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नौसेना स्कूलों के लिए एकीकृत उद्यम संसाधन योजना (ईआरपी) और वेबसाइट का शुभारंभ

   कमोडोर (नौसेना शिक्षा) और नौसेना शिक्षा सोसायटी (एनईएस) के उपाध्यक्ष कमोडोर जी रामबाबू ने 25 जुलाई 24 को नेवी चिल्ड्रन स्कूल दिल्ली की ओर से आयोजित एक ऑनलाइन समारोह में नौसेना स्कूलों के लिए एकीकृत ईआरपी समाधान और वेबसाइट का शुभारंभ किया। इस समारोह में कमान शिक्षा अधिकारी , नौसेना स्कूलों के वरिष्ठ अधिकारी और मेसर्स जीनीप्र सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रक्रियाओं को मानकीकृत करने और डेटा प्रबंधन को केंद्रीकृत करने के उद्देश्य से उन्नत ईआरपी एप्लिकेशन और वेबसाइट को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दिल्ली और विशाखापत्तनम स्थित नौसेना चिल्ड्रेन स्कूल के लिए लागू किया गया है। एकीकृत डेटाबेस के साथ एकीकृत ईआरपी प्रणाली , नौसेना स्कूलों के बीच छात्रों के निर्बाध माइग्रेशन की सुविधा प्रदान करेगी , जिससे माता-पिता बिना किसी व्यवधान के उसी मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग जारी रख सकेंगे। यह एनईएस , कमानों और व्यक्तिगत स्कूलों सहित सभी हितधारकों के बीच वास्तविक समय डेटा प्रवाह को भी सुनिश्चित करेगा। अपडेट की गई स्कूल वेबसाइटें एक मानक डिज़ाइन एवं संरचना का पालन करके उपय...

प्रौद्योगिकी विकास निधि योजना- डीआरडीओ ने प्रौद्योगिकी विकास निधि योजना के तहत निजी क्षेत्र के लिए सात नई परियोजनाओं को स्‍वीकृति प्रदान की, इसका उद्देश्य रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्रों में उद्योगों, विशेष रूप से एमएसएमई और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देना है

  आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सशस्त्र बलों और एयरोस्पेस एवं रक्षा क्षेत्रों की विभिन्न जरूरतों के लिए प्रौद्योगिकी विकास निधि योजना के तहत उद्योगों को सात नई परियोजनाएं प्रदान की हैं। ये स्‍वीकृति परियोजनाएं रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्रों में उद्योगों , विशेष रूप से एमएसएमई और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने में डीआरडीओ के निरंतर प्रयासों का प्रमाण हैं। इन प्रौद्योगिकियों के स्वदेशी विकास से सैन्य औद्योगिक इकोसिस्‍टम मजबूत होगा। इन स्वीकृत परियोजनाओं का विवरण नीचे दिया गया है: स्वदेशी परिदृश्य और सेंसर सिमुलेशन टूलकिट इस परियोजना में वास्‍तविक परिदृश्यों में पायलटों के सिम्युलेटर प्रशिक्षण के लिए एक स्वदेशी टूलकिट का विकास शामिल है। इससे पूर्ण मिशन योजना और भारी बल भागीदारी में मदद मिलेगी। यह परियोजना स्टार्ट-अप , ऑक्सीजन 2 इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड , नोएडा को दी गई है।   अंडर वाटर प्रक्षेपित मानवरहित हवाई वाहन यह परियोजना बहुमुखी समुद्री युद्ध क्षेत्र सहायक उपकरण से संबंधित है जिसे युद्ध की कई भूमिकाओं में तैनात किया जा सकता है...

"ऑलिव ग्रीन - गोइंग ग्रीन" के तहत भारतीय सेना को पहली हाइड्रोजन बस सौंपी गई

  भारतीय सेना ने हरित एवं टिकाऊ परिवहन समाधान खोजने की दिशा में अपने दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करते हुए हाइड्रोजन ईंधन सेल बस प्रौद्योगिकी के परीक्षणों के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के साथ समझौता किया है। भारतीय सेना नवाचार और पर्यावरण प्रबंधन के प्रति अपनी वचनबद्धता के लिए जानी जाती है। थल सेनाध्यक्ष (सीओएएस) जनरल मनोज पांडे और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष श्री श्रीकांत माधव वैद्य की उपस्थिति में भारतीय सेना तथा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस कार्यक्रम के दौरान , भारतीय सेना को एक हाइड्रोजन ईंधन सेल से चालित बस सौंपी गई। यह भारतीय सेना और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच पारस्परिक रूप से लाभप्रद साझेदारी की शुरुआत का प्रतीक है। समझौता ज्ञापन में नवाचार को बढ़ावा देने और भविष्य के लिए टिकाऊ परिवहन समाधानों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया है। हाइड्रोजन ईंधन सेल तकनीक इलेक्ट्रो-रासायनिक प्रक्रिया के माध्यम से हाइड्रोजन गैस को बिजली में परिवर्तित करके विद्युत ऊर्जा का एक स्वच्छ व क...

भारतीय तटरक्षक बल के प्रदूषण नियंत्रण पोत समुद्र पहरेदार ने आसियान देशों में अपनी विदेशी तैनाती के हिस्से के रूप में वियतनाम में पोर्ट कॉल किया

  भारतीय तटरक्षक (आईसीजी) के प्रदूषण नियंत्रण पोत समुद्र पहरेदार ने एक विशेष हेलीकॉप्टर के साथ दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) देशों में चल रही अपनी विदेशी तैनाती के हिस्से के रूप में 02 अप्रैल , 2024 को वियतनाम के हो ची मिन्ह में एक पोर्ट कॉल किया। इस तीन दिवसीय यात्रा के दौरान , भारतीय दल समुद्री प्रदूषण कार्रवाई , समुद्री खोज एवं बचाव और समुद्री कानून प्रवर्तन पर ध्यान केंद्रित करते हुए पेशेवर विचार-विमर्श में भाग लेगा। इसके अलावा भारतीय दल विभिन्न गतिविधियों में जैसे क्रॉस-डेक प्रशिक्षण , विषय वस्तु विशेषज्ञ आदान-प्रदान , खेल आयोजन तथा वियतनाम तटरक्षक (वीसीजी) के साथ एक अन्य अभ्यास में भी शामिल होगा। इस यात्रा का उद्देश्य न केवल भारतीय तटरक्षक और वियतनाम तटरक्षक बल के बीच संबंधों को सशक्त बनाना है , बल्कि भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमताओं को भी प्रदर्शित करना है। इसके अलावा , जहाज पर सवार राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के 25 कैडेट वॉकथॉन और समुद्र तट की सफाई जैसी गतिविधियों में भाग लेंगे। भारतीय तटरक्षक और वियतनाम तटरक्षक बल के मध्य साल 2015 से एक मौजूदा सम...

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने सैन्य प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सा आधार पर अमान्य किए गए कैडेटों के लिए पुनर्वास सुविधाओं के विस्तार को स्‍वीकृति दी

  पुनर्वास महानिदेशालय द्वारा संचालित योजनाओं द्वारा कैडेट लाभान्वित होगें रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने सैन्य प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सा आधार पर अमान्य किए गए कैडेटों के लिए पुनर्वास सुविधाओं के विस्तार को स्‍वीकृति दी। यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि कैडेट सशस्त्र बलों में अधिकारी बनने की दृढ़ इच्छा से युवावस्‍था में सैन्य अकादमियों में प्रवेश पाते हैं , और सैन्‍य वर्दी में देश की सेवा करने की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं , लेकिन चिकित्सा संबंधी कारणों से अमान्य हो जाते है। दशकों से , कैडेट/उनके माता-पिता ऐसे पुनर्वास अवसरों की मांग कर रहे हैं। हर वर्ष , सैन्य अकादमियों में युवा कैडेट सशस्त्र बलों में अधिकारियों के रूप में नियुक्त होने के मुख्य उद्देश्य के साथ शैक्षणिक और सैन्य प्रशिक्षण प्राप्‍त करते हैं। वर्तमान नियमानुसार , कैडेट को कमीशनिंग के बाद ही अधिकारी माना जाता है। उदाहरणस्वरूप , जहां कठोर सैन्य प्रशिक्षण के दौरान , कई बार कुछ कैडेटों (प्रति वर्ष 10-20) को सैन्य प्रशिक्षण के कारण या उससे संबंधित कारण से चिकित्सा आधार पर अमान्य कर दिया जाता है। इन कैडेटों के ...

भारतीय नौसेना और स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का समुद्र में मादक पदार्थ विरोधी अभियान

    भारतीय नौसेना और स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने समुद्र में एक समन्वित अभियान संचालित कर एक संदिग्ध नौका को पकड़ा है। इस नाव से लगभग 3300 किलोग्राम प्रतिबंधित सामग्री (3089 किलोग्राम चरस , 158 किलोग्राम मेथमफेटामाइन और 25 किलोग्राम मॉर्फिन) को बरामद किया गया है। भारतीय नौसेना के समुद्री निगरानी विमान से प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई थी , जिसमें स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने भी अपने इनपुट के साथ इस सूचना पुष्टि की थी। विशेष अभियान को संचालित करने के लिए पहले से ही मिशन पर तैनात भारतीय नौसेना के युद्धपोत को बड़े पैमाने पर तस्करी के साथ भारतीय जल क्षेत्र में आने वाली एक संदिग्ध नौका को रोकने के लिए कार्रवाई में लगाया गया था। भारतीय नौसेना की इकाइयों ने समुद्र में संदिग्ध नाव का सफलतापूर्वक पता लगाया , उसके बारे में जानकारी प्राप्त की और फिर उसे रोकने की कार्रवाई की। इस नौका पर तलाशी एवं कार्रवाई के परिणामस्वरूप हुई नशीले पदार्थों की जब्ती हाल के दिनों में प्रतिबंधित वस्तुओं की पकड़ी गई सबसे बड़ी मात्रा है। इसके बाद , नाव को भारतीय नौसेना के युद्धपोत द...

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