केन्द्रीय बजट 2026 में वर्ष 2047 तक अंतर्देशीय जलमार्गों और तटीय नौवहन की हिस्सेदारी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने के उद्देश्य से तटीय माल परिवहन प्रोत्साहन योजना शुरू करने की घोषणा की गई थी। वर्तमान में प्रस्तावित तटीय माल परिवहन प्रोत्साहन योजना प्रारूपण के चरण में है। पत्तन , पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय तटीय नौवहन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहलों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। इस संबंध में सरकार ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं: · तटीय मालवाहक पोतों के लिए बंदरगाह शुल्क (पोत एवं माल-संबंधी शुल्क) में 40 प्रतिशत की रियायत प्रदान की जाती है। · तटीय पोतों के लिए प्राथमिकता बर्थिंग नीति अधिसूचित की गई है , ताकि तटीय पोतों के टर्नअराउंड समय को कम किया जा सके और उनके उपयोग को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। · भारतीय ध्वज वाले पोतों द्वारा उपयोग किए जाने वाले बंकर ईंधन पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी ) को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है...
थोडा सा अलग ... थोडा सा हटकर ... पर तर्कसंगत है - जनहित को सुरक्षित करने के लिए समर्पित है ; स्कुल शिक्षा, उच्च शिक्षा, लोक स्वास्थ्य, नगरीय निकाय, छत्तीसगढ़ी भाषा, स्थानीय भाषा, पर्यावरण संरक्षण जैसे जन सामान्य के लिए महत्वपर्ण विषयों के विधिक पहलू पर प्रकाश डालने वाला है, मेरा दृष्टिकोण , mera drushtikon