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केंद्र ने कृषि वानिकी में व्यापार को आसान बनाने के लिए नियामक ढांचे को सरल बनाकर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आदर्श नियम जारी किए

  आगामी एनटीएमएस पोर्टल पर कृषि वानिकी वृक्षारोपण के जियो-टैग किए गए डेटा को रखा जाएगा और पेड़ों की कटाई के लिए किसानों के आवेदनों को मंजूरी देने की सुविधा होगी,ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास के साथ इकोलॉजिकल आवश्यकताओं को संतुलित करते हुए सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए किसान-हितैषी कदम केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कृषि भूमि में पेड़ों की कटाई के लिए आदर्श नियम’ जारी किए हैं।   इसका उद्देश्य नियामक ढांचे को सरल बनाने और कृषि वानिकी को बढ़ावा देने में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का समर्थन करना है। कृषि वानिकी कई लाभ प्रदान करती है। इसमें ग्रामीण आजीविका को बढ़ाना , मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार , जैव विविधता का संरक्षण , वृक्ष आवरण में वृद्धि , जल संरक्षण , जलवायु लचीलापन में योगदान देना और प्राकृतिक वनों पर दबाव कम करना शामिल है। मॉडल नियमों का उद्देश्य कृषि वानिकी भूमि के पंजीकरण और वृक्षों की कटाई और परिवहन के प्रबंधन के लिए सरलीकृत प्रक्रियाएँ प्रदान करके एक सुव्यवस्थित विनियामक ढाँचा स्थापित करना है। इस पहल से अधिक भागीदारी...

मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना

  मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना भारत मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीसीडी) का एक पक्ष है और मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना , 2023 को 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर बंजर भूमि की बहाली के लिए देश की प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया था , दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए पहल का उद्देश्य सतत भूमि प्रबंधन (एसएलएम) रणनीतियों पर अनुभव साझा करना और अतिरिक्त वन और वृक्ष आवरण के माध्यम से 2030 तक 2.5 से 3 बिलियन टन कार्बनडाई आक्साइड के बराबर अतिरिक्त कार्बन सिंक बनाना है। यह योजना में भूमि क्षरण और मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए उपचारात्मक और निवारक मॉडल के वर्गीकरण के तहत सांकेतिक मॉडल और भूमि क्षरण के मुद्दों से निपटने के लिए नई पहलों के बारे में विवरण दर्शाती है। मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना , 2023 देश में सभी वनरोपण योजनाओं को एकीकृत करके देश में पारिस्थितिकी-पुनर्स्थापन पहलों की एक समन्वित , कुशल योजना और कार्यान्वयन की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है। इसका उद्देश्य विशिष्ट परिदृश्य में उ...

खतरनाक अपशिष्ट का प्रबंधन

  खतरनाक अपशिष्ट का प्रबंधन  भारत सरकार ने पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम , 1986 के अंतर्गत खतरनाक अपशिष्टों ( प्रबंधन , हैंडलिंग और सीमा पार आवागमन) नियम , 2008 के स्थान पर खतरनाक और अन्य अपशिष्ट (प्रबंधन और सीमा पार आवागमन) (एचओडब्लूएम) नियम , 2016 को अधिसूचित किया है , ताकि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना पर्यावरण की दृष्टि से खतरनाक अपशिष्टों का सुरक्षित भंडारण , उपचार और निपटान सुनिश्चित किया जा सके। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ( सीपीसीबी) ने देश में खतरनाक अपशिष्टों के प्रभावी प्रबंधन के लिए तकनीकी दिशानिर्देश प्रकाशित किए हैं। ये दिशानिर्देश सीपीसीबी की वेबसाइट https://cpcb.nic.in/technical-guidelines/ पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा , एक संसाधन के रूप में खतरनाक और अन्य अपशिष्टों के उपयोग के लिए , सीपीसीबी ने खतरनाक अपशिष्ट की 71 विभिन्न श्रेणियों के लिए 102 मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) तैयार की हैं। वर्ष 2018-24 के दौरान , सीपीसीबी को 08 राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ( एसपीसीबी)/प्रदूषण नियंत्रण समितियों (पीसीसी) से एचओडब्लूएम नियम , 201...

हरित भारत मिशन - हरित भारत के लिए राष्ट्रीय मिशन (जीआईएम) जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना के आठ मिशनों में से एक है।

  हरित भारत मिशन हरित भारत के लिए राष्ट्रीय मिशन (जीआईएम) जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना के आठ मिशनों में से एक है। इसका उद्देश्य भारत के वन की सुरक्षा , बहाली और वृद्धि करना तथा चिन्हित क्षेत्रों में वन और गैर-वन क्षेत्रों में पारिस्थितिकी-पुनर्स्थापना गतिविधियों को अंजाम देकर जलवायु परिवर्तन का का मुकाबला करना है। जीआईएम के तहत गतिविधियाँ वित्त वर्ष 2015-16 में शुरू की गई थीं। अब तक सत्रह राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश को 155130 हेक्टेयर क्षेत्र में वृक्षारोपण/पारिस्थितिकी बहाली के लिए 909.82 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। महाराष्ट्र के पालघर जिले के दहानू डिवीजन में वृक्षारोपण/पारिस्थितिकी बहाली के लिए 464.20 हेक्टेयर क्षेत्र को जीआईएम के तहत लिया गया है। पिछले पांच वर्षों के दौरान महाराष्ट्र सहित जीआईएम के अंतर्गत आवंटित/वितरित और उपयोग की गई धनराशि का राज्य/संघ राज्य क्षेत्रवार ब्यौरा अनुलग्नक- 1 में दिया गया है। अनुलग्नक- 1 क्रम सं. राज्य/संघ राज्य क्षेत्र आवंटित/वितरित धनराशि फंड उपयोग किया 1 ...

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