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योजना - उच्च शिक्षा के लिए ‘इंस्पायर-शी’ (आईएनएसपीआईआरई-एसएचई) छात्रवृत्ति

सरकार ने अपनी प्रमुख योजना ‘इंस्‍पायर-शी’ (उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति) को बंद नहीं किया है। इस योजना के उद्देश्यों को अधिक मजबूत करने , इसके कार्यान्वयन ढांचे में सुधार करने और विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान में उभरती प्राथमिकताओं के साथ इसे संरेखित करने के लिए वर्तमान में इसका पुनर्गठन किया जा रहा है। इस योजना की शुरुआत से अब तक लाभान्वित छात्रों की संख्‍या और वितरित कुल छात्रवृत्ति राशि का राज्य-वार विवरण नीचे दिया गया है: क्र. सं. राज्य/केंद्र शासित प्रदेश लाभान्वित छात्र वितरित राशि ( करोड़ रुपये में) 1 अंडमान और नि‍कोबार द्वीप समूह 02 0.06 2 आंध्र प्रदेश 1059 14.82 3 असम 1043 23.66 4 बिहार 3136 48.39 5 चंडीगढ़ 1290 13.91 6 छत्तीसगढ 2531 53.13 7 दिल्ली ...

नया पॉकेट-साइज़ सेंसर हवा में छिपे जोखिम का पता लगा सकता है

  एक नया और कम लागत वाला सेंसर , अत्यंत कम सांद्रता में , श्वसन संबंधी जलन , अस्थमा के दौरे और दीर्घकालिक फेफड़ों की क्षति के लिए जिम्मेदार जहरीली सल्फर डाइऑक्साइड ( SO 2) गैस का पता लगाने में मदद कर सकता है। सल्फर डाइऑक्साइड ( SO 2) एक विषैला वायु प्रदूषक है जो आमतौर पर वाहनों और औद्योगिक उत्सर्जन से निकलता है। इसके मामूली संपर्क से भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और दीर्घकालिक रूप से फेफड़ों की क्षति हो सकती है। स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने से पहले इसका पता लगाना मुश्किल है। सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए वास्तविक समय में SO 2 के स्तर की निगरानी करना महत्वपूर्ण है। मौजूदा तकनीकें अक्सर महंगी , ऊर्जा-गहन होती हैं , या ट्रेस स्तरों पर गैस का पता लगाने में असमर्थ होती हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक स्वायत्त संस्थान , सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज (सीईएनएस) , बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने इस पर काबू पाने के लिए एक सरल संश्लेषण प्रक्रिया के माध्यम से दो धातु ऑक्साइड - निकल ऑक्साइड ( NiO) और नियोडिमियम निकेल ( NdNiO 3 ) को मिलाकर एक सेंसर तैय...

‘भारतजेन’ का शुभारंभ: सरकार दवारा वित्त पोषित पहली ‘मल्टीमॉडल लार्ज लैंग्वेज मॉडल’ पहल

  सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति में क्रांति लाने और भाषा , अभिव्यक्ति एवं कंप्यूटर संबंधी दृष्टिकोण में मूलभूत मॉडलों का एक समूह विकसित करके नागरिकों के साथ जुड़ाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डिज़ाइन की गई जेनरेटिव एआई से संबंधित एक अग्रणी पहल ‘भारतजेन’ का उद्घाटन आज नई दिल्ली में केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) , पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) , प्रधानमंत्री कार्यालय , परमाणु ऊर्जा विभाग एवं अंतरिक्ष विभाग राज्यमंत्री तथा कार्मिक , लोक शिकायत एवं पेंशन राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की वर्चुअल उपस्थिति में किया गया।  उद्घाटन के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा , “ भारतजेन स्वदेश में विकसित प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का एक गौरवपूर्ण उदाहरण है। यह यूपीआई और विभिन्न क्षेत्रों को बदल देने वाले अन्य नवाचारों से संबंधित हमारी उपलब्धियों की तरह ही भारत को जेनरेटिव एआई के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक अग्रणी देश के रूप में स्थापित करता है।”  उन्होंने कहा कि यह पहल सरकार द्वारा वित्त पोषित दुनिया की ...

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने महामारी तैयारी नवाचार गठबंधन के तहत एशिया की पहली स्वास्थ्य अनुसंधान से संबंधित "प्री-क्लिनिकल नेटवर्क सुविधा" का उद्घाटन किया

  डॉ. जितेंद्र सिंह ने अनुसंधान संस्थानों , विश्वविद्यालयों और उद्योगों को अनुसंधान एवं विकास के लिए माइक्रोबियल कल्चर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक भंडार के रूप में कार्य करने के लिए आनुवंशिक रूप से परिभाषित मानव संबद्ध माइक्रोबियल कल्चर संग्रहण (जी-ह्यूमिक) सुविधा का उद्घाटन किया डॉ. जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वैक्सीन विकास के लिए निजी क्षेत्र के साथ एक दर्जन से अधिक अनुबंधों और समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए , केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज फरीदाबाद स्थित "ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट" (टीएचएसटीआई) के तत्वावधान में जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्रीय केंद्र में महामारी तैयारी नवाचार गठबंधन (सीईपीआई) के तहत एशिया की पहली स्वास्थ्य अनुसंधान से संबंधित "प्री-क्लीनिकल नेटवर्क सुविधा" का उद्घाटन किया। महामारी तैयारी नवाचारों के लिए गठबंधन (सीईपीआई) ने बीएसएल 3 रोगजनकों को संभालने के लिए अपनी क्षमता के आधार पर बीआरआईसी-टीएचएसटीआई को प्री-क्लीनिकल नेटवर्क प्रयो...

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