सरकार के संज्ञान में आया है कि कुछ समाचार रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट में एलपीजी रिफिल बुकिंग की संशोधित समय-सीमा का दावा किया जा रहा है। इनमें पीएमयूवाई कनेक्शन के लिए 45 दिन , गैर-पीएमयूवाई सिंगल बॉटल कनेक्शन के लिए 25 दिन और गैर-पीएमयूवाई डबल बॉटल कनेक्शन के लिए 35 दिन बताया जा रहा है। यह स्पष्ट किया जाता है कि ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया है। रिफिल बुकिंग की मौजूदा समय-सीमा पूर्ववत बनी हुई है जो इस प्रकार है: · शहरी क्षेत्रों में 25 दिन , और · ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन , कनेक्शन की श्रेणी से कोई सरोकार नहीं। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और न ही उन्हें फैलाएं तथा एलपीजी रिफिल की अनावश्यक या घबराहट में बुकिंग से बचें। यह दोहराया जाता है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और चिंता का कोई कारण नहीं है। *** पीके/केसी/एकेएस/एसके प्रविष्टि तिथि: 25 MAR 2026 by PIB Delh ( रिलीज़ आईडी: 2244875) आगंतुक पटल : 1753
सरकार का लक्ष्य—महिलाओं को आजीविका से आगे बढ़ाकर सफल उद्यमी बनाना और बाजार से सीधा जोड़ना , लोकसभा में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने श्री इटेला राजेंदर के प्रश्न के उत्तर में दी जानकारी ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आज संसद में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को सशक्त बनाने के लिए ‘स्वयं सहायता उद्यम मार्ट’ (शी-मार्ट) नामक एक नई पहल की घोषणा की है। इन मार्ट्स की परिकल्पना एक संरचित खुदरा प्लेटफॉर्म के रूप में की गई है , जहाँ स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया जा सकता है और सीधे उपभोक्ताओं को बेचा जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य बाजार के साथ बेहतर संपर्क स्थापित करना , स्थानीय उत्पादों की दृश्यता बढाना , एसएचजी संस्थानों को सुदृढ़ बनाना और महिला उद्यमियों को अपने व्यवसायों का विस्तार करने तथा उन्हें बड़े स्तर पर ले जाने में सक्षम बनाना है। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत , ' शी-मार्ट्स ' पहल बाजार पहुंच और क्षमता निर्माण की सुवि...