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नवंबर, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

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प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) और शेल इंडिया ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए संयुक्त रूप से हरित कौशल-केंद्रित ईवी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया

इस साझेदारी के अंतर्गत चुनिंदा आईटीआई और एनएसटीआई में छात्रों को हरित कौशल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी यह कार्यक्रम शेल के कार्यान्वयन साझेदार एडुनेट फाउंडेशन द्वारा 5 राज्यों में क्रियान्वित किया जाएगा ;   इसके माध्‍यम से हजारों छात्रों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और नवीकरणीय ऊर्जा में उद्योग-तैयार कौशल प्रदान किए जाएंगे भारत के हरित अर्थव्यवस्था दृष्टिकोण के अनुरूप , यह पहल तेजी से विकसित हो रहे ऊर्जा क्षेत्र में प्रमाणन ,   नियोजन सहायता और हरित रोजगारों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय   के अंतर्गत प्रशिक्षण महानिदेशालय ने शेल इंडिया के सहयोग से ग्रीन स्किल्स एवं इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी)   प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों एवं शिक्षकों को ग्रीन एनर्जी एवं ई-मोबिलिटी में भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं से लैस करना है। इस पहल को शेल के प्रशिक्षण भागीदार एडुनेट फाउंडेशन द्वारा 12 जून 2025 को दिल्ली-एनसीआर , ...

आयुष निवेश सारथी'-पारंपरिक चिकित्सा क्षेत्र के लिए निवेशक सुविधा पोर्टल

    आयुष निवेश सारथी , महज़ एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से कहीं अधिक है – यह एक बदलावकारी पहल है: आयुष मंत्री भारत को पारंपरिक चिकित्सा और कल्याण के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के तहत , भारत सरकार ने 29 मई 2025 को नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में आयोजित आयुष हितधारक/उद्योग जगत की परिचर्चा बैठक के दौरान ' आयुष निवेश सारथी ' पोर्टल लॉन्च किया। पोर्टल का अनावरण केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल और आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी , उद्योग जगत के नेता , आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा और डीपीआईआईटी के सचिव श्री अमरदीप सिंह भाटिया सहित कई वैश्विक हितधारक एक साथ एक मंच पर मौजूद थे। यह पहल तमाम समय-कालों में मूल्यवान रही भारत की कल्याण प्रणालियों को डेटा , पारदर्शिता और पहुंच में आसानी द्वारा समर्थित एक मजबूत आर्थिक इंजन में बदलने की कोशिशों में एक नया अध्याय है। आयुष निवेश सारथी , एक समर्पित , निवेशक-केंद्रित ...

भोपाल में गीले कचरे से बना रहा हरित ईंधन थर्मोकोल अपशिष्ट से हो रहे हैं नए निर्माण पर्यावरण सुरक्षा और रोजगार का संगम

  भोपाल , जो 41% हरित क्षेत्र के लिए जाना जाता है , स्वच्छ भारत मिशन को साकार करने की दिशा में भोपाल नगर निगम ( BMC) ने दो महत्त्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की हैं , जो न केवल शहर की साफ-सफाई को बढ़ावा दे रही हैं बल्कि अपशिष्ट पदार्थों को उपयोगी संसाधनों में भी बदलेंगी। इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप ( PPP) मॉडल के अंतर्गत किया जा रहा है। BMC ने “स्वाहा रिसोर्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड” के सहयोग से "ग्रीन वेस्ट टू बायो-ब्रिकेट्स" प्लांट की स्थापना की है। इस संयंत्र में शहर से प्रतिदिन 20 टन हॉर्टिकल्चर वेस्ट यानि सूखी पत्तियां , घास , पेड़ की टहनियां आदि का प्रसंस्करण करके बायो-ब्रिकेट्स  बनाने की तैयारी है , जो कोयले और लकड़ी जैसे पारंपरिक ईंधनों का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बनेंगे। इसके अतिरिक्त यह परियोजना न केवल खुले में कचरा जलाने की समस्या को कम करेगी , बल्कि ग्रीन एनर्जी उत्पादन को भी बढ़ावा देगी। बायो-ब्रिकेट्स का उपयोग बड़े-बड़े उद्योगों , कमर्शियल रसोईघरों और बॉयलर्स में किया जाएगा। एक अन्य अभिनव पहल के तहत , BMC ने थर्मोकोल क्रशिंग एंड रीसाइक...

भ्रामक विज्ञापनों एवं दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों के मुद्दों को संबोधित करने के लिए आयुष सुरक्षा पोर्टल लॉंच किया गया

  यह प्लेटफार्म गलत सूचनाओं के खिलाफ सजग प्रहरी के तौर पर काम करेगा: श्री प्रतापराव जाधव पारंपरिक दवा के क्षेत्र में उपभोक्ता संरक्षण और नियामक निगरानी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए , केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री , भारत सरकार , श्री प्रतापराव जाधव ने आज नई दिल्ली के आयुष भवन में आयुष सुरक्षा पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल का अनावरण एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान किया गया , जो आयुष क्षेत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मंत्रालय के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मौका है। इस कार्यक्रम में बोलते हुए , मंत्री ने कहा , " आयुष सुरक्षा पोर्टल की शुरूआत के साथ , हम नागरिकों और प्रोफेशनलों दोनों को आयुष प्रणालियों की अखंडता की रक्षा में सक्रिय भागीदार बनने के लिए सशक्त बना रहे हैं। यह मंच भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ एक सजग प्रहरी के तौर पर   काम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि लोगों तक केवल सुरक्षित और विश्वसनीय उत्पाद ही पहुंचें।" आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा ,...

अपना डिजिपिन जानें' और 'अपना पिन कोड जानें' वेब पोर्टल का शुभारंभ: भारत के भू-स्थानिक और पता संबंधी बुनियादी ढांचे में एक उपलब्धि

  संचार मंत्रालय के डाक विभाग ने आज दो परिवर्तनकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरूआत की: ‘अपना डिजीपिन जानें’ और ‘अपना पिन कोड जानें’ , जो भारत की पता प्रणाली और भू-स्थानिक शासन के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन प्लेटफार्मों को राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 के अनुरूप शुरू किया गया , जिसमें डिजिटल शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण में सहयोग के लिए एक उन्नत भू-स्थानिक बुनियादी ढांचे के विकास की परिकल्पना की गई है। अपने डिजिपिन वेब एप्लिकेशन को जानें डिजिपिन (डिजिटल पोस्टल इंडेक्स नंबर) एक ओपन-सोर्स , इंटरऑपरेबल , जियो-कोडेड , ग्रिड-आधारित डिजिटल एड्रेस सिस्टम है जिसे डाक विभाग ने आईआईटी हैदराबाद और एनआरएससी , इसरो के सहयोग से विकसित किया है। यह डाक विभाग के एड्रेस-एज-ए-सर्विस (एएएएस) पेश करने की कल्पना का आधार है - उपयोगकर्ताओं , सरकारी संस्थाओं और निजी क्षेत्र के संगठनों के बीच सुरक्षित और कुशल बातचीत का समर्थन करने के लिए पता डेटा प्रबंधन से जुड़ी जनता को दी जाने वाली सेवाओं का एक दायरा है। ‘ अपना डिजिपिन जानें’ पोर्टल उपयोगकर्ताओं को सक्षम बनाता है: सटीक भौगोलिक...

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