सरकार ने अपनी प्रमुख योजना ‘इंस्पायर-शी’ (उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति) को बंद नहीं किया है। इस योजना के उद्देश्यों को अधिक मजबूत करने, इसके कार्यान्वयन ढांचे में सुधार करने और विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान में उभरती प्राथमिकताओं के साथ इसे संरेखित करने के लिए वर्तमान में इसका पुनर्गठन किया जा रहा है।
इस योजना
की शुरुआत से अब तक लाभान्वित छात्रों की संख्या और वितरित कुल छात्रवृत्ति राशि
का राज्य-वार विवरण नीचे दिया गया है:
|
क्र. सं. |
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश |
लाभान्वित छात्र |
वितरित राशि (करोड़ रुपये में) |
|
1 |
अंडमान
और निकोबार द्वीप समूह |
02 |
0.06 |
|
2 |
आंध्र
प्रदेश |
1059 |
14.82 |
|
3 |
असम |
1043 |
23.66 |
|
4 |
बिहार |
3136 |
48.39 |
|
5 |
चंडीगढ़ |
1290 |
13.91 |
|
6 |
छत्तीसगढ |
2531 |
53.13 |
|
7 |
दिल्ली |
670 |
28.71 |
|
8 |
गोवा |
37 |
0.97 |
|
9 |
गुजरात |
1045 |
24.23 |
|
10 |
हरियाणा |
2044 |
42.34 |
|
11 |
हिमाचल
प्रदेश |
2219 |
42.16 |
|
12 |
जम्मू-कश्मीर |
251 |
6.03 |
|
13 |
झारखंड |
451 |
9.83 |
|
14 |
कर्नाटक |
26164 |
157.37 |
|
15 |
केरल |
5393 |
108.22 |
|
16 |
मध्य
प्रदेश |
7795 |
133.75 |
|
17 |
महाराष्ट्र |
5487 |
103.22 |
|
18 |
मणिपुर |
1452 |
21.62 |
|
19 |
मेघालय |
319 |
5.38 |
|
20 |
मिजोरम |
39 |
0.59 |
|
21 |
नागालैंड |
156 |
2.86 |
|
22 |
ओडिशा |
2385 |
35.35 |
|
23 |
पंजाब |
859 |
20.17 |
|
24 |
पुडुचेरी |
13 |
0.25 |
|
25 |
राजस्थान |
23467 |
472.57 |
|
26 |
सिक्किम |
1 |
0.018 |
|
27 |
तमिलनाडु |
384 |
6.51 |
|
28 |
तेलंगाना |
269 |
6.32 |
|
29 |
दादरा
और नगर हवेली एवं दमन और दीव |
2 |
0.02 |
|
30 |
त्रिपुरा |
18 |
0.74 |
|
31 |
उत्तर
प्रदेश |
60263 |
916.64 |
|
32 |
उत्तराखंड |
6554 |
131.31 |
|
33 |
पश्चिम
बंगाल |
15958 |
353.00 |
|
कुल |
136298 |
2784.15 |
|
सरकार, कई छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से विदेश में वैज्ञानिक
अनुसंधान करने वाले भारतीय छात्रों की सहायता करती है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी
विभाग (डीएसटी) की इंस्पायर-शी मेंटरशिप ग्रांट के तहत अब तक 271 शोधार्थियों ने विदेशों में समर रिसर्च मेंटरशिप प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक
पूरा किया है। डीएसटी द्वारा भारत-अमरीका विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी फोरम
(आईयूएसएसटीएफ) के सहयोग से कार्यान्वित जल उन्नत अनुसंधान और नवाचार
(डब्ल्यूएआरआई) फैलोशिप युवा शोधकर्ताओं को अमरीका के अग्रणी संस्थानों में उन्नत
जल अनुसंधान करने में सक्षम बनाती है, जिसके तहत दो चरणों
में 63 प्रतिभागियों (43 इंटर्न और 20
फैलो) को सहायता प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति
योजना विदेशी विश्वविद्यालयों में वैज्ञानिक अनुसंधान सहित मास्टर और पीएचडी कार्यक्रमों
को आगे बढ़ाने के लिए बेंचमार्क दिव्यांगता वाले पात्र व्यक्तियों को वित्तीय
सहायता प्रदान करती है, जिसके तहत पिछले पांच वर्षों के
दौरान 55 लाभार्थियों ने विदेशों में पीएचडी की पढ़ाई की है।
केन्द्रीय
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री
(स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक,
लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं
अंतरिक्ष विभाग राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी आज राज्यसभा में एक
लिखित उत्तर में दी।
पीके/केसी/आईएम/पीके(रिलीज़ आईडी: 2299119) आगंतुक पटल
: 89