योजना- पीएम-प्रणाम योजना का उद्देश्य उर्वरकों के टिकाऊ और संतुलित उपयोग को प्रोत्साहन देने, वैकल्पिक उर्वरकों को अपनाने, जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के माध्यम से मातृ- पृथ्वी के स्वास्थ्य को बचाने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा शुरू किए गए प्रयासों को पूरक बनाना है
किसी विशेष वित्तीय वर्ष में रासायनिक उर्वरकों की खपत में कमी के माध्यम से राज्य/संघ राज्य क्षेत्र द्वारा बचाई गई उर्वरक सब्सिडी का 50 प्रतिशत अनुदान के रूप में उस राज्य/संघ राज्य क्षेत्र को प्रदान किया जाता है आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने 28 जून , 2023 को “मातृ-पृथ्वी के पुनरुद्धार , जागरूकता सृजन , पोषण और सुधार के लिए पीएम कार्यक्रम (पीएम-प्रणाम)” को स्वीकृति दी है। इस पहल का उद्देश्य उर्वरकों के सतत और संतुलित उपयोग को प्रोत्साहन देने , वैकल्पिक उर्वरकों को अपनाने , जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने आदि के माध्यम से मातृ-पृथ्वी के स्वास्थ्य को बचाने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा शुरू किए गए प्रयासों को पूरक बनाना है। सभी राज्य/संघ शासित प्रदेश पीएम-प्रणाम के अंतर्गत आते हैं। उक्त योजना के तहत , किसी राज्य/संघ शासित प्रदेश द्वारा किसी विशेष वित्तीय वर्ष में रासायनिक उर्वरकों (यूरिया , डीएपी , एनपीके , एमओपी) की खपत में पिछले 3 वर्षों की औसत खपत की तुलना में कमी करके बचाई गई उर्वरक सब्सिडी का 50 प्रतिशत अनुदान के रूप में उस ...