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यवतमाल, महाराष्ट्र में विभिन्न परियोजनाओं के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ

Maharashtra: PM narendra modi launches various projects in Yavatmal,बीते 10  वर्ष में जो कुछ किया, वो आने वाले 25 वर्ष की नींव है: प्रधानमंत्री मोदी -  News Nation

जय भवानी, जय भवानी, जय सेवालाल! जय बिरसा!

आपल्या सर्वांना माझा नमस्कार!

 महाराष्ट्र के राज्यपाल श्रीमान रमेश बैस जी, मुख्यमंत्री श्रीमान एकनाथ शिंदे जी, उपमुख्यमंत्री, देवेन्द्र फडणवीस जी, अजित पवार जी, मंच पर विराजमान अन्य सभी वरिष्ठ महानुभाव। आज इस कार्यक्रम में देश के भी अन्य भागों से बहुत बड़ी मात्रा में हमारे किसान भाई-बहन जुड़े हैं, मैं उनका भी यहां से स्वागत करता हूं।

भाइयों और बहनों,

मैं छत्रपति शिवाजी महाराज की इस पावन भूमि को श्रद्धापूर्वक वंदन करता हूं। महाराष्ट्र की संतान और देश की शान, डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर को भी मैं नमन करता हूं। यवतमाळ-वाशिम तांडेर मार गोर बंजारा भाई, भिया, नायक, डाव, कारभारी तमनून हात जोडन राम रामी!

साथियों,

मैं 10 साल पहले जब ‘चाय पर चर्चा’ करने यवतमाल आया था, तो आपने बहुत आशीर्वाद दिया। और देश की जनता ने NDA को 300 पार पहुंचा दिया। फिर मैं 2019 में फरवरी के महीने में ही यवतमाल आया था। तब भी आपने हम पर खूब प्रेम बरसाया। देश ने भी तब NDA को 350 पार करा दिया। और आज जब 2024 के चुनाव से पहले मैं विकास के उत्सव में शामिल होने आया हूं, तब पूरे देश में एक ही आवाज़ गूंज रही है। अबकी बार...400 पार, अबकी बार, 400 पार.. अबकी बार...400 पार! मैं यहां अपने सामने देख रहा हूं, इतनी बड़ी तादाद में माताएं-बहनें हमें आशीर्वाद देने आई हैं, इससे बड़ा जीवन का सौभाग्य क्या हो सकता है। गांव-गांव से मैं इन माताओं-बहनों को विशेष रूप से प्रणाम करता हूं। जिस प्रकार यवतमाल, वाशिम, चंद्रपुर सहित, पूरे विदर्भ का असीम आशीर्वाद मिल रहा है, उसने तय कर दिया है..NDA सरकार...400 पार! NDA सरकार...400 पार!

 साथियों,

 हम छत्रपति शिवाज़ी महाराज को आदर्श मानने वाले लोग हैं। उनके शासन को 350 वर्ष हो चुके हैं। उनका जब राज्याभिषेक हुआ, सब कुछ मिल गया तो, वे भी आराम से सत्ता का भोग कर सकते थे। लेकिन उन्होंने सत्ता को नहीं बल्कि राष्ट्र की चेतना, राष्ट्र की शक्ति को सर्वोच्च रखा। और जब तक रहे, तब तक इसके लिए ही काम किया। हम भी देश बनाने के लिए, देशवासियों का जीवन बदलने के लिए एक मिशन लेकर के निकले हुए लोग हैं। इसलिए बीते 10 वर्ष में जो कुछ किया वो आने वाले 25 वर्ष की नींव है। मैंने भारत के कोने-कोने को विकसित बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प की सिद्धि के लिए शरीर का कण-कण, जीवन का क्षण-क्षण, आप सबकी सेवा में समर्पित है। और भारत को विकसित बनाने के लिए चार सबसे बड़ी प्राथमिकता है- गरीब, किसान, नौजवान और नारीशक्ति। ये चारों सशक्त हो गए, तो हर समाज, हर वर्ग, देश का हर परिवार सशक्त हो जाएगा।

साथियों,

आज यहां यवतमाल में इन्हीं गरीब, किसान, नौजवान और नारीशक्ति, इन चारों को सशक्त करने वाला काम हुआ है। आज यहां महाराष्ट्र के विकास से जुड़े हज़ारों करोड़ रुपए का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। आज किसानों को सिंचाई की सुविधाएं मिल रही हैं, गरीबों को पक्के घर मिल रहे हैं, गांव की मेरी बहनों को आर्थिक मदद मिल रही है, और नौजवानों का भविष्य बनाने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर मिल रहा है। विदर्भ और मराठवाड़ा की रेल कनेक्टिविटी बेहतर बनाने वाले रेल प्रोजेक्ट्स और नई ट्रेनें आज शुरु हुई हैं। इन सबके लिए मैं आपको बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आप याद कीजिए, ये जो इंडी गठबंधन है, इसकी जब केंद्र में सरकार थी, तब क्या स्थिति थी? तब तो कृषि मंत्री भी यहीं, इसी महाराष्ट्र के थे। उस समय दिल्ली से विदर्भ के किसानों के नाम पर पैकेज घोषित होता था और उसे बीच में ही लूट लिया जाता था। गांव, गरीब, किसान, आदिवासी को कुछ नहीं मिलता था। आज देखिए, मैंने एक बटन दबाया, और देखते ही देखते, पीएम किसान सम्मान निधि के 21 हज़ार करोड़ रुपए, छोटा आंकड़ा नहीं है, 21 हज़ार करोड़ रुपए देश के करोड़ों किसानों के खाते में पहुंच गए। और यही तो मोदी की गारंटी है। जब कांग्रेस की सरकार थी, तब दिल्ली से 1 रुपया निकलता था, 15 पैसा पहुंचता था। अगर कांग्रेस की सरकार होती तो आज जो आपको 21 हजार करोड़ रुपए मिले हैं, उसमें से 18 हजार करोड़ रुपए बीच में ही लूट लिए जाते। लेकिन अब भाजपा सरकार में गरीब का पूरा पैसा, गरीब को मिल रहा है। मोदी की गारंटी है- हर लाभार्थी को पूरा हक, पाई-पाई बैंक खाते में।

 

साथियों,

महाराष्ट्र के किसानों के पास तो डबल इंजन की डबल गारंटी है। अभी महाराष्ट्र के किसानों को अलग से 3800 करोड़ रुपए ट्रांसफर हुए हैं। यानि महाराष्ट्र के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के 12 हज़ार हर वर्ष मिल रहे हैं।

साथियों,

पीएम किसान सम्मान निधि के तहत अभी तक देश के 11 करोड़ किसानों के खाते में 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक जमा हो चुके हैं। इससे महाराष्ट्र के किसानों को 30 हज़ार करोड़ और यवतमाल के किसानों को 900 करोड़ रुपए मिलें है। आप कल्पना कीजिए ये पैसा छोटे किसानों के कितने काम आ रहा है। कुछ दिन पहले ही हमारी सरकार ने गन्ने के लाभकारी मूल्य में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है। अब गन्ने का लाभकारी मूल्य 340 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। इससे महाराष्ट्र के करोड़ों गन्ना किसानों और खेत मजदूरों को लाभ होगा। कुछ दिन पहले ही हमारे गांवों में अनाज के गोदाम बनाने की, दुनिया की सबसे बड़ी योजना आरंभ हुई है। ये गोदाम भी हमारे किसानों की सहकारी समितियां, हमारे सहकारी संगठन बनाएंगे, वे ही इनको नियंत्रित करेंगे। इससे छोटे किसानों को विशेष लाभ होगा। उन्हें मजबूरी में, कम कीमत पर अपनी उपज नहीं बेचनी पड़ेगी।

साथियों,

विकसित भारत के लिए गांव की अर्थव्यवस्था का सशक्त होना बहुत ज़रूरी है। इसलिए बीते 10 वर्षों में हमारा निरंतर प्रयास रहा है कि गांव में रहने वाले हर परिवार की परेशानियों को दूर करें, उन्हें आर्थिक संबल दें। पानी का महत्व क्या होता है, ये विदर्भ से बेहतर भला कौन जान सकता है। पीने का पानी हो या फिर सिंचाई का पानी, 2014 से पहले देश के गांवों में हाहाकार था। लेकिन इंडी गठबंधन की तब की सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं थी। आप ज़रा सोचिए, आज़ादी के बाद से लेकर 2014 तक देश के गांव में, 100 में से लगभग 15 परिवार ही ऐसे थे जिनके घर पाइप से पानी आता था, 100 में से 15 घर। और इनमें से अधिकतर गरीब, दलित, पिछड़े और आदिवासी थे, जिनको ये लाभ नहीं मिलता था। ये हमारी माताओं-बहनों के लिए बहुत बड़ा संकट था। इस स्थिति से माताओं-बहनों को बाहर निकालने के लिए ही लाल किले से मोदी ने हर घर जल की गारंटी दी थी। 4-5 साल के भीतर ही, आज हर 100 में से 75 ग्रामीण परिवारों तक पाइप से पानी पहुंच चुका है। महाराष्ट्र में भी जहां 50 लाख से कम परिवारों के पास ही नल से जल था, आज लगभग सवा करोड़ नल कनेक्शन हैं। तभी देश कहता है- मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरा होने की गारंटी।

 

साथियों,

मोदी ने एक और गारंटी देश के किसानों को दी थी। कांग्रेस की सरकारों ने दशकों से देश की करीब 100 बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को लटकाकर रखा था, इनमें से 60 से ज्यादा पूरी हो चुकी हैं और बाकी भी पूरी होने वाली हैं। लटकी हुई इन सिंचाई परियोजनाओं में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र की 26 परियोजनाएं थीं। महाराष्ट्र के, विदर्भ के हर किसान परिवार को ये जानने का हक है कि किसके पाप की सज़ा आपकी पीढ़ियों को भुगतनी पड़ी है। इन 26 लटकी हुई परियोजनाओं में से 12 पूरी हो चुकी हैं और बाकियों पर भी तेज़ी से काम चल रहा है। ये भाजपा की सरकार है, जिसने निलवांडे बांध परियोजना को 50 वर्ष बाद पूरा करके दिखाया है। कृष्णा कोयना-लिफ्ट सिंचाई परियोजना और टेमभू लिफ्ट सिंचाई परियोजना भी दशकों बाद पूरी हुईं हैं। गॉसीखुर्द परियोजना का ज्यादातर काम भी हमारी सरकार ने ही पूरा किया है। आज भी यहां विदर्भ और मराठवाड़ा के लिए पीएम कृषि सिंचाई और बलीराजा संजीवनी योजना के तहत 51 प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण हुआ है। इनसे 80 हज़ार हैक्टेयर से ज्यादा भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

साथियों,

मोदी ने गांव की बहनों को लखपति दीदी बनाने की गारंटी भी दी है। अभी तक देश की 1 करोड़ बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। इस वर्ष के बजट में हमने घोषणा की है कि 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाना है। अब इस संकल्प की सिद्धि के लिए मैं जुटा हूं। आज स्वयं सहायता समूहों में बहनों-बेटियों की संख्या 10 करोड़ को पार कर गई है। इन बहनों को बैंकों से 8 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं, 40 हज़ार करोड़ रुपए का विशेष फंड केंद्र सरकार ने दिया है। महाराष्ट्र में भी बचत समूहों से जुड़ी बहनों को इसका बहुत लाभ हुआ है। आज इन समूहों को 800 करोड़ रुपए से ज्यादा की मदद दी गई है। यवतमाल जिले में बहनों को अनेक ई-रिक्शा भी दिए गए हैं। मैं शिंदे जी, देवेंद्र जी और अजीत दादा सहित महाराष्ट्र की पूरी सरकार का इस काम के लिए विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं।

और साथियों,

अब बहनें ई-रिक्शा तो चला ही रही हैं, अब तो ड्रोन भी चलाएंगी। नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत बहनों के समूहों को ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग दी जा रही है। फिर सरकार इन बहनों को ड्रोन देगी, जो खेती के काम में आएगा।

साथियों,

 आज यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा का भी लोकार्पण हुआ है। पंडित जी, अंत्योदय के प्रेरणा पुरुष है। उनका पूरा जीवन गरीबों के लिए समर्पित रहा है। हम सभी पंडित जी के विचार से प्रेरणा लेते हैं। बीते 10 वर्ष गरीबों के लिए समर्पित रहे हैं। पहली बार मुफ्त राशन की गारंटी मिली है। पहली बार मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है। आज भी यहां महाराष्ट्र के 1 करोड़ परिवारों को आयुष्मान कार्ड देने का अभियान शुरु हुआ है। पहली बार करोड़ों गरीबों के लिए शानदार पक्के घर बने हैं। आज ओबीसी परिवारों के घरों के निर्माण के लिए विशेष योजना शुरु हुई है। इस योजना के तहत 10 लाख ओबीसी परिवारों के लिए पक्के घर बनेंगे।

साथियों,

जिनको कभी किसी ने नहीं पूछा, उनको मोदी ने पूछा है, उनको पूजा है। विश्वकर्मा साथियों के लिए, बलुतेदार समुदायों के कारीगरों के लिए, कभी कोई बड़ी योजना नहीं बनी। मोदी ने, पहली बार 13 हज़ार करोड़ रुपए की पीएम विश्वकर्मा योजना शुरु की है। कांग्रेस के समय में आदिवासी समाज को हमेशा सबसे पीछे रखा गया, उन्हें सुविधाएं नहीं दीं। लेकिन मोदी ने जनजातीय समाज में भी सबसे पिछड़ी जनजातियों तक की चिंता की है। पहली बार उनके विकास के लिए 23 हज़ार करोड़ रुपए की पीएम-जनमन योजना शुरु हो चुकी है। ये योजना, महाराष्ट्र के कातकरी, कोलाम और माडिया जैसे अनेक जनजातीय समुदायों को बेहतर जीवन देगी। गरीब, किसान, नौजवान और नारीशक्ति को सशक्त करने का ये अभियान और तेज़ होने वाला है। आने वाले 5 वर्ष, इससे भी अधिक तेज़ विकास के होंगे। आने वाले 5 वर्ष विदर्भ के हर परिवार के जीवन को बेहतर बनाने वाले होंगे। एक बार फिर किसान परिवारों को, आप सभी को अनेक-अनेक बधाई। मेरे साथ बोलिए-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद।

***

DS/ST/RK/AK(रिलीज़ आईडी: 2009915) आगंतुक पटल : 68 प्रविष्टि तिथि: 28 FEB 2024 by PIB Delhi

 

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गैरजिम्मेदार महापौर!... कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करवाने के मामले में… रिसाली निगम महापौर बेहद गैरजिम्मेदार तरीके का प्रशासकीय व्यवहार कर अपनी राजनीतिक भूमिका निभा रहीं है… जिसके कारण महिला उत्पीड़न करने वालों को संरक्षण मिल रहा है…

कौन है जो रोकेगा गड़बड़ियां ? महिला उत्पीड़न रोकने के मामले में रिसाली निगम की कांग्रेसी शहर सरकार प्रताड़ना करने वाले आरोपियों का निंदनीय संरक्षण करते नजर आ रहीं है । विशेषकर रिसाली महापौर की भूमिका महिला प्रताड़ना करने वालों के लिए सहानभूति पूर्ण नजर आ रहीं है जिसको विधिवत प्रश्नांकित करने की भूमिका सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती निशा देशमुख पूरी कर रहीं है… अरे! कहां है रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति… रिसाली महापौर के गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यवहार ने रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति का अस्तित्व अनियमितताओं के हवाले हो गया है! बेहद व्यथित करने वाली वास्तविकता यह है कि रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति इन दिनों प्रताड़ित महिलाओं की व्यथा का निराकरण करने के स्थान पर प्रताड़ित करने वाले आरोपियों की संरक्षक के तौर पर कार्य करती नजर आ रहीं है जिसके लिए रिसाली की महापौर जिम्मदार है क्योंकि महापौर कामकाजी  महिलाओं की सुरक्षा के लिए की जाने वाली व्यवस्था और सुविधाओं के लिए आवश्यक प्रशासकीय जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहीं है । मैडम महापौर अध्यक्ष आंतरिक शिकायत समिति की जवाबदेही कब ...

यूट्यूबर यशवंत साहू जो… भिलाई टाईम्स नामक ब्लॉग लिखता है और… यह कपटपूर्ण विषयवस्तु वाले वीडियो आधारित दबदबा बनाकर सोशल मीडिया मंच वाला व्यापार चलाता है… इसी व्यापारिक गतिविधि के तहत यशवंत के द्वारा आपत्तिजनक वीडियो रोजाना बनाया जाता है… इस आपराधिक गतिविधि की पुनरावृत्ति करते हुए यशवंत ने… विगत दिनों उचित मूल्य दुकान का संचालन करने वाली… महिला स्व सहायता समूहों पर मानसिक दबाव बनाने का कपट पूर्वक प्रयास किया है… जिसकी पुलिस FIR कार्यवाही शिकायत दर्ज करवाई गई है..! पढ़िए पूरा मामला…

भिलाई टाईम्स वाला यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत का सामना करेगा रिसाली और भिलाई के कुछ वार्डों की जानकारी और… लोगों की आपसी खुन्नस को… चटकेदार मिर्च मसाला लगाकर… बिना किसी दस्तावेजिक प्रमाण के… यशवंत बयानबाजी करते हुए नाटकीय वीडियो बनाता है और… वीडियो को अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर… यशवंत प्रकाशित करता है । जिस पर आने वाली लाईक और क्लीक बढ़ाकर यशवंत द्वारा… अपनी रोजी रोटी चलाय जाना की बात लोगों ने बताई है लेकिन… इस बार यशवंत ने अपनी यूट्यूबर सीमा से बाहर जाकर… उचित मूल्य दुकान की संचालक महिला स्व सहायता समूहों को निशाना बनाया और… अपने बड़बोले अंदाज में पुलिस और शासन को भी… अपनी युटुब वीडियो बयान विषयवस्तु के आधार पर कटघरे में खड़ा कर दिया है । इसलिए अब यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत कार्यवाही का सामना करने की स्थिति में आ गया है । जवाबदेही तय : बचकाना भाषा शैली और लालच ने यशवंत को बुरा फसाया… साबित करना पड़ेगा फिल्मी डायलॉग वाले आरोप..!  वैसे तो यूट्यूबर यशवंत स्थानीय राजनीति में अपनी छोटी मोटी जगह तलाशने और… भ्रामक जानकारी के आधार पर बनाए नाटकीय वीडियो के आधार पर ...

दुर्ग से कांग्रेस संगठन की केंद्रीय कार्यकारिणी की नजरों में अग्रणी स्थान बनाने वाले मोतीलाल वोरा जी के बाद… अपने दम पर उल्लेखनीय राजनीतिक भूमिका हासिल करने वाली… कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पित सामाजिक कार्यकर्त एनी पीटर ही है… जो कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ की जमीनी कार्यकर्ता है… जिसने दिल्ली की कर्मभूमि पर… कांग्रेस के लिए मोर्चा संभाला..! और दुर्ग का नाम अपने दम पर केंद्रीय राजनीति में दर्ज करवा दिया है… पढ़िए एक विश्लेषण..!

माननीय वोरा जी के बाद… वैसे छत्तीसगढ़ का दुर्ग जिला… केंद्रीय राजनीति में दो जन नेता के नामों के लिए जाना जाता है पहला मोतीलाल वोरा Moti lal Vora और दूसरा सरोज पांडेय..! Saroj Pandey उल्लेखनीय है कि ये दोनों जन नेता अपने दम पर अपनी पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों से संपर्क में आए और इन्होंने अपना अद्वितीय स्थान अपनी - अपनी पार्टी में बनाया लेकिन… अब इस कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर का नाम भी जुड़ता जा रहा है… वैसे यह नव-उज्वलित नाम..! अभी सिर्फ सड़क की लड़ाई के पहले पायदान पर है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली की सड़कों पर अपनी संघर्षरत गाथा के आधार पर अपनी उपस्थिति देकर  सुर्खियां बटोर रहा है..! एकल चलो रे..! Chhattisgadh congress  सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है इसके कई उदाहरण है जो कांग्रेसी आह्वाहन पर सड़क पर संघर्ष करने वाली कार्यकता होने के तौर पर पहचानी जाती है… वैसे तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस कई खेमों और गुटों में बटी है लेकिन एनी पीटर ही एक मात्र समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है जो सभी के साथ तालमेल रखती है और जब भी कांग्रेस पार्टी को जरूरत प...

ऑनलाईन छात्रवृत्ति फार्म डालकर धोखाधडी मामले में रायपुर कलेक्टर ने एफ.आई.आर. दर्ज करवाई है !

 मुख्य विषय :-  प्रोफेशनल इंन्स्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलाजी खरोरा रायपुर का मामला है। संस्थापक एवं छात्रवृत्ति प्रभारी श्री विक्की सागर के विरूध्द पुलिस एफ.आई.आर दर्ज हुई है। शिकायतकर्ता अरूण कुमार राऊतराय ने 2018-2019 में व्यथा दर्ज करवाई थी । छत्तीसगढ़ लोक आयोग के द्वारा संज्ञान लिए जाने पर एफ.आई.आर दर्ज करवाई गई । ऑनलाईन छात्रवृत्ति फार्म डालकर धोखाधडी किये जाने के संबंध में एफ.आई.आर. दर्ज करवाने के लिए आयुक्त आदिवासी विकास स्तर से बारंबार निर्देश दिए जाने के बाद भी सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग रायपुर छ.ग आरोपियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज नहीं करवा रहा था जिसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता अमोल मालुसरे ने इस मामले को छत्तीसगढ़ लोक आयोग में परिवाद दाखिल कर संज्ञान करवाया तब लोक आयोग द्वारा प्रकरण कार्यवाही विषयक कलेक्टर रायपुर से स्पष्टीकरण मांगा तदोपरांत वर्षों से आरोपियों को दिए जा रहे प्रशासकीय संरक्षण मामले पर विराम लगाकर एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई है  आयुक्त आदिवासी विकास ने दिए थे स्पष्ट निर्देश   संजय चंदेल जो कि सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग रायपुर छ.ग. ने प्रोफ...

निगम अधिनियम में वार्ड पार्षद को कई महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए है... जिनका प्रयोग करके वार्ड पार्षद अपने निर्वाचन क्षेत्र का सर्वागीण विकास कर सकता है... इसके लिए आवश्यक है की पार्षद को निगम अधिनियम के अग्रलिखित विधि निर्देश को पढ़ना और समझना पड़ेगा तथा अपने अधिकार को प्रयोग में लाना होगा

पार्षदों को मिला असीमित अधिकार अब पार्षद प्रश्न भी पूछ सकेंगे,   प्रश्न से सम्बंधित दस्तावेजो और फ़ाइल का अवलोकन भी कर सकेंगे और   नियम आयुक्त और निगम अधिकारियो से निगम सम्मिलन के दिन लिखित में जवाब भी प्राप्त कर सकेंगे इसलिए अब निगम आयुक्त, निगम के अधिकारी / कर्मचारी और जिम्मेदार जन प्रतिनिधि अर्थात एम.आई.सी. सदस्य इन तीनो से पार्षद सीधे प्रश्न पूछकर जवाब मांग सकेंगे तथा विधायक और सांसद की तरह शहर सरकार का सशक्त अंग होने की अपनी पहचान बना सकेंगे पार्षद को शक्ति संपन्न बनाने वाले निगम अधिनियम के अंतर्गत बनाये गए नियम निम्नानुसार हैं :-  पहला नियम :-   छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम १९५६ की धारा २५-क पार्षदों के कर्तव्य - छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम १९५६ की धारा २५-क में परिभाषित किये गए है और इस विधि निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि, पार्षद निगम सम्मिलन में भाग लेकर महापौर या आयुक्त का ध्यान... निगम की सम्पत्ति की किसी हानी या... निगम के किसी योजना या.... सेवा में किसी कमी के तरफ ध्यानान्कर्षण करवायेगा दूसरा नियम :- छ,ग. नगरपालिक (कामकाज के ...

छत्तीसगढ़ में निजी विश्विद्यालयों द्वारा दी जाने वाली शैक्षणिक आहर्ता प्रमाण पत्र की विश्वसनीयता प्रश्नांकित स्थिति में है क्योंकि… छत्तीसगढ़ के निजी विश्विद्यालयों नियामक आयोग ने जिन निजी विश्विद्यालयों को मान्यता दी है… उन विश्वविद्यालयों द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्रों का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है और… इनकी पारदर्शिता सुनिश्चित करवाने की नियामक आयोग की प्रशासकीय जिम्मेदारियों को भी पूरा नहीं किया गया है… जिसके कारण अनियमित शैक्षणिक आहर्ता प्रमाण बांटें जाने का प्रश्न अनुत्तरित स्थिति में है..! जिसके दुष्परिणाम जान लीजिए…

फर्जी प्रमाण पत्र  नियम विरुद्ध हासिल किए गए फर्जी शैक्षणिक आहर्ताएँ शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करती हैं, समाज में विश्वास की कमी पैदा करती हैं और अयोग्य व्यक्तियों को जिम्मेदार पदों पर बैठाकर भविष्य की पीढ़ियों को नुकसान पहुँचाती हैं।   फर्जी शैक्षणिक आहर्ता से समाज पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव और नुकसान… 1. शिक्षा व्यवस्था पर पड़ता है चिंताजनक विपरीत असर गुणवत्ता में गिरावट: जब शिक्षक या पेशेवर फर्जी डिग्री लेकर नौकरी करते हैं, तो शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है।   शिक्षण प्रणाली की विश्वसनीयता कम होती है: असली मेहनत करने वाले छात्रों और योग्य व्यक्तियों का विश्वास टूटता है।   संस्थागत भ्रष्टाचार निरंकुश होकर पनपता है: फर्जी प्रमाणपत्रों का चलन शिक्षा संस्थानों की साख को नुकसान पहुँचाता है।   2. सामाजिक ढाँचे को पहुंचता है अपूरणीय नुकसान और डालता है विपरीत असर नैतिक पतन: समाज में शैक्षणिक स्तर से ईमानदारी और मेहनत की जगह धोखाधड़ी को बढ़ावा मिलता है।   असमानता और अन्याय: योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिलते, जिससे सामाजिक असमानता ...

निर्माण श्रमिकों के सर्वांगीण उत्थान के लिए शासन योजनाओं का संचालन कर रहीं जिनकी जानकारी हितग्राही श्रमिक तक पहुंचना आवश्यक है... इसलिए इनको जान लीजिए...

  निर्माण श्रमिक अर्थात कौन ? निर्माण श्रमिक से तात्पर्य जो किसी भवन या निर्माण कार्य में कुशल, अर्द्ध कुशल या अकुशल श्रमिक के रूप में शारीरिक, पर्यवेक्षणिक, तकनीकी अथवा लिपिकीय कार्य भाड़े या पारिश्रमिक के लिए करता हो। नियोजन के निबन्धन प्रकट हों या विवक्षित हो, किन्तु प्रबंधकीय या प्रशासकीय हैसियत में नियोजित व्यक्ति इसमें सम्मिलित नहीं है। कहां होता पंजीयन ? हितग्राही पंजीयन भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम, 1996 के अंतर्गत प्रत्येक निर्माण श्रमिक का पंजीयन मंडल के द्वारा किया जाता है। पंजीयन हेतु अर्हताएं क्या है ? निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीयन हेतु निर्धारित आयु सीमा 18 वर्ष से कम नहीं किन्तु 60 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। उल्लेखनीय हैे कि, हितग्राही श्रमिक द्वारा विगत एक वर्ष में भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक के रूप में 90 दिवस कार्य करने संबंधी नियोजक / श्रमिक संघ / श्रम निरीक्षक द्वारा जारी प्रमाण पत्र अपलोड किया जाना अनिवार्य है। कहां होता हैं पंजीयन ? किसी भी लोक सेवा केन्द्र से श्रम विभाग के वेबसाईट पर ऑन-लाईन आवेदन कर सकते हैं। वेबसाईट लिंक अंत में दी गई जिस...

पत्रकार और यूट्यूबर में अंतर को सभी को जानना जरूरी है क्योंकि यूट्यूबर भ्रामक जानकारी के आधार पर स्वयं को पत्रकार होने का भ्रम बनाते है... परिणाम स्वरूप इसका विपरीत प्रभाव पत्रकारिता जगत पड़ रहा है...

पत्रकार और यूट्यूबर के बीच अंतर को समझना आसान है ! अगर हम उनके उद्देश्य, जिम्मेदारी और काम करने के तरीकों को देखें तो दोनों की मंशा और लक्ष्य स्पष्ट हो जाता है । 🎙️ पत्रकार   भूमिका: समाज को तथ्यात्मक, सत्यापित और संतुलित जानकारी देना।   जिम्मेदारी: पत्रकारिता आचार संहिता का पालन करना, स्रोतों की पुष्टि करना और निष्पक्ष रहना।   माध्यम: अख़बार, टीवी, रेडियो, पत्रिका, अन्य प्रिंट माध्यम    लक्ष्य: जनता को जागरूक करना, सत्ता और संस्थाओं को जवाबदेह बनाना।  विश्वसनीयता: गलत सूचना देने पर कानूनी और नैतिक जवाबदेही होती है।   📹 यूट्यूबर भूमिका: मनोरंजन, शिक्षा, व्यक्तिगत विचार या अनुभव साझा करना।   जिम्मेदारी: सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म की नीतियों का पालन करना, लेकिन ये शासकीय अपेक्षाओं के विपरीत पत्रकारिता जैसी सख़्त आचार संहिता का पालन नहीं करते है । सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते हैं ।  माध्यम: YouTube चैनल और सोशल मीडिया।   लक्ष्य: दर्शकों को एन-केन-प्रकारेंण आकर्षित करना, तथ्यविहीन लुभावनी जा...

अविभाजित भिलाई निगम के संपत्ति का लेखा-जोखा पारदर्शिता के दायरे में नहीं होने कर कारण भिलाई और रिसाली निगम को भारी नुकसान पहुंचाने वाले जमीन दलालों को फायदा हुआ है… वहीं दूसरी ओर आम-जनता जो अपनी जीवन भर के मेहनत की कमाई से महंगे भूखंड खरीद कर मकान बनाती है… उसे नगर पालिक निगम भिलाई और रिसाली के प्रशासन की अनियमितताओं के कारण ठगी का शिकार होने की चिंताजनक संभावना का सामान करना पड़ रहा था… इसलिए महापौरगण को अग्रलिखित बिंदुवार भूमि लेखा-जोखा संज्ञान नोटिस देकर प्रश्नांकित किया गया है..! पढ़िए पूरा मामला और नोटिस…

जन सामान्य के आवासीय प्रयोजन के भूखंडों का नियमितीकरण मामला नोटिस कार्यवाही प्रक्रिया से पारदर्शिता के दायरे में आयेगा… मौकापरस्त महापौर अब जन-सामान्य की समस्याओं को नजरंदाज करने की स्थिति में नहीं रहेंगे… अविभाजित भिलाई निगम में विगत कई वर्षों से लगातार कांग्रेस की शहर सरकार रहीं है… निगम महापौर भी कांग्रेस का रहा है… जिसने अविभाजित भिलाई निगम और विभाजित रिसाली एवं भिलाई निगम की संपत्ति का लेखा-जोखा पारदर्शिता के दायरे में लाने की पदेन जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया है जिसके कारण नोटिस देकर कार्यवाही करने की परिस्थिति बनी है… नोटिस Download लिंक 👇क्लिक करें 👇 https://drive.google.com/file/d/152ki3rd2ZzJRzu-pB_LDlrLpYwz9WqGR/view?usp=drivesdk पार्षद अब अपने प्राधिकार का उपयोग कर महापौर की पदेन जिम्मेदारी तय करवायेगें  जन सामान्य स्तर से की गई संज्ञान नोटिस पर अब पार्षद संज्ञान लेकर निगम महापौर से अपने वार्ड के शासकीय अचल संपत्ति ब्यौरा मांगने के बाध्य हो गए हैं क्योंकि… इस नोटिस की प्रति सभी पार्षदों को व्हाट्सएप पर दी गई है और पार्षद चाहें तो निगम आयुक्त से विधिवत इसकी छायाप्...

झोलाछाप डॉक्टरों और अपंजीकृत चिकित्सा व्यवसाइयों को पहचानना और उनसे बचाव करने के लिए हमारे लोकतांत्रिक कानूनी व्यवस्था में चिकित्सा सुविधा देने के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने की है पर्याप्त व्यवस्था है… पढ़िए जागरूक रहने के विधिक पहलू…

लोक स्वास्थ्य को अपूरणीय क्षति पहुंचाने वाले अनियमित चिकित्सा व्यवसाई ग्रामीण और शहरी दोनो ही जगह… अपनी दुकान चला रहें है लेकिन जन जागरूक के आभाव में इनके विरुद्ध शासन कानूनी कार्यवाही नहीं कर पा रहा है… इसलिए यह लेख जन जागरूकता लाने का एक प्रयास है… झोलाछाप डॉक्टरों को पहचानना और उनसे बचना बेहद ज़रूरी है। ये लोग न केवल आपके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हैं बल्कि आपकी जान को भी खतरे में डाल सकते हैं। झोलाछाप डॉक्टरों की कुछ खास पहचान: अयोग्यता का दावा: ये लोग अक्सर असाध्य बीमारियों का भी इलाज करने का दावा करते हैं, जो किसी योग्य डॉक्टर के लिए भी मुश्किल हो सकता है। गुप्त स्थान: ये लोग अक्सर घरों, छोटी दुकानों या ऐसी जगहों पर अपना क्लीनिक चलाते हैं जहां कोई मेडिकल सुविधाएं नहीं होतीं। सस्ते इलाज का लालच: ये लोग आमतौर पर अन्य डॉक्टरों की तुलना में बहुत कम पैसे में इलाज करने का झांसा देते हैं। आधुनिक तकनीक से अनभिज्ञता: ये लोग आधुनिक मेडिकल उपकरणों और तकनीकों से अनजान होते हैं। अनावश्यक दवाएं: ये लोग अक्सर मरीजों को अनावश्यक दवाएं देते हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती...

मामले जिन पर चर्चा गरमाई हुयी है

पत्रकार और यूट्यूबर में अंतर को सभी को जानना जरूरी है क्योंकि यूट्यूबर भ्रामक जानकारी के आधार पर स्वयं को पत्रकार होने का भ्रम बनाते है... परिणाम स्वरूप इसका विपरीत प्रभाव पत्रकारिता जगत पड़ रहा है...

पत्रकार और यूट्यूबर के बीच अंतर को समझना आसान है ! अगर हम उनके उद्देश्य, जिम्मेदारी और काम करने के तरीकों को देखें तो दोनों की मंशा और लक्ष्य स्पष्ट हो जाता है । 🎙️ पत्रकार   भूमिका: समाज को तथ्यात्मक, सत्यापित और संतुलित जानकारी देना।   जिम्मेदारी: पत्रकारिता आचार संहिता का पालन करना, स्रोतों की पुष्टि करना और निष्पक्ष रहना।   माध्यम: अख़बार, टीवी, रेडियो, पत्रिका, अन्य प्रिंट माध्यम    लक्ष्य: जनता को जागरूक करना, सत्ता और संस्थाओं को जवाबदेह बनाना।  विश्वसनीयता: गलत सूचना देने पर कानूनी और नैतिक जवाबदेही होती है।   📹 यूट्यूबर भूमिका: मनोरंजन, शिक्षा, व्यक्तिगत विचार या अनुभव साझा करना।   जिम्मेदारी: सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म की नीतियों का पालन करना, लेकिन ये शासकीय अपेक्षाओं के विपरीत पत्रकारिता जैसी सख़्त आचार संहिता का पालन नहीं करते है । सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते हैं ।  माध्यम: YouTube चैनल और सोशल मीडिया।   लक्ष्य: दर्शकों को एन-केन-प्रकारेंण आकर्षित करना, तथ्यविहीन लुभावनी जा...

गैरजिम्मेदार महापौर!... कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करवाने के मामले में… रिसाली निगम महापौर बेहद गैरजिम्मेदार तरीके का प्रशासकीय व्यवहार कर अपनी राजनीतिक भूमिका निभा रहीं है… जिसके कारण महिला उत्पीड़न करने वालों को संरक्षण मिल रहा है…

कौन है जो रोकेगा गड़बड़ियां ? महिला उत्पीड़न रोकने के मामले में रिसाली निगम की कांग्रेसी शहर सरकार प्रताड़ना करने वाले आरोपियों का निंदनीय संरक्षण करते नजर आ रहीं है । विशेषकर रिसाली महापौर की भूमिका महिला प्रताड़ना करने वालों के लिए सहानभूति पूर्ण नजर आ रहीं है जिसको विधिवत प्रश्नांकित करने की भूमिका सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती निशा देशमुख पूरी कर रहीं है… अरे! कहां है रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति… रिसाली महापौर के गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यवहार ने रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति का अस्तित्व अनियमितताओं के हवाले हो गया है! बेहद व्यथित करने वाली वास्तविकता यह है कि रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति इन दिनों प्रताड़ित महिलाओं की व्यथा का निराकरण करने के स्थान पर प्रताड़ित करने वाले आरोपियों की संरक्षक के तौर पर कार्य करती नजर आ रहीं है जिसके लिए रिसाली की महापौर जिम्मदार है क्योंकि महापौर कामकाजी  महिलाओं की सुरक्षा के लिए की जाने वाली व्यवस्था और सुविधाओं के लिए आवश्यक प्रशासकीय जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहीं है । मैडम महापौर अध्यक्ष आंतरिक शिकायत समिति की जवाबदेही कब ...

यूट्यूबर यशवंत साहू जो… भिलाई टाईम्स नामक ब्लॉग लिखता है और… यह कपटपूर्ण विषयवस्तु वाले वीडियो आधारित दबदबा बनाकर सोशल मीडिया मंच वाला व्यापार चलाता है… इसी व्यापारिक गतिविधि के तहत यशवंत के द्वारा आपत्तिजनक वीडियो रोजाना बनाया जाता है… इस आपराधिक गतिविधि की पुनरावृत्ति करते हुए यशवंत ने… विगत दिनों उचित मूल्य दुकान का संचालन करने वाली… महिला स्व सहायता समूहों पर मानसिक दबाव बनाने का कपट पूर्वक प्रयास किया है… जिसकी पुलिस FIR कार्यवाही शिकायत दर्ज करवाई गई है..! पढ़िए पूरा मामला…

भिलाई टाईम्स वाला यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत का सामना करेगा रिसाली और भिलाई के कुछ वार्डों की जानकारी और… लोगों की आपसी खुन्नस को… चटकेदार मिर्च मसाला लगाकर… बिना किसी दस्तावेजिक प्रमाण के… यशवंत बयानबाजी करते हुए नाटकीय वीडियो बनाता है और… वीडियो को अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर… यशवंत प्रकाशित करता है । जिस पर आने वाली लाईक और क्लीक बढ़ाकर यशवंत द्वारा… अपनी रोजी रोटी चलाय जाना की बात लोगों ने बताई है लेकिन… इस बार यशवंत ने अपनी यूट्यूबर सीमा से बाहर जाकर… उचित मूल्य दुकान की संचालक महिला स्व सहायता समूहों को निशाना बनाया और… अपने बड़बोले अंदाज में पुलिस और शासन को भी… अपनी युटुब वीडियो बयान विषयवस्तु के आधार पर कटघरे में खड़ा कर दिया है । इसलिए अब यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत कार्यवाही का सामना करने की स्थिति में आ गया है । जवाबदेही तय : बचकाना भाषा शैली और लालच ने यशवंत को बुरा फसाया… साबित करना पड़ेगा फिल्मी डायलॉग वाले आरोप..!  वैसे तो यूट्यूबर यशवंत स्थानीय राजनीति में अपनी छोटी मोटी जगह तलाशने और… भ्रामक जानकारी के आधार पर बनाए नाटकीय वीडियो के आधार पर ...

जीवन का सशक्तिकरण: नमस्ते योजना स्वच्छता कर्मचारियों के लिए ठोस बदलाव ला रही ह

राष्ट्रीय यांत्रिक स्वच्छता इकोसिस्टम कार्य योजना (नमस्ते) ने देश भर में सफाईकर्मियों के सम्मान , सुरक्षा और स्थायी आजीविका को प्रोत्साहन देने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि यह योजना सफाईकर्मियों के सम्मान , सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वित्त वर्ष 2023-24 में शुरू होने के बाद से , इस पहल ने लक्षित हस्तक्षेपों , सामुदायिक भागीदारी और खतरनाक मैनुअल सफाई प्रथाओं को समाप्त करने के लिए एक केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से विशेष असर दिखाया है। कुल 90,942 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों का प्रोफाइल तैयार किया गया है , जिनमें से 89,248 का सत्यापन हो चुका है। 87,037 कर्मचारियों को पीपीई किट उपलब्ध कराई गई हैं , जबकि 76,247 कर्मचारियों को कई स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के अंतर्गत कवर किया गया है। 983 सफाई कर्मचारियों को 364 वाहन खरीदने के लिए ₹ 34.17 करोड़ की अग्रिम पूंजी सब्सिडी जारी की गई है। इसके साथ ही , देश भर में सीवर और सेप्टिक टैंक की खतरना...

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