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प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) और शेल इंडिया ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए संयुक्त रूप से हरित कौशल-केंद्रित ईवी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया


इस साझेदारी के अंतर्गत चुनिंदा आईटीआई और एनएसटीआई में छात्रों को हरित कौशल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी

यह कार्यक्रम शेल के कार्यान्वयन साझेदार एडुनेट फाउंडेशन द्वारा 5 राज्यों में क्रियान्वित किया जाएगा;  इसके माध्‍यम से हजारों छात्रों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और नवीकरणीय ऊर्जा में उद्योग-तैयार कौशल प्रदान किए जाएंगे

भारत के हरित अर्थव्यवस्था दृष्टिकोण के अनुरूप, यह पहल तेजी से विकसित हो रहे ऊर्जा क्षेत्र में प्रमाणन,  नियोजन सहायता और हरित रोजगारों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय  के अंतर्गत प्रशिक्षण महानिदेशालय ने शेल इंडिया के सहयोग से ग्रीन स्किल्स एवं इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी)  प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों एवं शिक्षकों को ग्रीन एनर्जी एवं ई-मोबिलिटी में भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं से लैस करना है। इस पहल को शेल के प्रशिक्षण भागीदार एडुनेट फाउंडेशन द्वारा 12 जून 2025 को दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक में चुनिंदा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) एवं राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) में क्रियान्वित किया जाएगा।

डीजीटी-शेल इंडिया सहयोग के अंतर्गत चुनिंदा एनएसटीआई और आईटीआई में संरचित बहु-स्तरीय मॉडल के माध्यम से हरित कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले चरण में, कार्यक्रम में 4 एनएसटीआई में 240 घंटे का उन्नत ईवी तकनीशियन पाठ्यक्रम, शेल समर्थित प्रयोगशालाओं से सुसज्जित 12 आईटीआई में 90 घंटे का रोजगारोन्मुख ईवी कौशल पाठ्यक्रम और भौतिक प्रयोगशालाओं के बिना आईटीआई में 50 घंटे का अतिरिक्त आधारभूत हरित कौशल मॉड्यूल शामिल है। शेल, एडुनेट फाउंडेशन और डीजीटी द्वारा संयुक्त रूप से विकसित पाठ्यक्रम में ईवी सिस्टम, डायग्नोस्टिक्स, बैटरी तकनीक, डिजिटल उपकरण और सुरक्षा प्रोटोकॉल शामिल हैं। इस पहल में 250 से अधिक प्रशिक्षकों के लिए प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (टीओटी), शेल और डीजीटी द्वारा सह-ब्रांडेड प्रमाणन और उद्योग की तत्परता बढ़ाने के लिए संरचित नियोजन सहायता भी शामिल है।

इस पहल का एक मुख्य आकर्षण चुनिंदा आईटीआई और एनएसटीआई के भीतर विशेष ईवी कौशल प्रयोगशालाओं की स्थापना है। इन प्रयोगशालाओं को उद्योग मानकों के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञ-नेतृत्व वाले सत्र प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रयोगशाला-आधारित शिक्षा के अलावा, कार्यक्रम सफल प्रतिभागियों को नियोजन सहायता और सह-ब्रांडेड प्रमाणपत्र भी प्रदान करता है, जिससे हरित ऊर्जा और ईवी क्षेत्रों में उनकी रोजगार क्षमता बढ़ती है।

भारत सरकार अपनी नेट-जीरो महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) को अपनाने को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रही है। हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के तेजी से अपनाने और विनिर्माण (एफएएमई) जैसी प्रमुख पहलों ने ईवी को अपनाने में तेजी लाने, बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और लक्षित प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन राष्ट्रीय प्रयासों को पूरक बनाते हुए, दिल्ली, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में बदलाव को तेज़ करने, स्थानीय ईकोसिस्टम को बढ़ावा देने और हरित रोजगारों का सृजन करने के लिए अपनी स्वयं की ईवी नीतियां पेश की हैं। ये विकास हरित ऊर्जा और ईवी क्षेत्रों में कुशल कार्यबल की बढ़ती मांग को रेखांकित करते हैं।

व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए सर्वोच्च राष्ट्रीय निकाय के रूप में, डीजीटी छात्रों और प्रशिक्षकों को संगठित करके और राष्ट्रीय शिक्षा और कौशल विकास मानकों के साथ संरेखण सुनिश्चित करने के लिए संस्थागत इकोसिस्टम का समर्थन करके इस पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने इस पहल के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शेल इंडिया के साथ हमारा सहयोग कौशल को स्थिरता के साथ जोड़ने की सरकार की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और व्यापक जलवायु परिवर्तन केवल पर्यावरणीय अनिवार्यताएं ही नहीं हैं, वे भारत के लिए नवाचार, प्रतिभा और उद्यम के माध्यम से नेतृत्व करने के लिए एक पीढ़ीगत अवसर का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल एक ऐसा कार्यबल बनाने के हमारे बड़े दृष्टिकोण का हिस्सा है जो न केवल रोजगार के लिए तैयार है, बल्कि जलवायु के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि हम युवा भारतीयों को न केवल इसमें शामिल होने बल्कि वैश्विक हरित अर्थव्यवस्था को आकार देने के लिए कौशल से लैस कर रहे हैं।

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) की महानिदेशक श्रीमती त्रिशालजीत सेठी ने कहा कि शेल इंडिया के साथ यह साझेदारी हमारे आईटीआई और एनएसटीआई में अत्याधुनिक प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे और उद्योग-प्रासंगिक पाठ्यक्रम लाने की दिशा में एक केंद्रित पहल है। इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण में एकीकृत करके, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे छात्र वास्तविक दुनिया की मांग के अनुरूप व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शामिल संयुक्त प्रमाणन, प्रशिक्षक कौशल विकास और नियोजन सहायता के साथ, यह पहल ग्रीन मोबिलिटी क्षेत्र में हमारे युवाओं की रोजगार क्षमता को काफी मजबूत करेगी।

 भारत में शेल ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़ की चेयरपर्सन और एशिया-पैसिफिक में शेल लुब्रिकेंट्स की वरिष्ठ उपाध्यक्ष मानसी मदन त्रिपाठी ने इस साझेदारी पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शेल में, हमारा लक्ष्य भविष्य के रोज़गार के अवसरों को सक्षम करके स्थानीय समुदायों का समर्थन करना है। युवाओं को हरित ऊर्जा कौशल से लैस करना कम कार्बन वाले भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डीजीटी और एडुनेट फ़ाउंडेशन के साथ हमारे सहयोग के माध्यम से, हम छात्रों को हरित ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में व्यावहारिक और भविष्य के लिए तैयार विशेषज्ञता प्रदान कर रहे हैं। यह पहल युवाओं को एक उभरते ऊर्जा परिदृश्य में पनपने और भारत की शुद्ध-शून्य महत्वाकांक्षाओं में योगदान करने के लिए सशक्त बनाती है।

उन्होंने कहा कि डीजीटी और शेल इंडिया के बीच यह सहयोग भारत के युवाओं को भविष्य की हरित अर्थव्यवस्था में करियर के लिए तैयार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। एक व्यापक पाठ्यक्रम, विशेष प्रयोगशालाओं और उद्योग समर्थन की पेशकश करके, यह पहल छात्रों को व्यावहारिक कौशल और प्रमाणपत्रों से लैस करेगी, उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाएगी और उन्हें एक स्थायी, नवाचार-संचालित भविष्य में नेतृत्व करने के लिए तैयार करेगी।

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एमजी/केसी/एसएस/ओप प्रविष्टि तिथि: 13 JUN 2025 by PIB Delhi (रिलीज़ आईडी: 2136094) आगंतुक पटल : 19

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गैरजिम्मेदार महापौर!... कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करवाने के मामले में… रिसाली निगम महापौर बेहद गैरजिम्मेदार तरीके का प्रशासकीय व्यवहार कर अपनी राजनीतिक भूमिका निभा रहीं है… जिसके कारण महिला उत्पीड़न करने वालों को संरक्षण मिल रहा है…

कौन है जो रोकेगा गड़बड़ियां ? महिला उत्पीड़न रोकने के मामले में रिसाली निगम की कांग्रेसी शहर सरकार प्रताड़ना करने वाले आरोपियों का निंदनीय संरक्षण करते नजर आ रहीं है । विशेषकर रिसाली महापौर की भूमिका महिला प्रताड़ना करने वालों के लिए सहानभूति पूर्ण नजर आ रहीं है जिसको विधिवत प्रश्नांकित करने की भूमिका सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती निशा देशमुख पूरी कर रहीं है… अरे! कहां है रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति… रिसाली महापौर के गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यवहार ने रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति का अस्तित्व अनियमितताओं के हवाले हो गया है! बेहद व्यथित करने वाली वास्तविकता यह है कि रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति इन दिनों प्रताड़ित महिलाओं की व्यथा का निराकरण करने के स्थान पर प्रताड़ित करने वाले आरोपियों की संरक्षक के तौर पर कार्य करती नजर आ रहीं है जिसके लिए रिसाली की महापौर जिम्मदार है क्योंकि महापौर कामकाजी  महिलाओं की सुरक्षा के लिए की जाने वाली व्यवस्था और सुविधाओं के लिए आवश्यक प्रशासकीय जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहीं है । मैडम महापौर अध्यक्ष आंतरिक शिकायत समिति की जवाबदेही कब ...

यूट्यूबर यशवंत साहू जो… भिलाई टाईम्स नामक ब्लॉग लिखता है और… यह कपटपूर्ण विषयवस्तु वाले वीडियो आधारित दबदबा बनाकर सोशल मीडिया मंच वाला व्यापार चलाता है… इसी व्यापारिक गतिविधि के तहत यशवंत के द्वारा आपत्तिजनक वीडियो रोजाना बनाया जाता है… इस आपराधिक गतिविधि की पुनरावृत्ति करते हुए यशवंत ने… विगत दिनों उचित मूल्य दुकान का संचालन करने वाली… महिला स्व सहायता समूहों पर मानसिक दबाव बनाने का कपट पूर्वक प्रयास किया है… जिसकी पुलिस FIR कार्यवाही शिकायत दर्ज करवाई गई है..! पढ़िए पूरा मामला…

भिलाई टाईम्स वाला यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत का सामना करेगा रिसाली और भिलाई के कुछ वार्डों की जानकारी और… लोगों की आपसी खुन्नस को… चटकेदार मिर्च मसाला लगाकर… बिना किसी दस्तावेजिक प्रमाण के… यशवंत बयानबाजी करते हुए नाटकीय वीडियो बनाता है और… वीडियो को अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर… यशवंत प्रकाशित करता है । जिस पर आने वाली लाईक और क्लीक बढ़ाकर यशवंत द्वारा… अपनी रोजी रोटी चलाय जाना की बात लोगों ने बताई है लेकिन… इस बार यशवंत ने अपनी यूट्यूबर सीमा से बाहर जाकर… उचित मूल्य दुकान की संचालक महिला स्व सहायता समूहों को निशाना बनाया और… अपने बड़बोले अंदाज में पुलिस और शासन को भी… अपनी युटुब वीडियो बयान विषयवस्तु के आधार पर कटघरे में खड़ा कर दिया है । इसलिए अब यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत कार्यवाही का सामना करने की स्थिति में आ गया है । जवाबदेही तय : बचकाना भाषा शैली और लालच ने यशवंत को बुरा फसाया… साबित करना पड़ेगा फिल्मी डायलॉग वाले आरोप..!  वैसे तो यूट्यूबर यशवंत स्थानीय राजनीति में अपनी छोटी मोटी जगह तलाशने और… भ्रामक जानकारी के आधार पर बनाए नाटकीय वीडियो के आधार पर ...

तहसीलदार भिलाई 3 और अनुविभागीय अधिकारी को भू-अभिलेख संधारण की वस्तुस्थिति बताने के लिए ध्यानाकर्षण करवाकर पहल की गई है!

मेरा दृष्टिकोण | जनहित की वार्ता  भिलाई-3 चरोदा क्षेत्र में भू-अभिलेखों के नियमसम्मत संधारण को लेकर नागरिक पहल प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने सूचना नोटिस, सांसद-विधायक को भी कराया गया वस्तुस्थिति से अवगत भिलाई-3 | जनहित पहल भू-अभिलेखों के नियमसम्मत संधारण को लेकर नागरिक स्तर से जन-जागरूकता की पहल भिलाई-3। भिलाई-3 चरोदा तहसील क्षेत्र में भू-अभिलेखों के नियमसम्मत संधारण तथा उससे जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों द्वारा एक पहल शुरू की गई है। इस पहल के माध्यम से नागरिक स्तर पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान भू-अभिलेखों के महत्व तथा उनके नियमानुसार संधारण की आवश्यकता की ओर आकर्षित कराया जा रहा है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता अमोल मालुसरे, श्रीमती निशा देशमुख एवं उनके साथियों द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), भिलाई-3 तथा तहसीलदार, भिलाई-3 के समक्ष सूचना नोटिस प्रस्तुत कर विषय की ओर ध्यानाकर्षण कर...

जिला राजनादगांव के नायब तहसीलदार लालबहादुर नगर द्वारा कि गई जांच अब प्रश्नांकित होकर पुनः विधिक चुनौति का सामना कर रही है.. आरोप गंभीर है!

प्रशासनिक मामला | डोंगरगढ़ नायब तहसीलदार की जांच पर उठे गंभीर सवाल, SDM से स्वतंत्र जांच की मांग विवादित भूमि के स्वामित्व स्रोत, नामांतरण और पूर्व आपत्ति के रिकॉर्ड तक जांच के घेरे में; आवेदक ने कहा—अपूर्ण जांच को अंतिम निष्कर्ष न माना जाए ----------------------------- विवादित भूमि प्रकरण में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग डोंगरगढ़। राजस्व प्रकरण क्रमांक 202602095000018 (प्रकरण शीर्ष ब-121) में विवादित भूमि से जुड़े घटनाक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण सवाल सामने आया है। आवेदक थैलेंद्र  देवांगन उर्फ चंद्रभूषण देवांगन ने अनुविभागीय अधिकारी/अनुविभागीय दंडाधिकारी, डोंगरगढ़ के समक्ष प्रस्तुत लिखित तर्क में लाल बहादुर नगर के नायब तहसीलदार द्वारा दिनांक 06 अगस्त 2026 को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन पर आपत्ति दर्ज कराते हुए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। आवेदक का मुख्य सवाल है कि जब विवादित भूमि के स्वामित्व के मूल स्रोत, पंजीकृत विक्रय विलेखों और पूर्व में प्रस्तुत आपत्ति के कार्यालयीन रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण बताई जा रही है, तो इ...

प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई)

प्रगति के मार्ग को प्रशस्त करना भारत की जनसंख्या का 16.6% हिस्सा अनुसूचित जाति (एससी) का है और इन्हें सामाजिक-आर्थिक उन्नति और समावेशन में ऐतिहासिक रूप से बाधाओं का सामना करना पड़ा है। इन असमानताओं को दूर करना सामाजिक न्याय , समान अवसर और भारत के विकास पथ में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन विकास संबंधी कमियों को पहचानते हुए , भारत सरकार ने अनुसूचित जातियों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई) शुरू की। समावेशी सशक्तिकरण का दृष्टिकोण प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई) वित्त वर्ष 2021-22 में शुरू की गई एक पूर्णतः केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य एक व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण के ज़रिए अनुसूचित जाति समुदायों का सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण करना है। सरकार ने पीएम-एजीएवाई योजना के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण...

नायब तहसीलदार लालबहादुर नगर जांच अब प्रश्नों के घेरे में फंसकर पुनः जांच के दायरे में आ गई है।

 

एमएसएमई को वर्किंग कैपिटल आसानी से दिलाने के लिए TReDS पर CGTMSE गारंटी कवर शुरू

M1xchange, RXIL और DTX (KredX) के साथ इंटीग्रेशन से योग्य माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज ( MSEs) को तेज़ी से और टेक्नोलॉजी-आधारित क्रेडिट गारंटी सपोर्ट मिल सकेगा। केंद्रीय बजट में ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम ( TReDS) प्लेटफॉर्म पर क्रेडिट गारंटी कवर देने की घोषणा के तहत , माइक्रो , स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज मंत्रालय ने माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज के इनवॉइस डिस्काउंटिंग पर क्रेडिट गारंटी की सुविधा शुरू की है। MSME मंत्रालय के क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज ( CGTMSE) पोर्टल को अब TReDS इकोसिस्टम के साथ जोड़ दिया गया है , और क्रेडिट गारंटी कवरेज अब तीन प्लेटफॉर्म - M1xchange, RXIL और DTX (KredX) - पर उपलब्ध है। यह MSME मंत्रालय और CGTMSE द्वारा शुरू की गई सबसे तेज़ टेक्नोलॉजी-आधारित सुविधाओं में से एक है ; इससे माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज को क्रेडिट गारंटी सपोर्ट आसानी से मिल सकेगा और वे TReDS पर इनवॉइस डिस्काउंटिंग के ज़रिए तेज़ी से वर्किंग कैपिटल हासिल कर सकेंगे। तीन प्लेटफॉर्म पर CGTMSE गारंटी कवर की हाल ही में शुरू हुई सुविधा का मकसद ...

दुर्ग से कांग्रेस संगठन की केंद्रीय कार्यकारिणी की नजरों में अग्रणी स्थान बनाने वाले मोतीलाल वोरा जी के बाद… अपने दम पर उल्लेखनीय राजनीतिक भूमिका हासिल करने वाली… कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पित सामाजिक कार्यकर्त एनी पीटर ही है… जो कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ की जमीनी कार्यकर्ता है… जिसने दिल्ली की कर्मभूमि पर… कांग्रेस के लिए मोर्चा संभाला..! और दुर्ग का नाम अपने दम पर केंद्रीय राजनीति में दर्ज करवा दिया है… पढ़िए एक विश्लेषण..!

माननीय वोरा जी के बाद… वैसे छत्तीसगढ़ का दुर्ग जिला… केंद्रीय राजनीति में दो जन नेता के नामों के लिए जाना जाता है पहला मोतीलाल वोरा Moti lal Vora और दूसरा सरोज पांडेय..! Saroj Pandey उल्लेखनीय है कि ये दोनों जन नेता अपने दम पर अपनी पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों से संपर्क में आए और इन्होंने अपना अद्वितीय स्थान अपनी - अपनी पार्टी में बनाया लेकिन… अब इस कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर का नाम भी जुड़ता जा रहा है… वैसे यह नव-उज्वलित नाम..! अभी सिर्फ सड़क की लड़ाई के पहले पायदान पर है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली की सड़कों पर अपनी संघर्षरत गाथा के आधार पर अपनी उपस्थिति देकर  सुर्खियां बटोर रहा है..! एकल चलो रे..! Chhattisgadh congress  सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है इसके कई उदाहरण है जो कांग्रेसी आह्वाहन पर सड़क पर संघर्ष करने वाली कार्यकता होने के तौर पर पहचानी जाती है… वैसे तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस कई खेमों और गुटों में बटी है लेकिन एनी पीटर ही एक मात्र समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है जो सभी के साथ तालमेल रखती है और जब भी कांग्रेस पार्टी को जरूरत प...

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई)

 “जब कोई हुनर एक नया अवसर लेकर आता है” जिन गांवों में परिवारों का भविष्य काफी हद तक फसल पर निर्भर करता है , वहां कोई हुनर सीखने से आमदनी के नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। गांवों के कई युवाओं के लिए यह सफर सीखने , काम करने और कमाई के नए अवसर तलाशने से शुरू होता है। यहीं पर ‘दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना’ (डीडीयू-जीकेवाई) की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। 25 सितंबर 2014 को ‘राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत शुरू की गई डीडीयू-जीकेवाई योजना ग्रामीण क्षेत्रों के वंचित और कमजोर परिवारों के युवाओं पर केंद्रित है। यह योजना टिकाऊ आजीविका के लिए प्लेसमेंट से जुड़ी कौशल प्रशिक्षण सुविधा प्रदान करती है। यह कार्यक्रम 15 से 35 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए है और कौशल प्रशिक्षण को रोजगार के अवसरों से जोड़ता है। कामकाज की बदलती दुनिया के साथ यह कार्यक्रम भी लगातार विकसित हो रहा है। डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के नए ढांचे में उद्योग की अगुवाई वाली प्रशिक्षण व्यवस्था , दीर्घकालिक रोजगार , नौकरी मिलने के बाद सहायता तथा कौशल उन्नयन और नए कौशल प्रद...

छत्तीसगढ़ में उचित मूल्य दुकानों का संचालन करने वाली स्व सहायता समूहों के साथ खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा कि जा रही है प्रशासकीय धोखाधड़ी जानिए कैसे…?

महिला समूहों को... उनके दुकान के प्रतिमाह का... वित्तीय विवरण खाद्य विभाग देता है क्या ? गड़बड़ियों के पिटारे में से… छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों (राशन दुकानों) में खाद्य विभाग के कुछ अधिकारियों/ कर्मचारियों और स्व-सहायता समूहों (SHGs) के बीच समन्वय और गड़बड़ी के कई मामले सामने आते रहे हैं। इस विषय को दोनों पक्षों के पहलुओं से समझा जाना आवश्यक है। तभी सार्थक हल निकलना संभव होगा । एक तरफ जहां कुछ समूहों द्वारा वाकई अनियमितता किए जाने की बात सामने आती है, तो वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं और समूहों के शोषण व प्रशासनिक दबाव की शिकायतें भी उठती रही हैं। जिसका असल कारण यह है कि, महिला समूहों को प्रतिमाह लेन देन का वित्तीय विवरण खाद्य नियंत्रक कार्यालय से उपलब्ध नहीं कराया जाता है और ऐसे मासिक विवरण की जानकारी सार्वजनिक करने की जिम्मेदारी खाद्य विभाग पूरी नहीं कर रहा है । इस गंभीर विषय ओर खाद्य नियंत्रक प्रश्नांकित है । छत्तीसगढ़ के जमीनी परिदृश्य और इस पूरे विषय के मुख्य बिंदु बेहद चिंताजनक हैं गड़बड़ियां कई स्तरो...

मामले जिन पर चर्चा गरमाई हुयी है

प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई)

प्रगति के मार्ग को प्रशस्त करना भारत की जनसंख्या का 16.6% हिस्सा अनुसूचित जाति (एससी) का है और इन्हें सामाजिक-आर्थिक उन्नति और समावेशन में ऐतिहासिक रूप से बाधाओं का सामना करना पड़ा है। इन असमानताओं को दूर करना सामाजिक न्याय , समान अवसर और भारत के विकास पथ में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन विकास संबंधी कमियों को पहचानते हुए , भारत सरकार ने अनुसूचित जातियों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई) शुरू की। समावेशी सशक्तिकरण का दृष्टिकोण प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई) वित्त वर्ष 2021-22 में शुरू की गई एक पूर्णतः केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य एक व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण के ज़रिए अनुसूचित जाति समुदायों का सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण करना है। सरकार ने पीएम-एजीएवाई योजना के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण...

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएमडीडीकेवाई)

  “100 ज़िलों में केंद्रित कृषि विकास का एक साल” जिला-स्तर पर कार्रवाई के ज़रिए कृषि में बदलाव भारत के कृषि क्षेत्र में अलग-अलग इलाकों और किसान समुदायों के बीच काफी क्षमता है। हालांकि इतनी क्षमता होने के बावजूद , कई इलाकों को कम उत्पादकता , सिंचाई की अपर्याप्त सुविधा , ऋण मिलने में मुश्किल और फसल कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। नतीजतन , ये इलाके अपनी पूरी कृषि क्षमता हासिल नहीं कर पाते और आर्थिक विकास में पीछे रह जाते हैं। पीएम धन-धान्य कृषि योजना (पीएमडीडीकेवाई ) इन कमियों को दूर करने और खास तौर पर ध्यान देकर 100 आकांक्षी कृषि ज़िलों का विकास करने का लक्ष्य रखती है। ज़िले की खास ज़रूरतों को पूरा करके , यह योजना उत्पादकता , सिंचाई , लोन की सुविधा और फसल कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे में नए मौके खोलने में मदद कर सकती है। पीएमडीडीकेवाई को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 जुलाई , 2025 को छह साल की अवधि के लिए मंज़ूरी दी थी और माननीय प्रधानमंत्री ने 11 अक्टूबर , 2025 को इसे औपचारिक रूप से लॉन्च किया था। इस साल 11 अक्टूबर को इसकी पहल...

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज यहां जन औषधि केंद्रों के लिए एक ऋण सहायता कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने जन औषधि केंद्रों को ऋण सहायता के लिए एक वेबसाइट https://jak-prayaasloans.sidbi.in/home भी शुरू की ।

   डॉ. मनसुख मंडाविया ने जन औषधि केंद्रों के लिए ऋण सहायता कार्यक्रम का शुभारंभ किया ,  2014 में केवल 80 जन औषधि केंद्रों से बढ़कर   आज देश भर में इनकी लगभग 11,000 इकाइयाँ संचालित हो रही हैं: डॉ. मनसुख मंडाविया "अनुमान है कि प्रतिदिन 10 से 12 लाख लोग जन औषधि केंद्रों पर आते हैं , जिससे उन्हें महत्वपूर्ण बचत और आवश्यक औषधियों तक पहुंच मिलती है", "सिडबी और पीएमबीआई के बीच समझौता ज्ञापन छोटे और नए उद्यमियों के लिए एक आशीर्वाद के रूप में उभरेगा क्योंकि इसमें देश में जन औषधि केंद्रों के नेटवर्क को और मजबूत और आधुनिक बनाने की क्षमता है", एमओयू के अंतर्गत   जन औषधि केंद्रों के छोटे उद्यमियों के लिए सिडबी द्वारा 2 लाख रुपये रुपये तक की क्रेडिट सीमा के लिए परियोजना ऋण पर अत्यंत प्रतिस्पर्धी और किफायती ब्याज दर की पेशकश की जाएगी केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज यहां जन औषधि केंद्रों के लिए एक ऋण सहायता कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस संबंध में , उन्होंने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी-एसआईडीबीआई) और फार्मा...

प्याज की पर्याप्त उपलब्धता; सरकार द्वारा मौसमी मूल्य दबाव को कम करने के लिए बफर स्टॉक से सुनियोजित और लक्षित मात्रा में प्याज जारी किया जा रहा है

प्याज लेकर पहली कांदा एक्सप्रेस नासिक से नई दिल्ली के लिए रवाना , प्रमुख उपभोग केंद्रों तक आपूर्ति के लिए रेलवे रेक और सड़क परिवहन के माध्यम से हाइब्रिड परिवहन मॉडल एनसीसीएफ , नेफेड , केंद्रीय भंडार और अन्य खुदरा दुकानों के माध्यम से प्याज ₹35 प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जाएगा Delhi सरकार ने आने वाले महीनों में प्याज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और मौसमी मूल्य दबाव को कम करने के लिए बफर स्टॉक से प्याज की सुनियोजित और लक्षित मात्रा में निकासी शुरू कर दी है। यह हस्तक्षेप रेलवे रेक और सड़क परिवहन से युक्त हाइब्रिड परिवहन मॉडल के माध्यम से किया जा रहा है , जिसके तहत मौजूदा बाजार स्थितियों और मूल्य रुझानों के आधार पर प्रमुख उपभोग केंद्रों तक प्याज की आपूर्ति की जा रही है। पर्याप्त प्याज उपलब्धता और शानदार उत्पादन आने वाले महीनों में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए प्याज की उपलब्धता पर्याप्त है। वर्ष 2025-26 में 307.37 एलएमटी उत्पादन का अनुमान है , जो पिछले वर्ष के 307.67 एलएमटी उत्पादन के लगभग बराबर ही है। मजबूत उत्पादन , बफर स्टॉक की उपलब्धता और सक्रिय बाजार हस्तक...

जिला राजनादगांव के नायब तहसीलदार लालबहादुर नगर द्वारा कि गई जांच अब प्रश्नांकित होकर पुनः विधिक चुनौति का सामना कर रही है.. आरोप गंभीर है!

प्रशासनिक मामला | डोंगरगढ़ नायब तहसीलदार की जांच पर उठे गंभीर सवाल, SDM से स्वतंत्र जांच की मांग विवादित भूमि के स्वामित्व स्रोत, नामांतरण और पूर्व आपत्ति के रिकॉर्ड तक जांच के घेरे में; आवेदक ने कहा—अपूर्ण जांच को अंतिम निष्कर्ष न माना जाए ----------------------------- विवादित भूमि प्रकरण में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग डोंगरगढ़। राजस्व प्रकरण क्रमांक 202602095000018 (प्रकरण शीर्ष ब-121) में विवादित भूमि से जुड़े घटनाक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण सवाल सामने आया है। आवेदक थैलेंद्र  देवांगन उर्फ चंद्रभूषण देवांगन ने अनुविभागीय अधिकारी/अनुविभागीय दंडाधिकारी, डोंगरगढ़ के समक्ष प्रस्तुत लिखित तर्क में लाल बहादुर नगर के नायब तहसीलदार द्वारा दिनांक 06 अगस्त 2026 को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन पर आपत्ति दर्ज कराते हुए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। आवेदक का मुख्य सवाल है कि जब विवादित भूमि के स्वामित्व के मूल स्रोत, पंजीकृत विक्रय विलेखों और पूर्व में प्रस्तुत आपत्ति के कार्यालयीन रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण बताई जा रही है, तो इ...

पीएफ सदस्य की ऑनलाइन फाइलिंग के लिए एक नई सॉफ्टवेयर कार्यक्षमता का शुभारंभ हुआ ताकि वे अपने सदस्यों के प्रोफाइल को अद्यतन/सही कर सकें

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ अपने सदस्यों की संख्या और इसमें किए गए वित्तीय लेनदेन की मात्रा के मामले में दुनिया के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा संगठनों में से एक है। वर्तमान में , लगभग 7.5 करोड़ सदस्य हर महीने भविष्य निधि , पेंशन और बीमा योजनाओं में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष के पहले 2 महीनों में ही आवास के लिए अग्रिम राशि , बच्चों की मैट्रिक के बाद की शिक्षा , विवाह , बीमारी , अंतिम भविष्य निधि निपटान , पेंशन , बीमा आदि जैसे सामाजिक सुरक्षा लाभों के रूप में लगभग 87 लाख दावों का निपटान किया गया। पीएफ सदस्य इन लाभों का दावा ऑनलाइन करते हैं। यह एक मजबूत कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन के माध्यम से संभव हुआ है , जो यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) में सदस्य के डेटा को मान्य करता है। इसलिए , ईपीएफओ ​​के रिकॉर्ड में सदस्यों के डेटा की एकरूपता सबसे महत्वपूर्ण है , ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सेवाएं ऑनलाइन निर्बाध रूप से और सही सदस्य को प्रदान की जाएं , ताकि गलत भुगतान या धोखाधड़ी के किसी भी जोखिम से बचा जा सके। इस प्रकार ईपीएफओ ​​द्वारा 22 अगस्त , 2023...

पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत देश भर में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को सक्षम बनाने पर राष्ट्रीय सम्मेलन, यह सम्मेलन देश भर में ईवी पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना में तेजी लाने और भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम को मज़बूत बनाने पर चर्चा के लिए एक अहम मंच साबित हुआ

सरकार भविष्योन्मुखी ईवी इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है: श्री एच.डी. कुमारस्वामी भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) ने 12 मई 2026 को बेंगलुरु में "पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत देश भर में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को सक्षम बनाने" विषय पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। , उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए , केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री श्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि भारत सरकार देश में स्वच्छ परिवहन के लिए एक आधुनिक और विश्वसनीय ईवी चार्जिंग इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पीएम ई-ड्राइव योजना शहरी और ग्रामीण भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (परिवहन) को किफायती , भरोसेमंद और व्यापक रूप से उपलब्ध कराने के सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर ईवी को अपनाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत बनाना अत्यंत आवश्यक है। माननीय मंत्री ने कर्नाटक के 1,243 ईवी चार्जर्स के प्रस्तावों को 123.26 करोड़ रुपये के परिव्य...

6 करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य पूरा करने के लिए 700 शी-मार्ट और 1,000 ज़िला फ़ुलफ़िलमेंट सेंटर बनाए जाएंगे

ग्रामीण विकास सचिव ने डे-एनआरएलएम के अंतर्गत मार्केटिंग पहलों की समीक्षा की ; महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए बाज़ार तक पहुँच बढ़ाने पर बल दियाक्षमता निर्माण , उद्यम को बढ़ावा देना , ओएनडीसी के साथ साझेदारी और वित्तीय समावेशन मुख्य प्राथमिकताएं बनी रहेंगी ग्रामीण विकास विभाग ने छह करोड़ लखपति दीदियों को तैयार करने के लिए एक रणनीति बनाई है। इस रणनीति के मुख्य हिस्से हैं: उद्यम को बढ़ावा देकर आजीविका के बेहतर अवसर सृजित करना , ग्रामीण महिलाओं के लिए वित्तीय समावेशन को बेहतर बनाना , और स्वयं सहायता समूह (शी) के सदस्यों के लिए क्षमता निर्माण , मार्केटिंग गतिविधियों , प्रशिक्षण और हैंडहोल्डिंग सहायता पर ध्यान देना। भारत सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री रोहित कंसल की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में इस पर चर्चा की गई। इस बैठक का उद्देश्य दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डे-एनआरएलएम) और इसकी विभिन्न उप-योजनाओं की प्रगति का आकलन करना था। बैठक में संयुक्त सचिव सुश्री स्वाति शर्मा और सुश्री जयश्री एम.जी. के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका प्रभाग और राष्ट्रीय मिशन प...

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