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पद्मा पुरस्कार 2026 की घोषणा

पद्मा पुरस्कार 2026 की घोषणा

पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक हैं, जो तीन श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं: पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री। ये पुरस्कार कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामलों, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा आदि विभिन्न क्षेत्रों में दिए जाते हैं। पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए, पद्म भूषण उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए और पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। इन पुरस्कारों की घोषणा प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है।

ये पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोहों में प्रदान किए जाते हैं, जो आमतौर पर प्रत्येक वर्ष मार्च/अप्रैल के आसपास होते हैं। वर्ष 2026 के लिए, राष्ट्रपति ने 131 पद्म पुरस्कारों के प्रदान करने की स्वीकृति दी है, जिनमें 2 युगल पुरस्कार (युगल पुरस्कार को एक ही माना जाता है) शामिल हैं, जैसा कि नीचे दी गई सूची में है। इस सूची में 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। पुरस्कार प्राप्त करने वालों में 19 महिलाएं हैं और सूची में विदेशी/एनआरआई/पीआईओ/ओसीआई श्रेणी के 6 व्यक्ति और 16 मरणोपरांत पुरस्कार प्राप्तकर्ता भी शामिल हैं।

पद्म विभूषण (5)

1- श्री धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत)- कला - महाराष्ट्र

2-श्री के टी थॉमस- सार्वजनिक मामले- केरल

3-सुश्री एन राजम-कला उत्तर प्रदेश

4- श्री पी नारायणन-साहित्य एवं शिक्षा- केरल

5-श्री वी एस अच्युतानंदन (मरणोपरांत)- सार्वजनिक मामले- केरल

पद्म भूषण (13)

6- सुश्री अलका याग्निक- कला- महाराष्ट्र

7-श्री भगत सिंह कोश्यारी- सार्वजनिक मामले- उत्तराखंड

8- श्री कल्लीपट्टी रामासामी पलानीस्वामी- दवा- तमिलनाडु

9- श्री ममूटी- कला- केरल

10- डॉ. नोरी दत्तात्रेयुडु- दवा- संयुक्त राज्य अमेरिका

11- श्री पीयूष पांडे (मरणोपरांत)- कला- महाराष्ट्र

12- श्री एस के एम मैइलानंदन- सामाजिक कार्य- तमिलनाडु

13- श्री शतावधानी आर गणेश- कला- कर्नाटक

14- श्री शिबू सोरेन (मरणोपरांत)- सार्वजनिक मामले- झारखंड

15- श्री उदय कोटक- व्यापार और उद्योग- महाराष्ट्र-

16- श्री वी. के. मल्होत्रा ​​(मरणोपरांत)- सार्वजनिक मामले-दिल्ली

17-श्री वेल्लापल्ली नटेसन-सार्वजनिक मामले- केरल

18-श्री विजय अमृतराज- खेल-संयुक्त राज्य अमेरिका

पद्मश्री- 113

19- श्री ए ई मुथुनायगम- विज्ञान और इंजीनियरिंग- केरल

20- श्री अनिल कुमार रस्तोगी-कला- उत्तर प्रदेश।

21-श्री अंके गौड़ा एम.-सामाजिक कार्य- कर्नाटक

22-सुश्री आर्मिडा फर्नांडीज-दवा- महाराष्ट्र

23-श्री अरविन्द वैद्य-कला-गुजरात

24- श्री अशोक खाडे-व्यापार और उद्योग- महाराष्ट्र

25-श्री अशोक कुमार सिंह-विज्ञान और इंजीनियरिंग- उत्तर प्रदेश

26- श्री अशोक कुमार हलधर- साहित्य और शिक्षा-पश्चिम बंगाल

27- श्री बलदेव सिंह-खेल- पंजाब

28-श्री भगवानदास रायकवार-खेल- मध्य प्रदेश

29-श्री भरत सिंह भारती-कला-बिहार

30-श्री भिकल्या लाडक्या ढिंडा-कला-महाराष्ट्र

31- श्री विश्व बंधु (मरणोपरांत)-कला-बिहार

32- श्री बृज लाल भट्ट- सामाजिक कार्य- जम्मू और कश्मीर

33-श्री बुद्ध रश्मी मणि- अन्य - पुरातत्व- उत्तर प्रदेश

 34-डॉ बुधरी ताती- सामाजिक कार्य- छत्तीसगढ

35-श्री चंद्रमौली गद्दामनुगु- विज्ञान और इंजीनियरिंग- तेलंगाना

36-श्री चरण हेम्ब्रम-साहित्य और शिक्षा- ओडिशा

37-श्री चिरंजी लाल यादव-कला- उत्तर प्रदेश

38-सुश्री दीपिका रेड्डी-कला- तेलंगाना

39-श्री धार्मिकलाल चुन्नीलाल पंड्या-कला-गुजरात

40- श्री गड्डे बाबू राजेंद्र प्रसाद-कला-आंध्र प्रदेश

41- श्री गफरूद्दीन मेवाती जोगी- कला- राजस्थान

42- श्री गंभीर सिंह योनज़ोन- साहित्य और शिक्षा-पश्चिम बंगाल

43- श्री गरिमेला बालकृष्ण प्रसाद (मरणोपरांत)- कला- आंध्र प्रदेश

44-सुश्री गायत्री बालासुब्रमण्यम और सुश्री रंजनी बालासुब्रमण्यम (द्वय)-कला-तमिलनाडु

45-श्री गोपाल जी त्रिवेदी-विज्ञान और इंजीनियरिंग- बिहार

46-श्री गुडुरु वेंकट राव-दवा- तेलंगाना

47- श्री एच वी हांडे-दवा-तमिलनाडु

48-श्री हैली वार-सामाजिक कार्य-मेघालय

49- श्री हरि माधब मुखोपाध्याय (मरणोपरांत)-कला-पश्चिम बंगाल

50-श्री हरिचरण सैकिया-कला-असम

51- सुश्री हरमनप्रीत कौर भुल्लर-खेल-पंजाब

52-श्री इंद्रजीत सिंह सिद्धू-सामाजिक कार्य-चंडीगढ़

53-श्री जनार्दन बापुराव बोथे-सामाजिक कार्य-महाराष्ट्र

54- श्री जोगेश देउरी- अन्य - कृषि- असम

55- श्री जूजर वासी-विज्ञान और इंजीनियरिंग- महाराष्ट्र

56-श्री ज्योतिष देबनाथ-कला-पश्चिम बंगाल

57-श्री के पजानिवेल- खेल-पुदुचेरी

58- श्री के रामासामी- विज्ञान और इंजीनियरिंग-तमिलनाडु

59-श्री के विजय कुमार-सिविल सेवा-तमिलनाडु

60- श्री कवीन्द्र पुरकायस्थ (मरणोपरांत)- सार्वजनिक मामले-असम

61-श्री कैलाश चन्द्र पन्त-साहित्य और शिक्षा- मध्य प्रदेश

62-सुश्री कलामंडलम विमला मेनन-कला-केरल

63-श्री केवल कृष्ण ठकराल-दवा-उत्तर प्रदेश।

64-श्री खेम राज सुन्दरियाल-कला-हरियाणा

65-सुश्री कोल्लाकल देवकी अम्मा जी-सामाजिक कार्य-केरल

66-श्री कृष्णमूर्ति बालासुब्रमण्यम-विज्ञान और इंजीनियरिंग-तेलंगाना

67-श्री कुमार बोस-कला-पश्चिम बंगाल

68-श्री कुमारसामी थंगराज-विज्ञान और इंजीनियरिंग-तेलंगाना

69- प्रो. (डॉ.) लार्स-क्रिश्चियन कोच-कला- जर्मनी

70-सुश्री ल्यूडमिला विक्टोरोवना खोखलोवा-साहित्य और शिक्षा-रूस

71-श्री माधवन रंगनाथन-कला-महाराष्ट्र

72-श्री मगंती मुरली मोहन-कला-आंध्र प्रदेश

73-श्री महेंद्र कुमार मिश्र-साहित्य और शिक्षा- ओडिशा

74-श्री महेंद्र नाथ राय-साहित्य और शिक्षा- पश्चिम बंगाल

75-श्री ममीडाला जगदेश कुमार- साहित्य और शिक्षा- दिल्ली

76-सुश्री मंगला कपूर-साहित्य और शिक्षा-उत्तर प्रदेश।

77-श्री मीर हाजीभाई कासमभाई-कला-गुजरात

78-श्री मोहन नगर-सामाजिक कार्य-मध्य प्रदेश

79-श्री नारायण व्यास- अन्य - पुरातत्व- मध्य प्रदेश

80- श्री नरेश चंद्र देव वर्मा-साहित्य और शिक्षा- त्रिपुरा

81-श्री नीलेश विनोदचंद्र मांडलेवाला-सामाजिक कार्य- गुजरात

82-श्री नूरुद्दीन अहमद-कला-असम

83-श्री ओथुवर थिरुथानी स्वामीनाथन-कला-तमिलनाडु

84-डॉ. पद्मा गुरमेत-दवा- लद्दाख

85- श्री पलकोंडा विजय आनंद रेड्डी-दवा-तेलंगाना

86-सुश्री पोखिला लेकथेपी-कला-असम

87- डॉ. प्रभाकर बसवप्रभु कोरे-साहित्य और शिक्षा-कर्नाटक

88-श्री प्रतीक शर्मा-दवा-संयुक्त राज्य अमेरिका

89-श्री प्रवीण कुमार-खेल- उत्तर प्रदेश

90-श्री प्रेम लाल गौतम-विज्ञान और इंजीनियरिंग-हिमाचल प्रदेश

91-श्री प्रोसेनजीत चटर्जी-कला- पश्चिम बंगाल

92-डॉ. पुन्नियामूर्ति नटेसन-दवा-तमिलनाडु

93- श्री आर कृष्णन (मरणोपरांत)-कला-तमिलनाडु

94-श्री आर वी एस मणि- सिविल सेवा- दिल्ली

95- श्री रबीलाल टुडू- साहित्य और शिक्षा- पश्चिम बंगाल

96-श्री रघुपत सिंह (मरणोपरांत)- अन्य - कृषि- उत्तर प्रदेश।

97-श्री रघुवीर तुकाराम खेडकर-कला- महाराष्ट्र

98- श्री राजस्तपति कलिअप्पा गौंडर-कला- तमिलनाडु

99- श्री राजेंद्र प्रसाद-दवा- उत्तर प्रदेश

100- श्री राम रेड्डी ममिदी (मरणोपरांत)- अन्य - पशु पशुपालन- तेलंगाना

101-श्री राममूर्ति श्रीधर- अन्य - रेडियो प्रसारण- दिल्ली

102- श्री रामचन्द्र गोडबोले एवं सुश्री सुनीता गोडबोले (द्वय)- दवा- छत्तीसगढ

103- श्री रतिलाल बोरिसागर- साहित्य और शिक्षा- गुजरात

104- श्री रोहित शर्मा- खेल- महाराष्ट्र

105- सुश्री एस जी सुशीलम्मा- सामाजिक कार्य- कर्नाटक

106- श्री संग्युसांग एस पोन्गेनर- कला- नगालैंड

107- संत निरंजन दास- अन्य - आध्यात्मवाद- पंजाब

108- श्री शरत कुमार पात्रा- कला- ओडिशा

109- श्री सरोज मंडल- दवा-पश्चिम बंगाल

110- श्री सतीश शाह (मरणोपरांत)-कला-महाराष्ट्र

111-श्री सत्यनारायण नुवाल-व्यापार और उद्योग-महाराष्ट्र

112-सुश्री सविता पुनिया-खेल-हरियाणा

113-प्रो. शफ़ी शौक़-साहित्य और शिक्षा-जम्मू और कश्मीर

 114-श्री शशि शेखर वेम्पति-साहित्य और शिक्षा-कर्नाटक

115-श्री श्रीरंग देवबा लाड-अन्य - कृषि-महाराष्ट्र

116-सुश्री शुभा वेंकटेश अयंगर-विज्ञान और इंजीनियरिंग-कर्नाटक

117-श्री श्याम सुन्दर-दवा-उत्तर प्रदेश।

118-श्री सीमांचल पात्रो-कला-ओडिशा

119-सुश्री शिवशंकरी-साहित्य और शिक्षा-तमिलनाडु

120-डॉ. सुरेश हनागावडी-दवा-कर्नाटक

121-स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज-सामाजिक कार्य-राजस्थान

122-श्री टी.टी.जगन्नाथन (मरणोपरांत)-व्यापार और उद्योग-कर्नाटक

123- श्री तगा राम भील-कला-राजस्थान

124-श्री तरूण भट्टाचार्य-कला-पश्चिम बंगाल

125-श्री तेची गुबिन-सामाजिक कार्य-अरुणाचल प्रदेश

126-श्री तिरुवरूर बक्तवत्सलम-कला-तमिलनाडु

127-सुश्री तृप्ति मुखर्जी-कला-पश्चिम बंगाल

128-श्री वीझिनाथन कामकोटि-विज्ञान और इंजीनियरिंग-तमिलनाडु

129-श्री वेम्पति कुटुम्बा शास्त्री-साहित्य और शिक्षा-आंध्र प्रदेश

130- श्री व्लादिमीर मेस्टविरिश्विली (मरणोपरांत)-खेल-जॉर्जिया

131-श्री युमनाम जात्रा सिंह (मरणोपरांत)-कला-मणिपुर

नोट: द्वय के मामले में, पुरस्कार को एक ही गिना जाता है।

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पीके/केसी/एनएम प्रविष्टि तिथि: 25 JAN 2026 by PIB Delhi(रिलीज़ आईडी: 2218640) आगंतुक पटल : 2231

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गैरजिम्मेदार महापौर!... कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करवाने के मामले में… रिसाली निगम महापौर बेहद गैरजिम्मेदार तरीके का प्रशासकीय व्यवहार कर अपनी राजनीतिक भूमिका निभा रहीं है… जिसके कारण महिला उत्पीड़न करने वालों को संरक्षण मिल रहा है…

कौन है जो रोकेगा गड़बड़ियां ? महिला उत्पीड़न रोकने के मामले में रिसाली निगम की कांग्रेसी शहर सरकार प्रताड़ना करने वाले आरोपियों का निंदनीय संरक्षण करते नजर आ रहीं है । विशेषकर रिसाली महापौर की भूमिका महिला प्रताड़ना करने वालों के लिए सहानभूति पूर्ण नजर आ रहीं है जिसको विधिवत प्रश्नांकित करने की भूमिका सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती निशा देशमुख पूरी कर रहीं है… अरे! कहां है रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति… रिसाली महापौर के गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यवहार ने रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति का अस्तित्व अनियमितताओं के हवाले हो गया है! बेहद व्यथित करने वाली वास्तविकता यह है कि रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति इन दिनों प्रताड़ित महिलाओं की व्यथा का निराकरण करने के स्थान पर प्रताड़ित करने वाले आरोपियों की संरक्षक के तौर पर कार्य करती नजर आ रहीं है जिसके लिए रिसाली की महापौर जिम्मदार है क्योंकि महापौर कामकाजी  महिलाओं की सुरक्षा के लिए की जाने वाली व्यवस्था और सुविधाओं के लिए आवश्यक प्रशासकीय जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहीं है । मैडम महापौर अध्यक्ष आंतरिक शिकायत समिति की जवाबदेही कब ...

यूट्यूबर यशवंत साहू जो… भिलाई टाईम्स नामक ब्लॉग लिखता है और… यह कपटपूर्ण विषयवस्तु वाले वीडियो आधारित दबदबा बनाकर सोशल मीडिया मंच वाला व्यापार चलाता है… इसी व्यापारिक गतिविधि के तहत यशवंत के द्वारा आपत्तिजनक वीडियो रोजाना बनाया जाता है… इस आपराधिक गतिविधि की पुनरावृत्ति करते हुए यशवंत ने… विगत दिनों उचित मूल्य दुकान का संचालन करने वाली… महिला स्व सहायता समूहों पर मानसिक दबाव बनाने का कपट पूर्वक प्रयास किया है… जिसकी पुलिस FIR कार्यवाही शिकायत दर्ज करवाई गई है..! पढ़िए पूरा मामला…

भिलाई टाईम्स वाला यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत का सामना करेगा रिसाली और भिलाई के कुछ वार्डों की जानकारी और… लोगों की आपसी खुन्नस को… चटकेदार मिर्च मसाला लगाकर… बिना किसी दस्तावेजिक प्रमाण के… यशवंत बयानबाजी करते हुए नाटकीय वीडियो बनाता है और… वीडियो को अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर… यशवंत प्रकाशित करता है । जिस पर आने वाली लाईक और क्लीक बढ़ाकर यशवंत द्वारा… अपनी रोजी रोटी चलाय जाना की बात लोगों ने बताई है लेकिन… इस बार यशवंत ने अपनी यूट्यूबर सीमा से बाहर जाकर… उचित मूल्य दुकान की संचालक महिला स्व सहायता समूहों को निशाना बनाया और… अपने बड़बोले अंदाज में पुलिस और शासन को भी… अपनी युटुब वीडियो बयान विषयवस्तु के आधार पर कटघरे में खड़ा कर दिया है । इसलिए अब यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत कार्यवाही का सामना करने की स्थिति में आ गया है । जवाबदेही तय : बचकाना भाषा शैली और लालच ने यशवंत को बुरा फसाया… साबित करना पड़ेगा फिल्मी डायलॉग वाले आरोप..!  वैसे तो यूट्यूबर यशवंत स्थानीय राजनीति में अपनी छोटी मोटी जगह तलाशने और… भ्रामक जानकारी के आधार पर बनाए नाटकीय वीडियो के आधार पर ...

दुर्ग से कांग्रेस संगठन की केंद्रीय कार्यकारिणी की नजरों में अग्रणी स्थान बनाने वाले मोतीलाल वोरा जी के बाद… अपने दम पर उल्लेखनीय राजनीतिक भूमिका हासिल करने वाली… कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पित सामाजिक कार्यकर्त एनी पीटर ही है… जो कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ की जमीनी कार्यकर्ता है… जिसने दिल्ली की कर्मभूमि पर… कांग्रेस के लिए मोर्चा संभाला..! और दुर्ग का नाम अपने दम पर केंद्रीय राजनीति में दर्ज करवा दिया है… पढ़िए एक विश्लेषण..!

माननीय वोरा जी के बाद… वैसे छत्तीसगढ़ का दुर्ग जिला… केंद्रीय राजनीति में दो जन नेता के नामों के लिए जाना जाता है पहला मोतीलाल वोरा Moti lal Vora और दूसरा सरोज पांडेय..! Saroj Pandey उल्लेखनीय है कि ये दोनों जन नेता अपने दम पर अपनी पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों से संपर्क में आए और इन्होंने अपना अद्वितीय स्थान अपनी - अपनी पार्टी में बनाया लेकिन… अब इस कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर का नाम भी जुड़ता जा रहा है… वैसे यह नव-उज्वलित नाम..! अभी सिर्फ सड़क की लड़ाई के पहले पायदान पर है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली की सड़कों पर अपनी संघर्षरत गाथा के आधार पर अपनी उपस्थिति देकर  सुर्खियां बटोर रहा है..! एकल चलो रे..! Chhattisgadh congress  सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है इसके कई उदाहरण है जो कांग्रेसी आह्वाहन पर सड़क पर संघर्ष करने वाली कार्यकता होने के तौर पर पहचानी जाती है… वैसे तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस कई खेमों और गुटों में बटी है लेकिन एनी पीटर ही एक मात्र समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है जो सभी के साथ तालमेल रखती है और जब भी कांग्रेस पार्टी को जरूरत प...

ऑनलाईन छात्रवृत्ति फार्म डालकर धोखाधडी मामले में रायपुर कलेक्टर ने एफ.आई.आर. दर्ज करवाई है !

 मुख्य विषय :-  प्रोफेशनल इंन्स्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलाजी खरोरा रायपुर का मामला है। संस्थापक एवं छात्रवृत्ति प्रभारी श्री विक्की सागर के विरूध्द पुलिस एफ.आई.आर दर्ज हुई है। शिकायतकर्ता अरूण कुमार राऊतराय ने 2018-2019 में व्यथा दर्ज करवाई थी । छत्तीसगढ़ लोक आयोग के द्वारा संज्ञान लिए जाने पर एफ.आई.आर दर्ज करवाई गई । ऑनलाईन छात्रवृत्ति फार्म डालकर धोखाधडी किये जाने के संबंध में एफ.आई.आर. दर्ज करवाने के लिए आयुक्त आदिवासी विकास स्तर से बारंबार निर्देश दिए जाने के बाद भी सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग रायपुर छ.ग आरोपियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज नहीं करवा रहा था जिसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता अमोल मालुसरे ने इस मामले को छत्तीसगढ़ लोक आयोग में परिवाद दाखिल कर संज्ञान करवाया तब लोक आयोग द्वारा प्रकरण कार्यवाही विषयक कलेक्टर रायपुर से स्पष्टीकरण मांगा तदोपरांत वर्षों से आरोपियों को दिए जा रहे प्रशासकीय संरक्षण मामले पर विराम लगाकर एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई है  आयुक्त आदिवासी विकास ने दिए थे स्पष्ट निर्देश   संजय चंदेल जो कि सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग रायपुर छ.ग. ने प्रोफ...

निगम अधिनियम में वार्ड पार्षद को कई महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए है... जिनका प्रयोग करके वार्ड पार्षद अपने निर्वाचन क्षेत्र का सर्वागीण विकास कर सकता है... इसके लिए आवश्यक है की पार्षद को निगम अधिनियम के अग्रलिखित विधि निर्देश को पढ़ना और समझना पड़ेगा तथा अपने अधिकार को प्रयोग में लाना होगा

पार्षदों को मिला असीमित अधिकार अब पार्षद प्रश्न भी पूछ सकेंगे,   प्रश्न से सम्बंधित दस्तावेजो और फ़ाइल का अवलोकन भी कर सकेंगे और   नियम आयुक्त और निगम अधिकारियो से निगम सम्मिलन के दिन लिखित में जवाब भी प्राप्त कर सकेंगे इसलिए अब निगम आयुक्त, निगम के अधिकारी / कर्मचारी और जिम्मेदार जन प्रतिनिधि अर्थात एम.आई.सी. सदस्य इन तीनो से पार्षद सीधे प्रश्न पूछकर जवाब मांग सकेंगे तथा विधायक और सांसद की तरह शहर सरकार का सशक्त अंग होने की अपनी पहचान बना सकेंगे पार्षद को शक्ति संपन्न बनाने वाले निगम अधिनियम के अंतर्गत बनाये गए नियम निम्नानुसार हैं :-  पहला नियम :-   छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम १९५६ की धारा २५-क पार्षदों के कर्तव्य - छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम १९५६ की धारा २५-क में परिभाषित किये गए है और इस विधि निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि, पार्षद निगम सम्मिलन में भाग लेकर महापौर या आयुक्त का ध्यान... निगम की सम्पत्ति की किसी हानी या... निगम के किसी योजना या.... सेवा में किसी कमी के तरफ ध्यानान्कर्षण करवायेगा दूसरा नियम :- छ,ग. नगरपालिक (कामकाज के ...

छत्तीसगढ़ में निजी विश्विद्यालयों द्वारा दी जाने वाली शैक्षणिक आहर्ता प्रमाण पत्र की विश्वसनीयता प्रश्नांकित स्थिति में है क्योंकि… छत्तीसगढ़ के निजी विश्विद्यालयों नियामक आयोग ने जिन निजी विश्विद्यालयों को मान्यता दी है… उन विश्वविद्यालयों द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्रों का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है और… इनकी पारदर्शिता सुनिश्चित करवाने की नियामक आयोग की प्रशासकीय जिम्मेदारियों को भी पूरा नहीं किया गया है… जिसके कारण अनियमित शैक्षणिक आहर्ता प्रमाण बांटें जाने का प्रश्न अनुत्तरित स्थिति में है..! जिसके दुष्परिणाम जान लीजिए…

फर्जी प्रमाण पत्र  नियम विरुद्ध हासिल किए गए फर्जी शैक्षणिक आहर्ताएँ शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करती हैं, समाज में विश्वास की कमी पैदा करती हैं और अयोग्य व्यक्तियों को जिम्मेदार पदों पर बैठाकर भविष्य की पीढ़ियों को नुकसान पहुँचाती हैं।   फर्जी शैक्षणिक आहर्ता से समाज पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव और नुकसान… 1. शिक्षा व्यवस्था पर पड़ता है चिंताजनक विपरीत असर गुणवत्ता में गिरावट: जब शिक्षक या पेशेवर फर्जी डिग्री लेकर नौकरी करते हैं, तो शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है।   शिक्षण प्रणाली की विश्वसनीयता कम होती है: असली मेहनत करने वाले छात्रों और योग्य व्यक्तियों का विश्वास टूटता है।   संस्थागत भ्रष्टाचार निरंकुश होकर पनपता है: फर्जी प्रमाणपत्रों का चलन शिक्षा संस्थानों की साख को नुकसान पहुँचाता है।   2. सामाजिक ढाँचे को पहुंचता है अपूरणीय नुकसान और डालता है विपरीत असर नैतिक पतन: समाज में शैक्षणिक स्तर से ईमानदारी और मेहनत की जगह धोखाधड़ी को बढ़ावा मिलता है।   असमानता और अन्याय: योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिलते, जिससे सामाजिक असमानता ...

निर्माण श्रमिकों के सर्वांगीण उत्थान के लिए शासन योजनाओं का संचालन कर रहीं जिनकी जानकारी हितग्राही श्रमिक तक पहुंचना आवश्यक है... इसलिए इनको जान लीजिए...

  निर्माण श्रमिक अर्थात कौन ? निर्माण श्रमिक से तात्पर्य जो किसी भवन या निर्माण कार्य में कुशल, अर्द्ध कुशल या अकुशल श्रमिक के रूप में शारीरिक, पर्यवेक्षणिक, तकनीकी अथवा लिपिकीय कार्य भाड़े या पारिश्रमिक के लिए करता हो। नियोजन के निबन्धन प्रकट हों या विवक्षित हो, किन्तु प्रबंधकीय या प्रशासकीय हैसियत में नियोजित व्यक्ति इसमें सम्मिलित नहीं है। कहां होता पंजीयन ? हितग्राही पंजीयन भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम, 1996 के अंतर्गत प्रत्येक निर्माण श्रमिक का पंजीयन मंडल के द्वारा किया जाता है। पंजीयन हेतु अर्हताएं क्या है ? निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीयन हेतु निर्धारित आयु सीमा 18 वर्ष से कम नहीं किन्तु 60 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। उल्लेखनीय हैे कि, हितग्राही श्रमिक द्वारा विगत एक वर्ष में भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक के रूप में 90 दिवस कार्य करने संबंधी नियोजक / श्रमिक संघ / श्रम निरीक्षक द्वारा जारी प्रमाण पत्र अपलोड किया जाना अनिवार्य है। कहां होता हैं पंजीयन ? किसी भी लोक सेवा केन्द्र से श्रम विभाग के वेबसाईट पर ऑन-लाईन आवेदन कर सकते हैं। वेबसाईट लिंक अंत में दी गई जिस...

पत्रकार और यूट्यूबर में अंतर को सभी को जानना जरूरी है क्योंकि यूट्यूबर भ्रामक जानकारी के आधार पर स्वयं को पत्रकार होने का भ्रम बनाते है... परिणाम स्वरूप इसका विपरीत प्रभाव पत्रकारिता जगत पड़ रहा है...

पत्रकार और यूट्यूबर के बीच अंतर को समझना आसान है ! अगर हम उनके उद्देश्य, जिम्मेदारी और काम करने के तरीकों को देखें तो दोनों की मंशा और लक्ष्य स्पष्ट हो जाता है । 🎙️ पत्रकार   भूमिका: समाज को तथ्यात्मक, सत्यापित और संतुलित जानकारी देना।   जिम्मेदारी: पत्रकारिता आचार संहिता का पालन करना, स्रोतों की पुष्टि करना और निष्पक्ष रहना।   माध्यम: अख़बार, टीवी, रेडियो, पत्रिका, अन्य प्रिंट माध्यम    लक्ष्य: जनता को जागरूक करना, सत्ता और संस्थाओं को जवाबदेह बनाना।  विश्वसनीयता: गलत सूचना देने पर कानूनी और नैतिक जवाबदेही होती है।   📹 यूट्यूबर भूमिका: मनोरंजन, शिक्षा, व्यक्तिगत विचार या अनुभव साझा करना।   जिम्मेदारी: सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म की नीतियों का पालन करना, लेकिन ये शासकीय अपेक्षाओं के विपरीत पत्रकारिता जैसी सख़्त आचार संहिता का पालन नहीं करते है । सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते हैं ।  माध्यम: YouTube चैनल और सोशल मीडिया।   लक्ष्य: दर्शकों को एन-केन-प्रकारेंण आकर्षित करना, तथ्यविहीन लुभावनी जा...

अविभाजित भिलाई निगम के संपत्ति का लेखा-जोखा पारदर्शिता के दायरे में नहीं होने कर कारण भिलाई और रिसाली निगम को भारी नुकसान पहुंचाने वाले जमीन दलालों को फायदा हुआ है… वहीं दूसरी ओर आम-जनता जो अपनी जीवन भर के मेहनत की कमाई से महंगे भूखंड खरीद कर मकान बनाती है… उसे नगर पालिक निगम भिलाई और रिसाली के प्रशासन की अनियमितताओं के कारण ठगी का शिकार होने की चिंताजनक संभावना का सामान करना पड़ रहा था… इसलिए महापौरगण को अग्रलिखित बिंदुवार भूमि लेखा-जोखा संज्ञान नोटिस देकर प्रश्नांकित किया गया है..! पढ़िए पूरा मामला और नोटिस…

जन सामान्य के आवासीय प्रयोजन के भूखंडों का नियमितीकरण मामला नोटिस कार्यवाही प्रक्रिया से पारदर्शिता के दायरे में आयेगा… मौकापरस्त महापौर अब जन-सामान्य की समस्याओं को नजरंदाज करने की स्थिति में नहीं रहेंगे… अविभाजित भिलाई निगम में विगत कई वर्षों से लगातार कांग्रेस की शहर सरकार रहीं है… निगम महापौर भी कांग्रेस का रहा है… जिसने अविभाजित भिलाई निगम और विभाजित रिसाली एवं भिलाई निगम की संपत्ति का लेखा-जोखा पारदर्शिता के दायरे में लाने की पदेन जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया है जिसके कारण नोटिस देकर कार्यवाही करने की परिस्थिति बनी है… नोटिस Download लिंक 👇क्लिक करें 👇 https://drive.google.com/file/d/152ki3rd2ZzJRzu-pB_LDlrLpYwz9WqGR/view?usp=drivesdk पार्षद अब अपने प्राधिकार का उपयोग कर महापौर की पदेन जिम्मेदारी तय करवायेगें  जन सामान्य स्तर से की गई संज्ञान नोटिस पर अब पार्षद संज्ञान लेकर निगम महापौर से अपने वार्ड के शासकीय अचल संपत्ति ब्यौरा मांगने के बाध्य हो गए हैं क्योंकि… इस नोटिस की प्रति सभी पार्षदों को व्हाट्सएप पर दी गई है और पार्षद चाहें तो निगम आयुक्त से विधिवत इसकी छायाप्...

झोलाछाप डॉक्टरों और अपंजीकृत चिकित्सा व्यवसाइयों को पहचानना और उनसे बचाव करने के लिए हमारे लोकतांत्रिक कानूनी व्यवस्था में चिकित्सा सुविधा देने के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने की है पर्याप्त व्यवस्था है… पढ़िए जागरूक रहने के विधिक पहलू…

लोक स्वास्थ्य को अपूरणीय क्षति पहुंचाने वाले अनियमित चिकित्सा व्यवसाई ग्रामीण और शहरी दोनो ही जगह… अपनी दुकान चला रहें है लेकिन जन जागरूक के आभाव में इनके विरुद्ध शासन कानूनी कार्यवाही नहीं कर पा रहा है… इसलिए यह लेख जन जागरूकता लाने का एक प्रयास है… झोलाछाप डॉक्टरों को पहचानना और उनसे बचना बेहद ज़रूरी है। ये लोग न केवल आपके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हैं बल्कि आपकी जान को भी खतरे में डाल सकते हैं। झोलाछाप डॉक्टरों की कुछ खास पहचान: अयोग्यता का दावा: ये लोग अक्सर असाध्य बीमारियों का भी इलाज करने का दावा करते हैं, जो किसी योग्य डॉक्टर के लिए भी मुश्किल हो सकता है। गुप्त स्थान: ये लोग अक्सर घरों, छोटी दुकानों या ऐसी जगहों पर अपना क्लीनिक चलाते हैं जहां कोई मेडिकल सुविधाएं नहीं होतीं। सस्ते इलाज का लालच: ये लोग आमतौर पर अन्य डॉक्टरों की तुलना में बहुत कम पैसे में इलाज करने का झांसा देते हैं। आधुनिक तकनीक से अनभिज्ञता: ये लोग आधुनिक मेडिकल उपकरणों और तकनीकों से अनजान होते हैं। अनावश्यक दवाएं: ये लोग अक्सर मरीजों को अनावश्यक दवाएं देते हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती...

मामले जिन पर चर्चा गरमाई हुयी है

पत्रकार और यूट्यूबर में अंतर को सभी को जानना जरूरी है क्योंकि यूट्यूबर भ्रामक जानकारी के आधार पर स्वयं को पत्रकार होने का भ्रम बनाते है... परिणाम स्वरूप इसका विपरीत प्रभाव पत्रकारिता जगत पड़ रहा है...

पत्रकार और यूट्यूबर के बीच अंतर को समझना आसान है ! अगर हम उनके उद्देश्य, जिम्मेदारी और काम करने के तरीकों को देखें तो दोनों की मंशा और लक्ष्य स्पष्ट हो जाता है । 🎙️ पत्रकार   भूमिका: समाज को तथ्यात्मक, सत्यापित और संतुलित जानकारी देना।   जिम्मेदारी: पत्रकारिता आचार संहिता का पालन करना, स्रोतों की पुष्टि करना और निष्पक्ष रहना।   माध्यम: अख़बार, टीवी, रेडियो, पत्रिका, अन्य प्रिंट माध्यम    लक्ष्य: जनता को जागरूक करना, सत्ता और संस्थाओं को जवाबदेह बनाना।  विश्वसनीयता: गलत सूचना देने पर कानूनी और नैतिक जवाबदेही होती है।   📹 यूट्यूबर भूमिका: मनोरंजन, शिक्षा, व्यक्तिगत विचार या अनुभव साझा करना।   जिम्मेदारी: सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म की नीतियों का पालन करना, लेकिन ये शासकीय अपेक्षाओं के विपरीत पत्रकारिता जैसी सख़्त आचार संहिता का पालन नहीं करते है । सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते हैं ।  माध्यम: YouTube चैनल और सोशल मीडिया।   लक्ष्य: दर्शकों को एन-केन-प्रकारेंण आकर्षित करना, तथ्यविहीन लुभावनी जा...

गैरजिम्मेदार महापौर!... कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करवाने के मामले में… रिसाली निगम महापौर बेहद गैरजिम्मेदार तरीके का प्रशासकीय व्यवहार कर अपनी राजनीतिक भूमिका निभा रहीं है… जिसके कारण महिला उत्पीड़न करने वालों को संरक्षण मिल रहा है…

कौन है जो रोकेगा गड़बड़ियां ? महिला उत्पीड़न रोकने के मामले में रिसाली निगम की कांग्रेसी शहर सरकार प्रताड़ना करने वाले आरोपियों का निंदनीय संरक्षण करते नजर आ रहीं है । विशेषकर रिसाली महापौर की भूमिका महिला प्रताड़ना करने वालों के लिए सहानभूति पूर्ण नजर आ रहीं है जिसको विधिवत प्रश्नांकित करने की भूमिका सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती निशा देशमुख पूरी कर रहीं है… अरे! कहां है रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति… रिसाली महापौर के गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यवहार ने रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति का अस्तित्व अनियमितताओं के हवाले हो गया है! बेहद व्यथित करने वाली वास्तविकता यह है कि रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति इन दिनों प्रताड़ित महिलाओं की व्यथा का निराकरण करने के स्थान पर प्रताड़ित करने वाले आरोपियों की संरक्षक के तौर पर कार्य करती नजर आ रहीं है जिसके लिए रिसाली की महापौर जिम्मदार है क्योंकि महापौर कामकाजी  महिलाओं की सुरक्षा के लिए की जाने वाली व्यवस्था और सुविधाओं के लिए आवश्यक प्रशासकीय जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहीं है । मैडम महापौर अध्यक्ष आंतरिक शिकायत समिति की जवाबदेही कब ...

यूट्यूबर यशवंत साहू जो… भिलाई टाईम्स नामक ब्लॉग लिखता है और… यह कपटपूर्ण विषयवस्तु वाले वीडियो आधारित दबदबा बनाकर सोशल मीडिया मंच वाला व्यापार चलाता है… इसी व्यापारिक गतिविधि के तहत यशवंत के द्वारा आपत्तिजनक वीडियो रोजाना बनाया जाता है… इस आपराधिक गतिविधि की पुनरावृत्ति करते हुए यशवंत ने… विगत दिनों उचित मूल्य दुकान का संचालन करने वाली… महिला स्व सहायता समूहों पर मानसिक दबाव बनाने का कपट पूर्वक प्रयास किया है… जिसकी पुलिस FIR कार्यवाही शिकायत दर्ज करवाई गई है..! पढ़िए पूरा मामला…

भिलाई टाईम्स वाला यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत का सामना करेगा रिसाली और भिलाई के कुछ वार्डों की जानकारी और… लोगों की आपसी खुन्नस को… चटकेदार मिर्च मसाला लगाकर… बिना किसी दस्तावेजिक प्रमाण के… यशवंत बयानबाजी करते हुए नाटकीय वीडियो बनाता है और… वीडियो को अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर… यशवंत प्रकाशित करता है । जिस पर आने वाली लाईक और क्लीक बढ़ाकर यशवंत द्वारा… अपनी रोजी रोटी चलाय जाना की बात लोगों ने बताई है लेकिन… इस बार यशवंत ने अपनी यूट्यूबर सीमा से बाहर जाकर… उचित मूल्य दुकान की संचालक महिला स्व सहायता समूहों को निशाना बनाया और… अपने बड़बोले अंदाज में पुलिस और शासन को भी… अपनी युटुब वीडियो बयान विषयवस्तु के आधार पर कटघरे में खड़ा कर दिया है । इसलिए अब यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत कार्यवाही का सामना करने की स्थिति में आ गया है । जवाबदेही तय : बचकाना भाषा शैली और लालच ने यशवंत को बुरा फसाया… साबित करना पड़ेगा फिल्मी डायलॉग वाले आरोप..!  वैसे तो यूट्यूबर यशवंत स्थानीय राजनीति में अपनी छोटी मोटी जगह तलाशने और… भ्रामक जानकारी के आधार पर बनाए नाटकीय वीडियो के आधार पर ...

जीवन का सशक्तिकरण: नमस्ते योजना स्वच्छता कर्मचारियों के लिए ठोस बदलाव ला रही ह

राष्ट्रीय यांत्रिक स्वच्छता इकोसिस्टम कार्य योजना (नमस्ते) ने देश भर में सफाईकर्मियों के सम्मान , सुरक्षा और स्थायी आजीविका को प्रोत्साहन देने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि यह योजना सफाईकर्मियों के सम्मान , सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वित्त वर्ष 2023-24 में शुरू होने के बाद से , इस पहल ने लक्षित हस्तक्षेपों , सामुदायिक भागीदारी और खतरनाक मैनुअल सफाई प्रथाओं को समाप्त करने के लिए एक केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से विशेष असर दिखाया है। कुल 90,942 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों का प्रोफाइल तैयार किया गया है , जिनमें से 89,248 का सत्यापन हो चुका है। 87,037 कर्मचारियों को पीपीई किट उपलब्ध कराई गई हैं , जबकि 76,247 कर्मचारियों को कई स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के अंतर्गत कवर किया गया है। 983 सफाई कर्मचारियों को 364 वाहन खरीदने के लिए ₹ 34.17 करोड़ की अग्रिम पूंजी सब्सिडी जारी की गई है। इसके साथ ही , देश भर में सीवर और सेप्टिक टैंक की खतरना...

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