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प्रिंट मीडिया इको-सिस्‍टम को मजबूत करने के लिए सरकारी विज्ञापनों की संशोधित दर संरचना को सूचना और प्रसारण मंत्रालय की मंजूरी

 

 प्रिंट मीडिया में विज्ञापनों की दरों में 26% वृद्धि और रंगीन विज्ञापनों के लिए प्रीमियम की घोषणा

सरकार ने विज्ञापन दरों को 26% तक संशोधित करने का फैसला किया है। प्रिंट मीडिया मेंदैनिक समाचार पत्रों की एक लाख प्रतियों के लिए श्वेत-श्याम विज्ञापन की मीडिया दरें प्रति वर्ग सेमी, 47.40 रुपये से बढ़ाकर 59.68 रुपये कर दी गई हैं, जो 26% की वृद्धि है। सरकार ने रंगीन विज्ञापनों, वरीयता आधारित स्‍थान निर्धारण के लिए दी जाने वाली प्रीमियम दरों से संबंधित समिति की सिफारिशों पर भी सहमति व्यक्त की है।

केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों की ओर से विभिन्न मीडिया माध्यमों में प्रचार अभियान चलाने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत एक नोडल मीडिया इकाई है, जिसमें प्रिंट मीडिया भी शामिल है, जो इस उद्देश्य के लिए सीबीसी के साथ पैनलबद्ध है। सीबीसी द्वारा प्रिंट मीडिया में विज्ञापनों के प्रकाशन की दरें पिछली बार मंत्रालय द्वारा 8वीं दर संरचना समिति (आरएससी) की सिफारिशों के आधार पर 09.01.2019 को संशोधित की गई थीं, जो तीन साल की अवधि के लिए वैध थीं।

समिति ने प्रिंट मीडिया की लागत का मूल्यांकन किया

प्रिंट मीडिया में सरकारी विज्ञापनों की दरों के संशोधन के संबंध में सिफारिशें करने के लिए एएस एंड एफए (आई एंड बी) की अध्यक्षता में 9वीं दर संरचना समिति का गठन 11 नवंबर, 2021 को किया गया था।

समिति ने नवंबर, 2021 और अगस्त, 2023 के बीच अपनी कार्यवाही के दौरान लघु, मध्यम और बड़े श्रेणी के समाचार पत्रों के विभिन्न समाचार पत्र संघों, जैसे इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी (आईएनएस), ऑल इंडिया स्मॉल न्यूजपेपर्स एसोसिएशन (एआईएसएनए), स्मॉल-मीडियम-बिग न्यूजपेपर्स सोसाइटी (एसएमबीएनएस) और अन्य हितधारकों के अभ्यावेदनों पर विचार किया। समिति ने प्रिंट मीडिया में विज्ञापनों की दरों पर प्रभाव डालने लाने वाले विभिन्न मापदंडों पर भी विचार-विमर्श किया, जैसे कि अखबारी कागज के संबंध में थोक मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति, वेतन, मुद्रास्फीति की दर, आयातित अखबारी कागज की कीमतों का रुझान, प्रोसेसिंग लागत आदि। समिति ने 23 सितंबर, 2023 को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कीं।

 राजस्व को बढ़ाना और प्रिंट मीडिया इको-सिस्‍टम को और मजबूत करना

प्रिंट मीडिया में सरकारी विज्ञापनों की दरें बढ़ाने से सरकार और मीडिया जगत दोनों को कई महत्वपूर्ण लाभ होंगे। सरकारी विज्ञापनों के लिए उच्‍च दरें प्रिंट मीडिया को आवश्यक राजस्व सहायता प्रदान करेंगी, खासकर विभिन्न अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म्स से प्रतिस्पर्धा के युग में और पिछले कुछ वर्षों में लागत में वृद्धि के मद्देनजर। इससे संचालन को बनाए रखने, गुणवत्तापूर्ण पत्रकारिता को कायम रखने और स्थानीय समाचार पहलों को समर्थन देने में मदद मिल सकती है। वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देकर प्रिंट मीडिया बेहतर सामग्री में निवेश कर सकता है, जिससे जनहित की सेवा और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।

विज्ञापन दरों में ये वृद्धि मीडिया उपभोग की व्यापक प्रवृत्तियों के अनुरूप है। एक विविध मीडिया इको-सिस्‍टम में प्रिंट मीडिया के महत्व को पहचानकर सरकार अपनी संचार रणनीतियों को बेहतर ढंग से लक्षित कर सकती है, यह सुनिश्चित करते हुए कि वे विभिन्न प्लेटफार्मों पर नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुँचें।

पीके/केसी/आईएम/केके प्रविष्टि तिथि: 17 NOV 2025 by PIB Delhi

 

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भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मियों की मनोभावनाओं से खिलवाड़ करके… अपनी राजनैतिक रोटी सेकने वाले… चालबाज विधायक देवेंद्र यादव ने… पुनः एक बार बीएसपी कर्मियों के भावनात्मक ज़ख्मों को कुरदने वाला कार्य व्यवहार किया है… जिसका खुलासा विगत 19 मार्च के विधानसभा प्रश्न कार्यवाही से उजागर हुआ है… जिसमें विधायक देवेंद्र के द्वारा पूछे गए विधानसभा प्रश्नों का मुंहतोड़ प्रशासकीय जवाब… छत्तीसगढ़ के वित्तमंत्री ओ.पी.चौधरी ने दिया है… उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री के जवाब का विषयवस्तु स्पष्ट करता है कि, विधानसभा चुनाव जीतने के लिए विधायक देवेंद्र ने बीएसपी कर्मियों को बेवकूफ बनाओ का कूटनीतिक कार्य व्यवहार अपनाकर चुनाव जीता है….

बी.एस.पी प्रबंधन को लीज डीड अनुबंध पंजीयन हेतु प्राप्त आवेदनों के विषय की कूटनीतिक और छल-कपटपूर्ण राजनीति पर प्रकाश डाल रहे है… मौकापरस्त विधायक देवेंद्र के विधानसभा प्रश्न… पढ़िए कैसे ? बीएसपी लीज मामले में विधायक देवेंद्र यादव की धोखाधड़ी उजागर हुई   छत्तीसगढ़ विधानसभा कार्यवाही 19 मार्च से भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मियों को आहत करने वाला मामला सामने आया गौर तलब रहे कि, छत्तीसगढ़ विधानसभा प्रश्न क्रम 1. प्रश्न क्रमांक. 186 से विधायक देवेन्द्र ने चार प्रश्न पूछे… जिसका जवाब छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त मंत्री ने दिया है जिसके बाद विधायक देवेंद्र यादव के कथनी और करनी के बीच का भ्रम स्पष्ट हो गया और यह भी स्पष्ट हो गया कि… विधायक देवेंद्र ने विगत विधानसभा चुनावों के पहले कैसे बीएसपी आवासीय मकान के लीज मामले मतदाताओं को गुमराह किया है… पढ़िए विधायक देवेंद्र के विधानसभा प्रश्न और मंत्री द्वारा दिया गया जवाब तथा विधायक देवेंद्र यादव के कूटनीतिक छलावे पर प्रकाश डालने वाले विचारणीय पहलू… विधायक देवेंद्र का प्रश्न क्रमांक 186/1  क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि बी.एस.पी प...

गैरजिम्मेदार महापौर!... कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करवाने के मामले में… रिसाली निगम महापौर बेहद गैरजिम्मेदार तरीके का प्रशासकीय व्यवहार कर अपनी राजनीतिक भूमिका निभा रहीं है… जिसके कारण महिला उत्पीड़न करने वालों को संरक्षण मिल रहा है…

कौन है जो रोकेगा गड़बड़ियां ? महिला उत्पीड़न रोकने के मामले में रिसाली निगम की कांग्रेसी शहर सरकार प्रताड़ना करने वाले आरोपियों का निंदनीय संरक्षण करते नजर आ रहीं है । विशेषकर रिसाली महापौर की भूमिका महिला प्रताड़ना करने वालों के लिए सहानभूति पूर्ण नजर आ रहीं है जिसको विधिवत प्रश्नांकित करने की भूमिका सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती निशा देशमुख पूरी कर रहीं है… अरे! कहां है रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति… रिसाली महापौर के गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यवहार ने रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति का अस्तित्व अनियमितताओं के हवाले हो गया है! बेहद व्यथित करने वाली वास्तविकता यह है कि रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति इन दिनों प्रताड़ित महिलाओं की व्यथा का निराकरण करने के स्थान पर प्रताड़ित करने वाले आरोपियों की संरक्षक के तौर पर कार्य करती नजर आ रहीं है जिसके लिए रिसाली की महापौर जिम्मदार है क्योंकि महापौर कामकाजी  महिलाओं की सुरक्षा के लिए की जाने वाली व्यवस्था और सुविधाओं के लिए आवश्यक प्रशासकीय जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहीं है । मैडम महापौर अध्यक्ष आंतरिक शिकायत समिति की जवाबदेही कब ...

अविभाजित भिलाई निगम के संपत्ति का लेखा-जोखा पारदर्शिता के दायरे में नहीं होने कर कारण भिलाई और रिसाली निगम को भारी नुकसान पहुंचाने वाले जमीन दलालों को फायदा हुआ है… वहीं दूसरी ओर आम-जनता जो अपनी जीवन भर के मेहनत की कमाई से महंगे भूखंड खरीद कर मकान बनाती है… उसे नगर पालिक निगम भिलाई और रिसाली के प्रशासन की अनियमितताओं के कारण ठगी का शिकार होने की चिंताजनक संभावना का सामान करना पड़ रहा था… इसलिए महापौरगण को अग्रलिखित बिंदुवार भूमि लेखा-जोखा संज्ञान नोटिस देकर प्रश्नांकित किया गया है..! पढ़िए पूरा मामला और नोटिस…

जन सामान्य के आवासीय प्रयोजन के भूखंडों का नियमितीकरण मामला नोटिस कार्यवाही प्रक्रिया से पारदर्शिता के दायरे में आयेगा… मौकापरस्त महापौर अब जन-सामान्य की समस्याओं को नजरंदाज करने की स्थिति में नहीं रहेंगे… अविभाजित भिलाई निगम में विगत कई वर्षों से लगातार कांग्रेस की शहर सरकार रहीं है… निगम महापौर भी कांग्रेस का रहा है… जिसने अविभाजित भिलाई निगम और विभाजित रिसाली एवं भिलाई निगम की संपत्ति का लेखा-जोखा पारदर्शिता के दायरे में लाने की पदेन जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया है जिसके कारण नोटिस देकर कार्यवाही करने की परिस्थिति बनी है… नोटिस Download लिंक 👇क्लिक करें 👇 https://drive.google.com/file/d/152ki3rd2ZzJRzu-pB_LDlrLpYwz9WqGR/view?usp=drivesdk पार्षद अब अपने प्राधिकार का उपयोग कर महापौर की पदेन जिम्मेदारी तय करवायेगें  जन सामान्य स्तर से की गई संज्ञान नोटिस पर अब पार्षद संज्ञान लेकर निगम महापौर से अपने वार्ड के शासकीय अचल संपत्ति ब्यौरा मांगने के बाध्य हो गए हैं क्योंकि… इस नोटिस की प्रति सभी पार्षदों को व्हाट्सएप पर दी गई है और पार्षद चाहें तो निगम आयुक्त से विधिवत इसकी छायाप्...

भूपेश सरकार की नाकामी को उजागर कर रहा है विधायक देवेंद्र… भिलाई की कामकाजी महिलाओं को तर्क विहीन संभावना बताकर भावनात्मक आधार पर गुमराह करने का मामल है : भिलाई का सी-मार्ट व्यवस्थापन कार्य व्यवहार... इसलिए आमंत्रित है विधायक देवेंद्र यादव… सी-मार्ट की नोट शीट और मूल नस्ती के साथ.. “विशेष चर्चा के लिए”... सार्वजनिक मंच पर आईए… विधायक महोदय…

कामकाजी महिलाओं की आर्थिक स्थिति से खिलवाड़ का मामल विधानसभा कार्यवाही के बाद से पारदर्शिता के दायरे में आ रहा है । भिलाई क्षेत्र की कामकाजी महिलाओं को अपूर्णीय आर्थिक क्षति पहुंचाने वाली विगत भूपेश सरकार की  "ख्याली पुलाव साबित होने वाली योजना सी-मार्ट" पर विगत वर्षों से जमी अनियमितताओं की धूल को हटाने वाल विधानसभा प्रश्न इस योजना से व्यथित महिलाओं के बीच विशेष चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि विधानसभा सत्र दिनांक 25 फरवरी, 2025 का प्रश्न क्रम 25. प्रश्न क्र. 176 से विधायक देवेन्द्र यादव ने प्रश्न पूछा कि, क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि, 1/ नगर पालिका निगम भिलाई के अंतर्गत संचालित सी-मार्ट की वर्तमान स्थिति क्या है ?  2/ क्या उनका संचालन किया जा रहा है ?  3/ यदि हां तो उनमें किन उत्पादनों का विक्रय किया जा रहा है ?  4/ यदि बंद है तो उसको पुनः संचालित कब तक किया जाएगा, जानकारी देवें ? उल्लेखनीय है कि, विधायक देवेंद्र यादव ने छत्तीसगढ़ की विगत भूपेश सरकार की नाकामी और भिलाई नगर निगम के महापौर की तर्क विहीन प्रशासकीय कार्य नीति तथा शासकीय कोष को क्षत...

दुर्ग से कांग्रेस संगठन की केंद्रीय कार्यकारिणी की नजरों में अग्रणी स्थान बनाने वाले मोतीलाल वोरा जी के बाद… अपने दम पर उल्लेखनीय राजनीतिक भूमिका हासिल करने वाली… कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पित सामाजिक कार्यकर्त एनी पीटर ही है… जो कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ की जमीनी कार्यकर्ता है… जिसने दिल्ली की कर्मभूमि पर… कांग्रेस के लिए मोर्चा संभाला..! और दुर्ग का नाम अपने दम पर केंद्रीय राजनीति में दर्ज करवा दिया है… पढ़िए एक विश्लेषण..!

माननीय वोरा जी के बाद… वैसे छत्तीसगढ़ का दुर्ग जिला… केंद्रीय राजनीति में दो जन नेता के नामों के लिए जाना जाता है पहला मोतीलाल वोरा Moti lal Vora और दूसरा सरोज पांडेय..! Saroj Pandey उल्लेखनीय है कि ये दोनों जन नेता अपने दम पर अपनी पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों से संपर्क में आए और इन्होंने अपना अद्वितीय स्थान अपनी - अपनी पार्टी में बनाया लेकिन… अब इस कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर का नाम भी जुड़ता जा रहा है… वैसे यह नव-उज्वलित नाम..! अभी सिर्फ सड़क की लड़ाई के पहले पायदान पर है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली की सड़कों पर अपनी संघर्षरत गाथा के आधार पर अपनी उपस्थिति देकर  सुर्खियां बटोर रहा है..! एकल चलो रे..! Chhattisgadh congress  सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है इसके कई उदाहरण है जो कांग्रेसी आह्वाहन पर सड़क पर संघर्ष करने वाली कार्यकता होने के तौर पर पहचानी जाती है… वैसे तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस कई खेमों और गुटों में बटी है लेकिन एनी पीटर ही एक मात्र समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है जो सभी के साथ तालमेल रखती है और जब भी कांग्रेस पार्टी को जरूरत प...

भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मियों के परिवारों की भावनाओं को… हाउस लीज विषय बेहद आहत करने वाला मामला, हमेशा से रहा है लेकिन..! इससे भी कहीं अधिक पीड़ा..! इस बात की है कि, बीएसपी हाउस लीज मामले में… झूठा आश्वासन देकर अपनी राजनीतिक दुकान चलाने वाले कांग्रेसी नेता देवेंद्र यादव जैसे लोगों की… मौका परस्ती वाली राजनीतिक भूमिका ने भिलाई वासियों के भावनात्मक ज़ख्मों को… बेरहमी से कुरेदने का काम किया है लेकिन..! अब इस मामले में विधि अपेक्षित संघर्ष प्रारंभ हो गया है… कागजी कार्यवाहियों में दफ़न किए गए..! जमीन घोटालों को उजागर करने वाला पहला पड़ाव भिलाई निगम संपत्ति ब्यौरा मांगने की नोटिस देकर… मौक परस्त कांग्रेसी नेता देवेंद्र यादव से प्रतिक्रिया मांगी गई क्योंकि इसी प्रतिक्रिया के आधार पर हाउस लीज विषय स्वमेव पुनर्जीवित हो जाएगा है…

निगम संपत्ति का ब्यौरा क्यों ? भिलाई विधानसभा चुनाव जीतने के लिए विधायक देवेंद्र यादव ने दो बार बीएसपी कर्मियों के परिवार की भावनाओं से जुड़े बीएसपी हाउस लीज मामले को झूठी और तथ्य विहीन जानकारी देकर राजनीतिक तौर पर भुनाया है..! उल्लेखनीय है कांग्रेसी नेता देवेंद्र यादव ने अपने चुनावी प्रचार में… यह तथ्य विहीन भ्रम फैलाया था कि… बीएसपी हाउस लीज की रजिस्ट्री होगी तदोपरांत… भ्रमित होकर कई लोगों ने मालिकाना हक्क प्राप्त करने के तर्क विहीन बहकावे में आकर बीएसपी हाउस लीज रजिस्ट्री भी करवाई लेकिन…! इसके बाद रजिस्ट्री करवाने वाले कितने हाउस लीज धारकों को तथाकथित मालिकाना हक्क मिला है..! यह अनुत्तरित प्रश्न विचारणीय पहलू है।  कांग्रेसी नेता देवेंद्र यादव की कुटिल राजनीति के लिए मुंहतोड़ प्रश्न ? गौरतलब रहे कि, पूर्व महापौर देवेंद्र यादव ने भिलाई नगर पालिक निगम संपत्ति का लेखा-जोखा की वार्ड वार विभागीय पारदर्शिता को सुनिश्चित करवाने का पदेन कर्तव्य पूरा नहीं किया था । जिसके कारण भिलाई नगर निगम की अचल संपत्ति पर कितना अवैधानिक अतिक्रमण और कब्जा किया गया है ? यह अधिकृत तौर पर स्पष्ट नहीं हु...

सामाजिक कार्यकर्ता निशा देशमुख ने भिलाई वासियों के बिजली बिल मामले पर चर्च में कहा कि...भिलाई वालों का बिजली बिल मामला कब सुलझेगा..? यह निरुत्तरीय प्रश्न और उलझ गया है क्योंकि… गोलमोल शब्दशैली वाला स्वार्थसिद्धि पूर्ण… विधानसभा प्रश्न पूछ कर..?... विधायक देवेंद्र यादव द्वारा भिलाई विधानसभा क्षेत्र से पुनः विश्वासघात किया जाना… जन सामान्य द्वारा महसूस किया जा रहा है… इसलिए जन सामान्य के स्तर से आवाज उठ रहीं है कि, इस विषम परिस्थिति पर स्पष्टीकरण दो… विधायक महोदय!

भिलाई नगर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत विद्युत बिलों में उपभोक्ताओं को प्रदायित छूट के संबंध में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री महोदय ने विधानसभा प्रश्न पर…  महत्वपूर्ण जानकारी दी है लेकिन इस जानकारी के आधार पर भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मियों के आवास का बिजली कितना कम होगा  ? यह विधायक महोदय कब बतायेंगे..? इसका इंतजार सभी को है… विधायक देवेंद्र यादव का विधानसभा प्रश्न… छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा विभाग से विधानसभा कार्यवाही में 12 मार्च, 2025 विधानसभा प्रश्न क्रम 33. प्रश्न क्र. 1564 विधायक देवेंद्र यादव द्वारा पूछा गया था कि, क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि, भिलाई नगर विधान सभा क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में क्या छूट प्रदान की जा रही है ? इस प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री (श्री विष्णु देव साय) ने बताया कि:-  भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को "घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को विद्युत देयकों में राहत" योजना”, बीपीएल उपभोक्ताओं को एकल बत्ती कनेक्शन हेतु अनुदान योजना एवं कृषकों को "डॉ० खूबचंद बघेल किसान विद्युत सहायता योजना" क...

ऑनलाईन छात्रवृत्ति फार्म डालकर धोखाधडी मामले में रायपुर कलेक्टर ने एफ.आई.आर. दर्ज करवाई है !

 मुख्य विषय :-  प्रोफेशनल इंन्स्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलाजी खरोरा रायपुर का मामला है। संस्थापक एवं छात्रवृत्ति प्रभारी श्री विक्की सागर के विरूध्द पुलिस एफ.आई.आर दर्ज हुई है। शिकायतकर्ता अरूण कुमार राऊतराय ने 2018-2019 में व्यथा दर्ज करवाई थी । छत्तीसगढ़ लोक आयोग के द्वारा संज्ञान लिए जाने पर एफ.आई.आर दर्ज करवाई गई । ऑनलाईन छात्रवृत्ति फार्म डालकर धोखाधडी किये जाने के संबंध में एफ.आई.आर. दर्ज करवाने के लिए आयुक्त आदिवासी विकास स्तर से बारंबार निर्देश दिए जाने के बाद भी सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग रायपुर छ.ग आरोपियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज नहीं करवा रहा था जिसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता अमोल मालुसरे ने इस मामले को छत्तीसगढ़ लोक आयोग में परिवाद दाखिल कर संज्ञान करवाया तब लोक आयोग द्वारा प्रकरण कार्यवाही विषयक कलेक्टर रायपुर से स्पष्टीकरण मांगा तदोपरांत वर्षों से आरोपियों को दिए जा रहे प्रशासकीय संरक्षण मामले पर विराम लगाकर एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई है  आयुक्त आदिवासी विकास ने दिए थे स्पष्ट निर्देश   संजय चंदेल जो कि सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग रायपुर छ.ग. ने प्रोफ...

मंच कला क्षेत्र के छह प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को अकादमी फेलो (अकादमी रत्न) के रूप में चुना गया, वर्ष 2022 और 2023 के लिए 92 कलाकार संगीत नाटक अकादमी पुरस्कारों के लिए चुने गए, 80 युवा कलाकारों को वर्ष 2022 और 2023 के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार दिया जाएगा

  संगीत , नृत्य और नाट्य कला से संबंधित संगीत नाटक अकादमी , नई दिल्ली की जनरल काउंसिल , नेशनल ने 21 और 22 फरवरी 2024 को नई दिल्ली में आयोजित अपनी बैठक में सर्वसम्मति से मंच कला के क्षेत्र में छह ( 6) प्रतिष्ठित हस्तियों को अकादमी फेलो (अकादमी रत्न) के रूप में चुना है। अकादमी की फेलोशिप सबसे प्रतिष्ठित और अपूर्व सम्मान है। यह फेलोशिप किसी भी खास समय में 40 व्यक्तियों को दी जाती है। जनरल काउंसिल ने वर्ष 2022 और 2023 के संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (अकादमी पुरस्कार) के लिए संगीत , नृत्य , रंगमंच , पारंपरिक/लोक/जनजातीय संगीत/नृत्य/रंगमंच , कठपुतली और मंच कला में समग्र योगदान/छात्रवृत्ति के क्षेत्र से 92 कलाकारों का भी चयन किया। इस प्रकार चुने गए फेलो और पुरस्कार विजेता समग्र रूप से राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आते हैं। इसके अतिरिक्त ये ख्याति प्राप्त कलाकार संगीत , नृत्य , नाटक , लोक और जनजातीय कला , कठपुतली और संबद्ध रंगमंच कला रूपों आदि के रूप में मंच कला रूपों के संपूर्ण रूप को कवर करते हैं। अकादमी की जनरल काउंसिल ने वर्ष ...

निगम अधिनियम में वार्ड पार्षद को कई महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए है... जिनका प्रयोग करके वार्ड पार्षद अपने निर्वाचन क्षेत्र का सर्वागीण विकास कर सकता है... इसके लिए आवश्यक है की पार्षद को निगम अधिनियम के अग्रलिखित विधि निर्देश को पढ़ना और समझना पड़ेगा तथा अपने अधिकार को प्रयोग में लाना होगा

पार्षदों को मिला असीमित अधिकार अब पार्षद प्रश्न भी पूछ सकेंगे,   प्रश्न से सम्बंधित दस्तावेजो और फ़ाइल का अवलोकन भी कर सकेंगे और   नियम आयुक्त और निगम अधिकारियो से निगम सम्मिलन के दिन लिखित में जवाब भी प्राप्त कर सकेंगे इसलिए अब निगम आयुक्त, निगम के अधिकारी / कर्मचारी और जिम्मेदार जन प्रतिनिधि अर्थात एम.आई.सी. सदस्य इन तीनो से पार्षद सीधे प्रश्न पूछकर जवाब मांग सकेंगे तथा विधायक और सांसद की तरह शहर सरकार का सशक्त अंग होने की अपनी पहचान बना सकेंगे पार्षद को शक्ति संपन्न बनाने वाले निगम अधिनियम के अंतर्गत बनाये गए नियम निम्नानुसार हैं :-  पहला नियम :-   छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम १९५६ की धारा २५-क पार्षदों के कर्तव्य - छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम १९५६ की धारा २५-क में परिभाषित किये गए है और इस विधि निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि, पार्षद निगम सम्मिलन में भाग लेकर महापौर या आयुक्त का ध्यान... निगम की सम्पत्ति की किसी हानी या... निगम के किसी योजना या.... सेवा में किसी कमी के तरफ ध्यानान्कर्षण करवायेगा दूसरा नियम :- छ,ग. नगरपालिक (कामकाज के ...

मामले जिन पर चर्चा गरमाई हुयी है

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा आगामी लोकसभा चुनाव में दुर्ग के व्यापारी राजेंद्र साहू को सांसद प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा जैसे ही प्रारंभ हुई तो कांग्रेस की अंदरूनी खीचतान बढ़ गई और विगत विधानसभा चुनावों में हारे हुए कांग्रेस प्रत्याशियों के संदर्भ में कहा जाने लगा कि, व्यवसायी राजेंद्र साहू की कांग्रेसी पूछ परख के साथ सभी हारे हुए कांग्रेस प्रत्याशियों के राजनैतिक जीवन…! कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में, अस्त होने की तरफ बढ़ने लगा है और भूपेश बघेल के कृपा पात्र को दुर्ग कांग्रेस पर हावी होने का मौका मिलने लगा…

कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण नेता... क्यों हारे  भूपेश बघेल के कृपापात्र का नाम लोकसभा प्रत्याशी के रूप में चर्चा में आ गया है लेकिन भूपेश बघेल ने इस संबंध में कोई भी अधिकृत प्रतिक्रिया नहीं दी है इसलिए यह अनुत्तरित प्रश्न पुनः खड़ा हो गया है कि, पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, मुकेश चंद्राकर, निर्मल कोसरे और अरुण वोरा जैसे दिग्गज कांग्रेसियों को किसने भीतरघात करके हरवाया है ?  होंगे बड़े खुलासे : उल्लेखनीय है कि, अभी तक कांग्रेस ने दुर्ग के लोकसभा प्रत्याशी का नाम स्पष्ट नहीं किया है लेकिन विडंबना यह है कि, भूपेश बघेल के कृपा पात्र राजेंद्र साहू का नाम बिना किसी दावेदारी के सामने आने लगा है जिसका कारण यह है कि कांग्रेस का भूपेश बघेल खेमा अपने वर्तमान राजनैतिक अस्तित्व को परखना चाहता और यह जानना चाहता है कि, दुर्ग शहर, दुर्ग ग्रामीण, अहिवारा और वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में भूपेश बघेल खेमें के प्रति सहमति या असहमति कितनी है l उल्लेखनीय है कि, कांग्रेस का अगला लोकसभा प्रत्याशी अगर भूपेश बघेल खेमे का कृपा पात्र व्यवसायी राजेंद्र साहू होगा तो दुर्ग लोकसभा से हारे हुए ...

छत्तीसगढ़ के महासमुंद लोकसभा सीट से छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को कांग्रेस ने चुनावी मैदान में उतारा है, उल्लेखनीय है कि, ताम्रध्वज साहू वही पूर्व गृहमंत्री है जिसे उसके गृह विधानसभा क्षेत्र दुर्ग ग्रामीण के मतदाताओं ने नकार दिया है उसे महासमुंद के कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कांग्रेस हाई कमान ने क्यों थोपा है इस प्रश्न पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने चुप्पी साधे रखी है पढ़िए क्यों..?

दुर्ग ग्रामीण के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ताम्रध्वज साहू को अपना नेता स्वीकार किया होता तो क्या ताम्रध्वज साहू को असम्मान जनक वोटों से हार का स्वाद चखना नहीं पड़ता लेकिन इस हार ने ताम्रध्वज साहू और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच की गहरी खाई को जग जाहिर कर दिया है इसलिए महासमुंद के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अग्रलीखित प्रश्नों पर चिंतन मनन करना चाहिए… मौकापरस्त नेता है क्या ? वरिष्ठ और पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के अनुभव ताम्रध्वज साहू के मामले में कैसे हैं यह पूछा जाना जरूरी है क्योंकि विगत विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ताम्रध्वज साहू के नेतृत्व को स्वीकार किया होता तो शायद दुर्ग ग्रामीण का चुनाव परिणाम अलग ही होते लेकिन ऐसा नहीं हुआ क्योंकि कांग्रेस के पूर्व गृहमंत्री ने कार्यकर्ताओं के दम पर जीत हासिल करने के बाद जो कार्य व्यवहार किया उसके परिणाम स्वरूप ताम्रध्वज साहू हार गया और इस प्रश्न को ताम्रध्वज साहू को मिले मतों की संख्या ने खड़ा कर दिया की क्या ताम्रध्वज साहू मौका परस्त नेता है इसलिए हार गया ? *************** पूरा पढ़ने के लिए क्लिक करें👇👇👇 जीतने के बाद ...

श्री धर्मेन्द्र प्रधान और श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने संयुक्त रूप से "आंगनवाड़ी केंद्रों को स्कूलों के साथ स्थापित करने के लिए दिशानिर्देश" जारी किए

श्री धर्मेन्द्र प्रधान और श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने संयुक्त रूप से "आंगनवाड़ी केंद्रों को स्कूलों के साथ स्थापित करने के लिए दिशानिर्देश" जारी किए केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने 3 सितंबर 2025 को विज्ञान भवन , नई दिल्ली में स्कूलों के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को एक ही स्थान पर स्थापित करने के लिए संयुक्त रूप से दिशानिर्देश जारी किए हैं। इस अवसर पर बोलते हुए , श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ' विकसित भारत ' के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी प्राप्त होगा जब आने वाले दिनों में हम हर गर्भवती माँ , नवजात शिशु और प्री-स्कूल जाने वाले बच्चे की पूरी देखभाल सुनिश्चित करेंगे। मंत्री ने उन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ("दीदी") के लिए , जिन्होंने 12 वीं कक्षा तक पढ़ाई नहीं की है , लेकिन आगे की शिक्षा प्राप्त करने की इच्छुक हैं , एक समर्पित शिक्षण मॉड्यूल बनाने का ...

दुर्ग निगम की दुर्गति करवाने वाला महापौर धीरज बकलीवाल के कार्यकाल की लचर निगम व्यवस्था जब आगामी निगम चुनाव मैदान में आएगी… तब दुर्ग कांग्रेस का क्या होगा ? यह प्रश्न आगामी दुर्ग निगम चुनाव के परिणाम के साथ स्पष्ट होगा… वैसे आने वाला दुर्ग निगम चुनाव परिणाम क्या होगा..? इसका अंदाजा विधानसभा और लोकसभा परिणाम से लगाया जा सकता है… पढ़िए दुर्ग कांग्रेस को चिंता में डालने वाला विषय…

निगम चुनाव परिणाम के साथ वर्तमान दुर्ग कांग्रेस के पदाधिकारियों का तीसरा रिपोर्ट कार्ड सामने आयेगा…  जो दुर्ग निगम का महापौर धीरज बकलीवाल को बनाए जाने की कांग्रेस की गलती को प्रमाणित करने वाल परिणाम होगा… यह कहे जाने पर शायद दो मत नहीं होंगे… क्योंकि कांग्रेस को विपरित परिणाम विधान सभा और लोकसभा चुनावों में मिल चुका है… बावजूद इसके धीरज बाकलीवाल दुर्ग का महापौर है… ऐसा क्यों है..? यह बताने का अधिकार जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग के पास सुरक्षित है… गौरतलब रहे कि, दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल का कार्यकाल जिन महत्वपूर्ण निगम कार्यवाहियों को सुनिश्चित करवाने में विफल रहा… वे निगम कार्यवाहियां अग्रलिखित हैं… 1/सुशासन व्यवस्था  2/सफाई व्यवस्था 3/निगम कर व्यवस्था  4/दस्तावेज संधारण व्यवस्था  5/सिटी बस सुविधा व्यवस्था   उल्लेखनीय है कि, उक्त उल्लेखित निगम कार्यवाहियों की विसंगतियों को अभिलिखित किए जाने का विधिक आधार… आप तभी समझ सकते हैं… जब आप नगर पालिक निगम के गठन और कार्यान्वयन के अग्रलिखित राज्य सरकार के उद्देश को विधिक दृष्टिकोण से समझेंगे… नगर पालिका निगम की जिम्मेदारि...

कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने एमनेस्टी योजना 2025 को स्वीकृति दी

  कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने अपनी 196 वीं ईएसआई निगम बैठक में , जो हिमाचल प्रदेश के शिमला में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में आयोजित हुई थी , एमनेस्टी योजना 2025 को मंजूरी दी। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) द्वारा अनुमोदित एमनेस्टी योजना 2025 एक बार की विवाद समाधान पहल है जिसका उद्देश्य अदालती मामलों के बैकलॉग को कम करना और ईएसआई अधिनियम के तहत अनुपालन को बढ़ावा देना है। 01 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी ,( यह योजना नियोक्ताओं को ईएसआईसी के साथ अदालतों के बाहर कानूनी विवादों को निपटाने के लिए एक संरचित तंत्र प्रदान करती है। 31 मार्च 2025 तक , विभिन्न अदालतों में लगभग 27,000 मामले लंबित थे। इस योजना के तहत: ·         वास्तविक अंशदान और ब्याज का भुगतान करके तदर्थ मूल्यांकन का निपटान - कोई क्षतिपूर्ति नहीं ली जाएगी। ·         ऐसे मामलों को वापस लिया जाएगा जहां नियोक्ताओं ने पहले ही बकाया राशि का भुगतान कर दिया है , ब...

इस्पात मंत्रालय ने 85 विशेष इस्पात परियोजनाओं के लिए 11,887 करोड़ रुपये के निवेश वाली MoU पर हस्ताक्षर किए

  विशेष इस्पात के लिए PLI योजना 1.2 के तहत 55 कंपनियों के साथ इस्पात मंत्रालय ने MoU पर हस्ताक्षर किए इस्पात मंत्रालय ने 09.02.2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में , इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री श्री एच.डी. कुमारस्वामी तथा इस्पात मंत्रालय के अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में विशेष इस्पात के लिए उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन ( PLI) योजना 1.2 ( तीसरा चरण) के तहत 55 कंपनियों की 85 परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन   ( MoU) पर हस्ताक्षर किए।   PLI 1.2 का शुभारंभ भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ दृष्टिकोण को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।इस चरण में भाग लेने वाली कंपनियों ने 11,887 करोड़ रुपये का निवेश तथा डाउनस्ट्रीम इस्पात और मिश्र धातु निर्माण में 87 लाख टन की प्रतिबद्ध क्षमता का वचन दिया है। उद्योग की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन ( PLI) योजना भारत सरकार का एक प्रमुख सुधार है जिसका उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा द...

स्वावलंबिनी योजना- इस परियोजना का उद्देश्य छात्राओं में उद्यमशीलता की मानसिकता विकसित करना है

  स्वावलंबिनी योजना कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच के साथ ज्ञान साझेदार के रूप में सहयोग करते हुए , फरवरी 2025 में असम , मेघालय , मिजोरम , उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के छह उच्च शिक्षा संस्थानों/विश्वविद्यालयों में एक पायलट परियोजना के रूप में स्वावलंबिनी - एक महिला उद्यमिता कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंत्रालय इस कार्यक्रम को अपने नोएडा स्थित राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान ( एनआईईएसबीयूडी) , और गुवाहाटी के भारतीय उद्यमिता संस्थान (आईआईई) के माध्यम से कार्यान्वित कर रहा है।स्वावलंबिनी प्रायोगिक परियोजना युवा महिलाओं को सफल उद्यम निर्माण तक की यात्रा में सहायता करने के लिए एक संरचित , बहु-स्तरीय प्रशिक्षण पद्धति प्रस्तुत करता है। इस परियोजना का उद्देश्य छात्राओं में उद्यमशीलता की मानसिकता विकसित करना है , उन्हें उद्यमिता को करियर के रूप में अपनाने के लिए आवश्यक उपलब्ध सहायता तंत्रों , योजनाओं , संसाधनों और नेटवर्कों के बारे में जागरूक करना है। स्वावलंबिनी परियोजना के लक्षित समूह में उच्च शिक्षा संस्थानो...

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