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यूआईडीएआई ने आधार सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बग बाउंटी कार्यक्रम शुरू किया

इस पहल में भाग लेने के लिए 20 अनुभवी सुरक्षा शोधकर्ताओं और एथिकल हैकर्स का चयन किया गया , भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आधार प्रणाली की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अपना पहला संरचित बग बाउंटी कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ यूआईडीएआई के कुछ प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म में संभावित कमजोरियों की तलाश कर सकते हैं। यदि उन्हें कोई वास्तविक सुरक्षा कमी मिलती है और वे जिम्मेदारी से इसकी रिपोर्ट करते हैं , तो उन्हें समस्या की गंभीरता के आधार पर पुरस्कार मिलेंगे। इस पहल में भाग लेने के लिए 20 अनुभवी सुरक्षा शोधकर्ताओं और एथिकल हैकर्स का एक पैनल तैयार किया गया है। वे यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट , माई आधार पोर्टल और सुरक्षित क्यूआर कोड एप्लिकेशन जैसी यूआईडीएआई की डिजिटल संपत्तियों की जांच करेंगे। शोधकर्ता इन प्रणालियों में गंभीर , उच्च , मध्यम और निम्न जोखिम श्रेणियों में आने वाली कमजोरियों की जांच करेंगे। खोजी गई समस्या की गंभीरता के आधार पर , उन्हें उचित पुरस्कार मिलेंगे।  यूआईडीएआई , साइबर सुरक्षा समाधान प्रदाता कंपनी एम/एस कॉ...

राष्ट्र के लिए नया आधार ऐप समर्पित

·        नया आधार ऐप पहचान सत्यापन को नए सिरे से परिभाषित करता है , जिसमें जनता को केंद्र में रखा गया है ·        चुनिंदा जानकारी का साझाकरण , सहमति का नियंत्रण आपकी उंगलियों पर ·        दिखाएँ , साझा करें , सत्यापित करें: आधार ऐप आधार के उपयोग को बढ़ावा देगा और जीवन को सुगम बनाएगा वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने आज नए आधार ऐप को राष्ट्र को समर्पित किया , जो जनहित में पहचान सत्यापन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा विकसित आधार ऐप एक अगली पीढ़ी का मोबाइल एप्लिकेशन है , जिसे आधार संख्या धारकों (एएनएच) को अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित , सुविधाजनक और गोपनीय तरीके से ले जाने , साझा करने , दिखाने और सत्यापित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। नए ऐप का अनावरण करने के बाद , श्री प्रसाद ने यूआईडीएआई को इस सराहनीय कार्य के लिए बधाई दी और जोर देते हुए कहा कि आधार सरकार के लिए डिजिट...

आधार को चेहरा मिला: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने आधार शुभंकर ‘उदय’ जारी किया

  यह शुभंकर आधार सेवाओं को सरलता से समझाने के लिए लोगों से संवाद करेगा , उदय का चयन मायगॉव प्लेटफॉर्म पर आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता द्वारा किया गया , 875 प्रविष्टियों में केरल के अरुण गोकुल प्रथम विजेता रहे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आज आधार का शुभंकर (प्रतीक चिन्ह) जारी किया , जो लोगों को आधार सेवाओं की सरल जानकारी देने के लिए सुलभ संचार माध्यम है। उदय नामक यह शुभंकर आधार से संबंधित जानकारी अधिक सहज और सुलभ बनाने में सहायक होगा। यह अपडेट , प्रमाणीकरण , ऑफ़लाइन सत्यापन , जानकारी साझा करने , नई तकनीक अपनाने , दायित्वपूर्ण उपयोग आदि आधार सेवाओं के संचार को सरल बनाएगा। इस उद्देश्य के लिए , यूआईडीएआई ने माईगॉव प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रीय डिज़ाइन और नामकरण प्रतियोगिता का खुला और समावेशी मार्ग चुना , जिसमें लोगों ने काफी रुचि दिखाई। छात्र , पेशेवर , डिज़ाइनर आदि से शुभंकर निर्माण और नामकरण के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण को देश भर से 875 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। प्रत्येक प्रतिभागी ने आधार के महत्व की अपनी अनूठी व्याख्या की। चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और सटी...

देश भर में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी)/आईटी सक्षम सेवा (आईटीईएस) उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे कदम

  भारतनेट परियोजना के अंतर्गत 2,13,398 ग्राम पंचायतों को सेवा के लिए तैयार किया गया सरकार ने देश भर में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी)/आईटी सक्षम सेवा (आईटीईएस) उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए कई पहल की हैं , जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं: ·         भारत के सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्कों के 65 केंद्रों की स्थापना ·         100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) ·         छोटे शहरों/कस्बों के लिए बीपीओ प्रोत्साहन योजनाएं ·         सॉफ्टवेयर उत्पादों पर राष्ट्रीय नीति- 2019 ( एनपीएसपी 2019) ·         राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) के 52 केंद्रों के माध्यम से विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम ·         आईटी पेशेवरों के पुनः कौशल/अप-स्किलिंग के लिए फ्यूचर स्किल्स प्राइम , प्रौद्योगिकी ऊष्मायन और उद्यमियों के विकास (टीआईडीई) के म...

सरकार सुरक्षित और विश्वसनीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है

    आईटी नियम 2021 के तहत सोशल मीडिया इंटरमीडिएरीज और प्लेटफार्म पर प्रतिबंधित भ्रामक जानकारी , स्पष्ट तौर पर झूठी सूचना और डीप फेक मामले में कार्रवाई करने की कानूनी बाध्यता , डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 के तहत व्यक्तिगत डिजिटल डेटा की भी सुरक्षा  सरकार के संज्ञान में यह बात है कि सुरक्षित और विश्वसनीय एआई सुनिश्चित करने के लिये सुरक्षा उपाय किये जाने की आवश्यकता है। इसी के अनुसार संबंधित हितधारकों के साथ व्यापक सार्वजनिक विचार-विमर्श के बाद इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी (इंटरमीडिएरी गाइडलाइन्स एण्ड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स 2021 (‘‘ आईटी नियम 2021’’) को 25.02.2021 को अधिसूचित किया है जिनमें बाद में 28.10.2022 और 06.04.2023 को संशोधन किया गया। आईटी नियम 2021 सोशल मीडिया इंटरमीडिएरीज और प्लेटफार्म सहित सभी इंटरमीडिएरीज पर सुरक्षित एवं विश्वसनीय इंटरनेट सुनिश्चित करने में उनकी जवाबदेही तय करता है। इसमें प्रतिबंधित भ्रामक जानकारी , स्पष्ट तौर पर झूठी सूचना और डीप फेक को हटाने की दिशा में त्वरित कार्रवाई का दायित्व उन पर डाला गया है। इंटरमीडिएरीज यदि आ...

ई-माइग्रेट परियोजना- ई-माइग्रेट परियोजना मुख्य रूप से उत्प्रवास जांच अपेक्षित देशों में जाने वाले श्रमिकों की सहायता के लिए शुरू की गई है। इस परियोजना की अवधारणा उत्प्रवास प्रक्रिया को ऑनलाइन सहज बनाकर प्रवासी श्रमिकों के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान करने और सुरक्षित व कानूनी प्रवास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विदेशी नियोक्ताओं और पंजीकृत भर्ती एजेंटों एवं बीमा कंपनियों को एक साझा मंच पर लाने के लिए की गई थी।

  विदेश मंत्रालय , इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड ने कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ई-माइग्रेट सेवाएं प्रदान करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए , ताकि देश में सीएससी के माध्यम से ई-माइग्रेट सेवाएं प्रदान करने के लिए सीएससी एसपीवी और विदेश मंत्रालय के बीच तालमेल बनाया जा सके। ई-माइग्रेट परियोजना मुख्य रूप से उत्प्रवास जांच अपेक्षित देशों में जाने वाले श्रमिकों की सहायता के लिए शुरू की गई है। इस परियोजना की अवधारणा उत्प्रवास प्रक्रिया को ऑनलाइन सहज बनाकर प्रवासी श्रमिकों के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान करने और सुरक्षित व कानूनी प्रवास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विदेशी नियोक्ताओं और पंजीकृत भर्ती एजेंटों एवं बीमा कंपनियों को एक साझा मंच पर लाने के लिए की गई थी। पिछले वर्षों में , रोजगार के लिए विदेश जाने वाले भारतीयों की संख्या में वृद्धि हुई है , साथ ही उनके द्वारा भेजे गए धन का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा है। इस समझौता ज्ञापन पर “डिजिटल गवर्नेंस के लिए यूआई/यूएक्स के माध्यम से बदलाव पर जोर देना” विषय...

नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया और इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय पूरे देश में डिजिटल समावेशन के लिए कल यूए दिवस पर भाषानेट पोर्टल लॉन्च करेंगे

  नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनआईएक्सआई) को आगामी यूनिवर्सल एक्सेप्टेंस (यूए) दिवस के लिए भाषानेट पोर्टल के लॉन्च की घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है , जो 21 मार्च , 2024 को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में होगा। यह एनआईएक्सआई और इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच आयोजित दूसरा कार्यक्रम होगा , जो यूए को बढ़ावा देने और पूरे देश में डिजिटल समावेशन को आगे बढ़ाने के लिए उनकी संयुक्त प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। इसके अलावा , यह उल्लेखनीय है कि इंटरनेट कॉर्पोरेशन फॉर असाइन्ड नेम्स एंड नंबर्स (आईसीएएनएन) और इंटरनेट गवर्नेंस डिवीजन , इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय , भारत सरकार सक्रिय रूप से यूए दिवस का समर्थन कर रहे हैं। कार्यक्रम का विषय , " भाषानेट: यूनिवर्सल स्वीकृति पर जोर" , यह सुनिश्चित करने के लिए एनआईएक्सआई के समर्पण पर प्रकाश डालता है कि व्यक्ति , भाषा या लिपि की परवाह किए बिना , डिजिटल दुनिया में पूरी तरह से भाग ले सकते हैं। यूए दिवस के माध्यम से , एनआईएक्सआई और इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी म...

इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सचिव ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफेक्चरिंग उद्योग में महिला कार्यबल के योगदान को सम्मानित किया

  गणतंत्र दिवस 2024 के एक अहम उत्सव पर , प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विभिन्न क्षेत्रों और मंत्रालयों के मेहमानों को कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए आमंत्रित किया। इस वर्ष , लगभग 13,000 विशेष मेहमानों को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था , जो सरकार के जनभागीदारी के दृष्टिकोण के अनुरूप था , जिससे सभी क्षेत्रों के नागरिकों को राष्ट्रीय उत्सव में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया गया। गणतंत्र दिवस समारोह में पांच प्रमुख कंपनियों - सैमसंग , विस्ट्रॉन , डिक्सन , पेगाट्रॉन और वीवीडीएन - की 250 से अधिक महिला श्रमिकों ने भाग लिया। गणतंत्र दिवस परेड में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफेक्चरिंग उद्योग से इन महिला श्रमिकों की उपस्थिति समावेशिता , विविधता और सक्रिय नागरिक भागीदारी के प्रति सरकार के समर्पण को दर्शाती है। भारत में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफेक्चरिंग उद्योग में महिला कार्यबल के योगदान को सम्मानित करने और मान्यता देने के लिए इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) और राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) द्...

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव श्री एस कृष्णन ने दो प्रमुख कार्यक्रम - ‘इंटेलिजेंट इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईआईओटी) सेंसर में उत्कृष्टता केंद्र (सीओई)’ और भारत के पहले ग्राफीन केंद्र (आईआईसीजी) ग्राफीन सेंटर ‘इंडिया इनोवेशन की केरल के कोच्चि के मेकर्स गांव में शुरुआत की।

  इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव ने बुधवार को केरल में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन इंटेलिजेंट इंटरनेट ऑफ थिंग्स सेंसर्स’और ‘इंडिया इनोवेशन सेंटर फॉर ग्राफीन’ का शुभारंभ किया भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव श्री एस कृष्णन ने दो प्रमुख कार्यक्रम - ‘इंटेलिजेंट इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईआईओटी) सेंसर में उत्कृष्टता केंद्र (सीओई)’ और भारत के पहले ग्राफीन केंद्र (आईआईसीजी) ग्राफीन सेंटर ‘इंडिया इनोवेशन की केरल के कोच्चि के मेकर्स गांव में शुरुआत की। आईआईओटी सेंसर में सीओई इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय , भारत सरकार और केरल सरकार द्वारा मेकर्स विलेज कोच्चि में नेटवर्क , डिवाइस और सेंसर सिस्टम में इंटेलिजेंट सेंसर के अनुप्रयोगों के व्यापक स्पेक्ट्रम को कवर करने वाले इंटेलिजेंट आईओटी सिस्टम के दायरे में सेंसर के विकास को उत्प्रेरित करने के लिये स्थापित एक अनूठी सुविधा है। भारत का पहला ग्राफीन सेंटर आईआईसीजी भी इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय , भारत सरकार और केरल सरकार द्वारा टाटा स्टील लिमिटेड के साथ ग्राफीन और 2 डी सामग्...

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के सचिव ने शैक्षणिक संस्थानों के लिए डोमेन पंजीकरण, डीएनएस और मूल्य वर्धित सेवाओं से संबंधित ईआरनेट इंडिया के वेब पोर्टल का शुभारंभ किया

  इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के सचिव श्री एस. कृष्णन ने आज यहां ईआरनेट इंडिया के प्रधान कार्यालय में देश के शैक्षणिक संस्थानों के लिए ईआरनेट इंडिया के नव विकसित एवं समन्वित वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल डोमेन पंजीकरण , डीएनएस और एक सेवा के रूप में वेबसाइट (डब्ल्यूएएएस) एवं एक सेवा के रूप में शिक्षण प्रबंधन (एलएमएएएस) जैसी मूल्य वर्धित सेवाएं प्रदान करेगा। उपयोगकर्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार स्कूलों , कॉलेजों , विश्वविद्यालयों के लिए विभिन्न प्रकार के उपलब्ध नमूनों (टेम्पलेट) में से चयन कर सकते हैं और अपनी वेबसाइट एवं शिक्षण प्रबंधन प्रणाली बना सकते हैं। कोई भी उपयोगकर्ता मात्र एक क्लिक के माध्यम से टेम्पलेट को अनुकूलित करके वेबसाइट और एलएमएस प्रकाशित कर सकता है। इस वेब पोर्टल को ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर और एआई/एमएल जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके विकसित किया गया है। इसके अलावा , एमईआईटीवाई सचिव श्री एस. कृष्णन ने ईआरनेट इंडिया के नए सम्मेलन हॉल का भी उद्घाटन किया और अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बातचीत की। ईआरनेट इंडिया , एमईआईटीवा...

हमें तत्काल एक वैश्विक ढांचे की आवश्यकता है क्योंकि, अगले 6-9 महीनों में, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस आकार ग्रहण कर लेगा और इस तरह से विकसित होगा कि हम अनुमान नहीं लगा सकते हैं या पूरी तरह से समझ नहीं सकते हैं": इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री राजीव चन्द्रशेखर

  " सेमीकंडक्टर मॉडल और रूपरेखा की तरह ही हम आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का लाभ प्राप्त करते हुए स्टार्टअप्स को वित्त पोषण और सहायता देंगे": राज्य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर " भारत सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एक अकादमिक , उद्योग और स्टार्टअप अनुसंधान इकोसिस्टम के निर्माण पर केंद्रित है": राज्य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर " हमें अपने शैक्षणिक संस्थानों को ऐसी प्रतिभा पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम आने वाले वर्षों में आत्मसात कर सके": राज्य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर  राज्य मंत्री श्री राजीव चन्द्रशेखर आज बेंगलुरु में राष्ट्रीय समर स्मारक पर फायरसाइड चैट में सम्मिलित हुए और श्रद्धांजलि अर्पित की  केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता , इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी तथा जल शक्ति राज्य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर ने आज बेंगलुरु में मनीकंट्रोल संस्था द्वारा आयोजित एक फायरसाइड चैट में भाग लिया , जिसमें उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और भारत पर इसके संभावित प्रभाव पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस ...

श्री राजीव चन्द्रशेखर "ईशा इनसाइट - द डीएनए ऑफ सक्सेस" में भाग लेंगे

  केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर का गुरुवार को कोयंबटूर में "ईशा इनसाइट - द डीएनए ऑफ सक्सेस" के 12 वें संस्करण में भाग लेना निर्धारित है। इस कार्यक्रम में श्री चन्द्रशेखर , श्री सद्गुरु जग्गी वासुदेव के साथ गहन चर्चा करेंगे , जिसमें व्यवसायों को बढ़ाने , स्टार्टअप के लिए एक सहायक वातावरण को बढ़ावा देने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के बारे में अंतर्दृष्टि पर बातचीत की जाएगी। कार्यक्रम की विषयवस्तु के अनुरूप , श्री राजीव चंद्रशेखर 2014 के बाद से एक उद्यम-अनुकूल इको-सिस्टम के निर्माण में भारत की यात्रा के बारे में बात करेंगे। श्री चंद्रशेखर इस बारे में भी चर्चा करेंगे कि कैसे स्टार्टअप और युवा भारतीय अपने विशिष्ट रास्तों का निर्माण करते रहे हैं और उन असीम अवसरों का लाभ उठा रहे हैं , जो उनके लिए खुले हैं। तकनीकी क्षेत्र के एक अग्रणी व्यक्ति , इंटेल के पूर्व चिप डिजाइनर और बीपीएल मोबाइल के संस्थापक होने के नाते , श्री चंद्रशेखर एक उद्यमी के रूप में अपने अनुभव को व्यवसाय से जुड़े अग्रणी व्यक्ति...

एसटीपीआई ने अपने गुरुग्राम परिसर में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सुविधा स्थापित की

  मेईटी सचिव एस कृष्णन ने इस सुविधा का उद्घाटन किया इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेईटी) के भारतीय सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क (एसटीपीआई) ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर प्राप्त किया है। मेईटी के सचिव श्री एस कृष्णन ने एसटीपीआई-गुरुग्राम में एपिअरी सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (सीओई) की अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सुविधा का उद्घाटन किया।  एपिअरी , एसटीपीआई के सीओई में से है जो कि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर केंद्रित है और इसे मेईटी , एसटीपीआई , हरियाणा सरकार , पैड अप वेंचर्स , आईबीएम , इंटेल , जीबीए और एफआईटीटी के सहयोग से स्थापित किया गया है। यह सीओई भरोसेमंद स्टार्टअप की पहचान और समर्थन करने और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अपने तरह का पहला कदम है। इसमें 7,000 वर्ग फुट का पूर्ण रूप से सुसज्जित इनक्यूबेशन अवसंरचना है , जो 80 प्लग-एन-प्ले सीटों , सम्मेलन कक्ष और एक सभागार से लैस है। इसका लक्ष्य पांच वर्ष की अवधि में कुल 100 स्टार्टअप को इनक्यूबेट करना है। उद्घाटन के दौरान , मेईटी सचिव , श्री एस. कृष्णन ने एपिअरी इनक्यूबेशन सुविध...

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