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खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए उठाए गए कदम, तीन वर्षों में 5.18 लाख से अधिक नमूनों का विश्लेषण किया गया, 88,192 जुर्माने लगाए गए, 3,614 मामलों में दोष सिद्ध हुए

  प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने जोखिम आधारित निरीक्षण प्रणाली विकसित की है , जिसमें खाद्य व्यवसायों से जुड़े जोखिम के आधार पर निरीक्षण की आवृत्ति तय की और दिशानिर्देश जारी किए,एफएसएसएआई ने खाद्य नमूनों के विश्लेषण के लिए 252 खाद्य परीक्षण  प्रयोगशालाओं और अपीलीय नमूनों के विश्लेषण के लिए 24 रेफरल खाद्य प्रयोगशालाओं को अधिसूचित किया, विभिन्न खाद्य पदार्थों में मिलावट की मौके पर जांच के लिए 35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 305 फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स तैनात किए गए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण को खाद्य पदार्थों के लिए विज्ञान आधारित मानक निर्धारित करने और मानव उपभोग के लिए सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु उनके निर्माण , भंडारण , वितरण , बिक्री एवं आयात को विनियमित करने का दायित्व सौंपा गया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम , 2006 का कार्यान्वयन एवं प्रवर्तन केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त जिम्मेदारी है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण विज्ञान आधारित मानक निर्धारित करने और समग्र समन्वय सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी है , जबकि राज्य ...
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भारत टैक्सी को शुरू करना

  सहकारिता मंत्रालय रोजगार सृजन , सामाजिक सुरक्षा और जमीनी स्तर पर आर्थिक भागीदारी के साधन के रूप में सहकारी समितियों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है । भारत टैक्सी की परिकल्पना चालकों- जिन्‍हें सारथियों के रूप में संदर्भित किया जाता है ,  को स्वामित्व , शासन और मूल्य निर्माण के केंद्र में रखकर मोबिलिटी के क्षेत्र में एक रूपांतरणकारी पहल के रूप में की गई है जिससे एग्रीगेटर-चालित मॉडल के लिए एक संधारणीय और सम्मानजनक विकल्प प्रदान किया जा सके । "भारत टैक्सी" भारत का पहला सहकारी नेतृत्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है । यह ' सहकार से समृद्धि ' की परिकल्‍पना के अनुरूप सहकारी क्षेत्र को सशक्‍त करने और समावेशी , नागरिक-केंद्रित मोबिलिटी समाधानों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के चल रहे प्रयासों में एक प्रमुख मील का पत्थर है । बहुराज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम , 2002 के अधीन पंजीकृत , भारत टैक्सी की स्थापना दिनांक 6 जून , 2025 को सहकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले राष्ट्रीय स्तर के 8 संस्थानों द्वारा की गई है जिसे आधिकारिक रूप से दिनांक 5 फरवरी , 2026 को लॉन्च किया गया...

पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाएँ

  पर्यटन मंत्रालय अपने " सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण (सीबीएसपी)" योजना के तहत देशभर में पुरुष और महिला प्रशिक्षुओं , स्थानीय समुदायों , आदिवासी क्षेत्रों , वंचित पृष्ठभूमि के युवाओं आदि के कौशल विकास , उन्नत कौशल विकास और पुनः कौशल विकास के लिए आतिथ्य एवं पर्यटन संबंधी अल्पकालिक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम आयोजित करता है। इस योजना के अंतर्गत " हुनर से रोजगार तक" सहित कई कार्यक्रम संचालित किए गए हैं। यह योजना देशभर में सरकारी संस्थानों और सूचीबद्ध निजी संस्थानों , जिनमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट , फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट , इंडियन कलिनरी इंस्टीट्यूट आदि शामिल हैं , के माध्यम से कार्यान्वित की जाती है। पर्यटन मंत्रालय ने 2025 में क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के माध्यम से योजना का तृतीय-पक्ष मूल्यांकन कराया। मूल्यांकन इस बात की पुष्टि करता है कि सीबीएसपी योजना ने वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक विभिन्न क्षेत्रों में 1.68 लाख से अधिक व्यक्तियों को प्रशिक्षण देकर और 36,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करके भारत के पर्यटन और ...

प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से अब सभी प्रेस पंजीकरण सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं; 1.5 लाख से अधिक पत्रिकाओं के रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया गया

  प्रेस सेवा पोर्टल में 780 जिले शामिल हुए ; 5 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया और 88,315 प्रकाशन रद्द किए गए प्रेस एवं पत्रिका पंजीकरण ( पीआरपी ) अधिनियम , 2023 के अनुसार , पत्रिकाओं के पंजीकरण के सभी आवेदन प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से संसाधित किए जाते हैं। इसके अनुसार , प्रेस एवं पुस्तक पंजीकरण ( पीआरबी ) अधिनियम , 1867 ( अब निरस्त ) के अंतर्गत पंजीकृत समाचार पत्रों के सभी भौतिक अभिलेखों (1.5 लाख से अधिक ) को डिजिटाइज़ करके प्रेस सेवा पोर्टल का हिस्सा बना दिया गया है। वर्तमान में , नई पत्रिकाओं का पंजीकरण , मौजूदा पत्रिकाओं के पंजीकरण का संशोधन , पत्रिकाओं का स्वामित्व हस्तांतरण , वार्षिक विवरण दाखिल करना , ऑनलाइन जुर्माना भुगतान , पत्रिकाओं का प्रसार सत्यापन आदि जैसी सेवाएं प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से संसाधित की जा रही हैं। अधिनियम के कार्यान्वयन के अंतर्गत , 780 जिलों के निर्दिष्ट प्राधिकरणों को प्रेस सेवा पोर्टल से जोड़ा गया है। 1 मार्च 2024 से ...

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