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दुर्ग से कांग्रेस संगठन की केंद्रीय कार्यकारिणी की नजरों में अग्रणी स्थान बनाने वाले मोतीलाल वोरा जी के बाद… अपने दम पर उल्लेखनीय राजनीतिक भूमिका हासिल करने वाली… कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पित सामाजिक कार्यकर्त एनी पीटर ही है… जो कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ की जमीनी कार्यकर्ता है… जिसने दिल्ली की कर्मभूमि पर… कांग्रेस के लिए मोर्चा संभाला..! और दुर्ग का नाम अपने दम पर केंद्रीय राजनीति में दर्ज करवा दिया है… पढ़िए एक विश्लेषण..!

माननीय वोरा जी के बाद… वैसे छत्तीसगढ़ का दुर्ग जिला… केंद्रीय राजनीति में दो जन नेता के नामों के लिए जाना जाता है पहला मोतीलाल वोरा Moti lal Vora और दूसरा सरोज पांडेय..! Saroj Pandey उल्लेखनीय है कि ये दोनों जन नेता अपने दम पर अपनी पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों से संपर्क में आए और इन्होंने अपना अद्वितीय स्थान अपनी - अपनी पार्टी में बनाया लेकिन… अब इस कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर का नाम भी जुड़ता जा रहा है… वैसे यह नव-उज्वलित नाम..! अभी सिर्फ सड़क की लड़ाई के पहले पायदान पर है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली की सड़कों पर अपनी संघर्षरत गाथा के आधार पर अपनी उपस्थिति देकर  सुर्खियां बटोर रहा है..! एकल चलो रे..! Chhattisgadh congress  सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है इसके कई उदाहरण है जो कांग्रेसी आह्वाहन पर सड़क पर संघर्ष करने वाली कार्यकता होने के तौर पर पहचानी जाती है… वैसे तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस कई खेमों और गुटों में बटी है लेकिन एनी पीटर ही एक मात्र समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है जो सभी के साथ तालमेल रखती है और जब भी कांग्रेस पार्टी को जरूरत प...

कर्मचारी राज्य बीमा निगम के नियोक्ता एवं कर्मचारी पंजीकरण प्रोत्साहन योजना एसपीआरईई-2025 और विवाद समाधान संबंधी एमनेस्टी योजना से सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा

नियोक्ताओं को सरल पंजीकरण की सुविधा और कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिलेगा - ईएसआईसी निदेशक (प्रभारी) , गुरुग्राम कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने उद्योगों के लिए सामाजिक सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ और अनुपालन सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दो प्रमुख पहल - एसपीआरईई- 2025 और एमनेस्टी योजना- 2025 आरंभ की है। ईएसआईसी उप-क्षेत्रीय कार्यालय , गुरुग्राम के प्रभारी निदेशक श्री सुनील यादव ने आज गुरुग्राम के लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा दायरे में लाना है और उद्योगों को मुकदमेबाजी के बोझ से राहत प्रदान करना है। नियोक्ता एवं कर्मचारी पंजीकरण प्रोत्साहन योजना - एसपीआरईई- 2025 31 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगी। इस योजना के तहत जो उद्योग और कर्मचारी अभी तक ईएसआईसी से संबद्ध नहीं हैं , वे पुराने बकाये की मांग के बिना ईएसआई पोर्टल , श्रम सुविधा पोर्टल और कंपनी मामलों के पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। एसपीआरईई- 2025 के अंतर्गत पंजीकरण कराने वाले ...

अंगीकार 2025 एक आउटरीच अभियान है। यह देश भर में इस योजना के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा करके पीएमएवाई-यू 2.0 के कार्यान्वयन में तेजी लाएगा। योजना के अंतर्गत आवेदनों के सत्यापन में तेजी लाने और पीएमएवाई-यू के अंतर्गत पहले से स्वीकृत घरों के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए भी तैयार किया गया है।

  माननीय आवास और शहरी कार्य मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना - शहरी के 2.0 अंतर्गत अंगीकार 2025 अभियान का शुभारंभ किया अंगीकार 2025: पीएमएवाई-यू 2.0 के बारे में जागरूकता फैलाने हेतु लास्ट माइल आउटरीच अभियान माननीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने 4 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास योजना - शहरी 2.0 ( पीएमएवाई-यू 2.0) के अंतर्गत लास्ट माइल आउटरीच अभियान "अंगीकार 2025" का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में माननीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू भी उपस्थित थे। इस अवसर पर आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) के सचिव श्री श्रीनिवास कटिकिथला , सभी के लिए आवास (एचएफए) के संयुक्त सचिव और मिशन निदेशक (जेएस एवं एमडी) श्री कुलदीप नारायण और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। अंगीकार 2025 एक आउटरीच अभियान है। यह देश भर में इस योजना के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा करके पीएमएवाई-यू 2.0 के कार्यान्वयन में तेजी लाएगा। योजना के अंतर्गत आवेदनों के सत्यापन में तेजी लाने और पीएमएवाई-यू के अंतर्गत पहले से स्वीकृत घरों के निर्माण कार्य...

केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने केंद्रीय सलाहकार परिषद की 5वीं बैठक में एकीकृत रेरा पोर्टल लॉंच किया

  परिषद ने रेरा के कार्यान्वयन , अटकी हुई परियोजनाओं , घर खरीदारों की शिकायतों और डेवलपर्स के मुद्दों की समीक्षा की रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम , 2016 [ रेरा] के तहत गठित केंद्रीय सलाहकार परिषद (सीएसी) की 5 वीं बैठक आज नई दिल्ली के के.जी. मार्ग स्थित संकल्प भवन में आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) के संयुक्त सचिव (आवास) श्री कुलदीप नारायण के स्वागत भाषण के साथ हुई। इसके बाद सचिव (एचयूए) श्री श्रीनिवास कातिकिथाला ने रेरा के कार्यान्वयन के 8 साल के सफर पर अपने विचार रखे। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के माननीय मंत्री , श्री मनोहर लाल और माननीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री , श्री तोखन साहू ने परिषद को संबोधित किया और विचार-विमर्श का मार्गदर्शन किया। बैठक में विभिन्न रेरा अध्यक्षों , राज्य सरकारों के सचिवों , केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों , घर खरीदारों के प्रतिनिधियों और उद्योग संघों ने भाग लिया। इस अवसर पर , केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने एकीकृत रेरा पोर्टल rera.mohua.gov.in का शुभारंभ किया , जो हितधा...

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने नकली पीएमवीबीआरवाई पोर्टलों के प्रति नागरिकों को सावधान किया

  श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के संज्ञान में आया है  कि https://viksitbharatrozgaryojana.org/ और https://pmviksitbharatrozgaryojana.com/   जैसी कुछ वेबसाइटें भारत सरकार के उपक्रम होने का झूठा दावा कर रही हैं और कथित तौर पर मंत्रालय के नाम से अखिल भारतीय स्थानों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित कर रही हैं। मंत्रालय इन वेबसाइटों या उनकी गतिविधियों से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार करता है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें , इनसे जुड़ें नहीं , या इनके माध्यम से कोई भुगतान न करें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा अपने 12 वें स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में घोषित प्रधानमंत्री विकासशील भारत रोजगार योजना के तहत पंजीकरण की सुविधा प्रदान करने वाला प्रधानमंत्री विकासशील भारत रोजगार योजना पोर्टल अगस्त में लाइव हो गया है। इस योजना के अंतर्गत प्रामाणिक जानकारी और सेवाओं के लिए , नियोक्ता प्रधानमंत्री विकासशील भारत रोजगार  योजना पोर्टल ( https://pmvbry.epfindia.gov.in या https://pmvbry.labour.gov.in )  पर जाकर एकमुश्त पंजीकरण...

श्री धर्मेन्द्र प्रधान और श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने संयुक्त रूप से "आंगनवाड़ी केंद्रों को स्कूलों के साथ स्थापित करने के लिए दिशानिर्देश" जारी किए

श्री धर्मेन्द्र प्रधान और श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने संयुक्त रूप से "आंगनवाड़ी केंद्रों को स्कूलों के साथ स्थापित करने के लिए दिशानिर्देश" जारी किए केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने 3 सितंबर 2025 को विज्ञान भवन , नई दिल्ली में स्कूलों के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को एक ही स्थान पर स्थापित करने के लिए संयुक्त रूप से दिशानिर्देश जारी किए हैं। इस अवसर पर बोलते हुए , श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ' विकसित भारत ' के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी प्राप्त होगा जब आने वाले दिनों में हम हर गर्भवती माँ , नवजात शिशु और प्री-स्कूल जाने वाले बच्चे की पूरी देखभाल सुनिश्चित करेंगे। मंत्री ने उन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ("दीदी") के लिए , जिन्होंने 12 वीं कक्षा तक पढ़ाई नहीं की है , लेकिन आगे की शिक्षा प्राप्त करने की इच्छुक हैं , एक समर्पित शिक्षण मॉड्यूल बनाने का ...

कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने एमनेस्टी योजना 2025 को स्वीकृति दी

  कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने अपनी 196 वीं ईएसआई निगम बैठक में , जो हिमाचल प्रदेश के शिमला में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में आयोजित हुई थी , एमनेस्टी योजना 2025 को मंजूरी दी। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) द्वारा अनुमोदित एमनेस्टी योजना 2025 एक बार की विवाद समाधान पहल है जिसका उद्देश्य अदालती मामलों के बैकलॉग को कम करना और ईएसआई अधिनियम के तहत अनुपालन को बढ़ावा देना है। 01 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी ,( यह योजना नियोक्ताओं को ईएसआईसी के साथ अदालतों के बाहर कानूनी विवादों को निपटाने के लिए एक संरचित तंत्र प्रदान करती है। 31 मार्च 2025 तक , विभिन्न अदालतों में लगभग 27,000 मामले लंबित थे। इस योजना के तहत: ·         वास्तविक अंशदान और ब्याज का भुगतान करके तदर्थ मूल्यांकन का निपटान - कोई क्षतिपूर्ति नहीं ली जाएगी। ·         ऐसे मामलों को वापस लिया जाएगा जहां नियोक्ताओं ने पहले ही बकाया राशि का भुगतान कर दिया है , ब...

छत्तीसगढ़ में निजी विश्विद्यालयों द्वारा दी जाने वाली शैक्षणिक आहर्ता प्रमाण पत्र की विश्वसनीयता प्रश्नांकित स्थिति में है क्योंकि… छत्तीसगढ़ के निजी विश्विद्यालयों नियामक आयोग ने जिन निजी विश्विद्यालयों को मान्यता दी है… उन विश्वविद्यालयों द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्रों का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है और… इनकी पारदर्शिता सुनिश्चित करवाने की नियामक आयोग की प्रशासकीय जिम्मेदारियों को भी पूरा नहीं किया गया है… जिसके कारण अनियमित शैक्षणिक आहर्ता प्रमाण बांटें जाने का प्रश्न अनुत्तरित स्थिति में है..! जिसके दुष्परिणाम जान लीजिए…

फर्जी प्रमाण पत्र  नियम विरुद्ध हासिल किए गए फर्जी शैक्षणिक आहर्ताएँ शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करती हैं, समाज में विश्वास की कमी पैदा करती हैं और अयोग्य व्यक्तियों को जिम्मेदार पदों पर बैठाकर भविष्य की पीढ़ियों को नुकसान पहुँचाती हैं।   फर्जी शैक्षणिक आहर्ता से समाज पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव और नुकसान… 1. शिक्षा व्यवस्था पर पड़ता है चिंताजनक विपरीत असर गुणवत्ता में गिरावट: जब शिक्षक या पेशेवर फर्जी डिग्री लेकर नौकरी करते हैं, तो शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है।   शिक्षण प्रणाली की विश्वसनीयता कम होती है: असली मेहनत करने वाले छात्रों और योग्य व्यक्तियों का विश्वास टूटता है।   संस्थागत भ्रष्टाचार निरंकुश होकर पनपता है: फर्जी प्रमाणपत्रों का चलन शिक्षा संस्थानों की साख को नुकसान पहुँचाता है।   2. सामाजिक ढाँचे को पहुंचता है अपूरणीय नुकसान और डालता है विपरीत असर नैतिक पतन: समाज में शैक्षणिक स्तर से ईमानदारी और मेहनत की जगह धोखाधड़ी को बढ़ावा मिलता है।   असमानता और अन्याय: योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिलते, जिससे सामाजिक असमानता ...

सरकार ने सरकारी सेवा में कार्यरत महिला कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर समावेशिता, कार्यस्थल पर स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न महिला-केंद्रित पहल की हैं।

महिलाओं के लिए कार्यस्थल में समावेशिता सरकार ने सरकारी सेवा में कार्यरत महिला कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर समावेशिता , कार्यस्थल पर स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न महिला-केंद्रित पहल की हैं। इन उपायों में , अन्य बातों के साथ-साथ , निम्नलिखित शामिल हैं : ·         730 दिनों का बाल देखभाल अवकाश (सीसीएल) प्रदान किया जाएगा। ·         सीसीएल का लाभ लेने वाले सरकारी कर्मचारी के विकलांग बच्चे के मामले में 22 वर्ष की आयु सीमा हटा दी गई। ·         सीसीएल की न्यूनतम अवधि 15 दिन से घटाकर 5 दिन कर दी गई। ·         सीसीएल के दौरान मुख्यालय छोड़ने और विदेश यात्रा पर जाने की अनुमति। ·         सीसीएल के दौरान अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) की अनुमति देना। ·         180 दिन का मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाएगा। ·         सरो...

नए आपराधिक कानूनों की मुख्य विशेषताएँ

नए आपराधिक कानूनों में शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने वाले प्रावधान शामिल किए गए हैं। इन कानूनों की मुख्य विशेषताएँ अनुलग्नक में दी गई हैं। जेलों में भीड़भाड़ कम करने के लिए , भारतीय न्याय संहिता , 2023 (बीएनएस) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता , 2023 (बीएनएसएस) में निम्नलिखित प्रावधान किए गए हैं: i. बीएनएसएस की धारा 290 में , आरोपी का अभियोजक के साथ समझौता करना (प्ली बार्गेनिंग) समयबद्ध बनाया गया है और प्ली बार्गेनिंग के लिए आवेदन आरोप तय होने की तिथि से 30 दिनों के भीतर किया जा सकता है।   बीएनएस की धारा 293 के अंतर्गत मामले का पारस्परिक रूप से संतोषजनक निपटारा करने के लिए , जहाँ अभियुक्त ने पहली बार अपराध किया है और उसे पहले कभी किसी अपराध का दोषी नहीं ठहराया गया है , न्यायालय ऐसे अभियुक्त को ऐसे अपराध के लिए निर्धारित दंड का एक-चौथाई/छठा भाग दंड दे सकता है। ii. बीएनएसएस की धारा 479 में विचाराधीन कैदी को हिरासत में रखने की अधिकतम अवधि निर्धारित की गई है। इसमें यह प्रावधान किया गया है कि जहाँ कोई व्यक्ति पहली बार अपराध करता है (जिसे पहले कभी किसी अपराध का दोषी नहीं ठहराया गया है)...

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