आयुष्मान सहकार योजना
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, जो सहकारिता
मंत्रालय के अधीन एक सांविधिक संगठन है, अन्य कार्यों
के साथ-साथ विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में सहकारी समितियों के संवर्धन हेतु
योजनाएं संचालित करता है । एनसीडीसी ने स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र को विकसित करने
के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के अधिदेश के साथ स्वयं को संरेखित करते हुए
आयुष्मान सहकार योजना को अधिसूचित किया । योजना के हिस्से के रूप में, एनसीडीसी परियोजना के विस्तृत तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के बाद
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में पात्र सहकारी समितियों को वित्तीय सहायता स्वीकृत करता
है, जिससे दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित होती है। यह
योजना आयुष सहित स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कार्यरत सहकारी
समितियों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिससे स्वास्थ्य सेवा प्रदाय में
सामुदायिक स्वामित्व, भागीदारी और जवाबदेही को बढ़ावा मिलता
है।
कोई भी सहकारी समिति जो किसी भी राज्य अधिनियम या
बहु-राज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम के अधीन पंजीकृत है और जिसकी उपविधियों में अस्पताल, स्वास्थ्य सेवा या
स्वास्थ्य शिक्षा से संबंधित सेवाएं प्रदान करने का उपयुक्त प्रावधान है, वह इस योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता के लिए पात्र है। एनसीडीसी सहायता (सावधि ऋण अथवा निवेश ऋण के रूप में) या तो राज्य सरकारों/संघ राज्यक्षेत्र के प्रशासनों के माध्यम से अथवा सीधे उन सहकारी समितियों को प्रदान की जाती है जो एनसीडीसी प्रत्यक्ष वित्त पोषण दिशा-निर्देशों के मानदंडों को पूरा करती हैं। योजना का ब्योरा संलग्नक में दिया गया है।
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संलग्नक
आयुष्मान सहकार योजना
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी)
एक शीर्ष स्तरीय सांविधिक संस्थान है जिसे भारत सरकार द्वारा 1963 में
संसद के एक अधिनियम के तहत स्थापित किया गया था । एनसीडीसी की स्थापना सहकारी
सिद्धांतों के आधार पर कृषि उपज, खाद्य पदार्थों, औद्योगिक वस्तुओं, पशुधन , कुछ
अन्य वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन, भंडारण, निर्यात और
आयात के लिए कार्यक्रमों की योजना बनाने और उनके संवर्धन के उद्देश्य से की
गई है । एनसीडीसी सभी तीन स्तरों, प्राथमिक, जिला और शीर्ष/बहु-राज्य पर सहकारी समितियों को वित्तीय सहायता प्रदान
करता है। एनसीडीसी सहकारिता मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन है ।
उद्देश्य:
भारत में स्वास्थ्य प्रणालियों को उनके
सभी आयामों में आकार देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के
साथ संरेखित करते हुए, एनसीडीसी ने तदनुसार आयुष्मान
सहकार योजना को अधिसूचित किया था।
योजना के उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
·
सहकारी समितियों के माध्यम से
अस्पतालों/स्वास्थ्य देखभाल/शिक्षा सुविधाओं द्वारा किफायती और समग्र
स्वास्थ्य सेवा के प्रावधान में सहायता करना,
·
सहकारी समितियों द्वारा आयुष
सुविधाओं के संवर्धन में सहायता करना,
·
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के उद्देश्यों
को पूरा करने में सहकारी समितियों को सहायता प्रदान करना,
·
राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन में भाग
लेने के लिए सहकारी समितियों को सहायता प्रदान करना,
·
सहकारी समितियों को शिक्षा, सेवाएं,
बीमा और उससे संबंधित कार्यकलापों सहित व्यापक स्वास्थ्य सेवा
प्रदान करने में सहायता करना ।
आयुष्मान सहकार योजना के अंतर्गत शामिल
कार्यकलाप
- अवसरंचना: अस्पताल, स्वास्थ्य देखभाल और
शिक्षा अवसंरचना निर्माण, आधुनिकीकरण, विस्तार, मरम्मत और नवीयन के लिए, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं -
(क) सभी
प्रकार की अवसंरचना के लिए :
-
स्नातक और/या स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम चलाने के लिए अस्पताल और/या मेडिकल/आयुष/दंतचिकित्सा/नर्सिंग/फार्मेसी/पैरामेडिकल/फिजियोथेरेपी
कॉलेज,
-
योग वेलनेस सेंटर,
-
आयुर्वेद, एलोपैथी, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी और अन्य पारंपरिक चिकित्सा
स्वास्थ्य देखभाल केंद्र,
-
बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ,
-
पैलिएटिव केयर सेवाएं,
-
दिव्यांगजनों के लिए स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं,
-
मानसिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ,
-
आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ / ट्रॉमा सेंटर,
-
फिजियोथेरेपी केंद्र,
-
मोबाइल क्लिनिक सेवाएँ,
-
हेल्थ क्लब और जिम,
-
आयुष औषधि विनिर्माण,
-
औषधि परीक्षण प्रयोगशाला,
-
दंत चिकित्सा केंद्र,
-
नेत्र चिकित्सा केंद्र,
-
प्रयोगशाला सेवाएँ,
-
नैदानिक सेवाएँ,
-
ब्लड बैंक / रक्ताधान सेवाएँ,
-
पंचकर्म / थोक्कनम / क्षार सूत्र चिकित्सा केंद्र,
-
यूनानी रेजिमेंटल थेरेपी (इलाज बिल-तदबीर) केंद्र,
-
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ,
-
प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य सेवाएँ`,
-
एनसीडीसी द्वारा सहायता के लिए उपयुक्त समझी जाने वाली कोई भी
अन्य संबंधित केंद्र या सेवाएँ ।
(ख)
टेलीमेडिसिन और दूरस्थ सहायक चिकित्सा प्रक्रियाएँ,
(ग)
लॉजिस्टिक्स स्वास्थ्य, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा,
(घ)
डिजिटल स्वास्थ्य से संबंधित सूचना और संचार प्रौद्योगिकी,
(ङ) बीमा नियामक और विकास
प्राधिकरण (आईआरडीए) द्वारा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य बीमा।
- उपरोक्त पैरा 1 में उल्लिखित सेवाओं के दैनिक परिचालन के लिए आवश्यक
कार्यशील पूंजी जुटाने हेतु मार्जिन मनी।
- दैनंदिन परिचालनों के लिए कार्यशील पूंजी ।
पात्रता:
देश में किसी भी राज्य/बहु-राज्य सहकारी
सोसाइटी अधिनियम के अधीन पंजीकृत कोई भी सहकारी समिति, जिसकी उप-विधियों में
अस्पताल/स्वास्थ्य सेवा/स्वास्थ्य शिक्षा से संबंधित सेवाएं प्रदान का समुचित
उपबंध हो ।
परियोजना लागत:
वास्तविक आवश्यकता के अनुसार
ऋण अवधि:
ऋण की अवधि 8 वर्ष तक हो सकती है, जिसमें मूलधन के भुगतान
पर 1 से 2 वर्ष की मोहलत
(मोराटोरियम) शामिल है, जो परियोजना के प्रकार और
राजस्व उत्पन्न करने की उसकी क्षमता पर निर्भर करती है।
ब्याज की दर:
प्रोत्साहन के रूप में, एनसीडीसी उधारकर्ता
सहकारी समिति के मामले में परियोजना
कार्यकलापों के लिए सावधि ऋण पर लागू
ब्याज दर से 1 प्रतिशत कम
प्रदान करेगा, जहां महिला सदस्य
ऋण की पूरी अवधि के लिए बहुमत में
हैं, यदि समय पर पुनर्भुगतान किया
जाता है ।
प्रतिभूति:
सहकारी समिति ऋण के लिए निम्नलिखित में
से किसी एक या संयोजन में प्रतिभूति की पेशकश कर सकती है, जो एनसीडीसी की
संतुष्टि के अनुरूप हो:
·
एनसीडीसी ऋण के 1.5 गुना मूल्य तक की आस्तियों का बंधक, जिसमें
प्रस्तावित परियोजना के अंतर्गत सृजित होने वाली आस्तियां भी शामिल हैं।
·
राज्य/केंद्र सरकार की गारंटी।
·
अनुसूचित बैंकों/राष्ट्रीयकृत बैंकों की
सावधि जमा रसीदों (एफडीआर) को गिरवी रखना, जो एनसीडीसी ऋण के 1.2 गुना मूल्य तक हों ।
·
केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र
के उपक्रमों/सांविधिक निकायों/केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र
के उपक्रमों के सीएसआर फाउंडेशनों द्वारा गारंटी
।
·
अनुसूचित बैंकों / राष्ट्रीयकृत बैंकों
से गारंटी।
·
सरकारी बॉन्ड/प्रतिभूतियों का
हाइपोथिकेशन और समनुदेशन ,जो एनसीडीसी ऋण के 1.2 गुना
मूल्य तक हो।
सब्सिडी:
एनसीडीसी ऋण सहायता को
सब्सिडी/अनुदान/वीजीएफ/भारत सरकार या राज्य सरकार या
किसी अन्य वित्त पोषण एजेंसी के किसी
अन्य व्यवस्था के साथ डवटेलिंग का प्रस्ताव
है।
वित्त पोषण का स्वरूप:
परियोजनाओं को निम्नलिखित वित्त पोषण
स्वरूप के साथ सहायता प्रदान की जाएगी:
अवसंरचना
निर्माण (परियोजना सुविधाएं):
|
राज्य सरकार के माध्यम से वित्त पोषण |
प्रत्यक्ष वित्त पोषण |
|
|
एनसीडीसी से राज्य सरकार को |
राज्य सरकार से समिति को |
एनसीडीसी से समिति को |
|
ऋण* - 90% |
ऋण* - 50% शेयर पूँजी ** - 40% |
ऋण*- 70% |
|
समिति की हिस्सेदारी - 10% |
समिति की हिस्सेदारी – 10% |
समिति की हिस्सेदारी - 30% |
* यदि भारत सरकार या राज्य सरकार की किसी
योजना या किसी अन्य वित्त पोषण एजेंसी के अंतर्गत मिलने वाली
सब्सिडी/अनुदान को डवटेलड किया जाता है, तो ऋण की राशि आनुपातिक
रूप से कम की जा सकती है ।
** यदि राज्य सरकार द्वारा
शेयर पूँजी का योगदान नहीं दिया जाता है, तो वही हिस्सा (40%)
भी समिति को ऋण के रूप में दे दिया जाएगा।
मार्जिन मनी:
|
राज्य सरकार के माध्यम से वित्तपोषण |
प्रत्यक्ष वित्त पोषण |
|
|
एनसीडीसी से राज्य सरकार को |
राज्य सरकार से समिति को |
एनसीडीसी से समिति को |
|
बैंक क्रेडिट प्राप्त करने के लिए ऋण* 100% *** |
ऋण * या शेयर पूंजी या ऋण-सह-शेयर पूंजी 100%*** |
ऋण* 100% *** |
* यदि भारत सरकार या राज्य
सरकार की किसी योजना या किसी अन्य वित्त पोषण एजेंसी के तहत मिलने वाली
सब्सिडी/अनुदान को डवटेलड किया जाता है, तो ऋण की राशि आनुपातिक
रूप से कम की जा सकती है।
*** मार्जिन मनी सहायता की पात्रता मूल्यांकन के अध्यधीन है।
कार्यशील पूंजी:
|
राज्य सरकार के माध्यम से वित्तपोषण |
प्रत्यक्ष वित्त पोषण |
|
|
एनसीडीसी से राज्य सरकार को |
राज्य सरकार से समिति को |
एनसीडीसी से समिति को |
|
आवश्यकतानुसार ऋण |
ऋण |
ऋण |
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
AK/AP(रिलीज़ आईडी: 2226407) आगंतुक पटल : 163 प्रविष्टि तिथि: 11 FEB 2026 by PIB Delhi