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केंद्र ने कृषि वानिकी में व्यापार को आसान बनाने के लिए नियामक ढांचे को सरल बनाकर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आदर्श नियम जारी किए

  आगामी एनटीएमएस पोर्टल पर कृषि वानिकी वृक्षारोपण के जियो-टैग किए गए डेटा को रखा जाएगा और पेड़ों की कटाई के लिए किसानों के आवेदनों को मंजूरी देने की सुविधा होगी,ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास के साथ इकोलॉजिकल आवश्यकताओं को संतुलित करते हुए सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए किसान-हितैषी कदम केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कृषि भूमि में पेड़ों की कटाई के लिए आदर्श नियम’ जारी किए हैं।   इसका उद्देश्य नियामक ढांचे को सरल बनाने और कृषि वानिकी को बढ़ावा देने में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का समर्थन करना है। कृषि वानिकी कई लाभ प्रदान करती है। इसमें ग्रामीण आजीविका को बढ़ाना , मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार , जैव विविधता का संरक्षण , वृक्ष आवरण में वृद्धि , जल संरक्षण , जलवायु लचीलापन में योगदान देना और प्राकृतिक वनों पर दबाव कम करना शामिल है। मॉडल नियमों का उद्देश्य कृषि वानिकी भूमि के पंजीकरण और वृक्षों की कटाई और परिवहन के प्रबंधन के लिए सरलीकृत प्रक्रियाएँ प्रदान करके एक सुव्यवस्थित विनियामक ढाँचा स्थापित करना है। इस पहल से अधिक भागीदारी...

वन्‍य जीवन (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (2022 में संशोधित) की धारा 49एम के अंतर्गत बनाए गए नियमों की अधिसूचना

 वन्य जीवन (संरक्षण) अधिनियम , 1972 (1972 का 53) , वन्‍य प्रजातियों का संरक्षण , उनके आवास के प्रबंधन और वन्‍य जीवों के विभिन्न वर्गों से प्राप्त उत्पादों के व्यापार को अधिनियमित और नियंत्रित करने के लिए कानूनी संरचना प्रदान करता है। वन्य जीवन (संरक्षण) संशोधन अधिनियम को आखिरी बार 2022 में संशोधन किया गया और इस अधिनियम को एक अप्रैल , 2023 से लागू किया गया। इस अधिनियम की धारा 49एम के अनुसार जीवित अनुसूचित पशु के संरक्षण , हस्तांतरण और जन्म के पंजीकरण और मृत्यु की रिपोर्टिंग का प्रावधान करती है। इनमें वे प्रजातियाँ शामिल हैं , जो शहरों के परिशिष्टों में सूचीबद्ध हैं और इस प्रकार वन्य जीवन (संरक्षण) अधिनियम , 1972 की अनुसूची IV में सूचीबद्ध हैं। पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 28 फरवरी , 2024 की राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से धारा 49एम के प्रयोजनों के लिए नियमों को अधिसूचित किया है। ऐसी पशु प्रजाति को रखने वाले सभी व्यक्तियों को इन नियमों के प्रारंभ होने की तारीख से छह महीने की अवधि में और उसके बाद ऐसी पशु प्रजाति के कब्जे के तीस दिन के भीतर संबंधित राज्य प्रमुख को...

मिशन लाइफ पर ध्यान केंद्रित करते हुए ओखला पक्षी विहार में विश्व वन्यजीव दिवस मनाया गया

  पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ईआईएसीपी पीसी-आरपी ने आज मिशन लाइफ पर ध्यान केंद्रित करते हुए समृद्ध जैव विविधता वाले स्थानों में से एक ओखला पक्षी विहार में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करके विश्व वन्यजीव दिवस , 2024 का आयोजन किया। वन्‍यजीवों और पौधों का जश्‍न मनाने के लिए हर वर्ष 3 मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस (डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूडी) मनाया जाता है। हम प्रत्‍येक वर्ष लोगों और इस ग्रह के लिए वन्यजीवों की विशिष्‍ट भूमिका और योगदान को मान्‍यता देते हैं। इस वर्ष का विषय ' कनेक्टिंग पीपल एंड प्लैनेट: एक्सप्लोरिंग डिजिटल इनोवेशन इन वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ' है। विश्व वन्यजीव दिवस 2024 डिजिटल वन्यजीव संरक्षण में हमारे साझा और सतत भविष्य के लिए आगे आने वाले अवसरों के बारे में कला , प्रस्तुति और संरक्षण के माध्यम से अंतर-पीढ़ीगत आदान-प्रदान और युवा सशक्तिकरण करने वाला एक मंच है। यह दिवस उपलब्‍ध डिजिटल नवाचारों का पता लगाने के लिए एक प्रारंभिक बिन्‍दु की पेशकश करने के साथ-साथ यह बताता है कि अब कौन से डिजिटल नवाचार उपलब्‍ध हैं , हम किन अंतरविरोधी विसंगतिय...

केद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने 29 फरवरी, 2024 को नई दिल्ली में भारत में तेंदुओं की स्थिति पर रिपोर्ट जारी की।

  श्री भूपेन्द्र यादव ने भारत में तेंदुओं की स्थिति पर रिपोर्ट जारी कीभारत ने पांचवें चक्र में तेंदुओं की आबादी का आकलन किया ,पांचवें चक्र में तेंदुओं की आबादी का अनुमान राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और भारतीय वन्य जीव संस्थान द्वारा , राज्य वन विभागों के सहयोग से किया जा रहा है। चतुर्वर्षीय "बाघों की निगरानी , शिकारियों , शिकार और उनके आवास की निगरानी" अभ्यास के एक भाग के रूप में यह प्रयास किया गया था। इससे बाघ संरक्षण प्रयासों को गति मिली है। मुख्य निष्कर्ष: भारत में तेंदुओं की आबादी 13,874 ( रेंज: 12,616 - 15,132) व्यक्ति होने का अनुमान है। यह 2018 में 12852 (12,172-13,535) व्यक्तियों के समान क्षेत्र की तुलना में स्थिर आबादी का प्रतिनिधित्व करती है। यह अनुमान तेंदुए के निवास स्थान की 70 प्रतिशत आबादी को दर्शाता है। इस अभ्यास में हिमालय और देश के अर्धशुष्क हिस्सों का नमूना नहीं लिया गया है , क्योंकि यह बाघों का निवास स्थान नहीं हैं। मध्य भारत में तेंदुओं की आबादी की स्थिर या थोड़ी बढ़ती दिखाई देती है ( 2018: 8071, 2022: 8820), शिवालिक पहाड़ियों और गंगा के मैदान...

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आस-पास के इलाकों में तत्काल प्रभाव से पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना के चरण- II को रद्द कर दिया गया है

  वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आस-पास के इलाकों में तत्काल प्रभाव से पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना के चरण- II को रद्द कर दिया गया है हालाँकि , चरण- I के अंतर्गत परिकल्पित सभी कार्रवाइयां लागू रहेंगी और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में संबंधित सभी एजेंसियों द्वारा गहन , निगरानी और समीक्षा करना जारी रहेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर ' बहुत खराब ' श्रेणी में न चली जाए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बुलेटिन के अनुसार आज शाम 4 बजे दिल्ली का दैनिक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 231 दर्ज किया गया। पिछले दिनों में दिल्ली की औसत वायु गुणवत्ता में देखे गए महत्वपूर्ण सुधार के मद्देनजर और आईआईटीएम/आईएमडी द्वारा मौसम संबंधी/मौसम पूर्वानुमानों पर विचार करते हुए , आयोग की चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) के अंतर्गत कार्यों के संचालन के लिए उप-समिति राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आस-पास के क्षेत्रों मे...

पर्यावरण सचिव ने युवाओं को पर्यावरण जागरूकता व्यवहार के प्रति संवेदनशील बनाने पर बल दिया जिससे देश में आर्थिक विकास और पारिस्थितिक संतुलन दोनों पर ध्यान केंद्रित हो

   नयी दिल्ली के इंडिया गेट पर आज लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) विषय पर पर्यावरण अनुकूल गतिविधियों के लिए एक राष्ट्रीय प्रदर्शनी और कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इसका उद्घाटन सुश्री लीना नंदन , सचिव , पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय , सुश्री नमिता प्रसाद , संयुक्त सचिव , एमओईएफ एंड सीसी , रवि सिंह , महासचिव , डब्ल्यूडब्ल्यूफइंडिया और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया गया। यह कार्यक्रम स्कूली बच्चों और युवाओं पर केंद्रित है।, अपने उद्घाटन भाषण में , सुश्री नंदन ने बल देकर कहा कि युवाओं में बहुत ऊर्जा है और उन्हें पर्यावरण के लिए जागरूक व्यवहार के प्रति संवेदनशील बनाने से देश के आर्थिक विकास और पारिस्थितिक संतुलन दोनों पर भविष्य में ध्यान केंद्रित करने को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत साइकिल रैली से हुई। साइकिल पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ स्थानीय और छोटे आवागमन के लिए परिवहन का एक अच्छा और स्वस्थ साधन है। इसके बाद , स्कूली बच्चों और युवाओं ने एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया , जिसमें विचारोत्तेजक नुक्कड़ नाटक खेला गया , जो पर्याव...

पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील और संरक्षित क्षेत्रों को पर्यावरण की मंजूरी

  पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील और संरक्षित क्षेत्रों को पर्यावरण की मंजूरी पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 17.05.2022 को जारी कार्यालय ज्ञापन की अधिसूचना के अनुसार , संरक्षित क्षेत्रों के आसपास अधिसूचित पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ईएसजेड) में परियोजनाओं/ गतिविधियों को संबंधित ईएसजेड अधिसूचना के माध्यम से विनियमित और शासित किया जाएगा। ऐसी विनियमित गतिविधियां , अगर संशोधित पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) अधिसूचना , 2006 के अंतर्गत शामिल होता है , तो उक्त अधिसूचना के प्रावधानों के अनुसार पूर्व पर्यावरण मंजूरी की आवश्यकता होगी और अगर ईएसजेड अधिसूचित नहीं है या मसौदा के चरण में है , तो राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों सहित संरक्षित क्षेत्रों की सीमाओं के 10 किमी के अंतर्गत डिफ़ॉल्ट ईएसजेड में स्थित परियोजनाओं/ गतिविधियों के लिए पूर्व पर्यावरणीय मंजूरी की आवश्यकता होगी। ऐसी परियोजनाओं पर राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल)/ राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (एससीएनबीडब्ल्यूएल) द्वारा विचार किए जाने की आवश्यकता होगी। इसके अनुसार , इस प्रयोजन के लिए मंत्रालय द्...

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