केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने केंद्रीय सलाहकार परिषद की 5वीं बैठक में एकीकृत रेरा पोर्टल लॉंच किया
परिषद ने रेरा के कार्यान्वयन, अटकी हुई परियोजनाओं, घर खरीदारों की शिकायतों और डेवलपर्स के मुद्दों की समीक्षा की
रियल एस्टेट
(विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 [रेरा] के तहत गठित केंद्रीय
सलाहकार परिषद (सीएसी) की 5वीं बैठक आज नई दिल्ली के के.जी.
मार्ग स्थित संकल्प भवन में आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत आवास और शहरी मामलों के
मंत्रालय (एमओएचयूए) के संयुक्त सचिव (आवास) श्री कुलदीप नारायण के स्वागत भाषण के
साथ हुई। इसके बाद सचिव (एचयूए) श्री श्रीनिवास कातिकिथाला ने रेरा के कार्यान्वयन
के 8 साल के सफर पर अपने विचार रखे।
केंद्रीय
आवास और शहरी मामलों के माननीय मंत्री, श्री मनोहर लाल और
माननीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री, श्री तोखन साहू
ने परिषद को संबोधित किया और विचार-विमर्श का मार्गदर्शन किया। बैठक में विभिन्न
रेरा अध्यक्षों, राज्य सरकारों के सचिवों, केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों, घर
खरीदारों के प्रतिनिधियों और उद्योग संघों ने भाग लिया।
इस अवसर पर, केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने एकीकृत रेरा
पोर्टल rera.mohua.gov.in
का शुभारंभ किया, जो हितधारकों के लिए एक कॉमन
प्लेटफार्म प्रदान करेगा। यह पारदर्शिता बढ़ाएगा और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों
के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने में मदद करेगा।
इस अवसर पर
बोलते हुए,
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री, श्री
मनोहर लाल ने कहा कि एकीकृत रेरा पोर्टल का शुभारंभ रियल
एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम
है। उन्होंने यह भी कहा कि रेरा ने घर खरीदारों को सशक्त बनाया है, परियोजनाओं की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की है और इस क्षेत्र में अनुशासन
लाया है। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से नागरिकों के हितों की
रक्षा के लिए रेरा को पूरी तरह से लागू करने के लिए कहा।
आवास और शहरी
मामलों के सचिव श्री श्रीनिवास कातिकिथाला ने अपने संबोधन में कहा कि
रेरा ने परियोजना पंजीकरण,
डिस्क्लोजर और शिकायत निवारण को अनिवार्य बनाकर प्रणालीगत बदलाव
किया है। उन्होंने यह भी कहा कि सीएसी की बैठक घर खरीदारों के लाभ और क्षेत्र के
विकास के लिए रणनीतियाँ प्रदान करने में सहायक होगी।
प्रमुख
चर्चाएँ:
बैठक
के दौरान, सदस्यों ने पिछले 8 वर्षों में
राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में रेरा की उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की:
·
35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरणों की
स्थापना की गई है।
·
29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अपीलीय न्यायाधिकरण स्थापित किए गए
हैं, जबकि 27 में न्याय निर्णायक
अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
·
रेरा के तहत 1,51,113 परियोजनाएं और 1,06,545 एजेंट पंजीकृत हैं।
·
देशभर में रियल एस्टेट नियामक
प्राधिकरणों द्वारा 1,47,383 शिकायतों का निपटारा किया गया है।
· परिषद ने पुरानी अटकी हुई परियोजनाओं
और जी20 शेरपा श्री अमिताभ कांत की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट के
कार्यान्वयन के मुद्दे पर चर्चा की। परिषद ने पाया कि उत्तर प्रदेश ने सिफारिशों
को लागू कर दिया है। इन सिफारिशों को अन्य राज्यों द्वारा भी आगे बढ़ाने की
आवश्यकता है, जहाँ परियोजनाएं रुकी हुई हैं।
· परिषद ने रियल एस्टेट नियामक
प्राधिकरणों के प्रभावी कामकाज को सुनिश्चित करने, आदेशों के
प्रवर्तन के लिए रेरा को मजबूत करने और रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए
एक विस्तृत रूपरेखा के साथ-साथ मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की सिफारिश की है।
·नए लॉन्च किए गए रेरा पोर्टल के बारे
में चर्चा करते हुए,
इस बात पर जोर दिया गया कि प्रभावी नीति निर्माण और वित्तीय
प्रोत्साहन सुनिश्चित करने के लिए, संभावित घर खरीदारों को जानकारी
से लैस निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाने हेतु पोर्टल के माध्यम से परियोजनाओं का
राष्ट्रव्यापी डेटाबेस तैयार किया जाना चाहिए। इसके अलावा, राज्य
रेरा वेबसाइटों के एकीकरण के माध्यम से एकत्र किए गए डेटा के विश्लेषण से, यह पोर्टल एआई और अन्य उपकरणों की मदद से परियोजना में देरी का अनुमान
लगाने और रुकी हुई परियोजनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
· परिषद ने रेरा के आदेशों के प्रभावी
कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने और भ्रामक विज्ञापनों पर अंकुश लगाने के लिए उचित
उपाय करने का सुझाव दिया।
· परिषद ने परियोजना पंजीकरण में देरी, स्थानीय अधिकारियों से अनुमोदन, परियोजना पूरी होने
के बाद रेरा खातों से निकासी और प्रमोटरों द्वारा तिमाही प्रगति रिपोर्ट
(क्यूपीआर) दाखिल करने पर चिंताओं पर विचार किया।
·परिषद ने रेरा कार्यान्वयन में
एकरूपता लाने,
तेजी से पंजीकरण, आदेशों का पालन और परिभाषाओं
में स्पष्टता लाने के लिए कदम उठाने पर जोर दिया। परिषद ने अध्ययन करने और यह
सुनिश्चित करने की सलाह दी कि अधिनियम के तहत बनाए गए नियम, विनियम
मूल अधिनियम के अनुरूप हैं। इस उद्देश्य के लिए, केंद्रीय
स्तर पर एमओएचयूए में सभी हितधारकों के प्रतिनिधियों के साथ एक समिति का गठन किया
जाना चाहिए ताकि रेरा ढांचे में सुधार किया जा सके।
· परिषद ने सिफारिश की कि रेरा के 8 साल के सफर को देखते हुए, रेरा में अगली पीढ़ी के सुधारों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। तदनुसार, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा हितधारकों के परामर्श से रेरा को और मजबूत करने और रियल एस्टेट क्षेत्र को विकसित करने के लिए आवश्यक उपायों पर काम करने के लिए एक विस्तृत अभ्यास किया जा सकता है।बैठक का समापन घर खरीदारों के हितों की रक्षा और रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करने के लिए रेरा को पूरी तरह से और प्रभावी ढंग से लागू करने के आह्वान के साथ हुआ।
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पीके/केसी/एसके
प्रविष्टि तिथि: 04
SEP 2025 by PIB Delhi (रिलीज़ आईडी: 2164055) आगंतुक पटल : 38