तहसीलदार भिलाई 3 और अनुविभागीय अधिकारी को भू-अभिलेख संधारण की वस्तुस्थिति बताने के लिए ध्यानाकर्षण करवाकर पहल की गई है!
भिलाई-3 चरोदा क्षेत्र में भू-अभिलेखों के नियमसम्मत संधारण को लेकर नागरिक पहल
इस पहल के माध्यम से नागरिक स्तर पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान भू-अभिलेखों के महत्व तथा उनके नियमानुसार संधारण की आवश्यकता की ओर आकर्षित कराया जा रहा है।
इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता अमोल मालुसरे, श्रीमती निशा देशमुख एवं उनके साथियों द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), भिलाई-3 तथा तहसीलदार, भिलाई-3 के समक्ष सूचना नोटिस प्रस्तुत कर विषय की ओर ध्यानाकर्षण कराया गया है।
नागरिक पहल का उद्देश्य किसी व्यक्ति या अधिकारी के विरुद्ध आरोप लगाना नहीं, बल्कि भू-अभिलेखों के नियमसम्मत संधारण के संबंध में नागरिक जागरूकता एवं प्रशासनिक संवाद को बढ़ावा देना बताया गया है।
भू-अभिलेख संधारण की सुनिश्चितता पर जोर
नागरिक स्तर से की जा रही इस पहल में इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि भूमि से संबंधित शासकीय अभिलेखों का संधारण निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप किया जाना नागरिक हित से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
पहल से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि भू-अभिलेख भूमि संबंधी अधिकारों एवं हितों से जुड़े महत्वपूर्ण शासकीय अभिलेख हैं। ऐसे में इनके संधारण की प्रक्रिया के प्रति नागरिकों में जागरूकता होना तथा निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया के संबंध में जानकारी उपलब्ध होना आवश्यक है।
सांसद एवं विधायक को भी दी जा रही जानकारी
इस नागरिक पहल एवं संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया की जानकारी क्षेत्र के माननीय सांसद एवं विधायक को भी दी जा रही है। इसके लिए उन्हें संज्ञान पत्र प्रस्तुत कर विषय की वस्तुस्थिति से अवगत कराया जा रहा है।
पहल से जुड़े लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को भी इस प्रकार के जनहित से जुड़े विषयों की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि नागरिकों एवं प्रशासन के बीच संवाद तथा समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
शिकायत नहीं, जन-जागरूकता और नागरिक सहभागिता की पहल
सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती निशा देशमुख ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पहल को किसी व्यक्ति, अधिकारी अथवा कार्यालय के विरुद्ध शिकायत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसका मूल उद्देश्य नागरिक सहभागिता के माध्यम से भू-अभिलेखों के महत्व तथा उनके नियमसम्मत संधारण के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष विषय प्रस्तुत करने तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी देने का उद्देश्य प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद एवं समन्वय को मजबूत करना है।
नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास
नागरिक स्तर से की जा रही इस पहल के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि भूमि एवं राजस्व संबंधी अभिलेखों के संबंध में नागरिकों को अपने अधिकारों, निर्धारित प्रक्रियाओं तथा प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी होनी चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, भू-अभिलेखों का नियमसम्मत संधारण केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि नागरिकों के भूमि संबंधी अधिकारों एवं हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
पहल से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता अधिवक्ता सुश्री यामिनी मैथिल का कहना है कि नागरिक सहभागिता, प्रशासनिक पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के प्रति जागरूकता के माध्यम से ऐसे विषयों पर सकारात्मक संवाद को आगे बढ़ाया जा सकता है।
मेरा दृष्टिकोण
