सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय योजना लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

शासकीय योजना और NGO प्रोजेक्ट के विषय सूचि के लिए क्लिक करें

ज़्यादा दिखाएं

सरकार परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) के तहत भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति (बीपीकेपी) नामक एक उप-योजना के माध्यम से 2019-2020 से प्राकृतिक खेती को रसायन मुक्त खेती के रूप में बढ़ावा दे रही है।

    रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ावा   सरकार परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) के तहत भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति (बीपीकेपी) नामक एक उप-योजना के माध्यम से 2019-2020 से प्राकृतिक खेती को रसायन मुक्त खेती के रूप में बढ़ावा दे रही है। देश भर में बीपीकेपी के तहत 8 राज्यों में प्राकृतिक खेती के लिए अब तक 4.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को मंजूरी दी गई है और 70.13 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। गंगा कॉरिडोर के किनारे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 1.48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को भी मंजूरी दी गई है। किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने और प्राकृतिक खेती की पहुंच बढ़ाने के लिए , सरकार ने बीपीकेपी को बढ़ाकर एक अलग और स्वतंत्र योजना के रूप में प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन (एनएमएनएफ) तैयार किया है। किसानों के लाभ के लिए , भारत सरकार कृषि के क्षेत्र में ड्रोन को बढ़ावा दे रही है जो उन्नत प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने , दक्षता में सुधार करने , फसल की उपज बढ़ाने और संचालन की लागत को कम करने में मदद करेगा। सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (एसएमएएम) के तहत ड्...

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने आज दिल्ली में कृषि क्षेत्र में स्वैच्छिक कार्बन बाजार के लिए फ्रेमवर्क एवं कृषि वानिकी नर्सरी के एक्रेडिटेशन प्रोटोकॉल का विमोचन किया।

कृषि क्षेत्र में स्वैच्छिक कार्बन बाजार के लिए फ्रेमवर्क व कृषि वानिकी नर्सरी के एक्रेडिटेशन प्रोटोकॉल का विमोचन , समाधान के साथ किसानों पर केंद्रित करें लाभ- केंद्रीय कृषि मंत्री श्री मुंडा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने आज दिल्ली में कृषि क्षेत्र में स्वैच्छिक कार्बन बाजार के लिए फ्रेमवर्क एवं कृषि वानिकी नर्सरी के एक्रेडिटेशन प्रोटोकॉल का विमोचन किया। इस अवसर पर कृषि सचिव श्री मनोज अहूजा , डेयर के सचिव व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डा. हिमांशु पाठक सहित केंद्र एवं राज्यों के मंत्रालयों व कृषि से सम्बद्ध विभिन्न संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे , वहीं अनेक हितधारक वर्चुअल भी जुड़े थे। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री श्री मुंडा ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने छोटे-मझौले किसानों को कार्बन क्रेडिट का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करने की दृष्टि से देश के कृषि क्षेत्र में स्वैच्छिक कार्बन बाजार (वीसीएम) को बढ़ावा देने का फ्रेमवर्क तैयार किया है। किसानों को कार्बन बाज़ार से परिचित कराने से उन्हें फायदा हो...

इस ब्लॉग पर प्रकाशित होने वाले नए विषयों को जानने के लिए फॉलो करें