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अमोल मलूसरे का दृष्टिकोण है कि, अब रिसाली निगम क्षेत्र के सभी शासकीय और अशासकीय स्कूल, कालेज, अस्पताल और कार्यालयों में आंतरिक शिकायत समिति बनेगी और निगम क्षेत्र के घरों में घरकाम करने वाली कामवाली बाई, सफाई कर्मचारी, रोजी मजदूरी करने वाली महिलाएं, सब्जी विक्रेता व ठेला गुमटी चलाने वाली महिलाएं निगम अपील समिति का सहजता से संरक्षण प्राप्त कर सकेंगी 👇आगे पढ़िए पूरी जानकारी

 


जानिए रिसाली की आंतरिक शिकायत समिति कैसे अस्तित्व में आई है मेरा दृष्टिकोण है कि, समाज सेविका निशा देशमुख की पहल और वैचारिक संघर्ष के परीणाम स्वरूप रिसाली निगम क्षेत्र के लोगों को शिकायत समिति मिली है और लोकहित के उल्लेखनीय काम के रूप में रिसाली निगम कि आंतरिक शिकायत समिति का पुनर्गठन आदेश अस्तित्व में आया है उल्लेखनीय है इस आदेश के पूर्व भी एक अनियमित आदेश से रिसाली निगम की शिकायत समिति का गठन किया गया था गौरतलब रहे कि पूर्व का आदेश निशा देशमुख के द्वारा सूचना के अधिकार आवेदन से मांगी गई जानकारी के बाद रिसाली निगम प्रशासन ने दिया था लेकिन इस आदेश की अनियमितताओं को विधिक आधार पर चुनौती देकर निशा देशमुख ने वैधानिक कार्यवाही प्रक्रिया में रिसाली निगम प्रशासन की प्रशासकीय अनियमियाओं को सभी की जानकारी में लाया जिसके आधार पर रिसाली निगम प्रशासन ने सभी कर्मचारियों के प्रतिनिधियों को आंतरिक शिकायत समिति का सदस्य बनाकर त्रुटियों का सुधार किया इस तरह निशा देशमुख के संघर्ष के बाद रिसाली निगम को सभी कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रतिनिधित्व रखने वाली शिकायत समिति मिली है

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रिसाली की महिलाओं के कार्य स्थल पर उन्हें सुरक्षित और गरिमापूर्ण कामकाजी वातावरण दिलवायेगी निगम की आंतरिक शिकायत समिति रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति से संगठित और असंगठित दोनो क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षा और संरक्षण मिलेगा क्योंकि संगठित क्षेत्र अर्थात स्कूल, शैक्षणिक संस्थानों, बैंक, अस्पताल, उद्योग, जैसे प्रतिष्ठानों की आंतरिक शिकायत समिति का गठन करवाने की दिशा में रिसाली निगम की शिकायत समिति पहल करेगी और असंगठित क्षेत्र जैसे घरेलू काम करने वाली महिलाएं, सब्जी आदि का व्यवसाय करने वाली महिलाएं रिसाली निगम की शिकायत समिति की सहायता लेकर अपने व्यथा का परिवाद प्रस्तुत कर सकेंगी अपेक्षित है की जब महिलाओं को संरक्षण देने वाली निगम व्यवस्था का प्रचार प्रसार किया जाएगा और निगम क्षेत्र की महिलाओं को शिकायत समिति की सक्षमताओं और शक्तियों को जानकारी दी जायेंगी तब रिसाली क्षेत्र की महिलाओं को सुरक्षित महसूस होगा

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समाज सेविका एवं उत्प्रेरक निशा देशमुख का अद्वितीय योगदान रिसाली की महिलाओं को लैंगिक उत्पीड़न मुक्त वातावरण दिलवायेगी

रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति का गठन रिसाली निगम के अस्तित्व में आने के बाद से विगत वर्षों में नही किया गया था जिसके कारण रिसाली क्षेत्र की महिलाओं को अपनी व्यथा की शिकायत प्रस्तुत करने और अपने कार्यस्थल को सुरक्षित बनाए रखने की जानकारी अभिप्राप्त करने की लोकतांत्रिक अधिकार वाली सुविधा से वंचित होना पड़ता था जब इस तरह की बहुतायत महिलाओं की परेशानियों की जानकारी समाज सेविका निशा देशमुख के ध्यान में आई तो उन्होंने इस संबंध में नियम कानून की जानकारी एकत्रित की और निगम प्रशासन को आंतरिक शिकायत समिति के गठन नही किए जाने के अनियमित कार्य व्यवहार के लिए विधिक चुनौती दी जिसके बाद रिसाली निगम आयुक्त ने विधिवत शिकायत समिति का गठन किया है 

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रिसाली के निगम आयुक्त ने भी की है अभूतपूर्व  कार्यवाही की इसलिए पूरे प्रदेश में आदर्श स्थापित करने वाली आंतरिक शिकायत समिति की गठन कार्यवाही रिसाली निगम में हुई है

समाज सेविका निशा देशमुख के लंबे वैचारिक संघर्ष के बाद रिसाली निगम आयुक्त को उसकी  गलती का अहसास हुआ तो निगम आयुक्त ने तत्काल कार्यवाही करते हुए रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति के पुनर्गठन कार्यवाही को प्रारंभ किया और त्वरित कार्यवाही करते हुए रिसाली निगम में कार्य करने वाले सभी अधिकारी और कर्मचारियों के पदनामों वाले समूहों का एक प्रतिनिधि को आंतरिक शिकायत समिति का सदस्य बनाया गया है उल्लेखनीय है कि लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में अपेक्षित होता हैं की सभी को समान महत्व मिले रिसाली के आंतरिक शिकायत समिति का गठन भी इसी लोकतांत्रिक परिकल्पना के आधार पर रिसाली के निगम आयुक्त ने की है जो की स्वागत योग्य पहल है 


 

 

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भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मियों की मनोभावनाओं से खिलवाड़ करके… अपनी राजनैतिक रोटी सेकने वाले… चालबाज विधायक देवेंद्र यादव ने… पुनः एक बार बीएसपी कर्मियों के भावनात्मक ज़ख्मों को कुरदने वाला कार्य व्यवहार किया है… जिसका खुलासा विगत 19 मार्च के विधानसभा प्रश्न कार्यवाही से उजागर हुआ है… जिसमें विधायक देवेंद्र के द्वारा पूछे गए विधानसभा प्रश्नों का मुंहतोड़ प्रशासकीय जवाब… छत्तीसगढ़ के वित्तमंत्री ओ.पी.चौधरी ने दिया है… उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री के जवाब का विषयवस्तु स्पष्ट करता है कि, विधानसभा चुनाव जीतने के लिए विधायक देवेंद्र ने बीएसपी कर्मियों को बेवकूफ बनाओ का कूटनीतिक कार्य व्यवहार अपनाकर चुनाव जीता है….

बी.एस.पी प्रबंधन को लीज डीड अनुबंध पंजीयन हेतु प्राप्त आवेदनों के विषय की कूटनीतिक और छल-कपटपूर्ण राजनीति पर प्रकाश डाल रहे है… मौकापरस्त विधायक देवेंद्र के विधानसभा प्रश्न… पढ़िए कैसे ? बीएसपी लीज मामले में विधायक देवेंद्र यादव की धोखाधड़ी उजागर हुई   छत्तीसगढ़ विधानसभा कार्यवाही 19 मार्च से भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मियों को आहत करने वाला मामला सामने आया गौर तलब रहे कि, छत्तीसगढ़ विधानसभा प्रश्न क्रम 1. प्रश्न क्रमांक. 186 से विधायक देवेन्द्र ने चार प्रश्न पूछे… जिसका जवाब छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त मंत्री ने दिया है जिसके बाद विधायक देवेंद्र यादव के कथनी और करनी के बीच का भ्रम स्पष्ट हो गया और यह भी स्पष्ट हो गया कि… विधायक देवेंद्र ने विगत विधानसभा चुनावों के पहले कैसे बीएसपी आवासीय मकान के लीज मामले मतदाताओं को गुमराह किया है… पढ़िए विधायक देवेंद्र के विधानसभा प्रश्न और मंत्री द्वारा दिया गया जवाब तथा विधायक देवेंद्र यादव के कूटनीतिक छलावे पर प्रकाश डालने वाले विचारणीय पहलू… विधायक देवेंद्र का प्रश्न क्रमांक 186/1  क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि बी.एस.पी प...

गैरजिम्मेदार महापौर!... कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करवाने के मामले में… रिसाली निगम महापौर बेहद गैरजिम्मेदार तरीके का प्रशासकीय व्यवहार कर अपनी राजनीतिक भूमिका निभा रहीं है… जिसके कारण महिला उत्पीड़न करने वालों को संरक्षण मिल रहा है…

कौन है जो रोकेगा गड़बड़ियां ? महिला उत्पीड़न रोकने के मामले में रिसाली निगम की कांग्रेसी शहर सरकार प्रताड़ना करने वाले आरोपियों का निंदनीय संरक्षण करते नजर आ रहीं है । विशेषकर रिसाली महापौर की भूमिका महिला प्रताड़ना करने वालों के लिए सहानभूति पूर्ण नजर आ रहीं है जिसको विधिवत प्रश्नांकित करने की भूमिका सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती निशा देशमुख पूरी कर रहीं है… अरे! कहां है रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति… रिसाली महापौर के गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यवहार ने रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति का अस्तित्व अनियमितताओं के हवाले हो गया है! बेहद व्यथित करने वाली वास्तविकता यह है कि रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति इन दिनों प्रताड़ित महिलाओं की व्यथा का निराकरण करने के स्थान पर प्रताड़ित करने वाले आरोपियों की संरक्षक के तौर पर कार्य करती नजर आ रहीं है जिसके लिए रिसाली की महापौर जिम्मदार है क्योंकि महापौर कामकाजी  महिलाओं की सुरक्षा के लिए की जाने वाली व्यवस्था और सुविधाओं के लिए आवश्यक प्रशासकीय जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहीं है । मैडम महापौर अध्यक्ष आंतरिक शिकायत समिति की जवाबदेही कब ...

अविभाजित भिलाई निगम के संपत्ति का लेखा-जोखा पारदर्शिता के दायरे में नहीं होने कर कारण भिलाई और रिसाली निगम को भारी नुकसान पहुंचाने वाले जमीन दलालों को फायदा हुआ है… वहीं दूसरी ओर आम-जनता जो अपनी जीवन भर के मेहनत की कमाई से महंगे भूखंड खरीद कर मकान बनाती है… उसे नगर पालिक निगम भिलाई और रिसाली के प्रशासन की अनियमितताओं के कारण ठगी का शिकार होने की चिंताजनक संभावना का सामान करना पड़ रहा था… इसलिए महापौरगण को अग्रलिखित बिंदुवार भूमि लेखा-जोखा संज्ञान नोटिस देकर प्रश्नांकित किया गया है..! पढ़िए पूरा मामला और नोटिस…

जन सामान्य के आवासीय प्रयोजन के भूखंडों का नियमितीकरण मामला नोटिस कार्यवाही प्रक्रिया से पारदर्शिता के दायरे में आयेगा… मौकापरस्त महापौर अब जन-सामान्य की समस्याओं को नजरंदाज करने की स्थिति में नहीं रहेंगे… अविभाजित भिलाई निगम में विगत कई वर्षों से लगातार कांग्रेस की शहर सरकार रहीं है… निगम महापौर भी कांग्रेस का रहा है… जिसने अविभाजित भिलाई निगम और विभाजित रिसाली एवं भिलाई निगम की संपत्ति का लेखा-जोखा पारदर्शिता के दायरे में लाने की पदेन जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया है जिसके कारण नोटिस देकर कार्यवाही करने की परिस्थिति बनी है… नोटिस Download लिंक 👇क्लिक करें 👇 https://drive.google.com/file/d/152ki3rd2ZzJRzu-pB_LDlrLpYwz9WqGR/view?usp=drivesdk पार्षद अब अपने प्राधिकार का उपयोग कर महापौर की पदेन जिम्मेदारी तय करवायेगें  जन सामान्य स्तर से की गई संज्ञान नोटिस पर अब पार्षद संज्ञान लेकर निगम महापौर से अपने वार्ड के शासकीय अचल संपत्ति ब्यौरा मांगने के बाध्य हो गए हैं क्योंकि… इस नोटिस की प्रति सभी पार्षदों को व्हाट्सएप पर दी गई है और पार्षद चाहें तो निगम आयुक्त से विधिवत इसकी छायाप्...

भूपेश सरकार की नाकामी को उजागर कर रहा है विधायक देवेंद्र… भिलाई की कामकाजी महिलाओं को तर्क विहीन संभावना बताकर भावनात्मक आधार पर गुमराह करने का मामल है : भिलाई का सी-मार्ट व्यवस्थापन कार्य व्यवहार... इसलिए आमंत्रित है विधायक देवेंद्र यादव… सी-मार्ट की नोट शीट और मूल नस्ती के साथ.. “विशेष चर्चा के लिए”... सार्वजनिक मंच पर आईए… विधायक महोदय…

कामकाजी महिलाओं की आर्थिक स्थिति से खिलवाड़ का मामल विधानसभा कार्यवाही के बाद से पारदर्शिता के दायरे में आ रहा है । भिलाई क्षेत्र की कामकाजी महिलाओं को अपूर्णीय आर्थिक क्षति पहुंचाने वाली विगत भूपेश सरकार की  "ख्याली पुलाव साबित होने वाली योजना सी-मार्ट" पर विगत वर्षों से जमी अनियमितताओं की धूल को हटाने वाल विधानसभा प्रश्न इस योजना से व्यथित महिलाओं के बीच विशेष चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि विधानसभा सत्र दिनांक 25 फरवरी, 2025 का प्रश्न क्रम 25. प्रश्न क्र. 176 से विधायक देवेन्द्र यादव ने प्रश्न पूछा कि, क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि, 1/ नगर पालिका निगम भिलाई के अंतर्गत संचालित सी-मार्ट की वर्तमान स्थिति क्या है ?  2/ क्या उनका संचालन किया जा रहा है ?  3/ यदि हां तो उनमें किन उत्पादनों का विक्रय किया जा रहा है ?  4/ यदि बंद है तो उसको पुनः संचालित कब तक किया जाएगा, जानकारी देवें ? उल्लेखनीय है कि, विधायक देवेंद्र यादव ने छत्तीसगढ़ की विगत भूपेश सरकार की नाकामी और भिलाई नगर निगम के महापौर की तर्क विहीन प्रशासकीय कार्य नीति तथा शासकीय कोष को क्षत...

दुर्ग से कांग्रेस संगठन की केंद्रीय कार्यकारिणी की नजरों में अग्रणी स्थान बनाने वाले मोतीलाल वोरा जी के बाद… अपने दम पर उल्लेखनीय राजनीतिक भूमिका हासिल करने वाली… कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पित सामाजिक कार्यकर्त एनी पीटर ही है… जो कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ की जमीनी कार्यकर्ता है… जिसने दिल्ली की कर्मभूमि पर… कांग्रेस के लिए मोर्चा संभाला..! और दुर्ग का नाम अपने दम पर केंद्रीय राजनीति में दर्ज करवा दिया है… पढ़िए एक विश्लेषण..!

माननीय वोरा जी के बाद… वैसे छत्तीसगढ़ का दुर्ग जिला… केंद्रीय राजनीति में दो जन नेता के नामों के लिए जाना जाता है पहला मोतीलाल वोरा Moti lal Vora और दूसरा सरोज पांडेय..! Saroj Pandey उल्लेखनीय है कि ये दोनों जन नेता अपने दम पर अपनी पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों से संपर्क में आए और इन्होंने अपना अद्वितीय स्थान अपनी - अपनी पार्टी में बनाया लेकिन… अब इस कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर का नाम भी जुड़ता जा रहा है… वैसे यह नव-उज्वलित नाम..! अभी सिर्फ सड़क की लड़ाई के पहले पायदान पर है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली की सड़कों पर अपनी संघर्षरत गाथा के आधार पर अपनी उपस्थिति देकर  सुर्खियां बटोर रहा है..! एकल चलो रे..! Chhattisgadh congress  सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है इसके कई उदाहरण है जो कांग्रेसी आह्वाहन पर सड़क पर संघर्ष करने वाली कार्यकता होने के तौर पर पहचानी जाती है… वैसे तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस कई खेमों और गुटों में बटी है लेकिन एनी पीटर ही एक मात्र समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है जो सभी के साथ तालमेल रखती है और जब भी कांग्रेस पार्टी को जरूरत प...

भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मियों के परिवारों की भावनाओं को… हाउस लीज विषय बेहद आहत करने वाला मामला, हमेशा से रहा है लेकिन..! इससे भी कहीं अधिक पीड़ा..! इस बात की है कि, बीएसपी हाउस लीज मामले में… झूठा आश्वासन देकर अपनी राजनीतिक दुकान चलाने वाले कांग्रेसी नेता देवेंद्र यादव जैसे लोगों की… मौका परस्ती वाली राजनीतिक भूमिका ने भिलाई वासियों के भावनात्मक ज़ख्मों को… बेरहमी से कुरेदने का काम किया है लेकिन..! अब इस मामले में विधि अपेक्षित संघर्ष प्रारंभ हो गया है… कागजी कार्यवाहियों में दफ़न किए गए..! जमीन घोटालों को उजागर करने वाला पहला पड़ाव भिलाई निगम संपत्ति ब्यौरा मांगने की नोटिस देकर… मौक परस्त कांग्रेसी नेता देवेंद्र यादव से प्रतिक्रिया मांगी गई क्योंकि इसी प्रतिक्रिया के आधार पर हाउस लीज विषय स्वमेव पुनर्जीवित हो जाएगा है…

निगम संपत्ति का ब्यौरा क्यों ? भिलाई विधानसभा चुनाव जीतने के लिए विधायक देवेंद्र यादव ने दो बार बीएसपी कर्मियों के परिवार की भावनाओं से जुड़े बीएसपी हाउस लीज मामले को झूठी और तथ्य विहीन जानकारी देकर राजनीतिक तौर पर भुनाया है..! उल्लेखनीय है कांग्रेसी नेता देवेंद्र यादव ने अपने चुनावी प्रचार में… यह तथ्य विहीन भ्रम फैलाया था कि… बीएसपी हाउस लीज की रजिस्ट्री होगी तदोपरांत… भ्रमित होकर कई लोगों ने मालिकाना हक्क प्राप्त करने के तर्क विहीन बहकावे में आकर बीएसपी हाउस लीज रजिस्ट्री भी करवाई लेकिन…! इसके बाद रजिस्ट्री करवाने वाले कितने हाउस लीज धारकों को तथाकथित मालिकाना हक्क मिला है..! यह अनुत्तरित प्रश्न विचारणीय पहलू है।  कांग्रेसी नेता देवेंद्र यादव की कुटिल राजनीति के लिए मुंहतोड़ प्रश्न ? गौरतलब रहे कि, पूर्व महापौर देवेंद्र यादव ने भिलाई नगर पालिक निगम संपत्ति का लेखा-जोखा की वार्ड वार विभागीय पारदर्शिता को सुनिश्चित करवाने का पदेन कर्तव्य पूरा नहीं किया था । जिसके कारण भिलाई नगर निगम की अचल संपत्ति पर कितना अवैधानिक अतिक्रमण और कब्जा किया गया है ? यह अधिकृत तौर पर स्पष्ट नहीं हु...

सामाजिक कार्यकर्ता निशा देशमुख ने भिलाई वासियों के बिजली बिल मामले पर चर्च में कहा कि...भिलाई वालों का बिजली बिल मामला कब सुलझेगा..? यह निरुत्तरीय प्रश्न और उलझ गया है क्योंकि… गोलमोल शब्दशैली वाला स्वार्थसिद्धि पूर्ण… विधानसभा प्रश्न पूछ कर..?... विधायक देवेंद्र यादव द्वारा भिलाई विधानसभा क्षेत्र से पुनः विश्वासघात किया जाना… जन सामान्य द्वारा महसूस किया जा रहा है… इसलिए जन सामान्य के स्तर से आवाज उठ रहीं है कि, इस विषम परिस्थिति पर स्पष्टीकरण दो… विधायक महोदय!

भिलाई नगर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत विद्युत बिलों में उपभोक्ताओं को प्रदायित छूट के संबंध में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री महोदय ने विधानसभा प्रश्न पर…  महत्वपूर्ण जानकारी दी है लेकिन इस जानकारी के आधार पर भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मियों के आवास का बिजली कितना कम होगा  ? यह विधायक महोदय कब बतायेंगे..? इसका इंतजार सभी को है… विधायक देवेंद्र यादव का विधानसभा प्रश्न… छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा विभाग से विधानसभा कार्यवाही में 12 मार्च, 2025 विधानसभा प्रश्न क्रम 33. प्रश्न क्र. 1564 विधायक देवेंद्र यादव द्वारा पूछा गया था कि, क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि, भिलाई नगर विधान सभा क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में क्या छूट प्रदान की जा रही है ? इस प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री (श्री विष्णु देव साय) ने बताया कि:-  भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को "घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को विद्युत देयकों में राहत" योजना”, बीपीएल उपभोक्ताओं को एकल बत्ती कनेक्शन हेतु अनुदान योजना एवं कृषकों को "डॉ० खूबचंद बघेल किसान विद्युत सहायता योजना" क...

ऑनलाईन छात्रवृत्ति फार्म डालकर धोखाधडी मामले में रायपुर कलेक्टर ने एफ.आई.आर. दर्ज करवाई है !

 मुख्य विषय :-  प्रोफेशनल इंन्स्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलाजी खरोरा रायपुर का मामला है। संस्थापक एवं छात्रवृत्ति प्रभारी श्री विक्की सागर के विरूध्द पुलिस एफ.आई.आर दर्ज हुई है। शिकायतकर्ता अरूण कुमार राऊतराय ने 2018-2019 में व्यथा दर्ज करवाई थी । छत्तीसगढ़ लोक आयोग के द्वारा संज्ञान लिए जाने पर एफ.आई.आर दर्ज करवाई गई । ऑनलाईन छात्रवृत्ति फार्म डालकर धोखाधडी किये जाने के संबंध में एफ.आई.आर. दर्ज करवाने के लिए आयुक्त आदिवासी विकास स्तर से बारंबार निर्देश दिए जाने के बाद भी सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग रायपुर छ.ग आरोपियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज नहीं करवा रहा था जिसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता अमोल मालुसरे ने इस मामले को छत्तीसगढ़ लोक आयोग में परिवाद दाखिल कर संज्ञान करवाया तब लोक आयोग द्वारा प्रकरण कार्यवाही विषयक कलेक्टर रायपुर से स्पष्टीकरण मांगा तदोपरांत वर्षों से आरोपियों को दिए जा रहे प्रशासकीय संरक्षण मामले पर विराम लगाकर एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई है  आयुक्त आदिवासी विकास ने दिए थे स्पष्ट निर्देश   संजय चंदेल जो कि सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग रायपुर छ.ग. ने प्रोफ...

मंच कला क्षेत्र के छह प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को अकादमी फेलो (अकादमी रत्न) के रूप में चुना गया, वर्ष 2022 और 2023 के लिए 92 कलाकार संगीत नाटक अकादमी पुरस्कारों के लिए चुने गए, 80 युवा कलाकारों को वर्ष 2022 और 2023 के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार दिया जाएगा

  संगीत , नृत्य और नाट्य कला से संबंधित संगीत नाटक अकादमी , नई दिल्ली की जनरल काउंसिल , नेशनल ने 21 और 22 फरवरी 2024 को नई दिल्ली में आयोजित अपनी बैठक में सर्वसम्मति से मंच कला के क्षेत्र में छह ( 6) प्रतिष्ठित हस्तियों को अकादमी फेलो (अकादमी रत्न) के रूप में चुना है। अकादमी की फेलोशिप सबसे प्रतिष्ठित और अपूर्व सम्मान है। यह फेलोशिप किसी भी खास समय में 40 व्यक्तियों को दी जाती है। जनरल काउंसिल ने वर्ष 2022 और 2023 के संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (अकादमी पुरस्कार) के लिए संगीत , नृत्य , रंगमंच , पारंपरिक/लोक/जनजातीय संगीत/नृत्य/रंगमंच , कठपुतली और मंच कला में समग्र योगदान/छात्रवृत्ति के क्षेत्र से 92 कलाकारों का भी चयन किया। इस प्रकार चुने गए फेलो और पुरस्कार विजेता समग्र रूप से राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आते हैं। इसके अतिरिक्त ये ख्याति प्राप्त कलाकार संगीत , नृत्य , नाटक , लोक और जनजातीय कला , कठपुतली और संबद्ध रंगमंच कला रूपों आदि के रूप में मंच कला रूपों के संपूर्ण रूप को कवर करते हैं। अकादमी की जनरल काउंसिल ने वर्ष ...

निगम अधिनियम में वार्ड पार्षद को कई महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए है... जिनका प्रयोग करके वार्ड पार्षद अपने निर्वाचन क्षेत्र का सर्वागीण विकास कर सकता है... इसके लिए आवश्यक है की पार्षद को निगम अधिनियम के अग्रलिखित विधि निर्देश को पढ़ना और समझना पड़ेगा तथा अपने अधिकार को प्रयोग में लाना होगा

पार्षदों को मिला असीमित अधिकार अब पार्षद प्रश्न भी पूछ सकेंगे,   प्रश्न से सम्बंधित दस्तावेजो और फ़ाइल का अवलोकन भी कर सकेंगे और   नियम आयुक्त और निगम अधिकारियो से निगम सम्मिलन के दिन लिखित में जवाब भी प्राप्त कर सकेंगे इसलिए अब निगम आयुक्त, निगम के अधिकारी / कर्मचारी और जिम्मेदार जन प्रतिनिधि अर्थात एम.आई.सी. सदस्य इन तीनो से पार्षद सीधे प्रश्न पूछकर जवाब मांग सकेंगे तथा विधायक और सांसद की तरह शहर सरकार का सशक्त अंग होने की अपनी पहचान बना सकेंगे पार्षद को शक्ति संपन्न बनाने वाले निगम अधिनियम के अंतर्गत बनाये गए नियम निम्नानुसार हैं :-  पहला नियम :-   छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम १९५६ की धारा २५-क पार्षदों के कर्तव्य - छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम १९५६ की धारा २५-क में परिभाषित किये गए है और इस विधि निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि, पार्षद निगम सम्मिलन में भाग लेकर महापौर या आयुक्त का ध्यान... निगम की सम्पत्ति की किसी हानी या... निगम के किसी योजना या.... सेवा में किसी कमी के तरफ ध्यानान्कर्षण करवायेगा दूसरा नियम :- छ,ग. नगरपालिक (कामकाज के ...

मामले जिन पर चर्चा गरमाई हुयी है

प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) और शेल इंडिया ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए संयुक्त रूप से हरित कौशल-केंद्रित ईवी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया

इस साझेदारी के अंतर्गत चुनिंदा आईटीआई और एनएसटीआई में छात्रों को हरित कौशल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी यह कार्यक्रम शेल के कार्यान्वयन साझेदार एडुनेट फाउंडेशन द्वारा 5 राज्यों में क्रियान्वित किया जाएगा ;   इसके माध्‍यम से हजारों छात्रों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और नवीकरणीय ऊर्जा में उद्योग-तैयार कौशल प्रदान किए जाएंगे भारत के हरित अर्थव्यवस्था दृष्टिकोण के अनुरूप , यह पहल तेजी से विकसित हो रहे ऊर्जा क्षेत्र में प्रमाणन ,   नियोजन सहायता और हरित रोजगारों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय   के अंतर्गत प्रशिक्षण महानिदेशालय ने शेल इंडिया के सहयोग से ग्रीन स्किल्स एवं इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी)   प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों एवं शिक्षकों को ग्रीन एनर्जी एवं ई-मोबिलिटी में भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं से लैस करना है। इस पहल को शेल के प्रशिक्षण भागीदार एडुनेट फाउंडेशन द्वारा 12 जून 2025 को दिल्ली-एनसीआर , ...

फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय योजना

  केंद्रीय प्रायोजित योजना के अंतर्गत फास्‍ट ट्रैक विशेष न्यायालयों (एफटीएससी) की स्थापना की योजना , जिसमें विशेष रूप से बाल यौन शोषण अपराध (पॉक्‍सो) न्यायालय , ( ई-पॉक्‍सो) न्यायालय शामिल हैं। अक्टूबर 2019 में आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम , 2018 के अधिनियमन और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश [स्वयं प्रेरित रिट (आपराधिक) संख्या 1/2019] के बाद शुरू की गई थी। ये न्यायालय बलात्कार और बाल यौन शोषण अपराध (पॉक्‍सो) अधिनियम , 2012 के अंतर्गत लंबित मामलों के समयबद्ध सुनवाई और निपटान के लिए समर्पित हैं। इस योजना को दो बार बढ़ाया जा चुका है। नवीनतम विस्तार 31 मार्च 2026 तक है जिसके अंतर्गत 790 न्यायालयों की स्थापना की जानी है। योजना के अंतर्गत वित्तीय परिव्यय 1952.23 करोड़ रुपये है , जिसमें से 1207.24 करोड़ रुपये निर्भया कोष से केंद्रीय हिस्सेदारी के रूप में वहन किया जाएगा। विभाग ने योजना की शुरुआत से अब तक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 1108.97 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। यह धनराशि केंद्र प्रायोजित योजना (केंद्रीय हिस्सा: राज्य हिस्सा: 60:40 , 90:10) के आधार पर जारी की जाती है...

सेल ने लॉन्च किया “सेल-e-BRATION”: 'स्टील-टू-सोल'

कनेक्शन को सिलिब्रेट करने के लिए एक नेशनल क्रिएटिव चैलेंज इस्पात मंत्रालय के तहत महारत्न कंपनी , स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने MyGov के साथ मिलकर 30 जनवरी , 2026 को “सेल- e-BRATION: स्टील से देश निर्माण , सेल है मज़बूत भरोसे की पहचान” नाम से एक खास प्रतियोगिता शुरू की है। इस प्रतियोगिता के जरिए देश के आम नागरिकों को सेल ( SAIL) से जुड़ी अपनी कहानियों को वीडियो रील्स , शॉर्ट फिल्मों या डिजिटल विज्ञापनों के जरिए दिखाने का मौका दिया जा रहा है। इस अभियान का मकसद " सेल- e-BRATION" का मुख्य उद्देश्य यह बताना है कि कैसे सेल ( SAIL) हर भारतीय के जीवन का एक हिस्सा है। यह अभियान सेल को सिर्फ एक कंपनी नहीं , बल्कि एक "भरोसेमंद दोस्त" के रूप में पेश करता है। इसका लक्ष्य लोगों के साथ एक भावनात्मक रिश्ता (स्टील-टू-सोल) बनाना है—यह दिखाना कि जहाँ सेल देश की ताकत बढ़ाता है , वहीं वह आपके जीवन के हर पल का दोस्त भी है। प्रतियोगिता के विषय ( Themes) आप नीचे दिए गए 4 विषयों में से किसी एक पर अपना वीडियो बना सकते हैं: ·         भारत के बड़े सपनों का ...

सीसीपीए ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों पर भ्रामक विज्ञापन देने वाले कोचिंग संस्थान पर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

  केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम , 2019 के उल्लंघन में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 2022 और 2023 के परिणामों से संबंधित अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए विजन आईएएस (अजयविजन एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड) पर 11 लाख रूपए का जुर्माना लगाया है। संस्थान ने "सीएसई 2023 में शीर्ष 10 में 7 और शीर्ष 100 में 79 चयन" और "सीएसई 2022 में शीर्ष 50 में 39 चयन" जैसे दावों का विज्ञापन किया था , जिसमें सफल उम्मीदवारों के नाम , तस्वीरें और रैंक प्रमुखता से प्रदर्शित किए गए थे। जांच करने पर , सीसीपीए ने पाया कि संस्थान ने श्री शुभम कुमार (यूपीएससी सीएसई 2020 में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले) द्वारा चुने गए विशिष्ट पाठ्यक्रम , अर्थात् जीएस फाउंडेशन बैच (कक्षा छात्र) का खुलासा तो किया , लेकिन जानबूझकर अन्य सफल उम्मीदवारों द्वारा चुने गए पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी छिपा दी , जिनके नाम और तस्वीरें उसी वेबपेज पर उनके साथ प्रदर्शित की गई थीं। इस छिपाव से यह भ्रामक धारणा बनी कि शेष सभी उम्मीदवार ...

भूपेश सरकार की नाकामी को उजागर कर रहा है विधायक देवेंद्र… भिलाई की कामकाजी महिलाओं को तर्क विहीन संभावना बताकर भावनात्मक आधार पर गुमराह करने का मामल है : भिलाई का सी-मार्ट व्यवस्थापन कार्य व्यवहार... इसलिए आमंत्रित है विधायक देवेंद्र यादव… सी-मार्ट की नोट शीट और मूल नस्ती के साथ.. “विशेष चर्चा के लिए”... सार्वजनिक मंच पर आईए… विधायक महोदय…

कामकाजी महिलाओं की आर्थिक स्थिति से खिलवाड़ का मामल विधानसभा कार्यवाही के बाद से पारदर्शिता के दायरे में आ रहा है । भिलाई क्षेत्र की कामकाजी महिलाओं को अपूर्णीय आर्थिक क्षति पहुंचाने वाली विगत भूपेश सरकार की  "ख्याली पुलाव साबित होने वाली योजना सी-मार्ट" पर विगत वर्षों से जमी अनियमितताओं की धूल को हटाने वाल विधानसभा प्रश्न इस योजना से व्यथित महिलाओं के बीच विशेष चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि विधानसभा सत्र दिनांक 25 फरवरी, 2025 का प्रश्न क्रम 25. प्रश्न क्र. 176 से विधायक देवेन्द्र यादव ने प्रश्न पूछा कि, क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि, 1/ नगर पालिका निगम भिलाई के अंतर्गत संचालित सी-मार्ट की वर्तमान स्थिति क्या है ?  2/ क्या उनका संचालन किया जा रहा है ?  3/ यदि हां तो उनमें किन उत्पादनों का विक्रय किया जा रहा है ?  4/ यदि बंद है तो उसको पुनः संचालित कब तक किया जाएगा, जानकारी देवें ? उल्लेखनीय है कि, विधायक देवेंद्र यादव ने छत्तीसगढ़ की विगत भूपेश सरकार की नाकामी और भिलाई नगर निगम के महापौर की तर्क विहीन प्रशासकीय कार्य नीति तथा शासकीय कोष को क्षत...

सरकार ने राष्ट्रीय खेल संघों को आधिकारिक लोगो के अनधिकृत उपयोग को रोकने का निर्देश दिया है

राज्य चिह्न , मंत्रालय और साई के लोगो का दुरुपयोग भ्रामक सरकारी संबद्धता दिखाने के लिए पाया गया है , अनुपालन न करने पर मान्यता निलंबित या वित्तीय सहायता वापस ली जा सकती है भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय (एमओवाईएएस) ने सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल संघों (एनएसएफ) को निर्देश जारी किए हैं कि वे राज्य प्रतीक और युवा मामले एवं खेल मंत्रालय तथा भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के लोगो या चिह्नों का अनधिकृत उपयोग तत्काल बंद कर दें। यह देखा गया है कि कुछ राष्ट्रीय खेल संगठन (एनएसएफ) अपने लेटरहेड , वेबसाइटों , विजिटिंग कार्ड और अन्य संचार सामग्री पर सरकारी लोगो और प्रतीकों का उपयोग कर रहे हैं , जिससे यह गलत धारणा बन रही है कि वे भारत सरकार या साई का प्रत्यक्ष हिस्सा हैं। ऐसा उपयोग अनधिकृत है और भारत के राष्ट्रीय खेल विकास संहिता , 2011 के प्रावधानों के विपरीत है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यद्यपि एनएसएफ को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है और वे वित्तीय और अन्य प्रकार की सहायता के पात्र हैं , लेकिन ऐसी मान्यता या समर्थन उन्हें अपने आधिकारिक स्टेशनरी या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भार...

सरकार ने सरकारी सेवा में कार्यरत महिला कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर समावेशिता, कार्यस्थल पर स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न महिला-केंद्रित पहल की हैं।

महिलाओं के लिए कार्यस्थल में समावेशिता सरकार ने सरकारी सेवा में कार्यरत महिला कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर समावेशिता , कार्यस्थल पर स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न महिला-केंद्रित पहल की हैं। इन उपायों में , अन्य बातों के साथ-साथ , निम्नलिखित शामिल हैं : ·         730 दिनों का बाल देखभाल अवकाश (सीसीएल) प्रदान किया जाएगा। ·         सीसीएल का लाभ लेने वाले सरकारी कर्मचारी के विकलांग बच्चे के मामले में 22 वर्ष की आयु सीमा हटा दी गई। ·         सीसीएल की न्यूनतम अवधि 15 दिन से घटाकर 5 दिन कर दी गई। ·         सीसीएल के दौरान मुख्यालय छोड़ने और विदेश यात्रा पर जाने की अनुमति। ·         सीसीएल के दौरान अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) की अनुमति देना। ·         180 दिन का मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाएगा। ·         सरो...

केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने केंद्रीय सलाहकार परिषद की 5वीं बैठक में एकीकृत रेरा पोर्टल लॉंच किया

  परिषद ने रेरा के कार्यान्वयन , अटकी हुई परियोजनाओं , घर खरीदारों की शिकायतों और डेवलपर्स के मुद्दों की समीक्षा की रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम , 2016 [ रेरा] के तहत गठित केंद्रीय सलाहकार परिषद (सीएसी) की 5 वीं बैठक आज नई दिल्ली के के.जी. मार्ग स्थित संकल्प भवन में आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) के संयुक्त सचिव (आवास) श्री कुलदीप नारायण के स्वागत भाषण के साथ हुई। इसके बाद सचिव (एचयूए) श्री श्रीनिवास कातिकिथाला ने रेरा के कार्यान्वयन के 8 साल के सफर पर अपने विचार रखे। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के माननीय मंत्री , श्री मनोहर लाल और माननीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री , श्री तोखन साहू ने परिषद को संबोधित किया और विचार-विमर्श का मार्गदर्शन किया। बैठक में विभिन्न रेरा अध्यक्षों , राज्य सरकारों के सचिवों , केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों , घर खरीदारों के प्रतिनिधियों और उद्योग संघों ने भाग लिया। इस अवसर पर , केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने एकीकृत रेरा पोर्टल rera.mohua.gov.in का शुभारंभ किया , जो हितधा...

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