सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

शासकीय योजना और NGO प्रोजेक्ट के विषय सूचि के लिए क्लिक करें

ज़्यादा दिखाएं

पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना- इस योजना का उद्देश्य उच्च शिक्षा में अनुसूचित जाति के छात्रों के सकल नामांकन अनुपात को बढ़ाना है जिसमें सबसे गरीब परिवारों के छात्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

  केंद्र सरकार ने पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच को मजबूत किया है। केंद्र सरकार उच्च शिक्षा में अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों के सकल नामांकन अनुपात को बढ़ाने के उद्देश्य से पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (पीएमएस) योजना लागू कर रही है जिसमें विशेष रूप से सबसे गरीब परिवारों के छात्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह योजना पात्र छात्रों को मैट्रिक के बाद या माध्यमिक शिक्षा के बाद के स्तर पर वित्तीय सहायता प्रदान करती है ताकि वे अपनी शिक्षा पूरी कर सकें। राज्यसभा में श्री बृज लाल , श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और श्री रयागा कृष्णाया के एक लिखित प्रश्न के उत्तर में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने कहा कि पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना देश भर के सभी मान्यता प्राप्त संस्थानों में अध्ययनरत पात्र छात्रों के लिए खुली और मांग-आधारित है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत वार्षिक कार्य योजनाएँ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त की जाती हैं जो कार्यान्वयन एजेंसियां ​​हैं। केंद्र सरकार द्वा...

स्माइल योजना- पूरे देश के 216 शहरों में स्माईल भिक्षावृत्ति योजना लागू

  स्माइल योजना व्यापक पुनर्वास के माध्यम से ' भिक्षावृत्ति मुक्त भारत ' की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है , पूरे देश के 216 शहरों में स्माईल भिक्षावृत्ति योजना लागू ; इस योजना के अंतर्गत 10,200 से ज़्यादा लोगों का पुनर्वास किया गया , वित्त वर्ष 2030-31 तक स्माइल भिक्षावृत्ति योजना के अंतर्गत 35,000 लोगों को शामिल किया जाएगा   सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय कमजोर समुदायों की गरिमा एवं स्थायी आजीविका के अवसरों के साथ सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए आजीविका एवं उद्यम के लिए हाशिए पर रहने वाले लोगों के लिए सहायता (स्माइल) योजना को लागू कर रहा है। इस अम्ब्रेला योजना में भिक्षावृति का काम करने वाले लोगों के व्यापक पुनर्वास के लिए केंद्रीय क्षेत्र की योजना शामिल है। इसका उद्देश्य पुनर्वास , कौशल विकास , शिक्षा , स्वास्थ्य सेवा , परामर्श एवं आर्थिक सशक्तिकरण द्वारा लोगों की ज़िंदगी में बदलाव लाना है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ' स्माइल ' भिक्षावृत्ति योजना अभी पूरे देश के 216 शहरों में चल रही है और इसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 त...

योजना - अनुसूचित जाति कल्याण योजनाओं के कार्यान्वयन को डिजिटाइज़ करने और मजबूत बनाने के लिए पीएम-अजय पोर्टल और अजय मोबाइल ऐप का शुभारंभ

केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने अनुसूचित जाति कल्याण योजनाओं के कार्यान्वयन को डिजिटाइज़ करने और मजबूत बनाने के लिए पीएम-अजय पोर्टल और अजय मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया पीएम-अजय पोर्टल के माध्‍यम से आदर्श ग्राम , जीआईए और छात्रावास के लिए वास्तविक समय की निगरानी , पारदर्शी शासन और निधि प्रवाह सक्षम हो सकेगा   केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण कार्यान्वयन के लिए ' पीएम-अजय ' पोर्टल और पीएम-अजय मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य कागज आधारित कार्य प्रणाली और प्रसंस्करण से पूर्णतः डिजिटल कार्य प्रणाली और वास्तविक समय के आधार पर प्रसंस्करण में परिवर्तन करना है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा , सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव श्री सुधांश पंत और सरकार के सामाजिक न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पीएम-अजय पोर्टल और अजय मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। सभी राज्यों और केंद्र शा...

जीवन ऐप और शतायु जेरियाट्रिक केयरगिवर डैशबोर्ड का शुभारंभ

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए "जीवन" यानी ज्‍वाइंट इम्‍पावरमेंट एंड वर्चुअल असिस्‍टेंस नेटवर्क (संयुक्त बुजुर्ग सशक्तिकरण एवं वर्चुअल सहायता नेटवर्क) मोबाइल एप्लिकेशन और "शतायु" (वरिष्ठ नागरिकों के लिए समग्र देखभाल सहायता एवं प्रशिक्षण) जेरियाट्रिक केयरगिवर डैशबोर्ड लॉन्च किया है। यह वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा , देखभाल , गरिमा और सशक्तिकरण की दिशा में एक कदम है , ताकि प्रौद्योगिकी आधारित देखभाल सहायता के माध्यम से वृद्धावस्था देखभाल का इकोसिस्‍टम तैयार हो सके। देश भर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायता प्रणालियों को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल के तहत , केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने आज जीवन (संयुक्त बुजुर्ग सशक्तिकरण और वर्चुअल सहायता नेटवर्क) मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया , जो भारत में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा , कल्याण , स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच और सामाजिक समावेश को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह ऐप वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताओं को पूरा करने और ...

जीवन का सशक्तिकरण: नमस्ते योजना स्वच्छता कर्मचारियों के लिए ठोस बदलाव ला रही ह

राष्ट्रीय यांत्रिक स्वच्छता इकोसिस्टम कार्य योजना (नमस्ते) ने देश भर में सफाईकर्मियों के सम्मान , सुरक्षा और स्थायी आजीविका को प्रोत्साहन देने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि यह योजना सफाईकर्मियों के सम्मान , सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वित्त वर्ष 2023-24 में शुरू होने के बाद से , इस पहल ने लक्षित हस्तक्षेपों , सामुदायिक भागीदारी और खतरनाक मैनुअल सफाई प्रथाओं को समाप्त करने के लिए एक केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से विशेष असर दिखाया है। कुल 90,942 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों का प्रोफाइल तैयार किया गया है , जिनमें से 89,248 का सत्यापन हो चुका है। 87,037 कर्मचारियों को पीपीई किट उपलब्ध कराई गई हैं , जबकि 76,247 कर्मचारियों को कई स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के अंतर्गत कवर किया गया है। 983 सफाई कर्मचारियों को 364 वाहन खरीदने के लिए ₹ 34.17 करोड़ की अग्रिम पूंजी सब्सिडी जारी की गई है। इसके साथ ही , देश भर में सीवर और सेप्टिक टैंक की खतरना...

सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण

यंत्रीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र के लिए राष्ट्रीय कार्य (नमस्ते) योजना के अंतर्गत सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई में लगे सफाई कर्मचारियों की पहचान और उनका विवरण (प्रोफाइलिंग) तैयार किया गया है। 89,248 सफाई कर्मचारियों की प्रोफाइलिंग और सत्यापन किया जा चुका है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार , पिछले पांच वर्षों ( 2021 से 2025) के दौरान सीवर और सेप्टिक टैंकों की जोखिम वाली सफाई के कारण 317 सफाई कर्मचारियों की जान चली गई है। सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों (एसएसडब्ल्यू) की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए यंत्रीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र के लिए राष्ट्रीय कार्य (नमस्ते) योजना 2023-24 में शुरू की गई है। नमस्ते योजना के अंतर्गत कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाने और मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए उपाय निम्नलिखित हैं:- ·         सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण किट। ·         सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों को व्यावसायिक सुर...

हाथ से सफाई करने वालों का पुनर्वास

हाथ से सफाई करने वालों के रोजगार पर प्रतिबंध और उनके पुनर्वास अधिनियम , 2013 के प्रावधानों के अनुसार , देश के सभी जिलों में हाथ से सफाई करने वालों का एक नया सर्वेक्षण किया गया है , जिसमें कोई भी हाथ से सफाई करने वाला (एमएस) नहीं पाया गया है। हालांकि , 2013 और 2018 में किए गए दो सर्वेक्षणों के दौरान 58,098 हाथ से सफाई करने वालों की पहचान की गई थी। सभी पहचाने गए एमएस को 40,000 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से एकमुश्त नकद सहायता (ओटीसीए) का भुगतान किया गया है , जिसमें बिहार के 131 एमएस ( 0.22%) भी शामिल हैं।वर्ष 2020-21 से 2024-25 के दौरान 14,692 एमएस को ओटीसीए , 9,868 एमएस को कौशल विकास प्रशिक्षण और 1,524 एमएस को पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की गई है। ये विवरण अनुलग्नक में दिए गए हैं। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में सीवर और सेप्टिक टैंकों की खतरनाक सफाई के दौरान कुछ मौतें हुई हैं , जिसका कारण "हाथ से मैला ढोने पर प्रतिबंध और पुनर्वास अधिनियम , 2013" और "हाथ से मैला ढोने पर प्रतिबंध और पुनर्वास नियम , 2013" तथा आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिय...

इस ब्लॉग पर प्रकाशित होने वाले नए विषयों को जानने के लिए फॉलो करें