरदर्शी विनियमन का समर्थन करने में अहम भूमिका निभाएगा , भारत सरकार के केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल ने आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में विद्युत क्षेत्र में विनियामक मामलों के लिए विशिष्टता केंद्र यानी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) का शुभारंभ किया। यह केंद्र आईआईटी दिल्ली , केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग यानी सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (सीईआरसी) और ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया लिमिटेड (ग्रिड इंडिया) ने मिलकर स्थापित किया है। यह तेजी से बदलते विद्युत क्षेत्र में भारत की विनियामक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बिजली की बढ़ती मांग , बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल एनर्जी के इंटीग्रेशन , बढ़ते विद्युत बाजार और डिजिटल टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल से यह प्रेरित है। विशिष्टता केंद्र को विनियामक अनुसंधान यानी रेगुलेटरी रिसर्च , क्षमता निर्माण यानी कैपेसिटी बिल्डिंग , सुझाव द्वारा समर्थन यानी एडवाइजरी सपोर्ट और जानकारी यानी नॉलेज फैलाने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर के केंद्र के तौर...

राष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल निकाय) नियम, 2026 की अधिसूचना

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम , 2025 के तहत राष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल निकाय) नियम , 2026 को अधिसूचित किया है। ·         इन नियमों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शामिल करने , महासभा और कार्यकारी समिति की संरचना , चुनाव प्रक्रिया और राष्ट्रीय खेल निकायों तथा क्षेत्रीय खेल संघों के सदस्यों के लिए अयोग्यता मानदंडों  के लिए ढांचा प्रदान किए गए हैं। ·         नियमों में राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल के लिए प्रावधानों की रूपरेखा भी दी गई है और राष्ट्रीय खेल बोर्ड के साथ संबद्ध इकाइयों के पंजीकरण और आवधिक अद्यतन के लिए प्रक्रियाओं को भी निर्दिष्ट किया गया है। ·         इन नियमों के प्रमुख प्रावधानों में से एक यह है कि राष्ट्रीय खेल निकायों की महासभाओं में कम से कम चार उत्कृष्ट खिलाड़ियों (एसओएम) को शामिल किया जाना चाहिए। महासभा में महिला एसओएम के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए , नियमों में विशेष रूप से महासभा में पचास प्रतिशत महिला एसओएम का प्रावधान किया ग...

स्वामिह फंड ने घर खरीदारों के हितो का संरक्षण किया है, हाउसिंग क्षेत्र को पुनर्जीवित किया है, रोजगार सृजित किया और समग्र अर्थव्यवस्था को सशक्त किया

" प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद , नवंबर 2019 में किफायती और मध्यम आय वाले आवास के लिए विशेष विंडो (स्वामिह) निवेश कोष की शुरुआत की गई थी। यह वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग (डीईए) के वित्तीय सहयोग से रुकी हुई आवास परियोजनाओं को लास्ट-माइल फाइनेंसिंग) प्रदान करने की एक सरकार समर्थित पहल है। मजबूत सौदों के निष्पादन और अनुशासित पूंजी निवेश को दर्शाते हुए , इस फंड ने 5 दिसंबर 2025 को अपनी निवेश अवधि समाप्त होने से पहले ही अपने पूरे निवेश योग्य कॉर्पस को पूरी तरह से कमिट कर दिया है। फंड के पोर्टफोलियो में 30 शहरों की 145 से अधिक परियोजनाएं शामिल हैं , जो स्वामिह को देश में सबसे बड़ा आवासीय-केंद्रित तनाव समाधान   मंच बनाता है। इस फंड से 1 लाख से अधिक घरों की डिलीवरी होने की उम्मीद है , जिससे 4 लाख से अधिक लोगों को राहत मिलेगी।" प्रगति एवं उपलब्धियां: ·         15 दिसंबर 2025 तक , 110 परियोजनाओं में लगभग 61,000 घर वितरित किए जा चुके हैं। इसमें पुनर्वास/आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग...

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