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स्टैंड-अप इंडिया योजना - हाशिए पर खड़े लोगों को वित्तीय और संस्थागत मदद प्रदान करती है

 

स्टैंड-अप इंडिया योजना हाशिए पर खड़े लोगों को वित्तीय और संस्थागत मदद प्रदान करती है; अप्रैल 2022 से मार्च 2025 तक अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति तथा महिला उद्यमियों को लगभग 29,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए


वित्तीय मदद के अतिरिक्त, यह योजना हाशिए पर खड़े वर्ग को परामर्श, ट्रेनिंग और कौशल केंद्र, मेंटरशिप सहयोग, उद्यम विकास कार्यक्रम केंद्र, जिला उद्योग केंद्र जैसा विशेष प्रशिक्षण प्रदान करती है

स्टैंड-अप इंडिया योजना 05 अप्रैल, 2016 को लॉन्च की गई थी। स्टैंड-अप इंडिया योजना का उद्देश्य अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (एससीबी) के जरिए 10 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के बीच लोन उपलब्ध कराना था, जो विनिर्माण, सेवाएं या व्यापार क्षेत्र में ग्रीनफील्ड उद्यम लगाने या कृषि संबंधी गतिविधि के लिए हर शाखा में न्यूनतम एक अनुसूचित जाति (एससी) या अनुसूचित जनजाति (एसटी) और महिला को प्रदान किया जाता था।

यह योजना किसी श्रेणी (रेटिंग) के लिए  न्यूनतम उपयुक्त दर पर 10 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के बीच लोन प्रदान करती थी, जिसका बेस रेट एमसीएलआर+3%+ अवधि प्रीमियम से अधिक नहीं थी, रीपेमेंट अवधि 7 वर्ष थी और ऋण स्थगन अवधि अधिकतम 18 महीने की थी।

भावी उधारकर्ताओं को बैंक से जोड़ने के अतिरिक्त, ऑनलाइन पोर्टल (www.standupmitra.in) ने भावी एससी, एसटी और महिला उद्यमियों को कारोबार सेटअप करने के उनके प्रयासों में परामर्श दी, जिसमें प्रशिक्षण से लेकर बैंक की जरूरतों के मुताबिक लोन का आवेदन दाखिल करना तक शामिल है। पोर्टल ने क्रमवार तरीके से भावी उधारकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण, जैसे कौशल केंद्र, मेंटरशिप सहयोग, उद्यम विकास कार्यक्रम केंद्र, जिला उद्योग केंद्र जैसी विभिन्न एजेंसी से पता और फोन नंबर के माध्यम से जुड़ने की सुविधा दी।

अप्रैल 2022 से मार्च 2025 तक स्टैंड-अप इंडिया योजना के अंतर्गत एससी/एसटी तथा महिला उद्यमियों के खातों और राशि में हुई बढ़ोतरी को नीचे तालिका में अंकित किया गया है:

अप्रैल 2022 से मार्च 2025 तक स्टैंड-अप इंडिया योजना के अंतर्गत एससी/एसटी तथा महिला उद्यमियों के खातों और राशि में हुई बढ़ोतरी

एससी

 

एसटी

 

महिला(सामान्य)

 

कुल

 

लोन खातों की संख्या

स्वीकृत राशि (करोड़ रुपये में)

लोन खातों की संख्या

स्वीकृत राशि (करोड़ रुपये में)

लोन खातों की संख्या

स्वीकृत राशि (करोड़ रुपये में)

लोन खातों की संख्या

स्वीकृत राशि (करोड़ रुपये में)

30145

6437.59

9625

2037.15

86738

20521.41

126508

28996.15

स्रोत: एसआईडीबीआई

यह जानकारी केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की ओर से एक प्रश्न के उत्तर में राज्य सभा में दी गई।

एमजी/आरपीएम/केसी/एमएम प्रविष्टि तिथि: 22 JUL 2025 by PIB Delhi (रिलीज़ आईडी: 2147006) आगंतुक पटल : 35

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कौन है जो रोकेगा गड़बड़ियां ? महिला उत्पीड़न रोकने के मामले में रिसाली निगम की कांग्रेसी शहर सरकार प्रताड़ना करने वाले आरोपियों का निंदनीय संरक्षण करते नजर आ रहीं है । विशेषकर रिसाली महापौर की भूमिका महिला प्रताड़ना करने वालों के लिए सहानभूति पूर्ण नजर आ रहीं है जिसको विधिवत प्रश्नांकित करने की भूमिका सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती निशा देशमुख पूरी कर रहीं है… अरे! कहां है रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति… रिसाली महापौर के गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यवहार ने रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति का अस्तित्व अनियमितताओं के हवाले हो गया है! बेहद व्यथित करने वाली वास्तविकता यह है कि रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति इन दिनों प्रताड़ित महिलाओं की व्यथा का निराकरण करने के स्थान पर प्रताड़ित करने वाले आरोपियों की संरक्षक के तौर पर कार्य करती नजर आ रहीं है जिसके लिए रिसाली की महापौर जिम्मदार है क्योंकि महापौर कामकाजी  महिलाओं की सुरक्षा के लिए की जाने वाली व्यवस्था और सुविधाओं के लिए आवश्यक प्रशासकीय जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहीं है । मैडम महापौर अध्यक्ष आंतरिक शिकायत समिति की जवाबदेही कब ...

यूट्यूबर यशवंत साहू जो… भिलाई टाईम्स नामक ब्लॉग लिखता है और… यह कपटपूर्ण विषयवस्तु वाले वीडियो आधारित दबदबा बनाकर सोशल मीडिया मंच वाला व्यापार चलाता है… इसी व्यापारिक गतिविधि के तहत यशवंत के द्वारा आपत्तिजनक वीडियो रोजाना बनाया जाता है… इस आपराधिक गतिविधि की पुनरावृत्ति करते हुए यशवंत ने… विगत दिनों उचित मूल्य दुकान का संचालन करने वाली… महिला स्व सहायता समूहों पर मानसिक दबाव बनाने का कपट पूर्वक प्रयास किया है… जिसकी पुलिस FIR कार्यवाही शिकायत दर्ज करवाई गई है..! पढ़िए पूरा मामला…

भिलाई टाईम्स वाला यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत का सामना करेगा रिसाली और भिलाई के कुछ वार्डों की जानकारी और… लोगों की आपसी खुन्नस को… चटकेदार मिर्च मसाला लगाकर… बिना किसी दस्तावेजिक प्रमाण के… यशवंत बयानबाजी करते हुए नाटकीय वीडियो बनाता है और… वीडियो को अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर… यशवंत प्रकाशित करता है । जिस पर आने वाली लाईक और क्लीक बढ़ाकर यशवंत द्वारा… अपनी रोजी रोटी चलाय जाना की बात लोगों ने बताई है लेकिन… इस बार यशवंत ने अपनी यूट्यूबर सीमा से बाहर जाकर… उचित मूल्य दुकान की संचालक महिला स्व सहायता समूहों को निशाना बनाया और… अपने बड़बोले अंदाज में पुलिस और शासन को भी… अपनी युटुब वीडियो बयान विषयवस्तु के आधार पर कटघरे में खड़ा कर दिया है । इसलिए अब यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत कार्यवाही का सामना करने की स्थिति में आ गया है । जवाबदेही तय : बचकाना भाषा शैली और लालच ने यशवंत को बुरा फसाया… साबित करना पड़ेगा फिल्मी डायलॉग वाले आरोप..!  वैसे तो यूट्यूबर यशवंत स्थानीय राजनीति में अपनी छोटी मोटी जगह तलाशने और… भ्रामक जानकारी के आधार पर बनाए नाटकीय वीडियो के आधार पर ...

तहसीलदार भिलाई 3 और अनुविभागीय अधिकारी को भू-अभिलेख संधारण की वस्तुस्थिति बताने के लिए ध्यानाकर्षण करवाकर पहल की गई है!

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जिला राजनादगांव के नायब तहसीलदार लालबहादुर नगर द्वारा कि गई जांच अब प्रश्नांकित होकर पुनः विधिक चुनौति का सामना कर रही है.. आरोप गंभीर है!

प्रशासनिक मामला | डोंगरगढ़ नायब तहसीलदार की जांच पर उठे गंभीर सवाल, SDM से स्वतंत्र जांच की मांग विवादित भूमि के स्वामित्व स्रोत, नामांतरण और पूर्व आपत्ति के रिकॉर्ड तक जांच के घेरे में; आवेदक ने कहा—अपूर्ण जांच को अंतिम निष्कर्ष न माना जाए ----------------------------- विवादित भूमि प्रकरण में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग डोंगरगढ़। राजस्व प्रकरण क्रमांक 202602095000018 (प्रकरण शीर्ष ब-121) में विवादित भूमि से जुड़े घटनाक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण सवाल सामने आया है। आवेदक थैलेंद्र  देवांगन उर्फ चंद्रभूषण देवांगन ने अनुविभागीय अधिकारी/अनुविभागीय दंडाधिकारी, डोंगरगढ़ के समक्ष प्रस्तुत लिखित तर्क में लाल बहादुर नगर के नायब तहसीलदार द्वारा दिनांक 06 अगस्त 2026 को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन पर आपत्ति दर्ज कराते हुए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। आवेदक का मुख्य सवाल है कि जब विवादित भूमि के स्वामित्व के मूल स्रोत, पंजीकृत विक्रय विलेखों और पूर्व में प्रस्तुत आपत्ति के कार्यालयीन रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण बताई जा रही है, तो इ...

प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई)

प्रगति के मार्ग को प्रशस्त करना भारत की जनसंख्या का 16.6% हिस्सा अनुसूचित जाति (एससी) का है और इन्हें सामाजिक-आर्थिक उन्नति और समावेशन में ऐतिहासिक रूप से बाधाओं का सामना करना पड़ा है। इन असमानताओं को दूर करना सामाजिक न्याय , समान अवसर और भारत के विकास पथ में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन विकास संबंधी कमियों को पहचानते हुए , भारत सरकार ने अनुसूचित जातियों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई) शुरू की। समावेशी सशक्तिकरण का दृष्टिकोण प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई) वित्त वर्ष 2021-22 में शुरू की गई एक पूर्णतः केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य एक व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण के ज़रिए अनुसूचित जाति समुदायों का सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण करना है। सरकार ने पीएम-एजीएवाई योजना के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण...

नायब तहसीलदार लालबहादुर नगर जांच अब प्रश्नों के घेरे में फंसकर पुनः जांच के दायरे में आ गई है।

 

एमएसएमई को वर्किंग कैपिटल आसानी से दिलाने के लिए TReDS पर CGTMSE गारंटी कवर शुरू

M1xchange, RXIL और DTX (KredX) के साथ इंटीग्रेशन से योग्य माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज ( MSEs) को तेज़ी से और टेक्नोलॉजी-आधारित क्रेडिट गारंटी सपोर्ट मिल सकेगा। केंद्रीय बजट में ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम ( TReDS) प्लेटफॉर्म पर क्रेडिट गारंटी कवर देने की घोषणा के तहत , माइक्रो , स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज मंत्रालय ने माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज के इनवॉइस डिस्काउंटिंग पर क्रेडिट गारंटी की सुविधा शुरू की है। MSME मंत्रालय के क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज ( CGTMSE) पोर्टल को अब TReDS इकोसिस्टम के साथ जोड़ दिया गया है , और क्रेडिट गारंटी कवरेज अब तीन प्लेटफॉर्म - M1xchange, RXIL और DTX (KredX) - पर उपलब्ध है। यह MSME मंत्रालय और CGTMSE द्वारा शुरू की गई सबसे तेज़ टेक्नोलॉजी-आधारित सुविधाओं में से एक है ; इससे माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज को क्रेडिट गारंटी सपोर्ट आसानी से मिल सकेगा और वे TReDS पर इनवॉइस डिस्काउंटिंग के ज़रिए तेज़ी से वर्किंग कैपिटल हासिल कर सकेंगे। तीन प्लेटफॉर्म पर CGTMSE गारंटी कवर की हाल ही में शुरू हुई सुविधा का मकसद ...

दुर्ग से कांग्रेस संगठन की केंद्रीय कार्यकारिणी की नजरों में अग्रणी स्थान बनाने वाले मोतीलाल वोरा जी के बाद… अपने दम पर उल्लेखनीय राजनीतिक भूमिका हासिल करने वाली… कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पित सामाजिक कार्यकर्त एनी पीटर ही है… जो कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ की जमीनी कार्यकर्ता है… जिसने दिल्ली की कर्मभूमि पर… कांग्रेस के लिए मोर्चा संभाला..! और दुर्ग का नाम अपने दम पर केंद्रीय राजनीति में दर्ज करवा दिया है… पढ़िए एक विश्लेषण..!

माननीय वोरा जी के बाद… वैसे छत्तीसगढ़ का दुर्ग जिला… केंद्रीय राजनीति में दो जन नेता के नामों के लिए जाना जाता है पहला मोतीलाल वोरा Moti lal Vora और दूसरा सरोज पांडेय..! Saroj Pandey उल्लेखनीय है कि ये दोनों जन नेता अपने दम पर अपनी पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों से संपर्क में आए और इन्होंने अपना अद्वितीय स्थान अपनी - अपनी पार्टी में बनाया लेकिन… अब इस कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर का नाम भी जुड़ता जा रहा है… वैसे यह नव-उज्वलित नाम..! अभी सिर्फ सड़क की लड़ाई के पहले पायदान पर है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली की सड़कों पर अपनी संघर्षरत गाथा के आधार पर अपनी उपस्थिति देकर  सुर्खियां बटोर रहा है..! एकल चलो रे..! Chhattisgadh congress  सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है इसके कई उदाहरण है जो कांग्रेसी आह्वाहन पर सड़क पर संघर्ष करने वाली कार्यकता होने के तौर पर पहचानी जाती है… वैसे तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस कई खेमों और गुटों में बटी है लेकिन एनी पीटर ही एक मात्र समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है जो सभी के साथ तालमेल रखती है और जब भी कांग्रेस पार्टी को जरूरत प...

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई)

 “जब कोई हुनर एक नया अवसर लेकर आता है” जिन गांवों में परिवारों का भविष्य काफी हद तक फसल पर निर्भर करता है , वहां कोई हुनर सीखने से आमदनी के नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। गांवों के कई युवाओं के लिए यह सफर सीखने , काम करने और कमाई के नए अवसर तलाशने से शुरू होता है। यहीं पर ‘दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना’ (डीडीयू-जीकेवाई) की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। 25 सितंबर 2014 को ‘राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत शुरू की गई डीडीयू-जीकेवाई योजना ग्रामीण क्षेत्रों के वंचित और कमजोर परिवारों के युवाओं पर केंद्रित है। यह योजना टिकाऊ आजीविका के लिए प्लेसमेंट से जुड़ी कौशल प्रशिक्षण सुविधा प्रदान करती है। यह कार्यक्रम 15 से 35 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए है और कौशल प्रशिक्षण को रोजगार के अवसरों से जोड़ता है। कामकाज की बदलती दुनिया के साथ यह कार्यक्रम भी लगातार विकसित हो रहा है। डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के नए ढांचे में उद्योग की अगुवाई वाली प्रशिक्षण व्यवस्था , दीर्घकालिक रोजगार , नौकरी मिलने के बाद सहायता तथा कौशल उन्नयन और नए कौशल प्रद...

छत्तीसगढ़ में उचित मूल्य दुकानों का संचालन करने वाली स्व सहायता समूहों के साथ खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा कि जा रही है प्रशासकीय धोखाधड़ी जानिए कैसे…?

महिला समूहों को... उनके दुकान के प्रतिमाह का... वित्तीय विवरण खाद्य विभाग देता है क्या ? गड़बड़ियों के पिटारे में से… छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों (राशन दुकानों) में खाद्य विभाग के कुछ अधिकारियों/ कर्मचारियों और स्व-सहायता समूहों (SHGs) के बीच समन्वय और गड़बड़ी के कई मामले सामने आते रहे हैं। इस विषय को दोनों पक्षों के पहलुओं से समझा जाना आवश्यक है। तभी सार्थक हल निकलना संभव होगा । एक तरफ जहां कुछ समूहों द्वारा वाकई अनियमितता किए जाने की बात सामने आती है, तो वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं और समूहों के शोषण व प्रशासनिक दबाव की शिकायतें भी उठती रही हैं। जिसका असल कारण यह है कि, महिला समूहों को प्रतिमाह लेन देन का वित्तीय विवरण खाद्य नियंत्रक कार्यालय से उपलब्ध नहीं कराया जाता है और ऐसे मासिक विवरण की जानकारी सार्वजनिक करने की जिम्मेदारी खाद्य विभाग पूरी नहीं कर रहा है । इस गंभीर विषय ओर खाद्य नियंत्रक प्रश्नांकित है । छत्तीसगढ़ के जमीनी परिदृश्य और इस पूरे विषय के मुख्य बिंदु बेहद चिंताजनक हैं गड़बड़ियां कई स्तरो...

मामले जिन पर चर्चा गरमाई हुयी है

पैरा तीरंदाज और अर्जुन पुरस्‍कार विजेता सुश्री शीतल देवी भारत निर्वाचन आयोग की राष्ट्रीय दिव्यागंजन आइकन होंगी

  भारतीय बधिर क्रिकेट संघ (आईडीसीए) और दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के बीच रोमांचक मैच का प्रदर्शन , लक्ष्‍य- समावेशिता और दिव्‍यांगजन पहुंच , दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के लिए मतदाता मार्गदर्शिका का शुभारंभ अपनी तरह की विशिष्‍ट प्रथम पहल के रूप में , भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सहयोग से भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मतदाता शिक्षा और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए भारतीय बधिर क्रिकेट एसोसिएशन (आईडीसीए) टीम और दिल्ली और जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) टीम के बीच एक प्रदर्शनी क्रिकेट मैच का आयोजन किया। यह मैच 16 मार्च , 2024 को नई दिल्ली के करनैल सिंह स्टेडियम में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर प्रतिष्ठित पैरा-तीरंदाज और अर्जुन पुरस्‍कार विजेता , सुश्री शीतल देवी एक को दिव्‍यांगता श्रेणी (पीडब्ल्यूडी) में राष्ट्रीय आइकन घोषित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री राजीव कुमार और निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार और श्री सुखबीर सिंह संधू ने विजेता टीम को सम्मानित किया। प्रसिद्ध पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी निखिल चोपड़ा को भी ...

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने 13 निर्दिष्ट डार्क पैटर्न को सूचीबद्ध करते हुए डार्क पैटर्न की रोकथाम और विनियमन के लिए ‘डार्क पैटर्न की रोकथाम और विनियमन दिशानिर्देश, 2023’ जारी किए हैं

    डार्क पैटर्न में डिज़ाइन और पसंद आर्किटेक्चर/बनावट का उपयोग कर उपभोक्ताओं को धोखा देने , मजबूर करने या ऐसे विकल्प चुनने के लिए प्रभावित करना , जो उनके सर्वोत्तम हित में नहीं हैं , शामिल है। डार्क पैटर्न में ड्रिप मूल्य निर्धारण , प्रच्छन्न विज्ञापन ,   प्रलोभन युक्ति (बेट एंड स्विच) , झूठी तात्कालिकता आदि जैसे हेरफेर प्रथाओं की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है।  ऐसी प्रथाएं उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम , 2019 के तहत परिभाषित “अनुचित व्यापार प्रथाओं” की श्रेणी में आती हैं। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने , उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम , 2019 की धारा 18 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सूचीबद्ध किए हुए 13 निर्दिष्ट डार्क पैटर्न की रोकथाम और विनियमन के लिए 30 नवंबर , 2023 को “डार्क पैटर्न की रोकथाम और विनियमन दिशानिर्देश , 2023” जारी किए। उपभोक्ताओं को ई-कॉमर्स में अनुचित व्यापार प्रथाओं से बचाने के लिए , उपभोक्ता मामलों के विभाग ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम , 2019 के प्रावधानों के तहत उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम , 2020 को भी अधिसूचित किया है।...

प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना

  सामाजिक सहायता के पांच और वर्ष, इसके दायरे में दिव्यांगजनों को व्यापक तौर पर शामिल किया गया                     14 अक्टूबर 2026 को , केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 53,428 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ , पांच वर्षों ( 2026-27 से 2030-31) के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम जारी रखने की मंजूरी दी। इस कार्यक्रम का नाम बदलकर प्र धानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कर दिया गया है और इसकी चार उप-योजनाओं के नाम भी इसी के अनुसार बदल दिए गए हैं। जहां बुजुर्गों , विधवाओं और परिवार लाभ की पेंशन योजनाएं अपने मौजूदा स्वरूप में जारी रहेंगी , जबकि दिव्यांग पेंशन में संशोधन किया गया है। अब इसमें 80 प्रतिशत की जगह ' दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत 40 प्रतिशत दिव्यांगता मानक का उपयोग किया जाएगा। इसकी 18 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा हटा दी गई है और अब जन्म से ही पात्रता लागू होगी। 0-79 वर्ष की आयु के लिए कें...

अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना

कर्मचारी राज्य बीमा निगम ( ESIC) ने अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना ( ABVKY) का अवधि विस्तार 01.07.2026 से 30.06.2027 तक स्वीकृत किया है। अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना ( ABVKY) के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता मानदंड इस प्रकार हैं: ·         लाभार्थी व्यक्ति को बेरोज़गारी से ठीक पहले निरन्तर 12 महीने तक बीमायोग्य रोजगार में रहना चाहिए और बेरोज़गारी से ठीक पहले के 12 महीनों में किसी एक पूर्ण योगदान अवधि में कम से कम 78 दिनों का योगदान किया हुआ होना चाहिए। ·         बेरोज़गारी कदाचार ( misconduct), लॉकआउट , सुपरअन्यूसिएशन (सेवानिवृत्ति) , या कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम , 1948 की व्यवस्था के तहत गलत बयान देने पर दोषी सिद्ध होने के कारण नहीं होनी चाहिए। ·         योजना के तहत दावों के निपटान को तीव्र करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं ; इनमें दावों का ऑनलाइन सबमिशन और प्रोसेसिंग , लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर ( DBT), और लाभों के समय पर भुगतान सुन...

महिला सुरक्षा का प्रश्न: एक ज्वलंत मुद्दा है… जिस पर हम सभी शासन प्रशासन और सामाजिक व्यवस्थाओं पर आरोप तो लगाते रहते है लेकिन… विडंबना यह है कि, महिला सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत तौर आपने क्या किया है ? इस प्रश्न का जवाब हम में से बहुत कम लोगों के पास होगा..! इसलिए आइए महिला सुरक्षा विषय पर अपनी भागीदारी देने के लिए पहल करते हैं कार्यशाला के प्रतिभागी बनकर अपने अनुभव साझा करते हैं…

महिला सुरक्षा आज के समय में एक ज्वलंत मुद्दा बना हुआ है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों ने समाज में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। यह एक ऐसा विषय है जिस पर विचार करना और त्वरित समाधान ढूंढना अत्यंत आवश्यक है और इस विषय का सार्थक हाल सभी को भागीदारी से ही मिल सकता है महिलाओं के खिलाफ अपराधों के कुछ मुख्य कारण: लैंगिक भेदभाव:   समाज में लैंगिक भेदभाव गहराई से जमा हुआ है, जिसके कारण महिलाओं को कमजोर और पुरुषों से कमतर समझा जाता है। पैतृकता:   पुरुषों का महिलाओं पर वर्चस्व और नियंत्रण का भाव महिलाओं के खिलाफ हिंसा का एक प्रमुख कारण है। शिक्षा का अभाव :  शिक्षा का अभाव महिलाओं को उनके अधिकारों और कानूनों के बारे में जागरूक नहीं होने देता, जिसके कारण वे शोषण का शिकार हो जाती हैं। गरीबी:   गरीबी महिलाओं को कमजोर बनाती है और उन्हें अपराधियों का आसान शिकार बना देती है। कानून व्यवस्था में कमियां:   कानून व्यवस्था में कमियां और अपराधियों को सजा न मिलने से महिलाओं के खिलाफ अपराधों को बढ़ावा मिलता है। नोट : महिला सुरक्षा संबंधित कार्य करने के इच्छुक लोगों के लिए कार्य...

विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित शिकायतें

  संसद का प्रश्न: विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित शिकायतें केंद्रीकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम्स) एक ऑनलाइन मंच है जो नागरिकों को सातों दिन चौबीसों घंटे उपलब्ध है   जिसके माध्यम से वे सेवा वितरण से संबंधित किसी भी विषय पर सार्वजनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। पिछले तीन वर्षों ( 2023, 2024 और 2025) के दौरान , भारत सरकार के मंत्रालयों और विभागों को सीपीग्राम्स पर 51,15,713 सार्वजनिक शिकायतें प्राप्त हुईं , जिनमें से 43,56,331 शिकायतें , यानी लगभग 85%, निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटा दी गईं। सीपीग्राम्स में आरटीआई मामलों का निवारण नहीं किया जाता है। सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार के लिए कई तंत्र स्थापित किए हैं , जिनमें डैशबोर्ड-आधारित निगरानी के साथ समयबद्ध शिकायत निवारण के लिए सीपीग्राम्स ; फाइलों के इलेक्ट्रॉनिक हस्तांतरण के लिए ई-ऑफिस को अपनाना ; सार्वजनिक सेवा वितरण पोर्टलों की गुणवत्ता और दक्षता का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय ई-सेवा वितरण मूल्यांकन (एनईएसडीए) शामिल हैं...

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज यहां जन औषधि केंद्रों के लिए एक ऋण सहायता कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने जन औषधि केंद्रों को ऋण सहायता के लिए एक वेबसाइट https://jak-prayaasloans.sidbi.in/home भी शुरू की ।

   डॉ. मनसुख मंडाविया ने जन औषधि केंद्रों के लिए ऋण सहायता कार्यक्रम का शुभारंभ किया ,  2014 में केवल 80 जन औषधि केंद्रों से बढ़कर   आज देश भर में इनकी लगभग 11,000 इकाइयाँ संचालित हो रही हैं: डॉ. मनसुख मंडाविया "अनुमान है कि प्रतिदिन 10 से 12 लाख लोग जन औषधि केंद्रों पर आते हैं , जिससे उन्हें महत्वपूर्ण बचत और आवश्यक औषधियों तक पहुंच मिलती है", "सिडबी और पीएमबीआई के बीच समझौता ज्ञापन छोटे और नए उद्यमियों के लिए एक आशीर्वाद के रूप में उभरेगा क्योंकि इसमें देश में जन औषधि केंद्रों के नेटवर्क को और मजबूत और आधुनिक बनाने की क्षमता है", एमओयू के अंतर्गत   जन औषधि केंद्रों के छोटे उद्यमियों के लिए सिडबी द्वारा 2 लाख रुपये रुपये तक की क्रेडिट सीमा के लिए परियोजना ऋण पर अत्यंत प्रतिस्पर्धी और किफायती ब्याज दर की पेशकश की जाएगी केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज यहां जन औषधि केंद्रों के लिए एक ऋण सहायता कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस संबंध में , उन्होंने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी-एसआईडीबीआई) और फार्मा...

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