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अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के माध्यम से एक नई शुरुआत

श्री अमित पाटिल और श्रीमती स्नेहा देशमुख (बदले हुए नाम) की यात्रा अंतर-जातीय विवाह को बढ़ावा देने से जुड़ी इस प्रगतिशील पहल के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य अंतर-समुदाय सद्भाव और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की परंपरा स्थापित करना है, साथ ही समानता, आपसी सम्मान और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है।

महाराष्ट्र सरकार द्वारा क्रियान्वित 'अंतर-जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना' अंतर-जातीय विवाहों को प्रोत्साहित करती है और जाति-आधारित भेदभाव से मुक्त समाज को बढ़ावा देती है।

शादी के बाद, इस जोड़े को अपना नया घर बसाने और परिवार के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को संभालते समय वित्तीय कठिनाइयों और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इन चुनौतियों के कारण दैनिक खर्चों को प्रबंधित करना, आवश्यक घरेलू सामान खरीदना और अपने भविष्य की वित्तीय सुरक्षा की योजना बनाना मुश्किल हो गया था।

उनके जीवन के इस महत्वपूर्ण चरण के दौरान, अंतर-जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता ने बहुमूल्य सहयोग प्रदान किया। इस सहायता से जोड़े को आवश्यक घरेलू सामान खरीदने, दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने और अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में शुरुआती कदम उठाने में मदद मिली। इससे एक साथ नए जीवन की शुरुआत से जुड़ी कुछ वित्तीय दबाव कम हुए और एक स्वतंत्र तथा स्थिर घर बसाने में उनका आत्मविश्वास मजबूत हुआ।

इसके तात्कालिक वित्तीय लाभों से परे, इस योजना का एक व्यापक सामाजिक संदेश भी है। अंतर-जातीय विवाह जाति-आधारित बाधाओं को तोड़ने, समुदायों के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देने और समानता तथा समावेशन की संस्कृति को प्रोत्साहित करने में मदद कर सकते हैं। इस प्रगतिशील कदम को उठाने वाले पात्र जोड़ों का समर्थन करके, यह योजना बंधुत्व, गरिमा और सामाजिक एकता के मूल्यों को मजबूत करती है।

मिस्टर अमित पाटिल और मिसेज़ स्नेहा देशमुख के लिए, यह मदद ज़्यादा सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर एक हौसला बढ़ाने वाला कदम रहा है। उनका अनुभव बताता है कि कैसे टारगेटेड सरकारी मदद कपल्स को शादीशुदा ज़िंदगी की शुरुआती मुश्किलों से निपटने में मदद कर सकती है, साथ ही समाज में एकता के बड़े मकसद को भी आगे बढ़ा सकती है।

यह जोड़ा इस कल्याणकारी पहल को लागू करने के लिए सरकार और सामाजिक कल्याण विभाग के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता है। उन्हें उम्मीद है कि अधिक से अधिक पात्र जोड़े इस योजना से लाभान्वित होंगे और समानता, आपसी सम्मान तथा समझ पर आधारित एक स्थिर पारिवारिक जीवन का निर्माण करेंगे।

उनकी यात्रा यह प्रदर्शित करती है कि कल्याणकारी पहलें केवल वित्तीय सहायता से आगे बढ़कर सार्थक सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा दे सकती हैं और एक ऐसे समावेशी समाज बना सकती हैं जहाँ व्यक्तियों को जाति की सीमाओं से परे सम्मान दिया जाता है।

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पीके/केसी/आरटी/पीएस(रिलीज़ आईडी: 2327661) आगंतुक पटल : 230प्रविष्टि तिथि: 23 OCT 2026  by PIB Delhi

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गैरजिम्मेदार महापौर!... कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करवाने के मामले में… रिसाली निगम महापौर बेहद गैरजिम्मेदार तरीके का प्रशासकीय व्यवहार कर अपनी राजनीतिक भूमिका निभा रहीं है… जिसके कारण महिला उत्पीड़न करने वालों को संरक्षण मिल रहा है…

कौन है जो रोकेगा गड़बड़ियां ? महिला उत्पीड़न रोकने के मामले में रिसाली निगम की कांग्रेसी शहर सरकार प्रताड़ना करने वाले आरोपियों का निंदनीय संरक्षण करते नजर आ रहीं है । विशेषकर रिसाली महापौर की भूमिका महिला प्रताड़ना करने वालों के लिए सहानभूति पूर्ण नजर आ रहीं है जिसको विधिवत प्रश्नांकित करने की भूमिका सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती निशा देशमुख पूरी कर रहीं है… अरे! कहां है रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति… रिसाली महापौर के गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यवहार ने रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति का अस्तित्व अनियमितताओं के हवाले हो गया है! बेहद व्यथित करने वाली वास्तविकता यह है कि रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति इन दिनों प्रताड़ित महिलाओं की व्यथा का निराकरण करने के स्थान पर प्रताड़ित करने वाले आरोपियों की संरक्षक के तौर पर कार्य करती नजर आ रहीं है जिसके लिए रिसाली की महापौर जिम्मदार है क्योंकि महापौर कामकाजी  महिलाओं की सुरक्षा के लिए की जाने वाली व्यवस्था और सुविधाओं के लिए आवश्यक प्रशासकीय जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहीं है । मैडम महापौर अध्यक्ष आंतरिक शिकायत समिति की जवाबदेही कब ...

यूट्यूबर यशवंत साहू जो… भिलाई टाईम्स नामक ब्लॉग लिखता है और… यह कपटपूर्ण विषयवस्तु वाले वीडियो आधारित दबदबा बनाकर सोशल मीडिया मंच वाला व्यापार चलाता है… इसी व्यापारिक गतिविधि के तहत यशवंत के द्वारा आपत्तिजनक वीडियो रोजाना बनाया जाता है… इस आपराधिक गतिविधि की पुनरावृत्ति करते हुए यशवंत ने… विगत दिनों उचित मूल्य दुकान का संचालन करने वाली… महिला स्व सहायता समूहों पर मानसिक दबाव बनाने का कपट पूर्वक प्रयास किया है… जिसकी पुलिस FIR कार्यवाही शिकायत दर्ज करवाई गई है..! पढ़िए पूरा मामला…

भिलाई टाईम्स वाला यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत का सामना करेगा रिसाली और भिलाई के कुछ वार्डों की जानकारी और… लोगों की आपसी खुन्नस को… चटकेदार मिर्च मसाला लगाकर… बिना किसी दस्तावेजिक प्रमाण के… यशवंत बयानबाजी करते हुए नाटकीय वीडियो बनाता है और… वीडियो को अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर… यशवंत प्रकाशित करता है । जिस पर आने वाली लाईक और क्लीक बढ़ाकर यशवंत द्वारा… अपनी रोजी रोटी चलाय जाना की बात लोगों ने बताई है लेकिन… इस बार यशवंत ने अपनी यूट्यूबर सीमा से बाहर जाकर… उचित मूल्य दुकान की संचालक महिला स्व सहायता समूहों को निशाना बनाया और… अपने बड़बोले अंदाज में पुलिस और शासन को भी… अपनी युटुब वीडियो बयान विषयवस्तु के आधार पर कटघरे में खड़ा कर दिया है । इसलिए अब यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत कार्यवाही का सामना करने की स्थिति में आ गया है । जवाबदेही तय : बचकाना भाषा शैली और लालच ने यशवंत को बुरा फसाया… साबित करना पड़ेगा फिल्मी डायलॉग वाले आरोप..!  वैसे तो यूट्यूबर यशवंत स्थानीय राजनीति में अपनी छोटी मोटी जगह तलाशने और… भ्रामक जानकारी के आधार पर बनाए नाटकीय वीडियो के आधार पर ...

तहसीलदार भिलाई 3 और अनुविभागीय अधिकारी को भू-अभिलेख संधारण की वस्तुस्थिति बताने के लिए ध्यानाकर्षण करवाकर पहल की गई है!

मेरा दृष्टिकोण | जनहित की वार्ता  भिलाई-3 चरोदा क्षेत्र में भू-अभिलेखों के नियमसम्मत संधारण को लेकर नागरिक पहल प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने सूचना नोटिस, सांसद-विधायक को भी कराया गया वस्तुस्थिति से अवगत भिलाई-3 | जनहित पहल भू-अभिलेखों के नियमसम्मत संधारण को लेकर नागरिक स्तर से जन-जागरूकता की पहल भिलाई-3। भिलाई-3 चरोदा तहसील क्षेत्र में भू-अभिलेखों के नियमसम्मत संधारण तथा उससे जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों द्वारा एक पहल शुरू की गई है। इस पहल के माध्यम से नागरिक स्तर पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान भू-अभिलेखों के महत्व तथा उनके नियमानुसार संधारण की आवश्यकता की ओर आकर्षित कराया जा रहा है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता अमोल मालुसरे, श्रीमती निशा देशमुख एवं उनके साथियों द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), भिलाई-3 तथा तहसीलदार, भिलाई-3 के समक्ष सूचना नोटिस प्रस्तुत कर विषय की ओर ध्यानाकर्षण कर...

जिला राजनादगांव के नायब तहसीलदार लालबहादुर नगर द्वारा कि गई जांच अब प्रश्नांकित होकर पुनः विधिक चुनौति का सामना कर रही है.. आरोप गंभीर है!

प्रशासनिक मामला | डोंगरगढ़ नायब तहसीलदार की जांच पर उठे गंभीर सवाल, SDM से स्वतंत्र जांच की मांग विवादित भूमि के स्वामित्व स्रोत, नामांतरण और पूर्व आपत्ति के रिकॉर्ड तक जांच के घेरे में; आवेदक ने कहा—अपूर्ण जांच को अंतिम निष्कर्ष न माना जाए ----------------------------- विवादित भूमि प्रकरण में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग डोंगरगढ़। राजस्व प्रकरण क्रमांक 202602095000018 (प्रकरण शीर्ष ब-121) में विवादित भूमि से जुड़े घटनाक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण सवाल सामने आया है। आवेदक थैलेंद्र  देवांगन उर्फ चंद्रभूषण देवांगन ने अनुविभागीय अधिकारी/अनुविभागीय दंडाधिकारी, डोंगरगढ़ के समक्ष प्रस्तुत लिखित तर्क में लाल बहादुर नगर के नायब तहसीलदार द्वारा दिनांक 06 अगस्त 2026 को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन पर आपत्ति दर्ज कराते हुए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। आवेदक का मुख्य सवाल है कि जब विवादित भूमि के स्वामित्व के मूल स्रोत, पंजीकृत विक्रय विलेखों और पूर्व में प्रस्तुत आपत्ति के कार्यालयीन रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण बताई जा रही है, तो इ...

प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई)

प्रगति के मार्ग को प्रशस्त करना भारत की जनसंख्या का 16.6% हिस्सा अनुसूचित जाति (एससी) का है और इन्हें सामाजिक-आर्थिक उन्नति और समावेशन में ऐतिहासिक रूप से बाधाओं का सामना करना पड़ा है। इन असमानताओं को दूर करना सामाजिक न्याय , समान अवसर और भारत के विकास पथ में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन विकास संबंधी कमियों को पहचानते हुए , भारत सरकार ने अनुसूचित जातियों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई) शुरू की। समावेशी सशक्तिकरण का दृष्टिकोण प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई) वित्त वर्ष 2021-22 में शुरू की गई एक पूर्णतः केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य एक व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण के ज़रिए अनुसूचित जाति समुदायों का सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण करना है। सरकार ने पीएम-एजीएवाई योजना के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण...

नायब तहसीलदार लालबहादुर नगर जांच अब प्रश्नों के घेरे में फंसकर पुनः जांच के दायरे में आ गई है।

 

एमएसएमई को वर्किंग कैपिटल आसानी से दिलाने के लिए TReDS पर CGTMSE गारंटी कवर शुरू

M1xchange, RXIL और DTX (KredX) के साथ इंटीग्रेशन से योग्य माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज ( MSEs) को तेज़ी से और टेक्नोलॉजी-आधारित क्रेडिट गारंटी सपोर्ट मिल सकेगा। केंद्रीय बजट में ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम ( TReDS) प्लेटफॉर्म पर क्रेडिट गारंटी कवर देने की घोषणा के तहत , माइक्रो , स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज मंत्रालय ने माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज के इनवॉइस डिस्काउंटिंग पर क्रेडिट गारंटी की सुविधा शुरू की है। MSME मंत्रालय के क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज ( CGTMSE) पोर्टल को अब TReDS इकोसिस्टम के साथ जोड़ दिया गया है , और क्रेडिट गारंटी कवरेज अब तीन प्लेटफॉर्म - M1xchange, RXIL और DTX (KredX) - पर उपलब्ध है। यह MSME मंत्रालय और CGTMSE द्वारा शुरू की गई सबसे तेज़ टेक्नोलॉजी-आधारित सुविधाओं में से एक है ; इससे माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज को क्रेडिट गारंटी सपोर्ट आसानी से मिल सकेगा और वे TReDS पर इनवॉइस डिस्काउंटिंग के ज़रिए तेज़ी से वर्किंग कैपिटल हासिल कर सकेंगे। तीन प्लेटफॉर्म पर CGTMSE गारंटी कवर की हाल ही में शुरू हुई सुविधा का मकसद ...

दुर्ग से कांग्रेस संगठन की केंद्रीय कार्यकारिणी की नजरों में अग्रणी स्थान बनाने वाले मोतीलाल वोरा जी के बाद… अपने दम पर उल्लेखनीय राजनीतिक भूमिका हासिल करने वाली… कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पित सामाजिक कार्यकर्त एनी पीटर ही है… जो कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ की जमीनी कार्यकर्ता है… जिसने दिल्ली की कर्मभूमि पर… कांग्रेस के लिए मोर्चा संभाला..! और दुर्ग का नाम अपने दम पर केंद्रीय राजनीति में दर्ज करवा दिया है… पढ़िए एक विश्लेषण..!

माननीय वोरा जी के बाद… वैसे छत्तीसगढ़ का दुर्ग जिला… केंद्रीय राजनीति में दो जन नेता के नामों के लिए जाना जाता है पहला मोतीलाल वोरा Moti lal Vora और दूसरा सरोज पांडेय..! Saroj Pandey उल्लेखनीय है कि ये दोनों जन नेता अपने दम पर अपनी पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों से संपर्क में आए और इन्होंने अपना अद्वितीय स्थान अपनी - अपनी पार्टी में बनाया लेकिन… अब इस कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर का नाम भी जुड़ता जा रहा है… वैसे यह नव-उज्वलित नाम..! अभी सिर्फ सड़क की लड़ाई के पहले पायदान पर है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली की सड़कों पर अपनी संघर्षरत गाथा के आधार पर अपनी उपस्थिति देकर  सुर्खियां बटोर रहा है..! एकल चलो रे..! Chhattisgadh congress  सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है इसके कई उदाहरण है जो कांग्रेसी आह्वाहन पर सड़क पर संघर्ष करने वाली कार्यकता होने के तौर पर पहचानी जाती है… वैसे तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस कई खेमों और गुटों में बटी है लेकिन एनी पीटर ही एक मात्र समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है जो सभी के साथ तालमेल रखती है और जब भी कांग्रेस पार्टी को जरूरत प...

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई)

 “जब कोई हुनर एक नया अवसर लेकर आता है” जिन गांवों में परिवारों का भविष्य काफी हद तक फसल पर निर्भर करता है , वहां कोई हुनर सीखने से आमदनी के नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। गांवों के कई युवाओं के लिए यह सफर सीखने , काम करने और कमाई के नए अवसर तलाशने से शुरू होता है। यहीं पर ‘दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना’ (डीडीयू-जीकेवाई) की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। 25 सितंबर 2014 को ‘राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत शुरू की गई डीडीयू-जीकेवाई योजना ग्रामीण क्षेत्रों के वंचित और कमजोर परिवारों के युवाओं पर केंद्रित है। यह योजना टिकाऊ आजीविका के लिए प्लेसमेंट से जुड़ी कौशल प्रशिक्षण सुविधा प्रदान करती है। यह कार्यक्रम 15 से 35 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए है और कौशल प्रशिक्षण को रोजगार के अवसरों से जोड़ता है। कामकाज की बदलती दुनिया के साथ यह कार्यक्रम भी लगातार विकसित हो रहा है। डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के नए ढांचे में उद्योग की अगुवाई वाली प्रशिक्षण व्यवस्था , दीर्घकालिक रोजगार , नौकरी मिलने के बाद सहायता तथा कौशल उन्नयन और नए कौशल प्रद...

छत्तीसगढ़ में उचित मूल्य दुकानों का संचालन करने वाली स्व सहायता समूहों के साथ खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा कि जा रही है प्रशासकीय धोखाधड़ी जानिए कैसे…?

महिला समूहों को... उनके दुकान के प्रतिमाह का... वित्तीय विवरण खाद्य विभाग देता है क्या ? गड़बड़ियों के पिटारे में से… छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों (राशन दुकानों) में खाद्य विभाग के कुछ अधिकारियों/ कर्मचारियों और स्व-सहायता समूहों (SHGs) के बीच समन्वय और गड़बड़ी के कई मामले सामने आते रहे हैं। इस विषय को दोनों पक्षों के पहलुओं से समझा जाना आवश्यक है। तभी सार्थक हल निकलना संभव होगा । एक तरफ जहां कुछ समूहों द्वारा वाकई अनियमितता किए जाने की बात सामने आती है, तो वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं और समूहों के शोषण व प्रशासनिक दबाव की शिकायतें भी उठती रही हैं। जिसका असल कारण यह है कि, महिला समूहों को प्रतिमाह लेन देन का वित्तीय विवरण खाद्य नियंत्रक कार्यालय से उपलब्ध नहीं कराया जाता है और ऐसे मासिक विवरण की जानकारी सार्वजनिक करने की जिम्मेदारी खाद्य विभाग पूरी नहीं कर रहा है । इस गंभीर विषय ओर खाद्य नियंत्रक प्रश्नांकित है । छत्तीसगढ़ के जमीनी परिदृश्य और इस पूरे विषय के मुख्य बिंदु बेहद चिंताजनक हैं गड़बड़ियां कई स्तरो...

मामले जिन पर चर्चा गरमाई हुयी है

जिला राजनादगांव के नायब तहसीलदार लालबहादुर नगर द्वारा कि गई जांच अब प्रश्नांकित होकर पुनः विधिक चुनौति का सामना कर रही है.. आरोप गंभीर है!

प्रशासनिक मामला | डोंगरगढ़ नायब तहसीलदार की जांच पर उठे गंभीर सवाल, SDM से स्वतंत्र जांच की मांग विवादित भूमि के स्वामित्व स्रोत, नामांतरण और पूर्व आपत्ति के रिकॉर्ड तक जांच के घेरे में; आवेदक ने कहा—अपूर्ण जांच को अंतिम निष्कर्ष न माना जाए ----------------------------- विवादित भूमि प्रकरण में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग डोंगरगढ़। राजस्व प्रकरण क्रमांक 202602095000018 (प्रकरण शीर्ष ब-121) में विवादित भूमि से जुड़े घटनाक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण सवाल सामने आया है। आवेदक थैलेंद्र  देवांगन उर्फ चंद्रभूषण देवांगन ने अनुविभागीय अधिकारी/अनुविभागीय दंडाधिकारी, डोंगरगढ़ के समक्ष प्रस्तुत लिखित तर्क में लाल बहादुर नगर के नायब तहसीलदार द्वारा दिनांक 06 अगस्त 2026 को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन पर आपत्ति दर्ज कराते हुए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। आवेदक का मुख्य सवाल है कि जब विवादित भूमि के स्वामित्व के मूल स्रोत, पंजीकृत विक्रय विलेखों और पूर्व में प्रस्तुत आपत्ति के कार्यालयीन रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण बताई जा रही है, तो इ...

शिक्षा मंत्रालय ने शास्त्रीय भाषाओं के अध्ययन के लिए पाँच उत्कृष्टता केंद्रों को मंजूरी दी

केंद्रों का उद्देश्य भारत की भाषाई और साहित्यिक विरासत के अनुसंधान , संरक्षण , डिजिटलीकरण तथा व्यापक प्रसार को बढ़ावा देना उच्च शिक्षा विभाग , शिक्षा मंत्रालय , भारत सरकार ने शास्त्रीय असमिया , शास्त्रीय बंगाली , शास्त्रीय मराठी , शास्त्रीय पाली और शास्त्रीय प्राकृत में अध्ययन के लिए पांच उत्कृष्टता केंद्रों ( सीओई ) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह पहल उन्नत शैक्षणिक अनुसंधान , भाषाई और साहित्यिक विरासत के संरक्षण और डिजिटलीकरण और इन शास्त्रीय भाषाओं से संबंधित ज्ञान के व्यापक प्रसार के लिए समर्पित संस्थागत सहायता प्रदान करेगी। निम्नलिखित उच्च शिक्षण संस्थानों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे : क्रम संख्या शास्त्रीय भाषा उत्कृष्टता केंद्र 1   शास्त्रीय असमिया तेजपुर विश्वविद्यालय , असम 2 शास्त्रीय बांग्ला विश्वभारती विश्वविद्यालय , पश्चिम बंगाल 3 शास्त्रीय मराठी डेक्कन कॉलेज स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान संस्थान ( ...

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (11 जनवरी, 2024) नई दिल्ली में आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से आयोजित एक समारोह में स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार प्रदान किए।

  भारत की राष्ट्रपति ने स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार प्रदान किए  भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज ( 11 जनवरी , 2024) नई दिल्ली में आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से आयोजित एक समारोह में स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि व्यापक भागीदारी के साथ आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण , स्वच्छता के स्तर को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने ' स्वच्छता से संपन्नता ' के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए सभी की सराहना की। राष्ट्रपति ने इस पर अपनी   प्रसन्नता व्यक्त की कि स्वच्छता अभियान महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर उत्पन्न कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे सफाई मित्र हमारे स्वच्छता अभियान के तहत अग्रिम मोर्चे के सैनिक रहे हैं। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि सफाई मित्रों की सुरक्षा , सम्मान और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि मशीनीकृत सफाई के माध्यम से मैनहोल को समाप्त करके और मशीन-होल के माध्यम से स्वच्छता के लक्ष्य को प्राप्त करके ही हम एक संवेदनशील समाज के रूप में ...

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लक्ष्य,मार्च, 2024 तक बुनियादी सुविधाओं के साथ 2.95 करोड़ पक्के मकान बनाने का लक्ष्य है।

  प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में "सभी के लिए आवास" के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए , ग्रामीण विकास मंत्रालय पात्र ग्रामीण परिवारों को समग्र सहायता प्रदान करने के लिए 1 अप्रैल , 2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) लागू कर रहा है। मार्च , 2024 तक बुनियादी सुविधाओं के साथ 2.95 करोड़ पक्के मकान बनाने का लक्ष्य है। पीएमएवाई-जी के तहत राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों को आवंटित 2.95 करोड़ मकानों के कुल अनिवार्य लक्ष्य में से पात्र लाभार्थियों के लिए 2.94 करोड़ से अधिक मकान पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों में 01.02.2024 तक 2.55 करोड़ से अधिक घर पहले ही पूरे हो चुके हैं। 01.02.2024 तक पीएमएवाई-जी के तहत आवंटित लक्ष्यों , स्वीकृत घरों और पूर्ण किए गए घरों का राज्य/केन्द्रशासित प्रदेश-वार विवरण नीचे दिया गया है: 01.02.2024 तक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत आवंटित लक्ष्यों , स्वीकृत घरों और पूर्ण किए गए घरों का राज्य/केन्द्रशासित प्रदेश-वार विवरण क्र.संख्‍या राज...

स्वावलंबिनी योजना- इस परियोजना का उद्देश्य छात्राओं में उद्यमशीलता की मानसिकता विकसित करना है

  स्वावलंबिनी योजना कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच के साथ ज्ञान साझेदार के रूप में सहयोग करते हुए , फरवरी 2025 में असम , मेघालय , मिजोरम , उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के छह उच्च शिक्षा संस्थानों/विश्वविद्यालयों में एक पायलट परियोजना के रूप में स्वावलंबिनी - एक महिला उद्यमिता कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंत्रालय इस कार्यक्रम को अपने नोएडा स्थित राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान ( एनआईईएसबीयूडी) , और गुवाहाटी के भारतीय उद्यमिता संस्थान (आईआईई) के माध्यम से कार्यान्वित कर रहा है।स्वावलंबिनी प्रायोगिक परियोजना युवा महिलाओं को सफल उद्यम निर्माण तक की यात्रा में सहायता करने के लिए एक संरचित , बहु-स्तरीय प्रशिक्षण पद्धति प्रस्तुत करता है। इस परियोजना का उद्देश्य छात्राओं में उद्यमशीलता की मानसिकता विकसित करना है , उन्हें उद्यमिता को करियर के रूप में अपनाने के लिए आवश्यक उपलब्ध सहायता तंत्रों , योजनाओं , संसाधनों और नेटवर्कों के बारे में जागरूक करना है। स्वावलंबिनी परियोजना के लक्षित समूह में उच्च शिक्षा संस्थानो...

दीनदयाल अंत्योदय योजना का उद्देश्य बांस की खेती के जरिए 10 लाख ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी के रूप में सशक्त बनाना है, संगोष्ठी में विभिन्न उद्योगों में एक टिकाऊ विकल्प के रूप में बांस की क्षमता पर जोर दिया गया

  बांस की खेती आजीविका में सुधार लाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है: श्री चरणजीत सिंह  दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) ने संयुक्त राज्य अमेरिका अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसी (यूएसएआईडी) और उद्योग फाउंडेशन के साथ भागीदारी में 18 जुलाई , 2024 को बांस की खेती के जरिए स्थायी ग्रामीण आजीविका , महिला सशक्तिकरण और जलवायु लचीलेपन को बढ़ावा देने के लिए ' बांस पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी ' का आयोजन किया। इस संगोष्ठी में बांस की खेती पर भारत की पहली व्यापक पुस्तिका प्रस्तुत की गई , जो सात क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है , ताकि छोटी जोत वाली महिला किसानों को आवश्यक ज्ञान और अभ्यासों से सुसज्जित किया जा सके। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अपर सचिव श्री चरणजीत सिंह और यूएसएआईडी की कार्यवाहक मिशन निदेशक एलेक्जेंड्रिया ह्यूर्टा ने यूजीएओ ऐप , एक डिजिटल टूल , का भी शुभांरभ किया , जो छोटी जोत वाली महिला किसानों के लिए रियल टाइम डेटा मुहैया कराता है। यह ऐप फॉरेस्ट स्टीवर्डशिप काउंसिल (एफएससी) प्रमाणन के लिए ए...

प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना

  सामाजिक सहायता के पांच और वर्ष, इसके दायरे में दिव्यांगजनों को व्यापक तौर पर शामिल किया गया                     14 अक्टूबर 2026 को , केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 53,428 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ , पांच वर्षों ( 2026-27 से 2030-31) के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम जारी रखने की मंजूरी दी। इस कार्यक्रम का नाम बदलकर प्र धानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कर दिया गया है और इसकी चार उप-योजनाओं के नाम भी इसी के अनुसार बदल दिए गए हैं। जहां बुजुर्गों , विधवाओं और परिवार लाभ की पेंशन योजनाएं अपने मौजूदा स्वरूप में जारी रहेंगी , जबकि दिव्यांग पेंशन में संशोधन किया गया है। अब इसमें 80 प्रतिशत की जगह ' दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत 40 प्रतिशत दिव्यांगता मानक का उपयोग किया जाएगा। इसकी 18 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा हटा दी गई है और अब जन्म से ही पात्रता लागू होगी। 0-79 वर्ष की आयु के लिए कें...

भारत सरकार वित्त, बुनियादी ढांचे और बाजार के अवसरों तक पहुंच जैसे कारकों पर विचार करते हुए अनुकूल ग्रामीण उद्यमिता के लिए उपयुक्त वातावरण को बढ़ावा दे रही हैउसीकी कुछ पहलें

  ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना भारत सरकार वित्त , बुनियादी ढांचे और बाजार के अवसरों तक पहुंच जैसे कारकों पर विचार करते हुए अनुकूल ग्रामीण उद्यमिता के लिए उपयुक्त वातावरण   को बढ़ावा दे रही है। कुछ पहलें   इस प्रकार हैं: ( i) दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई एनआरएलएम) के अंतर्गत   प्रचारित महिला स्वयं सहायता समूहों (सेल्फ हेल्प ग्रुप्स-एसएचजी) द्वारा उत्पादित उत्पादों के विपणन के लिए , ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमओआरडी) ने सरकारी ई- मार्केटप्लेस (जीईएम) के सहयोग विपणन उत्पादों के लिए जीईएम में स्टोर फ्रंट के रूप में "सरस (एसएआरएएस)   समूह " बनाया है । ग्रामीण विकास मंत्रालय ने फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड , अमेज़ॅन , पतंजलि और फ़ैशनियर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (मीशो) जैसे विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफार्मों के साथ एसएचजी उत्पादों की ऑनबोर्डिंग और मार्केटिंग के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए हैं I एसएचजी उत्पादों के ऑनलाइन विपणन के लिए एमओआरडी द्वारा एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ( www.esaras.in) और ई-कॉमर्स एप्लिके...

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