दुर्ग निगम की दुर्गति करवाने वाला महापौर धीरज बकलीवाल के कार्यकाल की लचर निगम व्यवस्था जब आगामी निगम चुनाव मैदान में आएगी… तब दुर्ग कांग्रेस का क्या होगा ? यह प्रश्न आगामी दुर्ग निगम चुनाव के परिणाम के साथ स्पष्ट होगा… वैसे आने वाला दुर्ग निगम चुनाव परिणाम क्या होगा..? इसका अंदाजा विधानसभा और लोकसभा परिणाम से लगाया जा सकता है… पढ़िए दुर्ग कांग्रेस को चिंता में डालने वाला विषय…
निगम चुनाव परिणाम के साथ वर्तमान दुर्ग कांग्रेस के पदाधिकारियों का तीसरा रिपोर्ट कार्ड सामने आयेगा…
जो दुर्ग निगम का महापौर धीरज बकलीवाल को बनाए जाने की कांग्रेस की गलती को प्रमाणित करने वाल परिणाम होगा…
यह कहे जाने पर शायद दो मत नहीं होंगे… क्योंकि कांग्रेस को विपरित परिणाम विधान सभा और लोकसभा चुनावों में मिल चुका है… बावजूद इसके धीरज बाकलीवाल दुर्ग का महापौर है… ऐसा क्यों है..? यह बताने का अधिकार जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग के पास सुरक्षित है…
गौरतलब रहे कि, दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल का कार्यकाल जिन महत्वपूर्ण निगम कार्यवाहियों को सुनिश्चित करवाने में विफल रहा… वे निगम कार्यवाहियां अग्रलिखित हैं…
1/सुशासन व्यवस्था
2/सफाई व्यवस्था
3/निगम कर व्यवस्था
4/दस्तावेज संधारण व्यवस्था
5/सिटी बस सुविधा व्यवस्था
उल्लेखनीय है कि, उक्त उल्लेखित निगम कार्यवाहियों की विसंगतियों को अभिलिखित किए जाने का विधिक आधार… आप तभी समझ सकते हैं… जब आप नगर पालिक निगम के गठन और कार्यान्वयन के अग्रलिखित राज्य सरकार के उद्देश को विधिक दृष्टिकोण से समझेंगे…
नगर पालिका निगम की जिम्मेदारियों पर विस्तृत दृष्टिकोण
नगर पालिका निगम, किसी शहर या नगर का स्थानीय स्वशासन का एक महत्वपूर्ण अंग होता है। यह शहर के विकास और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य करता है।
नगर पालिका निगम के प्रमुख कार्य और उनकी विस्तृत व्याख्या:
शहरी विकास और रखरखाव:
भौतिक ढांचा: शहर की सड़कें, नालियां, पुल, पार्क, और अन्य सार्वजनिक स्थानों का निर्माण और रखरखाव। उदाहरण के लिए, एक नई सड़क का निर्माण, पुराने पुल की मरम्मत, या एक नए पार्क का विकास।
उल्लेखनीय है कि, दुर्ग शहर की मुख्य सड़क जो हेमचंद यादव विश्वविद्यालय से लेकर गंज मंडी तक है इसको छोड़कर बाकी सड़के जो नई बसाहट वाली कालोनियों और झुग्गी बस्तियों में स्थित है… वे अस्त व्यस्त है वर्तमान बरसात के मौसम के साथ… ये सभी सामाजिक अंकेक्षणं में नकारात्मक नागरिक अनुभव देने वाली स्थिति में हैं ।
नगर नियोजन: शहर का लेआउट और विकास योजना बनाना। इसमें भवनों के निर्माण और उपयोग पर नियंत्रण, जोनिंग नियम, और भू-उपयोग नियोजन शामिल है।
उल्लेखनीय हैं कि, अवैध कालोनियों और बस्ती को निगम प्रशासन ने अनदेखा किया परिणाम स्वरूप दुर्ग कांग्रेस पर थोपा गया सांसद प्रत्याशी राजेंद्र साहू रिकार्ड वोटों से हार गाय ।
अतिक्रमण हटाना: सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण हटाना और शहर की सुंदरता बनाए रखना।
महापौर धीरज बाकलीवाल ने दुर्ग की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध कब्जों को अवैधानिक महत्व दिया… जिसके कारण दुर्ग का मतदाता कांग्रेस से दूर हो गया और कांग्रेस की हार हुई परिणाम स्वरूप लोकसभा प्रत्याशी प्रतिमा चंद्राकर के हार का रिकार्ड तोड़ने में राजेंद्र साहू सफल हो गया ।
स्वास्थ्य और स्वच्छता:
कचरा निपटान: कचरे का संग्रह, परिवहन, और वैज्ञानिक तरीके से निपटान। इसमें कचरा डंपिंग ग्राउंड, कम्पोस्टिंग, और रीसाइक्लिंग शामिल है।
दुर्ग निगम में नियोजित सफाई कर्मकार इन दिनों आंदोलन करने को मजबूर है क्योंकि महापौर धीरज बाकलीवाल सफाई व्यवस्था कायम रखने के लिए सभी मोर्चों पर विफल है ऐसे में सफाई व्यवस्था का हाल चाल निगम चुनाव परिणाम के साथ सभी के सामने आने वाला है ।
पेयजल आपूर्ति: शहर में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति करना और जल निकासी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाना।
दुर्ग निगम की पेय जल आपूर्ति की लचर व्यवस्था के व्यथनिय विषय के साथ निगम क्षेत्र में उपलब्ध कराया जाना वाले पेय जल की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट का सामाजिक अंकेक्षण किया जाना आवश्यक है लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है ।
स्वास्थ्य सेवाएं: अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, और डिस्पेंसरी का संचालन या उनका समर्थन करना।
दुर्ग निगम का स्वास्थ्य विभाग अवैध अस्पताल, क्लीनिक के संरक्षक की भूमिका निभाने के साथ-साथ संक्रामक रोगों के प्रकोप को रोकने की भौतिक स्थिति में नहीं है और अगर है भी तो इसके प्रमाण दुर्ग निगम के पास नहीं है ।
अग्निशमन सेवाएं:
आग बुझाना: आग लगने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करना और आग को फैलने से रोकना।
अग्नि सुरक्षा: आग से सुरक्षा के लिए नियमों को लागू करना और लोगों को प्रशिक्षित करना।
यातायात प्रबंधन:
यातायात नियम: यातायात नियमों को लागू करना और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाना।
यातायात संकेत: सड़कों पर यातायात संकेत और चिन्ह लगाना।
सार्वजनिक परिवहन: बस सेवाओं और अन्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्थाओं का संचालन या उनका समर्थन करना।
अग्नि शमन, यातायात और सार्वजनिक परिवहन जैसी आधारभूत व्यवस्थाओं के लिए दुर्ग शहर वर्षो से मोहताज है लेकिन वर्तमान परिस्थिति में तो महापौर धीरज बाकलीवाल का निंदनीय कार्यकाल इसके लिए जिम्मेदार है ।
शिक्षा:
स्कूल: प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों का संचालन या उनका समर्थन करना।
साहित्यकार: पुस्तकालयों और सामुदायिक केंद्रों का निर्माण और रखरखाव।
दुर्ग शहर के निष्क्रिय महापौर धीरज बाकलीवाल के गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यहार के कारण मोटी रकम स्कूल फीस के लिए देने को दुर्ग शहर के पालक मजबूर है और साहित्य में रुचि रखने वालों की उपेक्षा निगम स्तर से किए जाने के कारण दुर्ग निगम का नाता साहित्य और साहित्यकारों ने कब का टूट चुका है ।
पार्क और उद्यान:
हरे क्षेत्र: शहर में हरे क्षेत्रों का विकास करना और नागरिकों के लिए मनोरंजन के स्थान उपलब्ध कराना।
विद्युत आपूर्ति:
बिजली वितरण: कई शहरों में नगर निगम विद्युत वितरण का कार्य भी करता है।
कर संग्रह:
राजस्व: संपत्ति कर, जल कर, और अन्य करों का संग्रह करके नगर निगम अपने कार्यों के लिए धन जुटाता है।
महापौर धीरज बाकलीवाल को चाहिए की विगत चार सालों के कार्यकाल का पार्क उद्यान व्यय, विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था और निगम कर का ब्यौरा सार्वजनिक करे और सामाजिक अंकेक्षण के लिए विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित करें ।
नगर निगम के अन्य महत्वपूर्ण कार्य जिनको महापौर धीरज बाकलीवाल के कार्यकाल में दुर्ग निगम प्रशासन गैर जिम्मेदाराना निगम प्रशासकीय कार्यवाहियों के हवाले हो गई हैं वे अग्रलिखित है:
आवारा पशुओं का नियंत्रण: शहर में आवारा पशुओं को पकड़ना और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखना।
बाजारों और दुकानों का नियमन: बाजारों और दुकानों को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने के लिए नियम बनाना और उनका पालन करवाना।
सामाजिक कल्याण कार्यक्रम: गरीबों, विकलांगों, और अन्य कमजोर वर्गों के लिए सामाजिक कल्याण कार्यक्रम चलाना।
निवेदन : अगर आपका संपर्क दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल से है तो अपने महापौर को संज्ञान करवाईयेगा की :
नगर पालिका निगम एक शहर के समग्र विकास के लिए राज्य शासन द्वारा स्थापित की गई एक महत्वपूर्ण संस्था है। यह नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ शहर को बेहतर व रहने योग्य स्थान बनाने का भी प्रयास करता है। जिसमे दुर्ग महापौर का कार्यकाल पूरी तरह विफल होकर अनियमितताओं का पिटारा बना हुआ है ।
लेखक : आपका अपना अमोल मालुसरे ; इस लेख पर दावा आपत्ति करने वालों का सहर्ष स्वागत है । 9752396665
