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कैबिनेट ने 2024-25 से 2030-31 तक के लिए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन - तिलहन (एनएमईओ -तिलहन) को मंजूरी दी

  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन - तिलहन (एनएमईओ -तिलहन) को मंजूरी दी है , जो घरेलू तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता /  (आत्मनिर्भर भारत) हासिल करने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक पहल है। मिशन को 10,103 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ 2024-25 से 2030-31 तक की सात वर्ष  की अवधि में लागू किया जाएगा। मिशन का लक्ष्य सात वर्षों में तिलहन उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है , मिशन  साथी पोर्टल की शुरुआत करेगा , जिसके जरिये राज्य गुणवत्तापूर्ण बीजों की समय पर उपलब्धता के लिए हितधारकों के साथ समन्वय कर सकेंगे   नयी मंजूरी प्राप्त एनएमईओ-तिलहन , रेपसीड-सरसों , मूंगफली , सोयाबीन , सूरजमुखी व  तिल जैसी प्रमुख प्राथमिक तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ कपास के बीज , चावल की भूसी /  वृक्ष जनित तेलों जैसे द्वितीयक स्रोतों से संग्रह और निष्कर्षण दक्षता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगा। मिशन का लक्ष्य प्राथमिक तिलहन उत्पादन को 39 मिलियन टन ( 2022-23) से ब...

मंत्रिमंडल ने मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने को स्वीकृति दी

  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मराठी , पाली , प्राकृत , असमिया और बंगाली भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने को स्वीकृति दे दी है। शास्त्रीय भाषाएं भारत की गहन और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत की संरक्षक के रूप में काम करती हैं , जो प्रत्येक समुदाय की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों का सार प्रस्तुत करती हैं। बिंदुवार विवरण एवं पृष्ठभूमि: भारत सरकार ने 12 अक्टूबर 2004 को “शास्त्रीय भाषाओं” के रूप में भाषाओं की एक नई श्रेणी बनाने का निर्णय लियाथा , जिसमें तमिल को शास्त्रीय भाषा घोषित किया गया और शास्त्रीय भाषा की स्थिति के लिए निम्नलिखित मानदंड निर्धारित किए गए: क. इसके आरंभिक ग्रंथों/एक हजार वर्षों से अधिक के दर्ज इतिहास की उच्च पुरातनता। ख. प्राचीन साहित्य/ग्रंथों का एक संग्रह , जिसे बोलने वालों की पीढ़ी द्वारा एक मूल्यवान विरासत माना जाता है। ग. साहित्यिक परंपरा मौलिक होनी चाहिए और किसी अन्य भाषण समुदाय से उधार नहीं ली गई होनी चाहिए। शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के उद्देश्य से प्रस्तावित भाषाओं का परीक्षण करने के लिए नवंब...

कैबिनेट ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की व्यापक योजना "पृथ्वी विज्ञान (पृथ्वी)" को मंजूरी दी

  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की व्यापक योजना "पृथ्वी विज्ञान (पृथ्वी)" को 2021-26 की अवधि के दौरान कार्यान्वित किये जाने की मंजूरी दे दी है। योजना की कुल लागत 4,797 करोड़ रुपये है। इस योजना में वर्त्तमान में चल रही पांच उप-योजनाएँ शामिल हैं - "वायुमंडल और जलवायु अनुसंधान-प्रारूप निरीक्षण प्रणाली और सेवाएँ (अक्रॉस)" , " महासागर सेवाएँ , प्रारूप अनुप्रयोग , संसाधन और प्रौद्योगिकी (ओ-स्मार्ट)" , " ध्रुवीय विज्ञान और क्रायोस्फीयर अनुसंधान (पेसर , पीएसीईआर )” , “ भूकंप विज्ञान और भूविज्ञान (सेज , एसएजीई)” और “अनुसंधान , शिक्षा , प्रशिक्षण और आउटरीच (रीचआउट)”। व्यापक पृथ्वी योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं: · पृथ्वी प्रणाली और परिवर्तन के महत्वपूर्ण संकेतों को रिकॉर्ड करने के लिए वायुमंडल , महासागर , भूमंडल , क्रायोस्फीयर और ठोस पृथ्वी के दीर्घकालिक निरीक्षणों का संवर्द्धन और रखरखाव · मौसम , महासागर और जलवायु खतरों को समझने और भविष्यवाणी करने तथा जलवायु परिवर्तन के विज्ञान को समझने के ...

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अयोध्या हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने और इसका नाम "महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्याधाम" रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

   केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने अयोध्या हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में मंजूरी दी और इसका नाम "महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा , अयोध्याधाम" रखा प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अयोध्या हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने और इसका नाम "महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा , अयोध्याधाम" रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अयोध्या की आर्थिक क्षमता और वैश्विक तीर्थ स्थल के रूप में इसके महत्व को समझने , विदेशी तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए इसके दरवाजे खोलने के लिए अयोध्या हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देना बहुत महत्‍वपूर्ण है। हवाई अड्डे का , " महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा , अयोध्याधाम" नाम महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धांजलि देता है , जिन्‍होंने रामायण महाकाव्य की रचना की है। इस नाम से हवाई अड्डे की पहचान में एक सांस्कृतिक भाव भी जुड़ गया है। अपनी गहरी सांस्कृतिक जड़ों के साथ अयोध्या रणनीतिक रूप से एक प्रमुख आर्थिक केंद्र और तीर्थ स्थल बनने की स्थिति मे...

81.35 करोड़ लाभार्थियों को पांच साल तक नि:शुल्क अनाज : कैबिनेट निर्णय, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक निर्णय : केंद्र पीएमजीकेएवाई के तहत खाद्य सब्सिडी पर अगले 5 वर्षों में लगभग 11.80 लाख करोड़ रुपए व्यय करेगा

  पीएमजीकेएवाई : लगभग 11.80 लाख करोड़ रुपये की लागत से 81.35 करोड़ व्यक्तियों के लिए यह विश्व की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजनाओं में से एक निर्धनों और निर्बल वर्गों के लिए खाद्यान्न की पहुंच , सामर्थ्य और उपलब्धता बढ़ाने के लिए पीएमजीकेएवाई के तहत पांच वर्षों तक नि:शुल्क खाद्यान्न जारी रहेगा प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है कि केंद्र सरकार 1 जनवरी , 2024 से पांच वर्ष की अवधि के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत लगभग 81.35 करोड़ लाभार्थियों को नि:शुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराएगी।यह एक ऐतिहासिक निर्णय है जो पीएमजीकेएवाई को विश्व की सबसे बड़ी सामाजिक कल्याण योजनाओं में शामिल करता है , जिसका उद्देश्य 5 वर्ष की अवधि में 11.80 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर 81.35 करोड़ व्यक्तियों के लिए भोजन और पोषण संबंधी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। निर्णय जनसंख्या की बुनियादी भोजन और पोषण आवश्यकताओं की पूर्ति के माध्यम से कुशल और लक्षित कल्याण की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अमृत...

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सोलहवें वित्त आयोग के लिए संदर्भ-शर्तों को मंजूरी दी, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सोलहवें वित्त आयोग के लिए संदर्भ-शर्तों को मंजूरी दे दी है।

  सोलहवें वित्त आयोग के लिए संदर्भ-शर्तों को उचित समय पर अधिसूचित किया जाएगा। सरकार द्वारा 16 वें वित्त आयोग की सिफारिशें स्वीकार किए जाने के क्रम में 1   अप्रैल , 2026 से शुरू होने वाली पांच ( 5) वर्षों की अवधि के लिए होंगी।  संविधान के अनुच्छेद 280(1) में कहा गया है कि संघ और राज्यों के बीच करों की शुद्ध आय के वितरण , अनुदान-सहायता और राज्यों के राजस्व और नियत अवधि के दौरान पंचायतों के संसाधनों की पूरकता के लिए आवश्यक उपाय करने तथा आय से संबंधित हिस्सेदारी को राज्यों के बीच आवंटन पर सिफारिश करने के मद्देनज़र एक वित्त आयोग की स्थापना की जाएगी।पंद्रहवें वित्त आयोग का गठन 27 नवंबर , 2017 को किया गया था। इसने अपनी अंतरिम और अंतिम रिपोर्ट के माध्यम से एक अप्रैल , 2020 से शुरू होने वाली छह वर्षों की अवधि से संबंधित सिफारिशें कीं। पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशें वित्तीय वर्ष 2025-26 तक मान्य हैं। सोलहवें वित्त आयोग के लिए संदर्भ-शर्तें: वित्त आयोग निम्नलिखित मामलों पर सिफारिशें करेगा , अर्थात: ·         संघ और राज्यों के बीच कर...

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