छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा आगामी लोकसभा चुनाव में दुर्ग के व्यापारी राजेंद्र साहू को सांसद प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा जैसे ही प्रारंभ हुई तो कांग्रेस की अंदरूनी खीचतान बढ़ गई और विगत विधानसभा चुनावों में हारे हुए कांग्रेस प्रत्याशियों के संदर्भ में कहा जाने लगा कि, व्यवसायी राजेंद्र साहू की कांग्रेसी पूछ परख के साथ सभी हारे हुए कांग्रेस प्रत्याशियों के राजनैतिक जीवन…! कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में, अस्त होने की तरफ बढ़ने लगा है और भूपेश बघेल के कृपा पात्र को दुर्ग कांग्रेस पर हावी होने का मौका मिलने लगा…
भूपेश बघेल के कृपापात्र का नाम लोकसभा प्रत्याशी के रूप में चर्चा में आ गया है लेकिन भूपेश बघेल ने इस संबंध में कोई भी अधिकृत प्रतिक्रिया नहीं दी है इसलिए यह अनुत्तरित प्रश्न पुनः खड़ा हो गया है कि, पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, मुकेश चंद्राकर, निर्मल कोसरे और अरुण वोरा जैसे दिग्गज कांग्रेसियों को किसने भीतरघात करके हरवाया है ?
होंगे बड़े खुलासे :
उल्लेखनीय है कि, अभी तक कांग्रेस ने दुर्ग के लोकसभा प्रत्याशी का नाम स्पष्ट नहीं किया है लेकिन विडंबना यह है कि, भूपेश बघेल के कृपा पात्र राजेंद्र साहू का नाम बिना किसी दावेदारी के सामने आने लगा है जिसका कारण यह है कि कांग्रेस का भूपेश बघेल खेमा अपने वर्तमान राजनैतिक अस्तित्व को परखना चाहता और यह जानना चाहता है कि, दुर्ग शहर, दुर्ग ग्रामीण, अहिवारा और वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में भूपेश बघेल खेमें के प्रति सहमति या असहमति कितनी है l उल्लेखनीय है कि, कांग्रेस का अगला लोकसभा प्रत्याशी अगर भूपेश बघेल खेमे का कृपा पात्र व्यवसायी राजेंद्र साहू होगा तो दुर्ग लोकसभा से हारे हुए कांग्रेस प्रत्याशियों के द्वारा भूपेश बघेल के कृपा पात्र के विषय में ऐसे बयान और प्रतिक्रिया आयेगी जो ज्वलंत चर्चा का मुद्दा बनेगा ।
प्रश्नांकित राजनैतिक भूमिका :
भूपेश बघेल के कृपा पात्र राजेंद्र साहू का कांग्रेस प्रवेश और उसके बाद की राजनीतिक गतिविधि पुराने कांग्रेसियों के राजनैतिक प्रभाव के लिए कितना घातक होगी? यह आगामी लोकसभा चुनाव परिणाम स्पष्ट करेंगे क्योंकि दुर्ग जिले के जिन विधानसभा क्षेत्रों में भूपेश बघेल के कृपा पात्र राजेंद्र साहू को भूपेश बघेल सरकार ने विशेष महत्व दिया था उन सभी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के विधायक प्रत्याशियों को जीतने वोट मिले ये मत आंकड़े विधानसभा नतीजों में अंकित है लेकिन विधानसभा की असम्मानजनक हार के लिए भूपेश बघेल के कृपा पात्र राजेंद्र साहू की भूमिका क्या है ? यह विधानसभा हारने वाले पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, मुकेश चंद्राकर, निर्मल कोसरे और अरुण वोरा जैसे दिग्गज कांग्रेसियों को स्मृतियों में अंकित है और आगामी लोकसभा चुनाव के प्रत्याशी की घोषणा के साथ सभी की प्रतिक्रिया के रूप में सामने आयेगी ।