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श्रम संहिताओं में श्रमिकों के लिए प्रावधान

केन्द्र सरकार ने चार श्रम संहिताएं लागू की हैं। इनके नाम हैं मजदूरी संहिता, 2019 औद्योगिक संबंध संहिता, 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं  कार्य स्थितियां संहिता, 2020। ये सभी संहिताएं 21.11.2025 से लागू हो गईं हैं। नई श्रम संहिताएं संगठित और असंगठित श्रमिकों सहित सभी श्रमिकों को मिलने वाली सुरक्षा को मजबूत करती हैं। इन श्रम संहिताओं के तहत मजदूरी, रोजगार को औपचारिक बनाने और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों में शामिल हैं-

·        सभी श्रमिकों को न्यूनतम वेतन और समय पर वेतन भुगतान का वैधानिक अधिकार;

·        संगठित और असंगठित श्रमिकों, जिसमें गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिक भी शामिल हैं, को कवर करके सामाजिक सुरक्षा का सार्वभौमीकरण;

·        10 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों के लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) का कवरेज अनिवार्य रूप से तथा 10 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों के लिए स्वैच्छिक आधार पर और यदि संस्थान खतरनाक प्रक्रियाओं में शामिल है, तो एक कर्मचारी के लिए भी लागू;

·        ईपीएफओ ​​के प्रावधान अब 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले सभी संस्थानों पर लागू होंगे, जिससे इसका कवरेज सार्वभौमिक हो जाएगा;

·        असंगठित श्रमिकों, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए योजनाएं बनाने हेतु एक सामाजिक सुरक्षा कोष की स्थापना करना;

·        सभी श्रमिकों के लिए काम करने की सुरक्षित और स्वस्थ स्थितियां;

·        सभी श्रमिकों के लिए वार्षिक स्वास्थ्य जांच और नियुक्ति-पत्र जारी करने का प्रावधान;

·        छंटनी किए गए श्रमिकों के लिए श्रमिकों का पुनः कौशल विकास कोष का प्रावधान;

·        महिलाओं को उनकी सहमति एवं सुरक्षा के अधीन सभी प्रकार के कामों तथा संस्थानों में और रात में काम करने की अनुमति; और

·        अंतर-राज्यीय प्रवासी श्रमिक की परिभाषा का दायरा बढ़ाया गया है और इसमें ठेकेदार द्वारा काम पर रखे गए प्रवासी श्रमिकों एवं स्व-प्रवासन करने वालों को भी शामिल किया गया है। अब प्रवासी श्रमिक वार्षिक एकमुश्त यात्रा भत्ता और सुविधाओं की पोर्टेबिलिटी के हकदार हैं।

 यह जानकारी श्रम और रोजगार राज्यमंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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पीके/केसी/आर / डीए प्रविष्टि तिथि: 05 FEB 2026 by PIB Delhi(रिलीज़ आईडी: 2224027) आगंतुक पटल : 74

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भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मियों की मनोभावनाओं से खिलवाड़ करके… अपनी राजनैतिक रोटी सेकने वाले… चालबाज विधायक देवेंद्र यादव ने… पुनः एक बार बीएसपी कर्मियों के भावनात्मक ज़ख्मों को कुरदने वाला कार्य व्यवहार किया है… जिसका खुलासा विगत 19 मार्च के विधानसभा प्रश्न कार्यवाही से उजागर हुआ है… जिसमें विधायक देवेंद्र के द्वारा पूछे गए विधानसभा प्रश्नों का मुंहतोड़ प्रशासकीय जवाब… छत्तीसगढ़ के वित्तमंत्री ओ.पी.चौधरी ने दिया है… उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री के जवाब का विषयवस्तु स्पष्ट करता है कि, विधानसभा चुनाव जीतने के लिए विधायक देवेंद्र ने बीएसपी कर्मियों को बेवकूफ बनाओ का कूटनीतिक कार्य व्यवहार अपनाकर चुनाव जीता है….

बी.एस.पी प्रबंधन को लीज डीड अनुबंध पंजीयन हेतु प्राप्त आवेदनों के विषय की कूटनीतिक और छल-कपटपूर्ण राजनीति पर प्रकाश डाल रहे है… मौकापरस्त विधायक देवेंद्र के विधानसभा प्रश्न… पढ़िए कैसे ? बीएसपी लीज मामले में विधायक देवेंद्र यादव की धोखाधड़ी उजागर हुई   छत्तीसगढ़ विधानसभा कार्यवाही 19 मार्च से भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मियों को आहत करने वाला मामला सामने आया गौर तलब रहे कि, छत्तीसगढ़ विधानसभा प्रश्न क्रम 1. प्रश्न क्रमांक. 186 से विधायक देवेन्द्र ने चार प्रश्न पूछे… जिसका जवाब छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त मंत्री ने दिया है जिसके बाद विधायक देवेंद्र यादव के कथनी और करनी के बीच का भ्रम स्पष्ट हो गया और यह भी स्पष्ट हो गया कि… विधायक देवेंद्र ने विगत विधानसभा चुनावों के पहले कैसे बीएसपी आवासीय मकान के लीज मामले मतदाताओं को गुमराह किया है… पढ़िए विधायक देवेंद्र के विधानसभा प्रश्न और मंत्री द्वारा दिया गया जवाब तथा विधायक देवेंद्र यादव के कूटनीतिक छलावे पर प्रकाश डालने वाले विचारणीय पहलू… विधायक देवेंद्र का प्रश्न क्रमांक 186/1  क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि बी.एस.पी प...

गैरजिम्मेदार महापौर!... कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करवाने के मामले में… रिसाली निगम महापौर बेहद गैरजिम्मेदार तरीके का प्रशासकीय व्यवहार कर अपनी राजनीतिक भूमिका निभा रहीं है… जिसके कारण महिला उत्पीड़न करने वालों को संरक्षण मिल रहा है…

कौन है जो रोकेगा गड़बड़ियां ? महिला उत्पीड़न रोकने के मामले में रिसाली निगम की कांग्रेसी शहर सरकार प्रताड़ना करने वाले आरोपियों का निंदनीय संरक्षण करते नजर आ रहीं है । विशेषकर रिसाली महापौर की भूमिका महिला प्रताड़ना करने वालों के लिए सहानभूति पूर्ण नजर आ रहीं है जिसको विधिवत प्रश्नांकित करने की भूमिका सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती निशा देशमुख पूरी कर रहीं है… अरे! कहां है रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति… रिसाली महापौर के गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यवहार ने रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति का अस्तित्व अनियमितताओं के हवाले हो गया है! बेहद व्यथित करने वाली वास्तविकता यह है कि रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति इन दिनों प्रताड़ित महिलाओं की व्यथा का निराकरण करने के स्थान पर प्रताड़ित करने वाले आरोपियों की संरक्षक के तौर पर कार्य करती नजर आ रहीं है जिसके लिए रिसाली की महापौर जिम्मदार है क्योंकि महापौर कामकाजी  महिलाओं की सुरक्षा के लिए की जाने वाली व्यवस्था और सुविधाओं के लिए आवश्यक प्रशासकीय जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहीं है । मैडम महापौर अध्यक्ष आंतरिक शिकायत समिति की जवाबदेही कब ...

अविभाजित भिलाई निगम के संपत्ति का लेखा-जोखा पारदर्शिता के दायरे में नहीं होने कर कारण भिलाई और रिसाली निगम को भारी नुकसान पहुंचाने वाले जमीन दलालों को फायदा हुआ है… वहीं दूसरी ओर आम-जनता जो अपनी जीवन भर के मेहनत की कमाई से महंगे भूखंड खरीद कर मकान बनाती है… उसे नगर पालिक निगम भिलाई और रिसाली के प्रशासन की अनियमितताओं के कारण ठगी का शिकार होने की चिंताजनक संभावना का सामान करना पड़ रहा था… इसलिए महापौरगण को अग्रलिखित बिंदुवार भूमि लेखा-जोखा संज्ञान नोटिस देकर प्रश्नांकित किया गया है..! पढ़िए पूरा मामला और नोटिस…

जन सामान्य के आवासीय प्रयोजन के भूखंडों का नियमितीकरण मामला नोटिस कार्यवाही प्रक्रिया से पारदर्शिता के दायरे में आयेगा… मौकापरस्त महापौर अब जन-सामान्य की समस्याओं को नजरंदाज करने की स्थिति में नहीं रहेंगे… अविभाजित भिलाई निगम में विगत कई वर्षों से लगातार कांग्रेस की शहर सरकार रहीं है… निगम महापौर भी कांग्रेस का रहा है… जिसने अविभाजित भिलाई निगम और विभाजित रिसाली एवं भिलाई निगम की संपत्ति का लेखा-जोखा पारदर्शिता के दायरे में लाने की पदेन जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया है जिसके कारण नोटिस देकर कार्यवाही करने की परिस्थिति बनी है… नोटिस Download लिंक 👇क्लिक करें 👇 https://drive.google.com/file/d/152ki3rd2ZzJRzu-pB_LDlrLpYwz9WqGR/view?usp=drivesdk पार्षद अब अपने प्राधिकार का उपयोग कर महापौर की पदेन जिम्मेदारी तय करवायेगें  जन सामान्य स्तर से की गई संज्ञान नोटिस पर अब पार्षद संज्ञान लेकर निगम महापौर से अपने वार्ड के शासकीय अचल संपत्ति ब्यौरा मांगने के बाध्य हो गए हैं क्योंकि… इस नोटिस की प्रति सभी पार्षदों को व्हाट्सएप पर दी गई है और पार्षद चाहें तो निगम आयुक्त से विधिवत इसकी छायाप्...

भूपेश सरकार की नाकामी को उजागर कर रहा है विधायक देवेंद्र… भिलाई की कामकाजी महिलाओं को तर्क विहीन संभावना बताकर भावनात्मक आधार पर गुमराह करने का मामल है : भिलाई का सी-मार्ट व्यवस्थापन कार्य व्यवहार... इसलिए आमंत्रित है विधायक देवेंद्र यादव… सी-मार्ट की नोट शीट और मूल नस्ती के साथ.. “विशेष चर्चा के लिए”... सार्वजनिक मंच पर आईए… विधायक महोदय…

कामकाजी महिलाओं की आर्थिक स्थिति से खिलवाड़ का मामल विधानसभा कार्यवाही के बाद से पारदर्शिता के दायरे में आ रहा है । भिलाई क्षेत्र की कामकाजी महिलाओं को अपूर्णीय आर्थिक क्षति पहुंचाने वाली विगत भूपेश सरकार की  "ख्याली पुलाव साबित होने वाली योजना सी-मार्ट" पर विगत वर्षों से जमी अनियमितताओं की धूल को हटाने वाल विधानसभा प्रश्न इस योजना से व्यथित महिलाओं के बीच विशेष चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि विधानसभा सत्र दिनांक 25 फरवरी, 2025 का प्रश्न क्रम 25. प्रश्न क्र. 176 से विधायक देवेन्द्र यादव ने प्रश्न पूछा कि, क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि, 1/ नगर पालिका निगम भिलाई के अंतर्गत संचालित सी-मार्ट की वर्तमान स्थिति क्या है ?  2/ क्या उनका संचालन किया जा रहा है ?  3/ यदि हां तो उनमें किन उत्पादनों का विक्रय किया जा रहा है ?  4/ यदि बंद है तो उसको पुनः संचालित कब तक किया जाएगा, जानकारी देवें ? उल्लेखनीय है कि, विधायक देवेंद्र यादव ने छत्तीसगढ़ की विगत भूपेश सरकार की नाकामी और भिलाई नगर निगम के महापौर की तर्क विहीन प्रशासकीय कार्य नीति तथा शासकीय कोष को क्षत...

दुर्ग से कांग्रेस संगठन की केंद्रीय कार्यकारिणी की नजरों में अग्रणी स्थान बनाने वाले मोतीलाल वोरा जी के बाद… अपने दम पर उल्लेखनीय राजनीतिक भूमिका हासिल करने वाली… कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पित सामाजिक कार्यकर्त एनी पीटर ही है… जो कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ की जमीनी कार्यकर्ता है… जिसने दिल्ली की कर्मभूमि पर… कांग्रेस के लिए मोर्चा संभाला..! और दुर्ग का नाम अपने दम पर केंद्रीय राजनीति में दर्ज करवा दिया है… पढ़िए एक विश्लेषण..!

माननीय वोरा जी के बाद… वैसे छत्तीसगढ़ का दुर्ग जिला… केंद्रीय राजनीति में दो जन नेता के नामों के लिए जाना जाता है पहला मोतीलाल वोरा Moti lal Vora और दूसरा सरोज पांडेय..! Saroj Pandey उल्लेखनीय है कि ये दोनों जन नेता अपने दम पर अपनी पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों से संपर्क में आए और इन्होंने अपना अद्वितीय स्थान अपनी - अपनी पार्टी में बनाया लेकिन… अब इस कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर का नाम भी जुड़ता जा रहा है… वैसे यह नव-उज्वलित नाम..! अभी सिर्फ सड़क की लड़ाई के पहले पायदान पर है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली की सड़कों पर अपनी संघर्षरत गाथा के आधार पर अपनी उपस्थिति देकर  सुर्खियां बटोर रहा है..! एकल चलो रे..! Chhattisgadh congress  सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है इसके कई उदाहरण है जो कांग्रेसी आह्वाहन पर सड़क पर संघर्ष करने वाली कार्यकता होने के तौर पर पहचानी जाती है… वैसे तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस कई खेमों और गुटों में बटी है लेकिन एनी पीटर ही एक मात्र समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है जो सभी के साथ तालमेल रखती है और जब भी कांग्रेस पार्टी को जरूरत प...

भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मियों के परिवारों की भावनाओं को… हाउस लीज विषय बेहद आहत करने वाला मामला, हमेशा से रहा है लेकिन..! इससे भी कहीं अधिक पीड़ा..! इस बात की है कि, बीएसपी हाउस लीज मामले में… झूठा आश्वासन देकर अपनी राजनीतिक दुकान चलाने वाले कांग्रेसी नेता देवेंद्र यादव जैसे लोगों की… मौका परस्ती वाली राजनीतिक भूमिका ने भिलाई वासियों के भावनात्मक ज़ख्मों को… बेरहमी से कुरेदने का काम किया है लेकिन..! अब इस मामले में विधि अपेक्षित संघर्ष प्रारंभ हो गया है… कागजी कार्यवाहियों में दफ़न किए गए..! जमीन घोटालों को उजागर करने वाला पहला पड़ाव भिलाई निगम संपत्ति ब्यौरा मांगने की नोटिस देकर… मौक परस्त कांग्रेसी नेता देवेंद्र यादव से प्रतिक्रिया मांगी गई क्योंकि इसी प्रतिक्रिया के आधार पर हाउस लीज विषय स्वमेव पुनर्जीवित हो जाएगा है…

निगम संपत्ति का ब्यौरा क्यों ? भिलाई विधानसभा चुनाव जीतने के लिए विधायक देवेंद्र यादव ने दो बार बीएसपी कर्मियों के परिवार की भावनाओं से जुड़े बीएसपी हाउस लीज मामले को झूठी और तथ्य विहीन जानकारी देकर राजनीतिक तौर पर भुनाया है..! उल्लेखनीय है कांग्रेसी नेता देवेंद्र यादव ने अपने चुनावी प्रचार में… यह तथ्य विहीन भ्रम फैलाया था कि… बीएसपी हाउस लीज की रजिस्ट्री होगी तदोपरांत… भ्रमित होकर कई लोगों ने मालिकाना हक्क प्राप्त करने के तर्क विहीन बहकावे में आकर बीएसपी हाउस लीज रजिस्ट्री भी करवाई लेकिन…! इसके बाद रजिस्ट्री करवाने वाले कितने हाउस लीज धारकों को तथाकथित मालिकाना हक्क मिला है..! यह अनुत्तरित प्रश्न विचारणीय पहलू है।  कांग्रेसी नेता देवेंद्र यादव की कुटिल राजनीति के लिए मुंहतोड़ प्रश्न ? गौरतलब रहे कि, पूर्व महापौर देवेंद्र यादव ने भिलाई नगर पालिक निगम संपत्ति का लेखा-जोखा की वार्ड वार विभागीय पारदर्शिता को सुनिश्चित करवाने का पदेन कर्तव्य पूरा नहीं किया था । जिसके कारण भिलाई नगर निगम की अचल संपत्ति पर कितना अवैधानिक अतिक्रमण और कब्जा किया गया है ? यह अधिकृत तौर पर स्पष्ट नहीं हु...

सामाजिक कार्यकर्ता निशा देशमुख ने भिलाई वासियों के बिजली बिल मामले पर चर्च में कहा कि...भिलाई वालों का बिजली बिल मामला कब सुलझेगा..? यह निरुत्तरीय प्रश्न और उलझ गया है क्योंकि… गोलमोल शब्दशैली वाला स्वार्थसिद्धि पूर्ण… विधानसभा प्रश्न पूछ कर..?... विधायक देवेंद्र यादव द्वारा भिलाई विधानसभा क्षेत्र से पुनः विश्वासघात किया जाना… जन सामान्य द्वारा महसूस किया जा रहा है… इसलिए जन सामान्य के स्तर से आवाज उठ रहीं है कि, इस विषम परिस्थिति पर स्पष्टीकरण दो… विधायक महोदय!

भिलाई नगर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत विद्युत बिलों में उपभोक्ताओं को प्रदायित छूट के संबंध में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री महोदय ने विधानसभा प्रश्न पर…  महत्वपूर्ण जानकारी दी है लेकिन इस जानकारी के आधार पर भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मियों के आवास का बिजली कितना कम होगा  ? यह विधायक महोदय कब बतायेंगे..? इसका इंतजार सभी को है… विधायक देवेंद्र यादव का विधानसभा प्रश्न… छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा विभाग से विधानसभा कार्यवाही में 12 मार्च, 2025 विधानसभा प्रश्न क्रम 33. प्रश्न क्र. 1564 विधायक देवेंद्र यादव द्वारा पूछा गया था कि, क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि, भिलाई नगर विधान सभा क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में क्या छूट प्रदान की जा रही है ? इस प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री (श्री विष्णु देव साय) ने बताया कि:-  भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को "घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को विद्युत देयकों में राहत" योजना”, बीपीएल उपभोक्ताओं को एकल बत्ती कनेक्शन हेतु अनुदान योजना एवं कृषकों को "डॉ० खूबचंद बघेल किसान विद्युत सहायता योजना" क...

ऑनलाईन छात्रवृत्ति फार्म डालकर धोखाधडी मामले में रायपुर कलेक्टर ने एफ.आई.आर. दर्ज करवाई है !

 मुख्य विषय :-  प्रोफेशनल इंन्स्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलाजी खरोरा रायपुर का मामला है। संस्थापक एवं छात्रवृत्ति प्रभारी श्री विक्की सागर के विरूध्द पुलिस एफ.आई.आर दर्ज हुई है। शिकायतकर्ता अरूण कुमार राऊतराय ने 2018-2019 में व्यथा दर्ज करवाई थी । छत्तीसगढ़ लोक आयोग के द्वारा संज्ञान लिए जाने पर एफ.आई.आर दर्ज करवाई गई । ऑनलाईन छात्रवृत्ति फार्म डालकर धोखाधडी किये जाने के संबंध में एफ.आई.आर. दर्ज करवाने के लिए आयुक्त आदिवासी विकास स्तर से बारंबार निर्देश दिए जाने के बाद भी सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग रायपुर छ.ग आरोपियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज नहीं करवा रहा था जिसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता अमोल मालुसरे ने इस मामले को छत्तीसगढ़ लोक आयोग में परिवाद दाखिल कर संज्ञान करवाया तब लोक आयोग द्वारा प्रकरण कार्यवाही विषयक कलेक्टर रायपुर से स्पष्टीकरण मांगा तदोपरांत वर्षों से आरोपियों को दिए जा रहे प्रशासकीय संरक्षण मामले पर विराम लगाकर एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई है  आयुक्त आदिवासी विकास ने दिए थे स्पष्ट निर्देश   संजय चंदेल जो कि सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग रायपुर छ.ग. ने प्रोफ...

मंच कला क्षेत्र के छह प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को अकादमी फेलो (अकादमी रत्न) के रूप में चुना गया, वर्ष 2022 और 2023 के लिए 92 कलाकार संगीत नाटक अकादमी पुरस्कारों के लिए चुने गए, 80 युवा कलाकारों को वर्ष 2022 और 2023 के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार दिया जाएगा

  संगीत , नृत्य और नाट्य कला से संबंधित संगीत नाटक अकादमी , नई दिल्ली की जनरल काउंसिल , नेशनल ने 21 और 22 फरवरी 2024 को नई दिल्ली में आयोजित अपनी बैठक में सर्वसम्मति से मंच कला के क्षेत्र में छह ( 6) प्रतिष्ठित हस्तियों को अकादमी फेलो (अकादमी रत्न) के रूप में चुना है। अकादमी की फेलोशिप सबसे प्रतिष्ठित और अपूर्व सम्मान है। यह फेलोशिप किसी भी खास समय में 40 व्यक्तियों को दी जाती है। जनरल काउंसिल ने वर्ष 2022 और 2023 के संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (अकादमी पुरस्कार) के लिए संगीत , नृत्य , रंगमंच , पारंपरिक/लोक/जनजातीय संगीत/नृत्य/रंगमंच , कठपुतली और मंच कला में समग्र योगदान/छात्रवृत्ति के क्षेत्र से 92 कलाकारों का भी चयन किया। इस प्रकार चुने गए फेलो और पुरस्कार विजेता समग्र रूप से राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आते हैं। इसके अतिरिक्त ये ख्याति प्राप्त कलाकार संगीत , नृत्य , नाटक , लोक और जनजातीय कला , कठपुतली और संबद्ध रंगमंच कला रूपों आदि के रूप में मंच कला रूपों के संपूर्ण रूप को कवर करते हैं। अकादमी की जनरल काउंसिल ने वर्ष ...

निगम अधिनियम में वार्ड पार्षद को कई महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए है... जिनका प्रयोग करके वार्ड पार्षद अपने निर्वाचन क्षेत्र का सर्वागीण विकास कर सकता है... इसके लिए आवश्यक है की पार्षद को निगम अधिनियम के अग्रलिखित विधि निर्देश को पढ़ना और समझना पड़ेगा तथा अपने अधिकार को प्रयोग में लाना होगा

पार्षदों को मिला असीमित अधिकार अब पार्षद प्रश्न भी पूछ सकेंगे,   प्रश्न से सम्बंधित दस्तावेजो और फ़ाइल का अवलोकन भी कर सकेंगे और   नियम आयुक्त और निगम अधिकारियो से निगम सम्मिलन के दिन लिखित में जवाब भी प्राप्त कर सकेंगे इसलिए अब निगम आयुक्त, निगम के अधिकारी / कर्मचारी और जिम्मेदार जन प्रतिनिधि अर्थात एम.आई.सी. सदस्य इन तीनो से पार्षद सीधे प्रश्न पूछकर जवाब मांग सकेंगे तथा विधायक और सांसद की तरह शहर सरकार का सशक्त अंग होने की अपनी पहचान बना सकेंगे पार्षद को शक्ति संपन्न बनाने वाले निगम अधिनियम के अंतर्गत बनाये गए नियम निम्नानुसार हैं :-  पहला नियम :-   छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम १९५६ की धारा २५-क पार्षदों के कर्तव्य - छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम १९५६ की धारा २५-क में परिभाषित किये गए है और इस विधि निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि, पार्षद निगम सम्मिलन में भाग लेकर महापौर या आयुक्त का ध्यान... निगम की सम्पत्ति की किसी हानी या... निगम के किसी योजना या.... सेवा में किसी कमी के तरफ ध्यानान्कर्षण करवायेगा दूसरा नियम :- छ,ग. नगरपालिक (कामकाज के ...

मामले जिन पर चर्चा गरमाई हुयी है

सेल ने लॉन्च किया “सेल-e-BRATION”: 'स्टील-टू-सोल'

कनेक्शन को सिलिब्रेट करने के लिए एक नेशनल क्रिएटिव चैलेंज इस्पात मंत्रालय के तहत महारत्न कंपनी , स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने MyGov के साथ मिलकर 30 जनवरी , 2026 को “सेल- e-BRATION: स्टील से देश निर्माण , सेल है मज़बूत भरोसे की पहचान” नाम से एक खास प्रतियोगिता शुरू की है। इस प्रतियोगिता के जरिए देश के आम नागरिकों को सेल ( SAIL) से जुड़ी अपनी कहानियों को वीडियो रील्स , शॉर्ट फिल्मों या डिजिटल विज्ञापनों के जरिए दिखाने का मौका दिया जा रहा है। इस अभियान का मकसद " सेल- e-BRATION" का मुख्य उद्देश्य यह बताना है कि कैसे सेल ( SAIL) हर भारतीय के जीवन का एक हिस्सा है। यह अभियान सेल को सिर्फ एक कंपनी नहीं , बल्कि एक "भरोसेमंद दोस्त" के रूप में पेश करता है। इसका लक्ष्य लोगों के साथ एक भावनात्मक रिश्ता (स्टील-टू-सोल) बनाना है—यह दिखाना कि जहाँ सेल देश की ताकत बढ़ाता है , वहीं वह आपके जीवन के हर पल का दोस्त भी है। प्रतियोगिता के विषय ( Themes) आप नीचे दिए गए 4 विषयों में से किसी एक पर अपना वीडियो बना सकते हैं: ·         भारत के बड़े सपनों का ...

भारत सरकार ने वर्ष 2026 के लिए नए सामान संबंधी नियम अधिसूचित किए, कस्टम्स बैगेज (घोषणा एवं प्रसंस्करण) विनियम, 2026 अधिसूचित; मास्टर सर्कुलर भी जारी

नए बैगेज नियम , 2026 से प्रक्रियाएँ सरल , पारदर्शिता में वृद्धि , इलेक्ट्रॉनिक एवं अग्रिम घोषणा से यात्रियों को मिलेगा तेज़ और सुगम क्लीयरेंस नए बदलाव सामान्य मुक्त भत्ते को बढ़ाने की अनुमति देंगे ; निवास लाभों का हस्तांतरण ; आभूषणों के लिए विशेष भत्ते ; अस्थायी आयात/पुन: आयात के लिए नए प्रावधान ; एक लैपटॉप ( 18 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों के लिए) और पालतू जानवरों का शुल्क मुक्त आयात ; और यात्री सुविधा में वृद्धि केंद्र सरकार ने बैगेज नियम , 2026 को अधिसूचित किया है। नए सीमा शुल्क सामान ( घोषणा और प्रसंस्करण) विनियम , 2026 और एक मास्टर परिपत्र भी जारी किया गया है। ये उपाय अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए सुविधाजनक और संशोधित प्रावधानों को दर्शाते हैं और नई आर्थिक स्थितियों , बढ़ती यात्रा की मात्रा और यात्रियों की अपेक्षाओं के अनुरूप हैं। इन परिवर्तनों का उद्देश्य मंत्रालयों , हवाई अड्डा ऑपरेटरों सहित हितधारकों के परामर्श और यात्रियों से प्राप्त फीडबैक आदि के साथ किया गया है। ये नियम प्रक्रियाओं को सरल बनाएंगे , पारदर्शिता बढ़ाएंगे , इलेक्ट्रॉनिक और अग्रिम घोषणाओं को सक्षम करेंगे और ...

डॉ. मांडविया ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ​​के लिए बड़े सुधारों की घोषणा की

·         आधुनिक , प्रौद्योगिकी वाले ईपीएफओ ​कार्यालय से नागरिक देश भर में किसी भी रीजनल ऑफिस में ईपीएफ से जुड़ी कोई भी समस्या हल कर सकेंगे ·         अधिकृत ईपीएफ सुविधा प्रदाता सुविधा देने वाले के तौर पर काम करेंगे , लाभ पाने और समस्याओं को हल करने में सदस्यों का मार्गदर्शन करेंगे ·         एक्सेस की समस्याओं के कारण निष्क्रिय खातों में कर्मचारियों के फंसे पैसे वापस करने के लिए मिशन-मोड केवाईसी अभियान शुरू किया जाएगा ·         भारत के मुक्त व्यापार समझौते में सामाजिक सुरक्षा के संरक्षण के प्रावधान शामिल होंगे , जिससे विदेश में काम करने वाले भारतीय कर्मचारी भारत लौटने के बाद भी लाभ पा सकेंगे ·         मार्च 2026 तक 100 करोड़ नागरिकों को सोशल सिक्योरिटी नेट के तहत लाया जाएगा: डॉ. मांडविया   केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुजरात के वटवा में ईपीएफओ ​​के नवनिर्मित भविष्य निधि भवन का उद्घाटन कि...

आधार को चेहरा मिला: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने आधार शुभंकर ‘उदय’ जारी किया

  यह शुभंकर आधार सेवाओं को सरलता से समझाने के लिए लोगों से संवाद करेगा , उदय का चयन मायगॉव प्लेटफॉर्म पर आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता द्वारा किया गया , 875 प्रविष्टियों में केरल के अरुण गोकुल प्रथम विजेता रहे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आज आधार का शुभंकर (प्रतीक चिन्ह) जारी किया , जो लोगों को आधार सेवाओं की सरल जानकारी देने के लिए सुलभ संचार माध्यम है। उदय नामक यह शुभंकर आधार से संबंधित जानकारी अधिक सहज और सुलभ बनाने में सहायक होगा। यह अपडेट , प्रमाणीकरण , ऑफ़लाइन सत्यापन , जानकारी साझा करने , नई तकनीक अपनाने , दायित्वपूर्ण उपयोग आदि आधार सेवाओं के संचार को सरल बनाएगा। इस उद्देश्य के लिए , यूआईडीएआई ने माईगॉव प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रीय डिज़ाइन और नामकरण प्रतियोगिता का खुला और समावेशी मार्ग चुना , जिसमें लोगों ने काफी रुचि दिखाई। छात्र , पेशेवर , डिज़ाइनर आदि से शुभंकर निर्माण और नामकरण के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण को देश भर से 875 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। प्रत्येक प्रतिभागी ने आधार के महत्व की अपनी अनूठी व्याख्या की। चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और सटी...

आयुष सुरक्षा पोर्टल

  आयुष सुरक्षा पोर्टल आयुष मंत्रालय ने 30 मई 2025 को "आयुष सुरक्षा" नामक एक आईटी-सक्षम ऑनलाइन पोर्टल शुभारंभ किया है , जिसका उद्देश्य भ्रामक विज्ञापनों (एमएलए)/आपत्तिजनक विज्ञापनों (ओए) का पता लगाना और आयुष दवाओं से संबंधित प्रतिकूल दवा प्रतिक्रियाओं (एडीआर) की रिपोर्ट करना है। इस पोर्टल में संदिग्ध प्रतिकूल दवा प्रतिक्रियाओं की समय रहते पता लगाने और भ्रामक विज्ञापनों /आपत्तिजनक विज्ञापनों को कैप्चर करने के लिए एक केंद्रीकृत डैशबोर्ड है , जिससे तत्क्षण नियामक कार्रवाई और व्यापक आंकड़े के विश्लेषण संभव हो सके। यह पोर्टल राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस कार्यक्रम के अनुरूप है और तीन-स्तरीय फार्माकोविजिलेंस केंद्रों से आंकड़े को एकीकृत करता है तथा शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को अग्रेषित करता है , जिनमें राज्य/केंद्र शासित प्रदेश लाइसेंसिंग प्राधिकरण (आयुष) और केंद्र सरकार के निकाय जैसे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमओआईबी) , केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) , भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) , होम्योपैथी के लिए राष्ट्रीय आयोग (ए...

5जी सेवाओं के विस्तार और वर्तमान स्थिति

  संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5 जी सेवाएं शुरू कर दी गई हैं और वर्तमान में यह देश के 99.9 प्रतिशत जिलों में उपलब्ध है। 31 दिसंबर 2025 तक , दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) ने पूरे देश में 5.18 लाख 5 जी बेस ट्रांसीवर स्टेशन ( बीटीएस) स्थापित किए हैं। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा 31 दिसंबर 2025 तक स्थापित किए गए बेस ट्रांसीवर स्टेशनों (बीटीएस) की राज्य-वार संख्या अनुलग्नक- I में दी गई है। 5 जी नेटवर्क के कवरेज को और बेहतर बनाने के लिए भारत सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम निम्नलिखित हैं: ·         2022 में 5 जी मोबाइल सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी ·         संशोधित सकल राजस्व (एजीआर) , बैंक गारंटी (बीजी) और ब्याज दरों को तर्कसंगत बनाने के लिए वित्तीय सुधार। ·         वर्ष 2022 की नीलामी और...

अस्थाई श्रमिकों के लिए कल्याण योजनाएं

31 करोड़ से अधिक असंगठित कामगार तथा 5 लाख से ज्यादा अस्थाई और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों को सेवाएं देने वाले श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रम और रोजगार मंत्रालय ने ई-श्रम (राष्ट्रीय असंगठित कामगार डाटाबेस) पोर्टल को 26 अगस्त , 2021 को शुरू किया। इसका उद्देश्य असंगठित , अस्थाई और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों को सेवा देने वाले , आधार से जुड़े श्रमिकों को स्वयं घोषणा के आधार पर सार्वभौम खाता संख्या (यूएएन) देकर पंजीकृत करना है। नवंबर , 2025 तक 31.38 करोड़ से अधिक असंगठित कामगार तथा 5.09 लाख से ज्यादा अस्थाई और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों को सेवाएं देने वाले श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत किए जा चुके हैं। सामाजिक सुरक्षा , स्वास्थ्य और कल्याण योजनाओं तक पहुंच प्रदान करने के लिए विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की 14 योजनाओं को ई-श्रम पोर्टल से जोड़ा और चित्रित किया जा चुका है। 19 नवंबर , 2025 तक ई-श्रम के जरिए पंजीकृत असंगठित कामगारों का विवरण जिन्हें विभिन्न कल्याण योजनाओं का लाभ मिला है- योजना पंजीकरणों की संख्या एक रा...

आयुष निवेश सारथी'-पारंपरिक चिकित्सा क्षेत्र के लिए निवेशक सुविधा पोर्टल

    आयुष निवेश सारथी , महज़ एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से कहीं अधिक है – यह एक बदलावकारी पहल है: आयुष मंत्री भारत को पारंपरिक चिकित्सा और कल्याण के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के तहत , भारत सरकार ने 29 मई 2025 को नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में आयोजित आयुष हितधारक/उद्योग जगत की परिचर्चा बैठक के दौरान ' आयुष निवेश सारथी ' पोर्टल लॉन्च किया। पोर्टल का अनावरण केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल और आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी , उद्योग जगत के नेता , आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा और डीपीआईआईटी के सचिव श्री अमरदीप सिंह भाटिया सहित कई वैश्विक हितधारक एक साथ एक मंच पर मौजूद थे। यह पहल तमाम समय-कालों में मूल्यवान रही भारत की कल्याण प्रणालियों को डेटा , पारदर्शिता और पहुंच में आसानी द्वारा समर्थित एक मजबूत आर्थिक इंजन में बदलने की कोशिशों में एक नया अध्याय है। आयुष निवेश सारथी , एक समर्पित , निवेशक-केंद्रित ...

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