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उत्पन्नाचे विवरणपत्र सादर करण्याची मुदत 31 ऑक्टोबर 2021 ऐवजी आता 30 नोव्हेंबर 2021 पर्यंत वाढविण्यात आली आहे;

Ministry of Finance

कोविड-19 साथीची दुष्कर परिस्थिती लक्षात घेत सरकारने काही बाबतींत दिली मुदतवाढ

Posted Date:- May 20, 2021

नवी दिल्‍ली, 20 मे 2021

 

कोविड-19 साथीच्या दुष्कर परिस्थितीमुळे विविध भागीदारांना भेडसावणाऱ्या अडचणींवर तोडगा काढण्यासाठी सरकार वचनबद्ध आहे. त्याच प्रयत्नांचा एक भाग म्हणून, विविध भागीदारांकडून आलेल्या विनंत्यांचा विचार करून, 'प्राप्तिकर कायदा,1961' (येथून पुढे याचा उल्लेख सदर कायदा/ हा कायदा असा असेल) याअंतर्गतच्या अनुपालनासाठीची मुदत पुढील काही बाबतींत वाढवून देण्याचा निर्णय सरकारने घेतला आहे--:

  1. ‘प्राप्तिकर नियम,1962’ (येथून पुढे याचा उल्लेख सदर नियम / हे नियम असा असेल) यातील नियम 114E अंतर्गत आणि संबंधित विविध अधिसूचनांच्या अधीन राहून  31 मे 2021 रोजी किंवा त्यापूर्वी भरावयाचे 'वित्तीय वर्ष 2020-21 साठी SFT म्हणजे 'वित्तीय व्यवहार निवेदन', आता 30 जून 2021 रोजी किंवा त्यापूर्वी भरता येईल;
  2. सदर नियम 114G अंतर्गत 31 मे 2021 रोजी किंवा त्यापूर्वी भरावयाचे 'कॅलेंडर वर्ष 2020 साठी नोंदण्यायोग्य खात्याचे निवेदन', आता 30 जून 2021 रोजी किंवा त्यापूर्वी भरता येईल;
  3. सदर नियम 31A अंतर्गत 31 मे 2021 रोजी किंवा त्यापूर्वी भरावयाचे 'वित्तीय वर्ष 2020-21 च्या शेवटच्या तिमाहीसाठी कर वजावट निवेदन', आता 30 जून 2021 रोजी किंवा त्यापूर्वी भरता येईल;
  4. सदर नियम 31 अंतर्गत 15 जून 2021 पर्यंत रोजगारदात्याला सादर करावयाचे 'फॉर्म क्र.16 मधील टीडीएस अर्थात स्रोतस्थानी कर वजावट केल्याचे प्रमाणपत्र', आता 15 जुलै 2021 रोजी किंवा त्यापूर्वी भरता येईल;
  5. सदर नियम 30 आणि 37CA अंतर्गत 15 जून 2021 रोजी किंवा त्यापूर्वी सादर करावयाचे 'फॉर्म क्र. 24G मधील- मे 2021 साठीचे टीडीएस/टीसीएस अर्थात स्रोतस्थानी कर वजावट केल्याचे/ स्रोतस्थानी कर संकलित केल्याचे वही समायोजन निवेदन', आता 30 जून 2021 रोजी किंवा त्यापूर्वी भरता येईल;
  6. सदर नियम 33 अंतर्गत 31 मे 2021 रोजी किंवा त्यापूर्वी सादर करावयाचे 'वित्तीय वर्ष 2020-21 साठीचे मान्यताप्राप्त सेवानिवृत्ती निधीच्या विश्वस्तांनी दिलेल्या योगदानातून झालेल्या कर वजावटीचे निवेदन', आता 30 जून 2021 रोजी किंवा त्यापूर्वी भरता येईल;
  7. सदर नियम 12CB अंतर्गत 15 जून 2021 रोजी किंवा त्यापूर्वी सादर करावयाचे- 'एखाद्या गुंतवणूक निधीने त्याच्या भागधारकास गत वर्ष 2020-21 साठी फॉर्म क्र.64D मधील दिलेल्या उत्पन्नाविषयीचे निवेदन', आता 30 जून 2021 रोजी किंवा त्यापूर्वी भरता येईल;
  8. सदर नियम 12CB अंतर्गत 30 जून 2021 रोजी किंवा त्यापूर्वी सादर करावयाचे- 'एखाद्या गुंतवणूक निधीने त्याच्या भागधारकास गत वर्ष 2020-21 साठी फॉर्म क्र.64C मधील दिलेल्या उत्पन्नाविषयीचे निवेदन', आता 15 जुलै 2021 रोजी किंवा त्यापूर्वी भरता येईल;
  9. सदर कायद्याच्या कलम 139 च्या उपकलम (1) अंतर्गत, मूल्यांकन वर्ष 2021-22 साठी प्राप्तिकर विवरणपत्र सादर करण्याची मुदत 31 जुलै 2021 ऐवजी आता 30 सप्टेंबर 2021 पर्यंत वाढविण्यात आली आहे;
  10. सदर कायद्याच्या कोणत्याही तरतुदीअंतर्गत, गत वर्ष 2020-21 साठी लेखापरीक्षण अहवाल सादर करण्याची मुदत 30 सप्टेंबर 2021 ऐवजी आता 31 ऑक्टोबर 2021 पर्यंत वाढविण्यात आली आहे;
  11. सदर कायद्याच्या कलम 92E अंतर्गत, गत वर्ष 2021-22 साठी 'आंतराष्ट्रीय व्यवहार किंवा विशिष्ट निर्देशित देशांतर्गत व्यवहार सुरु करणाऱ्या व्यक्तींसाठी लेखापालांनी तयार केलेला अहवाल' सादर करण्याची मुदत 31 ऑक्टोबर 2021 ऐवजी आता 30 नोव्हेंबर 2021 पर्यंत वाढविण्यात आली आहे;
  12. सदर कायद्याच्या कलम 139 च्या उपकलम (1) अंतर्गत, मूल्यांकन वर्ष 2021-22 साठी उत्पन्नाचे विवरणपत्र सादर करण्याची मुदत 31 ऑक्टोबर 2021 ऐवजी आता 30 नोव्हेंबर 2021 पर्यंत वाढविण्यात आली आहे;
  13. सदर कायद्याच्या कलम 139 च्या उपकलम (1) अंतर्गत, मूल्यांकन वर्ष 2021-22 साठी उत्पन्नाचे विवरणपत्र सादर करण्याची मुदत 30 नोव्हेंबर 2021 ऐवजी आता 31 डिसेंबर 2021 पर्यंत वाढविण्यात आली आहे;
  14. सदर कायद्याच्या कलम 139 च्या उपकलम (4)/ उपकलम (5) अंतर्गत, मूल्यांकन वर्ष 2021-22 साठी उत्पन्नाचे विलंबित/ सुधारित विवरणपत्र सादर करण्याची मुदत 31 डिसेंबर 2021 ऐवजी आता 31 जानेवारी 2022 पर्यंत वाढविण्यात आली आहे.

असे स्पष्ट करण्यात येत आहे की- सदर कायद्याच्या कलम 234A च्या उपकलम (1) मधील मुद्दे क्र. (i) ते (vi) यामध्ये निर्देशित केल्यानुसार कमी झालेली एकूण उत्पन्नावरील कराची रक्कम जेथे एक लाखापेक्षा अधिक असेल अशा बाबतीत- उपरिनिर्दिष्ट मुद्दा (ix), (xii) आणि (xiii) मध्ये उल्लेखित मुदतवाढ ही सदर कायद्याच्या कलम 234A च्या स्पष्टीकरण 1 यास लागू नसेल. त्याशिवाय, या कायद्याच्या कलम 207 मधील (2) निर्दिष्ट केल्यानुसार उपकलम भारतातील निवासी व्यक्तीच्या बाबतीत तिने या कायद्याच्या कलम 140A अंतर्गत, कायद्यातील मुदतीपूर्वी (मुदतवाढ दिली नसताना) भरलेला कर हा अग्रिम कर म्हणून गणला जाईल.

दिनांक  20.05.2021 रोजी जारी केलेले CBDT अर्थात केंद्रीय प्रत्यक्ष कर मंडळाचे  F.No.225/49/2021/ITA-II मधील परिपत्रक क्र. 9/2021. सदर परिपत्रक पुढील संकेतस्थळावर उपलब्ध आहे-  www.incometaxindia.gov.in

 

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M.Chopade/J.Waishampayan/D.Rane


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सरकार ने चीनी की बढ़ती कीमतों को रोकने और त्योहारों के मौसम में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए

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राष्ट्र के लिए नया आधार ऐप समर्पित

·        नया आधार ऐप पहचान सत्यापन को नए सिरे से परिभाषित करता है , जिसमें जनता को केंद्र में रखा गया है ·        चुनिंदा जानकारी का साझाकरण , सहमति का नियंत्रण आपकी उंगलियों पर ·        दिखाएँ , साझा करें , सत्यापित करें: आधार ऐप आधार के उपयोग को बढ़ावा देगा और जीवन को सुगम बनाएगा वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने आज नए आधार ऐप को राष्ट्र को समर्पित किया , जो जनहित में पहचान सत्यापन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा विकसित आधार ऐप एक अगली पीढ़ी का मोबाइल एप्लिकेशन है , जिसे आधार संख्या धारकों (एएनएच) को अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित , सुविधाजनक और गोपनीय तरीके से ले जाने , साझा करने , दिखाने और सत्यापित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। नए ऐप का अनावरण करने के बाद , श्री प्रसाद ने यूआईडीएआई को इस सराहनीय कार्य के लिए बधाई दी और जोर देते हुए कहा कि आधार सरकार के लिए डिजिट...

आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2025

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छत्तीसगढ़ में निजी विश्विद्यालयों द्वारा दी जाने वाली शैक्षणिक आहर्ता प्रमाण पत्र की विश्वसनीयता प्रश्नांकित स्थिति में है क्योंकि… छत्तीसगढ़ के निजी विश्विद्यालयों नियामक आयोग ने जिन निजी विश्विद्यालयों को मान्यता दी है… उन विश्वविद्यालयों द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्रों का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है और… इनकी पारदर्शिता सुनिश्चित करवाने की नियामक आयोग की प्रशासकीय जिम्मेदारियों को भी पूरा नहीं किया गया है… जिसके कारण अनियमित शैक्षणिक आहर्ता प्रमाण बांटें जाने का प्रश्न अनुत्तरित स्थिति में है..! जिसके दुष्परिणाम जान लीजिए…

फर्जी प्रमाण पत्र  नियम विरुद्ध हासिल किए गए फर्जी शैक्षणिक आहर्ताएँ शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करती हैं, समाज में विश्वास की कमी पैदा करती हैं और अयोग्य व्यक्तियों को जिम्मेदार पदों पर बैठाकर भविष्य की पीढ़ियों को नुकसान पहुँचाती हैं।   फर्जी शैक्षणिक आहर्ता से समाज पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव और नुकसान… 1. शिक्षा व्यवस्था पर पड़ता है चिंताजनक विपरीत असर गुणवत्ता में गिरावट: जब शिक्षक या पेशेवर फर्जी डिग्री लेकर नौकरी करते हैं, तो शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है।   शिक्षण प्रणाली की विश्वसनीयता कम होती है: असली मेहनत करने वाले छात्रों और योग्य व्यक्तियों का विश्वास टूटता है।   संस्थागत भ्रष्टाचार निरंकुश होकर पनपता है: फर्जी प्रमाणपत्रों का चलन शिक्षा संस्थानों की साख को नुकसान पहुँचाता है।   2. सामाजिक ढाँचे को पहुंचता है अपूरणीय नुकसान और डालता है विपरीत असर नैतिक पतन: समाज में शैक्षणिक स्तर से ईमानदारी और मेहनत की जगह धोखाधड़ी को बढ़ावा मिलता है।   असमानता और अन्याय: योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिलते, जिससे सामाजिक असमानता ...

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने प्राथमिक शिक्षक संबंधी शिक्षा में छह माह के प्रमाण-पत्र (ब्रिज) पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया

यह पाठ्यक्रम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सेवारत प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों को व्यापक प्रशिक्षण प्रदान करेगा केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने 16 सितंबर , 2026 को नई दिल्ली में प्राथमिक शिक्षक संबंधी शिक्षा (पीटीई) में छह माह के प्रमाण-पत्र (ब्रिज) पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पाठ्यक्रम ऐसे सेवारत प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है , जिनके पास बी.एड. की डिग्री है। यह पाठ्यक्रम ऐसे शिक्षकों के लिए प्राथमिक स्तर पर शिक्षण हेतु आवश्यक प्रमाणन प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। यह विशेष व्यावसायिक विकास कार्यक्रम शिक्षकों को व्यापक प्रशिक्षण प्रदान करेगा , जिससे वे प्राथमिक स्तर (कक्षा I से V) के   विद्यार्थियों को प्रभावी ढंग से शिक्षित करने के लिए आवश्यक कौशल और दक्षताएं विकसित कर सकेंगे। यह ब्रिज पाठ्यक्रम राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत शिक्षकों को बाल-केंद्रित , समावेशी तथा बाल विकास के अनुरुप शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराया जाएगा। इससे शिक्षा के आधारभूत औ...

घरेलू पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना

  हर घर के लिए स्वच्छ और किफायती पाइप से आपूर्ति की जाने वाली खाना पकाने की गैस   संक्षिप्त विवरण       पाइप से आपूर्ति की जाने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी ) का विस्तार भारत की स्वच्छ घरेलू ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा की ओर आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। घरों तक पीएनजी पहुंचाना सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन ( सीजीडी ) नेटवर्क के विकास का हिस्सा है। इस तरह के नेटवर्क में पाइपलाइन और उससे जुड़ी सुविधाएं होती हैं , जो घरों , वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों को सेवा देती हैं। इसे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी ) द्वारा अधिकृत संस्थाओं द्वारा विकसित किया जाता है। पीएनजीआरबी ने 309 भौगोलिक क्षेत्रों (जीए ) में संस्थाओं को अधिकृत किया है। इन क्षेत्रों में देश के पूरे मुख्य भू-भाग शामिल हैं। 18 अगस्त 2026 तक देशभर में 1.74 करोड़ घरेलू पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध थे। पीएनजी कवरेज को और बढ़ाने के लिए , 18 अगस्त 2026 को घरेलू पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू की गई थी। यह योजना 1 सितंबर...

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने इंदौर (मध्य प्रदेश), भोपाल (मध्य प्रदेश) और उदयपुर (राजस्थान) शहरों के लिए आर्द्रभूमि पर रामसर कन्वेंशन के अंतर्गत वेटलैंड सिटी प्रमाणन (डब्ल्यूसीए) के लिए भारत से तीन नामांकन प्रस्तुत किए हैं।

  पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने इंदौर , भोपाल और उदयपुर शहरों के लिए आर्द्रभूमि पर रामसर कन्वेंशन के अंतर्गत वेटलैंड सिटी प्रमाणन के लिए प्रस्ताव दिया  पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने इंदौर (मध्य प्रदेश) , भोपाल (मध्य प्रदेश) और उदयपुर (राजस्थान) शहरों के लिए आर्द्रभूमि पर रामसर कन्वेंशन के अंतर्गत वेटलैंड सिटी प्रमाणन (डब्ल्यूसीए) के लिए भारत से तीन नामांकन प्रस्तुत किए हैं। ये पहले तीन भारतीय शहर हैं जिनके लिए नगर निगमों के सहयोग से संबंधित राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरणों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर डब्ल्यूसीए के लिए नामांकन प्रस्तुत किए गए हैं। इन शहरों में और उसके आसपास स्थित आर्द्रभूमि अपने नागरिकों को बाढ़ विनियमन , आजीविका के अवसरों , मनोरंजक और सांस्कृतिक मूल्यों के संदर्भ में अनेक लाभ प्रदान करती है। सिरपुर वेटलैंड (इंदौर में रामसर साइट) , यशवंत सागर (इंदौर के समीप रामसर साइट) , भोज वेटलैंड (भोपाल में रामसर साइट) और उदयपुर और उसके आसपास कई वेटलैंड्स (झीलें) इन शहरों के लिए जीवन रेखा के रूप में काम करते हैं। तीन नामांकित शहरों में शाम...

सरकार ने थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी भंडारण सीमा 15 दिनों से बढ़ाकर 30 दिन कर दी है। अतिरिक्त स्टॉक की खरीद अग्रिम स्‍वीकृति योजना (एएएस) और शुल्‍क दर कोटा (टीआरक्यू) के तहत आयातित चीनी से ही की जाएगी

खुदरा चीनी की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट ; सरकार ने व्यापारियों और थोक विक्रेताओं से आग्रह किया है कि वे कम हुई कीमतों का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाएं सरकार ने थोक उपभोक्ताओं के लिए मौजूदा 15 दिनों की चीनी भंडारण सीमा को बढ़ाकर 30 दिन करने का निर्णय लिया है , बशर्ते मौजूदा 15 दिनों की सीमा से अधिक स्टॉक की मात्रा केवल अग्रिम स्‍वीकृति योजना (एएएस) और शुल्‍क दर कोटा (टीआरक्यू) के तहत आयातित चीनी से ही प्राप्त की जाए। खुले बाजार से खरीद के लिए स्टॉक रखने की सीमा अपरिवर्तित रहेगी और केवल 15 दिनों की खपत तक ही सीमित रहेगी। सरकार ने थोक उपभोक्ताओं द्वारा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल @https://foodstock.dfpd.gov.in/ के माध्यम से प्रत्येक शुक्रवार को चीनी स्टॉक की घोषणा और साप्ताहिक जानकारी के लिए एक तंत्र भी स्थापित किया है। सरकार ने चीनी के प्रमुख थोक उपभोक्ताओं के साथ विस्तृत परामर्श किया है और एक स्थिर और व्यवस्थित चीनी बाजार को बनाए रखने के उद्देश्य से उनके सुझावों पर विधिवत विचार किया गया है। वर्तमान में उत्पादन , उपभोग या उपयोग के लिए कच्चे...

हिंदी को कामकाज की भाषा बनाने का संकल्प, उर्वरक विभाग में हिंदी पखवाड़े का आगाज, राजभाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने को उर्वरक विभाग में हिंदी पखवाड़ा शुरू

राजभाषा हिंदी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सरकारी कामकाज में हिंदी के अधिक से अधिक उपयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से उर्वरक विभाग में , 1 सितंबर 2026 को हिंदी पखवाड़ा- 2026 का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त सचिव श्री अनुराग रोहतगी के मार्गदर्शन में किया गया , जिसमें विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर श्री अनुराग रोहतगी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को हिंदी पखवाड़े की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी केवल हमारी राजभाषा ही नहीं , बल्कि देश की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सभी कार्मिकों से हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करने और सरकारी कामकाज में हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकारी कामकाज में हिंदी का अधिक से अधिक उपयोग राजभाषा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है , इसके लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसी क्रम में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में अधिक...

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की घोषणा के बाद शिक्षा मंत्रालय ने एनईपी 2020 के कार्यान्वयन के लिए कदम उठाने को लेकर सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को सूचित किया।

  राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का कार्यान्वयन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की घोषणा के बाद शिक्षा मंत्रालय ने एनईपी 2020 के कार्यान्वयन के लिए कदम उठाने को लेकर सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को सूचित किया।   एनईपी 2020 के कुछ प्रावधान / मुख्य बातें इस प्रकार हैं : ( i) स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक सबकी एक समान पहुंच सुनिश्चित करना। ( ii) 3 से 6 वर्ष के बीच के सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक बाल्यकाल देखभाल और शिक्षा सुनिश्चित करना। ( iii) नए पाठ्यक्रम और शैक्षणिक संरचना (5+3+3+4) को लागू करना। ( iv) कला एवं विज्ञान के बीच , पाठ्यक्रम व पाठ्येतर गतिविधियों के बीच और व्यावसायिक एवं शैक्षणिक विषयों के बीच सख्त रूप में कोई भिन्नता नहीं हाेने को सुनिश्चित करना। ( v) मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता पर राष्ट्रीय मिशन की स्थापना। ( vi) बहुभाषावाद और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने पर जोर , कम से कम ग्रेड 5 तक , अच्छा होगा कि ग्रेड 8 तक शिक्षा का माध्यम घरेलू भाषा/मातृभाषा/स्थानीय भाषा/क्षेत्रीय भाषा होगी। ( vii) मूल...

आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0

समय पर क्रेडिट सहायता के ज़रिए बिज़नेस की मज़बूती बढ़ाना ईसीएलजीएस 5.0 बाहरी व्यवधानों से प्रभावित व्यवसायों को लक्षित क्रेडिट गारंटी सहायता प्रदान करती है। नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी द्वारा क्रियान्वित यह योजना पात्र ऋणदाता संस्थानों को कम क्रेडिट जोखिम के साथ अतिरिक्त कार्यशील पूंजी देने में सक्षम बनाती है। यह सरकार समर्थित गारंटियों के माध्यम से एमएसएमई , पात्र गैर - एमएसएमई व्यवसायों और अनुसूचित यात्री एयरलाइंस का समर्थन करती है। कोविड - 19 महामारी के दौरान शुरू किए गए ईसीएलजीएस के पूर्ववर्ती चरणों के आधार पर , यह योजना व्यावसायिक निरंतरता को समर्थन देने के साथ - साथ संस्थागत ऋण तक पहुंच को मजबूत करती है। व्यापक पहुंच , जन समर्थ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पहुंच तथा बैंकों और वित्तीय संस्थानों की भागीदारी ने इसके दायरे का विस्तार किया है। तरलता में सुधार , रोजगार की सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करके , ईसीएलजीएस 5.0 वैश्विक अनिश्चितता के दौर में व्यावसायिक लचीलेपन और सतत आर्थिक विकास में योगदान देती है।   ...

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