देश के नागरिक अब सरकार द्वारा जारी कोई भी पहचान प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र देकर ड्रोन पायलट बन सकते हैं
यदि ड्रोन पायलट के पास पासपोर्ट नहीं है, तो रिमोट पायलट प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने के लिए सरकार द्वारा जारी पहचान प्रमाण पत्र और सरकार द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र यानी वोटर आईडी, राशन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस को अब स्वीकार किया जा सकता है।
वायुयान अधिनियम, 1934 (1934 का 22) की धारा 5, धारा 10 की उपधारा 2 और धारा 10ए, 10बी, और 12ए द्वारा प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ड्रोन पायलटों के लिए नए ड्रोन (संशोधन) नियम 2023 को अधिसूचित किया है। इस संशोधन के बाद अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि ड्रोन पायलट के पास पासपोर्ट नहीं है, तो रिमोट पायलट प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने के लिए सरकार द्वारा जारी पहचान प्रमाण पत्र और सरकार द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र यानी वोटर आईडी, राशन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस को अब स्वीकार किया जा सकता है।
विशेष रूप से ग्रामीण भारत के कृषि क्षेत्र में इच्छुक ड्रोन पायलटों के लिए पासपोर्ट होने की शर्त बाधा बन रही थी। देश भर में ड्रोन संचालन को और उदार बनाने, बढ़ावा देने एवं सुविधाजनक बनाने और वर्ष 2030 तक भारत को एक वैश्विक ड्रोन केंद्र बनाने के लिए ही यह कदम उठाया गया है।यह नियम 27 सितंबर 2023 से प्रभावी हो गया है।
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एमजी/एमएस/एएम/आरपी/आरआरएसप्रविष्टि तिथि: 05 OCT 2023 by PIB Delhi(रिलीज़ आईडी: 1964873) आगंतुक पटल : 142
