पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना- इस योजना का उद्देश्य उच्च शिक्षा में अनुसूचित जाति के छात्रों के सकल नामांकन अनुपात को बढ़ाना है जिसमें सबसे गरीब परिवारों के छात्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
केंद्र सरकार ने पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच को मजबूत किया है। केंद्र सरकार उच्च शिक्षा में अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों के सकल नामांकन अनुपात को बढ़ाने के उद्देश्य से पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (पीएमएस) योजना लागू कर रही है जिसमें विशेष रूप से सबसे गरीब परिवारों के छात्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह योजना पात्र छात्रों को मैट्रिक के बाद या माध्यमिक शिक्षा के बाद के स्तर पर वित्तीय सहायता प्रदान करती है ताकि वे अपनी शिक्षा पूरी कर सकें। राज्यसभा में श्री बृज लाल , श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और श्री रयागा कृष्णाया के एक लिखित प्रश्न के उत्तर में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने कहा कि पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना देश भर के सभी मान्यता प्राप्त संस्थानों में अध्ययनरत पात्र छात्रों के लिए खुली और मांग-आधारित है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत वार्षिक कार्य योजनाएँ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त की जाती हैं जो कार्यान्वयन एजेंसियां हैं। केंद्र सरकार द्वा...