केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में व्यावसायिक प्रशिक्षण की समग्र गुणवत्ता और प्रासंगिकता बढ़ाने के लिए उन्नत आईटीआई (पीएम सेतु) योजना के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार परिवर्तन को मंजूरी दी है।
पीएम-सेतु योजना के उद्देश्य
योजना
के प्रमुख उद्देश्य हैं:
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औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों
(आईटीआई) और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) में प्रशिक्षण की
गुणवत्ता में सुधार करना;
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उद्योग मानकों के अनुसार बुनियादी
ढांचे और उपकरणों का आधुनिकीकरण करना;
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नए और उभरते क्षेत्रों में
उद्योग-संरेखित दीर्घकालिक और अल्पकालिक पाठ्यक्रम शुरू करना;
·
मांग-संचालित कौशल और बेहतर रोजगार
परिणामों के लिए उद्योग संबंध को मजबूत करना; तथा
·
प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए
राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) की क्षमता बढ़ाना।
इस
योजना में दो घटक शामिल हैं:
·
घटक I - हब और स्पोक मॉडल में 1,000 सरकारी आईटीआई (200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई) का उन्नयन जिसमें
स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल सामग्री और उद्योग क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप नए पाठ्यक्रम
शामिल हैं।
·
घटक II - भुवनेश्वर, चेन्नई, हैदराबाद,
कानपुर और लुधियाना में स्थित पांच एनएसटीआई की क्षमता वृद्धि,
जिसमें वैश्विक भागीदारी के साथ प्रशिक्षकों के उन्नत प्रशिक्षण पर
ध्यान देने के साथ कौशल के लिए क्षेत्र-विशिष्ट राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र
स्थापित करना शामिल है।
पीएम-सेतु
उद्योग के नेतृत्व वाले शासन के माध्यम से रोजगार के परिणामों में सुधार करने पर
ध्यान केंद्रित करता है,
और अप्रत्यक्ष रूप से शिक्षार्थियों (प्रारंभिक चरण के उद्यमों और
पहली बार उद्यमियों सहित) को उद्योग-प्रासंगिक कौशल, वास्तविक
कार्य वातावरण और मजबूत संस्थागत प्रणालियों तथा उद्योग संबंधों के माध्यम से
करियर मार्गदर्शन, प्लेसमेंट सहायता और स्व-रोजगार सहायता तक
पहुंच में सक्षम बनाकर स्व-रोजगार और उद्यमिता का समर्थन करता है।
पीएम-सेतु
मुख्य रूप से एक व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण उन्नयन योजना है जिसका उद्देश्य
उद्योग के नेतृत्व वाले शासन, आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर
प्रशिक्षण और परिणामों के माध्यम से आईटीआई और एनएसटीआई इकोसिस्टम को मजबूत करना
है। यह योजना एक समर्पित स्टार्टअप कार्यक्रम के रूप में स्टार्टअप/प्रारंभिक चरण
के उद्यमों के लिए कोई सहायता प्रदान नहीं करती है।
महाराष्ट्र
सरकार से प्राप्त ब्यौरे के अनुसार, प्रायोगिक चरण में
महाराष्ट्र में पुणे, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर जिलों में
तीन क्लस्टरों की पहचान की गई है। पालघर जिले से आईटीआई/क्लस्टर के लिए प्रायोगिक
चरण में कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।
बिहार सरकार
से प्राप्त ब्यौरे के अनुसार, प्रायोगिक चरण के लिए पटना और
दरभंगा जिलों में दो क्लस्टरों की पहचान की गई है। उद्योग के हितों को आमंत्रित
करने के लिए राज्य द्वारा प्रस्ताव के लिए अनुरोध जारी किया जाना है।
कौशल विकास
और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी
ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/जेके/एनजे
प्रविष्टि तिथि: 02
FEB 2026 by PIB Delhi (रिलीज़ आईडी: 2222228) आगंतुक पटल : 295