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1 अक्टूबर, 2025 से निर्मित एन2 और एन3 श्रेणी के मोटर वाहनों के केबिनों में अनिवार्य रूप से एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाने की अधिसूचना जारी

  सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 8 दिसंबर , 2023 को एक अधिसूचना जारी की है जिसमें 1 अक्टूबर , 2025 से निर्मित एन 2 और एन 3 श्रेणी के मोटर वाहनों के केबिनों में एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है। एयर कंडीशनिंग सिस्टम से लैस केबिन के प्रदर्शन की जांच समय-समय पर , संशोधित आईएस 14618: 2022 के अनुसार की जाएगी। अधिसूचना के अनुसार एन 2 और एन 3 श्रेणी का कोई भी वाहन जो 1 अक्टूबर , 2025 को या उसके बाद ड्राइव-अवे चेसिस के रूप में निर्मित होता है , उसमें चेसिस निर्माता आईएस 14618:2022 के अनुसार एयर कंडीशनिंग सिस्टम की एक अनुमोदित प्रकार की किट देगा ताकि बॉडी बिल्डर को किट लगाने में सुविधा हो सके। मंत्रालय ने 10 जुलाई, 2023 को हितधारकों से टिप्पणियां मंगाने के लिए ड्राफ्ट अधिसूचना जारी की थी। गजट नोटिफिकेशन देखने के लिए यहां क्लिक करें एमजी/एआर/जीबी/डीएप्रविष्टि तिथि: 11 DEC 2023 by PIB Delhi( रिलीज़ आईडी: 1985150) आगंतुक पटल : 216

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने विवाद से विश्वास II (संविदा संबंधी विवाद) योजना के लिए एक अभियान शुरू किया है

  केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग बिल्डर्स फेडरेशन (एनएचबीएफ) के साथ उनके मुद्दों का समाधान करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बात पर सहमति बनी कि सभी पात्र दावों को निपटाने के लक्ष्य के साथ विवाद से विश्वास II योजना के कार्यान्वयन को एक अभियान मोड में शुरू किया जाएगा। एनएचबीएफ से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया कि सभी कान्ट्रैक्टर 25 अक्टूबर , 2023 तक अपने दावे दायर करें। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की विवाद से विश्वास II ( संविदा संबंधी विवाद) योजना में कान्ट्रैक्टरों को दी जाने वाली निपटान राशि जहां दावे की राशि 500 करोड़ रुपये या उससे कम हो , का निर्धारण करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया/तौर-तरीके शामिल हैं , यदि दावा दिशानिर्देशों के अनुपालन में है , तो खरीद करने वाली संस्थाओं के दावे स्वीकार को करना होगा। यदि दावा 500 करोड़ रुपये से अधिक का है तो कान्ट्रैक्टर से निपटान के अनुरोध को स्वीकार न करने का निर्णय सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से कारण दर्ज करने के बाद किया जाना चाहिए। दावे जीईएम पोर्टल के माध्यम ...

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