जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ जिले के द्रबशल्ला में 27 जनवरी, 2024 की सुबह 11.30 बजे मोड़ सुरंगों के माध्यम से चिनाब नदी के मार्ग को मोड़ने के साथ प्रदेश में 850 मेगावाट की रैटल पनबिजली परियोजना में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की गई।
जम्मू-कश्मीर में रैटल पनबिजली परियोजना के पास चिनाब नदी की दिशा बदलने में मिली सफलता, बांध के निर्माण में तेजी लाने के लिए नदी का मार्ग मोड़ा गया
जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ जिले के द्रबशल्ला में 27 जनवरी, 2024 की सुबह 11.30 बजे मोड़ सुरंगों के माध्यम से चिनाब नदी के मार्ग को मोड़ने के साथ प्रदेश में 850 मेगावाट की रैटल पनबिजली परियोजना में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की गई। नदी मोड़ से बांध की खुदाई और निर्माण की महत्वपूर्ण गतिविधि शुरू करने के लिए नदी तल पर बांध क्षेत्र को अलग किया जा सकेगा। इससे बांध निर्माण गतिविधियों में तेजी आएगी और परियोजना कार्य में किसी तरह के विलंब को कम करने में मदद मिलेगी ताकि मई 2026 की निर्धारित तिथि को परियोजनापूरी की जा सके।
नदी मोड़ समारोह का उद्घाटन एनएचपीसी के सीएमडीश्री आर.के. विश्नोई ने किया। इस अवसर पर श्री एच. राजेश प्रसाद, प्रधान सचिव (पीडीडी), जम्मू-कश्मीर सरकार; श्री आई. डी. दयाल, अध्यक्ष, आरएचपीसीएल; श्री पंकज मंगोत्रा, एमडी, जेकेएसपीडीसी; श्री. ए.के. नौरियाल सीईओ, आरएचपीसीएल;एनएचपीसी के निदेशकों के साथ ही एनएचपीसी और जम्मू-कश्मीर सरकार के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इस रैटल परियोजना को पूरा करने का काम रैटल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आरएचपीसीएल) कर रहा है जो एनएचपीसी लिमिटेड और जम्मू-कश्मीर सरकार का संयुक्त उद्यम है, जिसकी हिस्सेदारी क्रमशः 51:49 प्रतिशत है। रैटल पनबिजली परियोजना 850 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में चिनाब नदी पर स्थित है। इस परियोजना को जनवरी 2021 में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने मंजूरी दी, जिसकी कुल लागत 5281.94 करोड़ रुपये(विवरण यहां) है।
एमजी / एआर / एके/डिके प्रविष्टि तिथि: 29 JAN 2024 by PIB Delhi(रिलीज़ आईडी: 2000329) आगंतुक पटल : 43