आईटी नियम 2021 के तहत सोशल मीडिया इंटरमीडिएरीज और प्लेटफार्म पर प्रतिबंधित भ्रामक जानकारी, स्पष्ट तौर पर झूठी सूचना और डीप फेक मामले में कार्रवाई करने की कानूनी बाध्यता, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 के तहत व्यक्तिगत डिजिटल डेटा की भी सुरक्षा
सरकार के संज्ञान में यह बात है कि सुरक्षित और विश्वसनीय एआई सुनिश्चित करने के लिये सुरक्षा उपाय किये जाने की आवश्यकता है। इसी के अनुसार संबंधित हितधारकों के साथ व्यापक सार्वजनिक विचार-विमर्श के बाद इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी (इंटरमीडिएरी गाइडलाइन्स एण्ड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स 2021 (‘‘आईटी नियम 2021’’) को 25.02.2021 को अधिसूचित किया है जिनमें बाद में 28.10.2022 और 06.04.2023 को संशोधन किया गया।
आईटी नियम 2021 सोशल मीडिया इंटरमीडिएरीज और प्लेटफार्म सहित सभी इंटरमीडिएरीज पर सुरक्षित एवं विश्वसनीय इंटरनेट सुनिश्चित करने में उनकी जवाबदेही तय करता है। इसमें प्रतिबंधित भ्रामक जानकारी, स्पष्ट तौर पर झूठी सूचना और डीप फेक को हटाने की दिशा में त्वरित कार्रवाई का दायित्व उन पर डाला गया है। इंटरमीडिएरीज यदि आईटी नियम 2021 में दिये गये कानूनी दायित्व के अनुरूप कार्रवाई करने में असफल रहते हैं तो सूचना प्रौद्योगिकी कानून 2000 (‘‘आईटी कानून’’) की धारा 79 के तहत उन्हें प्राप्त सुरक्षित हार्बर संरक्षण को वह खो देंगे तथा किसी भी मौजूदा कानून के प्रावधानों के तहत वह आगे की कार्रवाई और अभियोजन के लिये उत्तरदायी होंगे।
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 को 11 अगस्त 2023 को लागू किया गया है जो कि डेटा रखने वाले जिम्मेदार व्यक्ति पर डिजिटल व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा का दायित्व डालता है, उन्हें जवाबदेह ठहराता है, साथ ही डेटा प्रिसिंपल के अधिकार और कर्तव्यों को भी सुनिश्चित करता है।
यह जानकारी इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने आज लोकसभा को एक लिखित उत्तर में दी।
---
एमजी/एआर/एमएस/एसके(रिलीज़ आईडी: 2036564) आगंतुक पटल : 73 प्रविष्टि तिथि: 24 JUL 2024 by PIB Delhi