महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सेवा वितरण और रीयल-टाइम निगरानी के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परामर्श और समन्वय से विकसित किया एकीकृत मिशन ' वात्सल्य पोर्टल ' महिला एवं बाल विकास मंत्रालय किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम , 2015 ( जेजे अधिनियम , 2015) के प्रशासन के लिए नोडल मंत्रालय है , जो बच्चों की सुरक्षा , संरक्षा , गरिमा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिक कानून है और सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा लागू किया जाता है। यह अधिनियम राज्य और जिला स्तरों पर वैधानिक संरचनाओं का निर्माण करता है , जिनमें राज्य बाल संरक्षण समिति , बाल कल्याण समितियां , किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) और जिला बाल संरक्षण इकाइयां शामिल हैं। इसके अलावा , यह अधिनियम बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआई) की स्थापना का प्रावधान भी करता है। किशोर न्याय (जेजे) अधिनियम 2015 ( धारा 27-30) के तहत , बाल कल्याण समितियों (सीडब्ल्यूसी) को बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। उ...
देश भर में 30 जून 2026 तक कुल 20,149 जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं। प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के अंतर्गत उपलब्ध उत्पादों की सूची में 2,110 दवाएं और 315 सर्जिकल , मेडिकल इस्तेमाल की चीजें और उपकरण शामिल हैं। इनमें सभी प्रमुख चिकित्सीय समूह जैसे कार्डियोवैस्कुलर (हृदय रोग) , एंटी-कैंसर , एंटी-डायबिटिक , एंटी-इंफेक्टिव , एंटी-एलर्जिक और गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल दवाएं और न्यूट्रास्युटिकल्स शामिल हैं। प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के अंतर्गत दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में लगभग 50% से 80% सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जाती हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान , इस योजना के अंतर्गत ₹ 2,252.19 करोड़ (एमआरपी) की दवाओं की बिक्री हुई। वित्तीय वर्ष 2026-27 में , 30 जून 2026 तक ₹ 474.40 करोड़ (एमआरपी) की बिक्री हुई है। रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। ******* पीके/केसी/पीके प्रविष्टि तिथि: 28 JUL 2026 by PIB Delhi ( रिलीज़ आईडी: 2290613) आगंतुक पटल : 166