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रोज़गार मेले के तहत 51,000+ नियुक्ति पत्रों के वितरण पर प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ

How Can You Contact The Prime Minister Of India Narendra Modi This Is The  Way | एक आम आदमी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कैसे मिल सकता है? यहां जानें  तरीका

 नियुक्ति पत्र पाने वाले 50 हजार युवाओं के परिवार के लिए ये मौका दीवाली से जरा भी कम नहीं है। आप सभी ने कड़ी मेहनत से ये मुकाम हासिल किया है। इसके लिए आप सभी मेरे नौजवान साथी विशेषकर हमारी बेटियां बहुत-बहुत बधाई के पात्र हैं। आपके परिवार को विशेष रूप से मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

नमस्कार।

रोजगार मेले की ये यात्रा इस महीने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंची है। पिछले वर्ष अक्टूबर महीने में ही रोजगार मेले की शुरुआत हुई थी। तब से निरंतर केंद्र और एनडीए शासित, भाजपा शासित राज्यों में रोजगार मेले का आयोजन लगातार किया जा रहा है, बार-बार किया जा रहा है। अब तक लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। आज भी 50 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। दीवाली में अभी कुछ ही समय बाकी है, लेकिन नियुक्ति पत्र पाने वाले 50 हजार युवाओं के परिवार के लिए ये मौका दीवाली से जरा भी कम नहीं है। आप सभी ने कड़ी मेहनत से ये मुकाम हासिल किया है। इसके लिए आप सभी मेरे नौजवान साथी विशेषकर हमारी बेटियां बहुत-बहुत बधाई के पात्र हैं। आपके परिवार को विशेष रूप से मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

साथियों,

देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित होने वाले रोजगार मेले युवाओं के प्रति हमारे commitment का प्रमाण है। हमारी सरकार युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर mission mode में काम कर रही है। हम ना सिर्फ रोजगार दे रहे हैं, बल्कि पूरे system को पारदर्शी भी बनाए हुए हैं, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया पर युवाओं का भरोसा बना हुआ है। हमने भर्ती प्रक्रिया को ना सिर्फ streamline किया है, बल्कि कुछ परीक्षाओं को restructure भी किया है। Staff Selection Commission (SSC) की recruitment cycle में जो समय लगता था वो लगने वाला समय अब करीब-करीब आधा हो गया है। यानि circular पत्र जारी होने से लेकर नियुक्ति पत्र देने तक के समय को काफी कम कर दिया है। इससे युवाओं के समय की बड़ी बचत हुई है। युवाओं के हित में सरकार ने एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। SSC ने कुछ परीक्षाओं को हिंदी, इंग्लिश और 13 क्षेत्रीय भाषाओं में लेना शुरू कर दिया है। इससे बड़ी संख्या में उन युवाओं को नौकरी के लिए आवेदन करने का अवसर मिल रहा है, जिनके रास्ते में भाषा की दीवार खड़ी थी।

 साथियों,

आज भारत जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उससे हर sector में रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। आपने देखा होगा, कुछ ही दिन पहले गुजरात के धोरडो गांव को, आपको पता होगा धोरडो कच्छ जिले में पाकिस्तान की सीमा पर का गांव है। इस धोरडो गांव को United Nations ने Best Tourism Village के रूप में सम्मानित किया है। इससे पहले कर्नाटका के होयसला मंदिरों और पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन को World Heritage Site की पहचान मिली है। आप कल्पना कर सकते हैं कि इससे यहां पर्यटन की संभावना और अर्थव्यवस्था के विस्तार की संभावना कितनी बढ़ गई है। पहले, पर्यटन बढ़ने का सीधा मतलब है कि वहां रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ेंगे, जिसका फायदा, ये tourism का ही तो परिणाम है, जिसका फायदा आसपास के होटल, छोटे-छोटे दुकानदार, बस चलाने वाले, टैक्सी चलाने वाले, ऑटो रिक्शा चलाने वाले, even टूरिस्ट गाइड का काम करने वाले, हर किसी को लाभ होता है। ऐसे ही sports क्षेत्र ये ऐसे sector भी हैं जो रोजगार के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। नेशनल- इंटरनेशनल खेलों में हमारे खिलाड़ी ऐतिहासिक प्रदर्शन कर रहे हैं। ये उपलब्धियां हमारे देश के sports landscape में भी बड़े बदलाव और विकास का संकेत है। और जब sports sector का विकास होता है, तो सिर्फ बेहतर खिलाड़ी ही तैयार होते हैं, ऐसा नहीं है बल्कि इससे trainers, physios, referees और sports nutritionists जैसे अनेक नए अवसर तैयार होते हैं।

साथियों,

 हम रोजगार देने वाले traditional sectors को मजबूत कर रहे हैं। और इसके साथ ही, हम renewable energy, space, automation और defense exports जैसे नए sectors को promote कर रहे हैं। Drone technology में संभावनाओं के नए द्वार खुल गए हैं। आज किसान ड्रोन्स का crop assessment और nutrients के छिड़काव में उपयोग धीरे-धीरे बहुत बढ़ रहा है। स्वामित्व योजना के तहत ड्रो न्स का land mapping में उपयोग हो रहा है। आपने कुछ दिन पहले एक वीडियो देखा होगा। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पिति में ICMR ने ड्रोन की मदद से एक जगह से दूसरी जगह दवा पहुंचाई। इस काम में पहले दो घंटे का समय लगता था लेकिन ड्रोन की मदद से ये 20, 25, 30 मिनट में ही, उससे भी कम समय में काम हो गया। ड्रोन्स ने बड़ी संख्या में startups को भी बढ़ावा दिया है। इस क्षेत्र में हो रहे निवेश से युवाओं को नए तरह के ड्रोन्स की designing में मदद मिल रही है।

मेरे परिवारजनों,

इसी महीने, हमने पूज्य बापू की जयंती भी मनाई है। गांधी जी ने चरखे को स्वदेशी और कर्मयोग के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया। जो खादी अपनी चमक खो चुकी थी, उसकी चमक भी अब वापस लौट आई है। 10 साल पहले खादी की बिक्री 30 हजार करोड़ रुपए के आस-पास थी। अब ये सवा लाख करोड़ रुपए को भी पार कर गई है। इससे खादी और ग्राम उद्योग सेक्टर में अनेक रोजगार के नए अवसर बने हैं। विशेषकर महिलाओं को इससे बहुत मदद मिली है।

साथियों,

हर देश के पास अलग तरह का सामर्थ्य होता है। किसी के पास प्राकृतिक संसाधन होते हैं, कोई खनिज से संपन्न होता है, तो किसी के पास लंबे समुद्र तट की ताकत होती है। लेकिन इस सामर्थ्य का उपयोग करने के लिए, जिस सबसे बड़ी ताकत की आवश्यकता होती है, वो होती है हमारी युवा शक्ति। युवा शक्ति जितनी ज्यादा मजबूत होगी, देश उतना ज्यादा विकास करेगा। आज भारत अपने युवाओं को skilling और education के द्वारा नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार कर रहा है। भविष्य की आधुनिक जरूरतों को देखते हुए देश में आधुनिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की जा रही है। देश में बड़ी संख्या में नए medical college, IIT, IIM या triple IT जैसे कौशल विकास संस्थान खोले गए हैं। करोड़ों युवाओं को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत training दी गई है। हमारे देश में करोड़ों कारीगर अपने पारंपरिक व्यवसायों के माध्यम से आजीविका चलाते हैं। ऐसे विश्वकर्मा कारीगरों उनके लिए पीएम विश्वकर्मा योजना भी शुरू की गई है। आज तकनीक के दौर में सब कुछ तेजी से बदल रहा है, इसलिए हर किसी को अपने हुनर और ज्ञान को update करते रहना होगा। कोई भी नई skill सीखने के बाद ये बहुत जरूरी है कि उसे निरंतर upskill और re-skill किया जाए। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों के traditional skills को modern technology और tools से जोड़ा जा रहा है।

मेरे परिवारजनों,

युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करना, राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ये विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक जरूरी कदम है। सरकारी कर्मचारी के तौर पर आपको ऐसी सारी योजनाओं को आगे बढ़ाना है, उन्हें जमीन पर लागू करना है। आज, आप सभी राष्ट्र निर्माण की हमारी यात्रा में महत्वपूर्ण सहयोगी बनकर हमसे जुड़ रहे हैं। मेरा आपसे आग्रह है कि आप अपने सपनों को आज पूरा कर रहे हैं लेकिन आप देशवासियों के सपनों की ownership ले रहे हैं। मेरा आपसे आग्रह है कि इस यात्रा को लक्ष्य तक पहुंचाने में पूरी तत्परता से आपका सक्रिय, proactive योगदान बहुत जरूरी है। I-Got portal पर आप अपना ज्ञान भी बढ़ाते चलें। आपका हर कदम देश को विकास के रास्ते पर तेजी से आगे ले जाने में मदद करेगा। एक बार फिर आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आपके परिवारजनों को भी बहुत-बहुत शुभकामनाएं और आने वाला पूरा समय, आज तो शरद पूर्णिमा है। आने वाला पूरा समय त्योहारों का समय है, आप जहां हो भले सरकारी काम में लगे हो लेकिन vocal for local इस मंत्र को हर जगह पर पहुंचाइए, आप अपने परिवारजनों को भी बताइए कि हम vocal for local के लिए committed रहेंगे और वो ही रोजगार के नए अवसर देने का भी एक माध्यम है। फिर एक बार आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। बहुत-बहुत धन्यवाद। 

**** DS/RT/RK/AK(रिलीज़ आईडी: 1972493) आगंतुक पटल : 43

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गैरजिम्मेदार महापौर!... कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करवाने के मामले में… रिसाली निगम महापौर बेहद गैरजिम्मेदार तरीके का प्रशासकीय व्यवहार कर अपनी राजनीतिक भूमिका निभा रहीं है… जिसके कारण महिला उत्पीड़न करने वालों को संरक्षण मिल रहा है…

कौन है जो रोकेगा गड़बड़ियां ? महिला उत्पीड़न रोकने के मामले में रिसाली निगम की कांग्रेसी शहर सरकार प्रताड़ना करने वाले आरोपियों का निंदनीय संरक्षण करते नजर आ रहीं है । विशेषकर रिसाली महापौर की भूमिका महिला प्रताड़ना करने वालों के लिए सहानभूति पूर्ण नजर आ रहीं है जिसको विधिवत प्रश्नांकित करने की भूमिका सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती निशा देशमुख पूरी कर रहीं है… अरे! कहां है रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति… रिसाली महापौर के गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यवहार ने रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति का अस्तित्व अनियमितताओं के हवाले हो गया है! बेहद व्यथित करने वाली वास्तविकता यह है कि रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति इन दिनों प्रताड़ित महिलाओं की व्यथा का निराकरण करने के स्थान पर प्रताड़ित करने वाले आरोपियों की संरक्षक के तौर पर कार्य करती नजर आ रहीं है जिसके लिए रिसाली की महापौर जिम्मदार है क्योंकि महापौर कामकाजी  महिलाओं की सुरक्षा के लिए की जाने वाली व्यवस्था और सुविधाओं के लिए आवश्यक प्रशासकीय जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहीं है । मैडम महापौर अध्यक्ष आंतरिक शिकायत समिति की जवाबदेही कब ...

यूट्यूबर यशवंत साहू जो… भिलाई टाईम्स नामक ब्लॉग लिखता है और… यह कपटपूर्ण विषयवस्तु वाले वीडियो आधारित दबदबा बनाकर सोशल मीडिया मंच वाला व्यापार चलाता है… इसी व्यापारिक गतिविधि के तहत यशवंत के द्वारा आपत्तिजनक वीडियो रोजाना बनाया जाता है… इस आपराधिक गतिविधि की पुनरावृत्ति करते हुए यशवंत ने… विगत दिनों उचित मूल्य दुकान का संचालन करने वाली… महिला स्व सहायता समूहों पर मानसिक दबाव बनाने का कपट पूर्वक प्रयास किया है… जिसकी पुलिस FIR कार्यवाही शिकायत दर्ज करवाई गई है..! पढ़िए पूरा मामला…

भिलाई टाईम्स वाला यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत का सामना करेगा रिसाली और भिलाई के कुछ वार्डों की जानकारी और… लोगों की आपसी खुन्नस को… चटकेदार मिर्च मसाला लगाकर… बिना किसी दस्तावेजिक प्रमाण के… यशवंत बयानबाजी करते हुए नाटकीय वीडियो बनाता है और… वीडियो को अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर… यशवंत प्रकाशित करता है । जिस पर आने वाली लाईक और क्लीक बढ़ाकर यशवंत द्वारा… अपनी रोजी रोटी चलाय जाना की बात लोगों ने बताई है लेकिन… इस बार यशवंत ने अपनी यूट्यूबर सीमा से बाहर जाकर… उचित मूल्य दुकान की संचालक महिला स्व सहायता समूहों को निशाना बनाया और… अपने बड़बोले अंदाज में पुलिस और शासन को भी… अपनी युटुब वीडियो बयान विषयवस्तु के आधार पर कटघरे में खड़ा कर दिया है । इसलिए अब यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत कार्यवाही का सामना करने की स्थिति में आ गया है । जवाबदेही तय : बचकाना भाषा शैली और लालच ने यशवंत को बुरा फसाया… साबित करना पड़ेगा फिल्मी डायलॉग वाले आरोप..!  वैसे तो यूट्यूबर यशवंत स्थानीय राजनीति में अपनी छोटी मोटी जगह तलाशने और… भ्रामक जानकारी के आधार पर बनाए नाटकीय वीडियो के आधार पर ...

दुर्ग से कांग्रेस संगठन की केंद्रीय कार्यकारिणी की नजरों में अग्रणी स्थान बनाने वाले मोतीलाल वोरा जी के बाद… अपने दम पर उल्लेखनीय राजनीतिक भूमिका हासिल करने वाली… कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पित सामाजिक कार्यकर्त एनी पीटर ही है… जो कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ की जमीनी कार्यकर्ता है… जिसने दिल्ली की कर्मभूमि पर… कांग्रेस के लिए मोर्चा संभाला..! और दुर्ग का नाम अपने दम पर केंद्रीय राजनीति में दर्ज करवा दिया है… पढ़िए एक विश्लेषण..!

माननीय वोरा जी के बाद… वैसे छत्तीसगढ़ का दुर्ग जिला… केंद्रीय राजनीति में दो जन नेता के नामों के लिए जाना जाता है पहला मोतीलाल वोरा Moti lal Vora और दूसरा सरोज पांडेय..! Saroj Pandey उल्लेखनीय है कि ये दोनों जन नेता अपने दम पर अपनी पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों से संपर्क में आए और इन्होंने अपना अद्वितीय स्थान अपनी - अपनी पार्टी में बनाया लेकिन… अब इस कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर का नाम भी जुड़ता जा रहा है… वैसे यह नव-उज्वलित नाम..! अभी सिर्फ सड़क की लड़ाई के पहले पायदान पर है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली की सड़कों पर अपनी संघर्षरत गाथा के आधार पर अपनी उपस्थिति देकर  सुर्खियां बटोर रहा है..! एकल चलो रे..! Chhattisgadh congress  सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है इसके कई उदाहरण है जो कांग्रेसी आह्वाहन पर सड़क पर संघर्ष करने वाली कार्यकता होने के तौर पर पहचानी जाती है… वैसे तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस कई खेमों और गुटों में बटी है लेकिन एनी पीटर ही एक मात्र समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है जो सभी के साथ तालमेल रखती है और जब भी कांग्रेस पार्टी को जरूरत प...

छत्तीसगढ़ में उचित मूल्य दुकानों का संचालन करने वाली स्व सहायता समूहों के साथ खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा कि जा रही है प्रशासकीय धोखाधड़ी जानिए कैसे…?

महिला समूहों को... उनके दुकान के प्रतिमाह का... वित्तीय विवरण खाद्य विभाग देता है क्या ? गड़बड़ियों के पिटारे में से… छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों (राशन दुकानों) में खाद्य विभाग के कुछ अधिकारियों/ कर्मचारियों और स्व-सहायता समूहों (SHGs) के बीच समन्वय और गड़बड़ी के कई मामले सामने आते रहे हैं। इस विषय को दोनों पक्षों के पहलुओं से समझा जाना आवश्यक है। तभी सार्थक हल निकलना संभव होगा । एक तरफ जहां कुछ समूहों द्वारा वाकई अनियमितता किए जाने की बात सामने आती है, तो वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं और समूहों के शोषण व प्रशासनिक दबाव की शिकायतें भी उठती रही हैं। जिसका असल कारण यह है कि, महिला समूहों को प्रतिमाह लेन देन का वित्तीय विवरण खाद्य नियंत्रक कार्यालय से उपलब्ध नहीं कराया जाता है और ऐसे मासिक विवरण की जानकारी सार्वजनिक करने की जिम्मेदारी खाद्य विभाग पूरी नहीं कर रहा है । इस गंभीर विषय ओर खाद्य नियंत्रक प्रश्नांकित है । छत्तीसगढ़ के जमीनी परिदृश्य और इस पूरे विषय के मुख्य बिंदु बेहद चिंताजनक हैं गड़बड़ियां कई स्तरो...

खाद्य विभाग दुर्ग कार्यालय के अंतर्गत संचालित उचित मूल्य दुकानों में हुई गंभीर वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं तथा... संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही बाबत खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, महानदी भवन, नवा रायपुर (छ.ग.) स्तर से पहला कर दी गई है… जिसके तहत खाद्य नियंत्रक दुर्ग ने 24 उचित मूल्य दुकानों के संचलन के लिए नवीन स्व सहायता समूहों को आमंत्रित किया है… पढ़िए पूर्वानुमानित विश्लेषण

खाद्य नियंत्रक दुर्ग कार्यालय के दोषी अधिकारियों को पकड़ने की चौतरफा विभागीय कार्यवाही वास्तविकता के धरातल की ओर चल पड़ी है… जांच कार्यवाही की रूपरेखा पर प्रकाश डालने वाले पहलुओं को इस प्रकार समझा जा सकता है… खाद्य विभाग दुर्ग कार्यालय के अंतर्गत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालन को लेकर विगत कई वर्षों से लगातार गंभीर शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। स्थानीय स्तर पर सक्षम अधिकारियों की कथित मिलीभगत और संरक्षण के कारण ये जांच कार्यवाहियां लंबे समय से लंबित पड़ी हुई थीं। अत्यंत हर्ष का विषय है कि, विभागीय शीर्ष अधिकारियों एवं सचिवालय के संज्ञान में आने के बाद इस पूरे तंत्र में व्याप्त जिला स्तरीय गंभीर गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। वर्तमान में इस विभागीय कार्यवाही के दो अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू सामने आए हैं, जो सराहनीय हैं: पहला पहलू: पारदर्शिता एवं जवाबदेही तथा शासकीय कोष को क्षति पहुंचाने वाले को कानूनी शिकंजे लाना सुनिश्चित करने हेतु २४ उचित मूल्य दुकानों के नए संचालनकर्ता की नियुक्ति के लिए प्रेस विज्ञप्ति जारी की जा चुकी है। दूसरा पहलू: जांच में पकड़ी गई गड़बड़ियों को लंबे समय तक...

ऑनलाईन छात्रवृत्ति फार्म डालकर धोखाधडी मामले में रायपुर कलेक्टर ने एफ.आई.आर. दर्ज करवाई है !

 मुख्य विषय :-  प्रोफेशनल इंन्स्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलाजी खरोरा रायपुर का मामला है। संस्थापक एवं छात्रवृत्ति प्रभारी श्री विक्की सागर के विरूध्द पुलिस एफ.आई.आर दर्ज हुई है। शिकायतकर्ता अरूण कुमार राऊतराय ने 2018-2019 में व्यथा दर्ज करवाई थी । छत्तीसगढ़ लोक आयोग के द्वारा संज्ञान लिए जाने पर एफ.आई.आर दर्ज करवाई गई । ऑनलाईन छात्रवृत्ति फार्म डालकर धोखाधडी किये जाने के संबंध में एफ.आई.आर. दर्ज करवाने के लिए आयुक्त आदिवासी विकास स्तर से बारंबार निर्देश दिए जाने के बाद भी सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग रायपुर छ.ग आरोपियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज नहीं करवा रहा था जिसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता अमोल मालुसरे ने इस मामले को छत्तीसगढ़ लोक आयोग में परिवाद दाखिल कर संज्ञान करवाया तब लोक आयोग द्वारा प्रकरण कार्यवाही विषयक कलेक्टर रायपुर से स्पष्टीकरण मांगा तदोपरांत वर्षों से आरोपियों को दिए जा रहे प्रशासकीय संरक्षण मामले पर विराम लगाकर एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई है  आयुक्त आदिवासी विकास ने दिए थे स्पष्ट निर्देश   संजय चंदेल जो कि सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग रायपुर छ.ग. ने प्रोफ...

निगम अधिनियम में वार्ड पार्षद को कई महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए है... जिनका प्रयोग करके वार्ड पार्षद अपने निर्वाचन क्षेत्र का सर्वागीण विकास कर सकता है... इसके लिए आवश्यक है की पार्षद को निगम अधिनियम के अग्रलिखित विधि निर्देश को पढ़ना और समझना पड़ेगा तथा अपने अधिकार को प्रयोग में लाना होगा

पार्षदों को मिला असीमित अधिकार अब पार्षद प्रश्न भी पूछ सकेंगे,   प्रश्न से सम्बंधित दस्तावेजो और फ़ाइल का अवलोकन भी कर सकेंगे और   नियम आयुक्त और निगम अधिकारियो से निगम सम्मिलन के दिन लिखित में जवाब भी प्राप्त कर सकेंगे इसलिए अब निगम आयुक्त, निगम के अधिकारी / कर्मचारी और जिम्मेदार जन प्रतिनिधि अर्थात एम.आई.सी. सदस्य इन तीनो से पार्षद सीधे प्रश्न पूछकर जवाब मांग सकेंगे तथा विधायक और सांसद की तरह शहर सरकार का सशक्त अंग होने की अपनी पहचान बना सकेंगे पार्षद को शक्ति संपन्न बनाने वाले निगम अधिनियम के अंतर्गत बनाये गए नियम निम्नानुसार हैं :-  पहला नियम :-   छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम १९५६ की धारा २५-क पार्षदों के कर्तव्य - छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम १९५६ की धारा २५-क में परिभाषित किये गए है और इस विधि निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि, पार्षद निगम सम्मिलन में भाग लेकर महापौर या आयुक्त का ध्यान... निगम की सम्पत्ति की किसी हानी या... निगम के किसी योजना या.... सेवा में किसी कमी के तरफ ध्यानान्कर्षण करवायेगा दूसरा नियम :- छ,ग. नगरपालिक (कामकाज के ...

छत्तीसगढ़ में निजी विश्विद्यालयों द्वारा दी जाने वाली शैक्षणिक आहर्ता प्रमाण पत्र की विश्वसनीयता प्रश्नांकित स्थिति में है क्योंकि… छत्तीसगढ़ के निजी विश्विद्यालयों नियामक आयोग ने जिन निजी विश्विद्यालयों को मान्यता दी है… उन विश्वविद्यालयों द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्रों का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है और… इनकी पारदर्शिता सुनिश्चित करवाने की नियामक आयोग की प्रशासकीय जिम्मेदारियों को भी पूरा नहीं किया गया है… जिसके कारण अनियमित शैक्षणिक आहर्ता प्रमाण बांटें जाने का प्रश्न अनुत्तरित स्थिति में है..! जिसके दुष्परिणाम जान लीजिए…

फर्जी प्रमाण पत्र  नियम विरुद्ध हासिल किए गए फर्जी शैक्षणिक आहर्ताएँ शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करती हैं, समाज में विश्वास की कमी पैदा करती हैं और अयोग्य व्यक्तियों को जिम्मेदार पदों पर बैठाकर भविष्य की पीढ़ियों को नुकसान पहुँचाती हैं।   फर्जी शैक्षणिक आहर्ता से समाज पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव और नुकसान… 1. शिक्षा व्यवस्था पर पड़ता है चिंताजनक विपरीत असर गुणवत्ता में गिरावट: जब शिक्षक या पेशेवर फर्जी डिग्री लेकर नौकरी करते हैं, तो शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है।   शिक्षण प्रणाली की विश्वसनीयता कम होती है: असली मेहनत करने वाले छात्रों और योग्य व्यक्तियों का विश्वास टूटता है।   संस्थागत भ्रष्टाचार निरंकुश होकर पनपता है: फर्जी प्रमाणपत्रों का चलन शिक्षा संस्थानों की साख को नुकसान पहुँचाता है।   2. सामाजिक ढाँचे को पहुंचता है अपूरणीय नुकसान और डालता है विपरीत असर नैतिक पतन: समाज में शैक्षणिक स्तर से ईमानदारी और मेहनत की जगह धोखाधड़ी को बढ़ावा मिलता है।   असमानता और अन्याय: योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिलते, जिससे सामाजिक असमानता ...

निर्माण श्रमिकों के सर्वांगीण उत्थान के लिए शासन योजनाओं का संचालन कर रहीं जिनकी जानकारी हितग्राही श्रमिक तक पहुंचना आवश्यक है... इसलिए इनको जान लीजिए...

  निर्माण श्रमिक अर्थात कौन ? निर्माण श्रमिक से तात्पर्य जो किसी भवन या निर्माण कार्य में कुशल, अर्द्ध कुशल या अकुशल श्रमिक के रूप में शारीरिक, पर्यवेक्षणिक, तकनीकी अथवा लिपिकीय कार्य भाड़े या पारिश्रमिक के लिए करता हो। नियोजन के निबन्धन प्रकट हों या विवक्षित हो, किन्तु प्रबंधकीय या प्रशासकीय हैसियत में नियोजित व्यक्ति इसमें सम्मिलित नहीं है। कहां होता पंजीयन ? हितग्राही पंजीयन भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम, 1996 के अंतर्गत प्रत्येक निर्माण श्रमिक का पंजीयन मंडल के द्वारा किया जाता है। पंजीयन हेतु अर्हताएं क्या है ? निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीयन हेतु निर्धारित आयु सीमा 18 वर्ष से कम नहीं किन्तु 60 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। उल्लेखनीय हैे कि, हितग्राही श्रमिक द्वारा विगत एक वर्ष में भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक के रूप में 90 दिवस कार्य करने संबंधी नियोजक / श्रमिक संघ / श्रम निरीक्षक द्वारा जारी प्रमाण पत्र अपलोड किया जाना अनिवार्य है। कहां होता हैं पंजीयन ? किसी भी लोक सेवा केन्द्र से श्रम विभाग के वेबसाईट पर ऑन-लाईन आवेदन कर सकते हैं। वेबसाईट लिंक अंत में दी गई जिस...

पत्रकार और यूट्यूबर में अंतर को सभी को जानना जरूरी है क्योंकि यूट्यूबर भ्रामक जानकारी के आधार पर स्वयं को पत्रकार होने का भ्रम बनाते है... परिणाम स्वरूप इसका विपरीत प्रभाव पत्रकारिता जगत पड़ रहा है...

पत्रकार और यूट्यूबर के बीच अंतर को समझना आसान है ! अगर हम उनके उद्देश्य, जिम्मेदारी और काम करने के तरीकों को देखें तो दोनों की मंशा और लक्ष्य स्पष्ट हो जाता है । 🎙️ पत्रकार   भूमिका: समाज को तथ्यात्मक, सत्यापित और संतुलित जानकारी देना।   जिम्मेदारी: पत्रकारिता आचार संहिता का पालन करना, स्रोतों की पुष्टि करना और निष्पक्ष रहना।   माध्यम: अख़बार, टीवी, रेडियो, पत्रिका, अन्य प्रिंट माध्यम    लक्ष्य: जनता को जागरूक करना, सत्ता और संस्थाओं को जवाबदेह बनाना।  विश्वसनीयता: गलत सूचना देने पर कानूनी और नैतिक जवाबदेही होती है।   📹 यूट्यूबर भूमिका: मनोरंजन, शिक्षा, व्यक्तिगत विचार या अनुभव साझा करना।   जिम्मेदारी: सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म की नीतियों का पालन करना, लेकिन ये शासकीय अपेक्षाओं के विपरीत पत्रकारिता जैसी सख़्त आचार संहिता का पालन नहीं करते है । सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते हैं ।  माध्यम: YouTube चैनल और सोशल मीडिया।   लक्ष्य: दर्शकों को एन-केन-प्रकारेंण आकर्षित करना, तथ्यविहीन लुभावनी जा...

मामले जिन पर चर्चा गरमाई हुयी है

छत्तीसगढ़ में उचित मूल्य दुकानों का संचालन करने वाली स्व सहायता समूहों के साथ खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा कि जा रही है प्रशासकीय धोखाधड़ी जानिए कैसे…?

महिला समूहों को... उनके दुकान के प्रतिमाह का... वित्तीय विवरण खाद्य विभाग देता है क्या ? गड़बड़ियों के पिटारे में से… छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों (राशन दुकानों) में खाद्य विभाग के कुछ अधिकारियों/ कर्मचारियों और स्व-सहायता समूहों (SHGs) के बीच समन्वय और गड़बड़ी के कई मामले सामने आते रहे हैं। इस विषय को दोनों पक्षों के पहलुओं से समझा जाना आवश्यक है। तभी सार्थक हल निकलना संभव होगा । एक तरफ जहां कुछ समूहों द्वारा वाकई अनियमितता किए जाने की बात सामने आती है, तो वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं और समूहों के शोषण व प्रशासनिक दबाव की शिकायतें भी उठती रही हैं। जिसका असल कारण यह है कि, महिला समूहों को प्रतिमाह लेन देन का वित्तीय विवरण खाद्य नियंत्रक कार्यालय से उपलब्ध नहीं कराया जाता है और ऐसे मासिक विवरण की जानकारी सार्वजनिक करने की जिम्मेदारी खाद्य विभाग पूरी नहीं कर रहा है । इस गंभीर विषय ओर खाद्य नियंत्रक प्रश्नांकित है । छत्तीसगढ़ के जमीनी परिदृश्य और इस पूरे विषय के मुख्य बिंदु बेहद चिंताजनक हैं गड़बड़ियां कई स्तरो...

योजना - अनुसूचित जाति कल्याण योजनाओं के कार्यान्वयन को डिजिटाइज़ करने और मजबूत बनाने के लिए पीएम-अजय पोर्टल और अजय मोबाइल ऐप का शुभारंभ

केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने अनुसूचित जाति कल्याण योजनाओं के कार्यान्वयन को डिजिटाइज़ करने और मजबूत बनाने के लिए पीएम-अजय पोर्टल और अजय मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया पीएम-अजय पोर्टल के माध्‍यम से आदर्श ग्राम , जीआईए और छात्रावास के लिए वास्तविक समय की निगरानी , पारदर्शी शासन और निधि प्रवाह सक्षम हो सकेगा   केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण कार्यान्वयन के लिए ' पीएम-अजय ' पोर्टल और पीएम-अजय मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य कागज आधारित कार्य प्रणाली और प्रसंस्करण से पूर्णतः डिजिटल कार्य प्रणाली और वास्तविक समय के आधार पर प्रसंस्करण में परिवर्तन करना है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा , सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव श्री सुधांश पंत और सरकार के सामाजिक न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पीएम-अजय पोर्टल और अजय मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। सभी राज्यों और केंद्र शा...

कोव्हीशील्ड लसीच्या पहिल्या आणि दुसऱ्या मात्रेमधील अंतर 12 ते 16 आठवड्यांपर्यंत वाढविण्याची कोविड कार्यकारी गटाची ही शिफारस मान्य केली आहे.

कोविड कार्यकारी गटाच्या सल्ल्यानुसार कोव्हीशील्ड लसीच्या दोन मात्रांमधील अंतर 6-8 आठवड्यांपासून 12-16 आठवड्यांपर्यंत वाढविण्यात आले Release Ministry of Health and Family Welfare कोविड कार्यकारी गटाच्या सल्ल्यानुसार कोव्हीशील्ड लसीच्या दोन मात्रांमधील अंतर 6-8 आठवड्यांपासून 12-16 आठवड्यांपर्यंत वाढविण्यात आले Posted Date:- May 13, 2021 नवी दिल्ली, 13 मे 2021 डॉ. एन. के. अरोरा यांच्या अध्यक्षतेखालील कोविड कार्यकारी गटाने, कोव्हीशील्ड लसीच्या पहिल्या आणि दुसऱ्या मात्रेमधील अंतर 12 ते 16 आठवड्यांपर्यंत वाढवण्याची शिफारस केली आहे. कोव्हीशिलड लसीच्या दोन मात्रांमधील विद्यमान अंतर 6-8 आठवडे आहे. विशेषतः ब्रिटनमधील उपलब्ध वास्तववादी पुराव्यांच्या आधारे, कोविड -19 कार्यकारी गटाने कोव्हीशिल्ड लसीच्या दोन मात्रांमधील अंतर 12-16 आठवड्यांपर्यंत वाढवण्यासाठी सहमती दर्शविली. कोविड कार्यकारी गटात खालील सदस्यांचा समावेश आहे: 1 . डॉ एन के अरोरा,संचालक ,आयएनसीएलएएन ट्रस्ट 2 . डॉ. राकेश अग्रवाल , संचालक आणि अधिष्ठाता , जीआयपीएमईआर, पुडुचेरी 3. डॉ. गगनदीप कांग, प्राध्यापक, ख्रिश्चन वैद्यकी...

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों को अपने पक्ष में करके राज्य की सत्ता हासिल की लेकिन भूपेश सरकार ने अधिग्रहण कानून का दुरुपयोग कर किसानों की जमीन को… जबरन हथियाने का भी काम किया और… किसानों के आशीर्वाद से सत्ता हासिल करने के बाद भूपेश सरकार ने भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए अधिग्रहित भूमि और नया रायपुर विकास प्राधिकरण के लिए अधिग्रहित भूमि को किसानों को लौटने के कार्य नहीं किया पढ़िए व्यथित किसानों की पीड़ा…

भिलाई, पाटन, दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के संघर्षरत किसानों को उनकी... जमीन लौटा दो...   भूपेश भैय्या… सामाजिक कार्यकर्ता निशा देशमुख ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कई बार यह निवेदन किया की भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए तत्कालीन कांग्रेस शासन ने जो किसानों की अन्नदाता जमीन अधिग्रहित की थी उसे लौटा दो भूपेश भैय्या… लेकिन भूपेश बघेल ने भिलाई, पाटन, दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के किसानों की जमीन उन्हें लौटने के लिए कुछ नही किया बल्कि भूपेश बघेल सरकार ने भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मियों को मनगढ़ंत आश्वासन देते हुए यह बताया की आवासीय लिज की रजिस्ट्री भूपेश बघेल सरकार कर रहीं है । नया रायपुर के लिए... बलिवेदी पर चढ़ी किसानों की जमीन... कुछ तो बोलो... .... भूपेश भैय्या… किसानों की अन्नदाता उसकी खेत जमीन तथा "उसकी आत्मा उसका गांव और घर को राज्य शासन ने अधिग्रहित करके आलीशान महलों जैसे उद्यान और अन्य विलासिता वाले मनोरंजन के साधन नया रायपुर में विकसित किए है" लेकिन विस्थापित किसानों को उसके घर और जमीन से बेदखल करने के बाद राज्य शासन ने किसानों के पुनर्वास के लिए कुछ नहीं किया और नया र...

कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा बनाए रखने के लिए सभी की भागीदारी और जनजागृति आवश्यक है… जिसके लिए एक पहल हमारे द्वारा की जा रही है…

क्या आप महिला सुरक्षा कानून के तहत प्राधिकृत शासकीय समिति के सदस्य बनकर सामाजिक योगदान देना चाहते है… तो यह लेख आपको नई दिशा दिखा सकता है… इसलिए इसे पूरा पढ़िएगा… प्रतिबद्धता का विषय गरिमापूर्ण कामकाजी वातावरण वाला सुरक्षित और सर्व सुविधायुक्त कार्यस्थल महिलाओं को तभी मिल सकता है… जब हम महिला सुरक्षा के कानून को जान लेंगे और समझ जायेंगे व कानून के प्रावधानों को व्यवहारिक बनाने में नागरिक जिम्मेदारी निभायेंगे; सतत कानूनी निगरानी बनाए रखने के लिए हमारा योगदान जरूरी है   उल्लेखनीय है कि, भारत में महिलाओं की सुरक्षा और गरिमापूर्ण कामकाजी वातावरण बनाने के लिए सशक्त कानून है… जिनका उद्देश्य महिलाओं को न्यायिक संरक्षण देने के साथ-साथ व्यवहारिक संरक्षण भी उपलब्ध करवाना है… इसलिए इन सभी नियमों और कानूनी प्रावधानों को जानना सभी के लिए आवश्यक है क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति की निकट संबंधी कोई न कोई महिला होती है जिसकी सुरक्षा और गरिमापूर्ण सामाजिक स्थिति को बनाए रखना उसकी पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारी होती है इसलिए अग्रलिखित कानून से आप भी परिचित हो जाइए : लैंगिक भेदभाव नहीं:   संविधान म...

एक आरटीआई आवेदन मे केवल एक विषय की जानकारी मांगियें ? ऐसा क्यों ?

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में किया जाने वाला अनुरोध अर्थात RTI आरटीआई आवेदन केवल एक विषय वस्तु का होना चाहिए ऐसा क्यों ⁉️ सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में किया जाने वाला अनुरोध अर्थात RTI आरटीआई आवेदन केवल एक विषय वस्तु का होना चाहिए छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने इसके लिए स्पष्ट नियम बनाए है उसमे लिखा है कि :-  अनुरोध केवल एक विषयवस्तु से संबंधित हो :-  सूचना के लिये अधिनियम की धारा (6) के अंतर्गत अनुरोध लिखित में एक विषयवस्तु से संबंधित रहेगा एवं वह सामान्यतः एक सौ पचास शब्दों से अधिक नहीं होगा. यदि कोई आवेदक एक से अधिक विषयवस्तु की सूचना चाहता है, तो वह इनके लिये अलग-अलग आवेदन करेगा.                    🎯 परन्तु अनुरोध एक से अधिक विषयवस्तु से संबंधित होने की स्थिति में जन सूचना अधिकारी केवल प्रथम विषयवस्तु के संबंध में उत्तर देगा तथा अन्य प्रत्येक विषयवस्तु के लिए आवेदक को अलग-अलग आवेदन करने हेतु सलाह दे सकेगा. --------------------------------- कब सूचना अधिकारी आपका आवेद...

ट्विटरचे निवेदन म्हणजे जगातील सर्वात मोठ्या लोकशाहीवर आपल्या अटी लादण्याचा प्रयत्न आहे.

ट्विटरला देशातील कायद्याचे पालन करावे लागेल ट्विटरने जारी केलेले निवेदन निराधार, खोटे आणि स्वतःची चूक लपवण्यासाठी भारताची बदनामी करण्याचा प्रयत्न असल्याचे सांगत केंद्र सरकारकडून निषेध व्यक्त Posted Date:- May 27, 2021   ट्विटरने आज आपल्या प्रसिद्धी पत्रकात केलेल्या दाव्यांचा सरकारने जोरदार विरोध केला आहे. अनेक शतकांपासून अभिव्यक्ती स्वातंत्र्य आणि लोकशाही पद्धतींची वैभवशाली परंपरा भारतामध्ये आहे. भारतात अभिव्यक्ती स्वातंत्र्याचे रक्षण करणे केवळ ट्विटर सारख्या खासगी, नफ्यासाठी काम करणाऱ्या परकीय संस्थेचा विशेष अधिकार नाही, तर ही जगातील सर्वात मोठी लोकशाहीची आणि तिच्या मजबूत संस्थांची बांधिलकी आहे. ट्विटरचे निवेदन म्हणजे जगातील सर्वात मोठ्या लोकशाहीवर आपल्या अटी लादण्याचा प्रयत्न आहे. आपल्या कृतीतून आणि हेतुपुरस्सर अवहेलना करून ट्विटर भारताची कायदेशीर व्यवस्था धोक्यात आणण्याचा प्रयत्न करत आहे. शिवाय, ट्विटरने सोशल मीडिया इंटरमिडीअरी मार्गदर्शक तत्त्वांच्या त्या नियमांचे पालन करण्यास नकार दिला आहे ज्याच्या आधारे ते भारतातील कोणत्याही गुन्हेगारी दायित्वापासून स्वतःल...

उर्जा मंत्रालयाने परिचालन परीक्षणासाठी देशभरातील प्रमुख 73 ऑक्सिजन निर्मिती प्रकल्प निश्चित केले आहेत यापैकी 13 प्रकल्प राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र विभागात ऑक्सिजनचा पुरवठा करतात

देशातील ऑक्सिजन निर्मिती प्रकल्पांना अहोरात्र वीज पुरवठा करण्यासाठी केंद्रीय उर्जा मंत्रालयाने सक्रीय उपाययोजना केल्या आहेत Posted Date:- May 12, 2021सध्या कोरोना विषाणूमुळे आलेल्या महामारीच्या दुसऱ्या लाटेचा  संपूर्ण देशावर झालेला परिणाम आणि वैद्यकीय सुविधांमध्ये तसेच घरात उपचार घेणाऱ्या रुग्णांसाठी वाढती  ऑक्सिजनची मागणी लक्षात घेऊन केंद्रीय उर्जा मंत्रालयाने राज्यांमधील ऑक्सिजन निर्मिती प्रकल्पांना अहोरात्र अखंडितपणे वीज पुरवठा होईल याची सुनिश्चिती करून घेण्यासाठी अनेक सक्रीय प्रतिबंधात्मक आणि उपकारक  उपाययोजना हाती घेतल्या आहेत. उर्जा मंत्रालयाने परिचालन परीक्षणासाठी देशभरातील प्रमुख  73 ऑक्सिजन निर्मिती प्रकल्प निश्चित केले आहेत यापैकी 13 प्रकल्प राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र विभागात ऑक्सिजनचा पुरवठा करतात.  मंत्रालयाने खालील सक्रीय उपाययोजना सुरु केल्या आहेत:   ii.      उर्जा सचिवांनी घेतलेला दैनंदिन आढावा : Daily Review by Secretary, Power : केंद्रीय उर्जा मंत्रालयाच्या सचिवांसह त्या त्या राज्यांच्या उर...

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