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व्यापार और आर्थिक साझेदारी की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए, भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) 20 अक्टूबर 2026 से लागू होने जा रहा है।

 भारत-न्यूजीलैंड एफटीए 20 अक्टूबर 2026 से लागू होगा

  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से द्विपक्षीय व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश संबंधों को नई गति मिलेगी, 
  • पहले दिन से न्यूजीलैंड को भारत के 100 प्रतिशत निर्यात पर शून्य शुल्क, 
  • कपड़ा, चमड़ा, जूते, इंजीनियरिंग सामान और कृषि-प्रसंस्कृत उत्पादों के न्यूजीलैंड में शुल्क-मुक्त प्रवेश से खेतों से लेकर कारखानों तक को लाभ मिलेगा
  • रोजगार, निवेश और आवागमन को बढ़ावा मिलने से भारत के युवाओं, महिलाओं, किसानों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए नए अवसर

व्यापार और आर्थिक साझेदारी की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए, भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) 20 अक्टूबर 2026 से लागू होने जा रहा है। इस एफटीए पर 27 अप्रैल 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री माननीय टॉड मैक्ले द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे।आज, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री माननीय टॉड मैक्ले ने एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बातचीत की और दोनों देशों में आंतरिक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद समझौते के लागू होने की तिथि की घोषणा की। न्यूजीलैंड की संसद ने 16 सितंबर 2026 को इससे संबंधित कानून पारित किया था।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और न्यूजीलैंड ने अपने जुड़ाव को लगातार गहरा और व्यापक बनाया है। जुलाई 2026 में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की न्यूजीलैंड यात्रा (चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली न्यूजीलैंड यात्रा) ने द्विपक्षीय संबंधों को और गति दी और भारत-न्यूजीलैंड एफटीए के शीघ्र कार्यान्वयन के महत्व पर जोर दिया। इस यात्रा ने संबंधों में एक महत्वपूर्ण प्रगति को भी रेखांकित किया, जिसमें भारत और न्यूजीलैंड ने रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की और 'भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी: रोडमैप टू 2030' को एक साझा ढांचे के रूप में स्वीकार किया। इसका उद्देश्य अगले चार वर्षों में सहयोग को दिशा देना और 2030 तक वस्तुओं व सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर (लगभग ₹35,000 करोड़) तक पहुंचाना है। एफटीए का परिचालन 'रणनीतिक साझेदारी: रोडमैप टू 2030' की महत्वाकांक्षाओं को ठोस आर्थिक परिणामों में बदलने के लिए एक प्रमुख माध्यम के रूप में कार्य करेगा।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा, “भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता द्विपक्षीय साझेदारी को नई गति देगा, दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाएगा, बड़े पैमाने पर उत्पादन के लाभ को सक्षम करेगा और समग्र प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में योगदान देगा।” चुनी गई तारीख के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “हमने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने के लिए दशहरा-विजयादशमी का शुभ दिन चुना है। मुझे विश्वास है कि इसका लागू होना उन सभी बाधाओं को दूर करेगा, जो हमारे व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश संबंधों के बीच मौजूद थीं और दोनों देशों के लोगों की समृद्धि सुनिश्चित करेगा।”

न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री माननीय टॉड मैक्ले ने कहा कि व्यापार में अनिश्चितता और बढ़ते शुल्कों के समय भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता विश्वास प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत के साथ नौ महीनों में उच्च गुणवत्ता वाले समझौतों में से एक को पूरा किया गया है, जिससे दोनों देशों के कारोबार और हितधारकों को ठोस लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों सरकारों के लिए लोगों के बीच संपर्क, संस्कृति, खेल, व्यापार और निवेश सहित व्यापक क्षेत्रों में सहयोग के लिए मजबूत आधार तैयार करता है। दोनों देश कारोबार के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने और दोनों देशों में रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने के लिए मिलकर काम करेंगे।

समझौते के लागू होने के साथ ही, न्यूजीलैंड को होने वाले भारत के 100% निर्यात को कवर करने वाली हर एक टैरिफ लाइन शुल्क-मुक्त (ड्यूटी-फ्री) हो जाएगी। इससे भारतीय उद्योग को समान अवसर मिलेंगे, जो इसे न्यूजीलैंड के अन्य व्यापारिक साझेदारों के समकक्ष खड़ा कर देगा। देश भर में आजीविका को शक्ति देने वाले क्षेत्र-कपड़ा और परिधान, चमड़ा और फुटवियर, रत्न व आभूषण, इंजीनियरिंग सामान और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद-तुरंत लाभ उठाने की स्थिति में हैं, क्योंकि न्यूजीलैंड के 10% तक के शीर्ष टैरिफ समाप्त कर दिए गए हैं। भारतीय निर्माताओं को लकड़ी के लट्ठों (वूडन लॉग्स), कोकिंग कोल और मेटल स्क्रैप जैसे महत्वपूर्ण इनपुट तक शुल्क-मुक्त पहुंच से भी लाभ होगा, जिससे वैश्विक बाजारों में उनकी प्रतिस्पर्धी बढ़त मजबूत होगी।

साथ ही, सरकार ने संवेदनशील उत्पादों को शुल्क रियायतों से बाहर रखकर भारतीय किसानों के हितों की रक्षा की है। इनमें डेयरी, पशु मांस (भेड़ के मांस को छोड़कर), प्रमुख कृषि उत्पाद, चीनी और खाद्य तेल शामिल हैं। न्यूजीलैंड के सेब, कीवी फल और मनुका शहद के लिए न्यूनतम आयात मूल्य और मौसमी आयात अवधि के साथ शुल्क दर कोटा के माध्यम से संतुलित बाजार पहुंच का प्रावधान किया गया है। इसके साथ घरेलू किसानों की सुरक्षा के लिए उपाय भी किए गए हैं। समझौते के तहत कृषि क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने के लिए कृषि उत्पादकता साझेदारी स्थापित की जाएगी। इसके तहत कीवी फल, सेब और शहद के लिए विशेष कार्ययोजनाएं तैयार की जाएंगी, जिनका उद्देश्य भारत में उत्पादकता, गुणवत्ता और किसानों की आय में सुधार करना है। बागान प्रबंधन, कटाई के बाद की प्रक्रियाओं, आपूर्ति श्रृंखला, खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ मधुमक्खी पालन के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे ज्ञान, प्रौद्योगिकी और क्षमता का आदान-प्रदान संभव होगा। एक संयुक्त कृषि उत्पादकता परिषद यह निगरानी करेगी कि बाजार पहुंच के साथ कृषि उत्पादकता साझेदारी के तहत न्यूजीलैंड की ओर से सहयोग गतिविधियां भी सुनिश्चित हों।

यह एफटीए भारत में न्यूजीलैंड द्वारा 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की सुविधा की प्रतिबद्धता के साथ भारत के लिए गहरे निवेश लाभों का मार्ग भी प्रशस्त करता है। न्यूजीलैंड द्वारा किए जाने वाले इस निवेश से भारतीय कृषि, विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और स्टार्ट-अप्स को लाभ होगा।

भारत के तेजी से बढ़ते सेवा क्षेत्र के लिए यह समझौता भारतीय कंपनियों और पेशेवरों को न्यूजीलैंड के बाजार तक पहुंच बनाने और अपनी अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी का विस्तार करने के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है। इसके तहत सूचना प्रौद्योगिकी, पेशेवर सेवाएं, श्रव्य-दृश्य क्षेत्र, निर्माण और पर्यटन सहित लगभग 118 क्षेत्रों को शामिल किया गया है। करीब 139 उप-क्षेत्रों में सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र का दर्जा सुनिश्चित किया गया है। कुशल भारतीयों के लिए 5,000 अस्थायी रोजगार प्रवेश वीजा का विशेष कोटा और युवा भारतीयों के लिए हर वर्ष 1,000 कार्य-अवकाश वीजा का प्रावधान किया गया है। समझौते में विद्यार्थियों के लिए बिना किसी सीमा के आवागमन का प्रावधान भी है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित विषयों से स्नातक विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद तीन वर्ष तक और डॉक्टरेट शोधार्थियों को चार वर्ष तक काम करने का अधिकार मिलेगा।

भारत के औषधि और चिकित्सा उपकरण निर्यातकों को भी महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा, क्योंकि न्यूजीलैंड अमेरिकी एफडीए, ईएमए, यूके एमएचआरए   और हेल्थ कनाडा जैसे विश्व स्तर पर भरोसेमंद नियामकों की निरीक्षण मंजूरियों को स्वीकार करना शुरू कर रहा है। इससे लंबे इंतजार का समय घटेगा और बाजार में प्रवेश तेज होगा।

साल 2025-26 में दोनों देशों के बीच वस्तु व्यापार पहले ही लगभग 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है। ऐसे में भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने से आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और रोजगार सृजन को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ‘विकसित भारत @2047’ के दृष्टिकोण पर आधारित यह समझौता विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत की बढ़ती साझेदारियों का एक और उदाहरण है। इसके लाभों के केंद्र में किसान, महिलाएं, युवा, कारीगर और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम हैं।

भारत-न्यूजीलैंड तथ्य पत्रक का लिंक:-https://www.commerce.gov.in/files/2026-04/final_0.pdf

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों का लिंक:-https://www.commerce.gov.in/files/2026-04/FAQs%20-%20India-New%20Zealand%20FTA.pdf

भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की जानकारी:- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2255914&reg=3&lang=1

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पीके/केसी/आरटी/केजे/एसएस (रिलीज़ आईडी: 2313222) आगंतुक पटल : 733 प्रविष्टि तिथि: 21 SEP 2026 by PIB Delhi

 

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गैरजिम्मेदार महापौर!... कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करवाने के मामले में… रिसाली निगम महापौर बेहद गैरजिम्मेदार तरीके का प्रशासकीय व्यवहार कर अपनी राजनीतिक भूमिका निभा रहीं है… जिसके कारण महिला उत्पीड़न करने वालों को संरक्षण मिल रहा है…

कौन है जो रोकेगा गड़बड़ियां ? महिला उत्पीड़न रोकने के मामले में रिसाली निगम की कांग्रेसी शहर सरकार प्रताड़ना करने वाले आरोपियों का निंदनीय संरक्षण करते नजर आ रहीं है । विशेषकर रिसाली महापौर की भूमिका महिला प्रताड़ना करने वालों के लिए सहानभूति पूर्ण नजर आ रहीं है जिसको विधिवत प्रश्नांकित करने की भूमिका सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती निशा देशमुख पूरी कर रहीं है… अरे! कहां है रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति… रिसाली महापौर के गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यवहार ने रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति का अस्तित्व अनियमितताओं के हवाले हो गया है! बेहद व्यथित करने वाली वास्तविकता यह है कि रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति इन दिनों प्रताड़ित महिलाओं की व्यथा का निराकरण करने के स्थान पर प्रताड़ित करने वाले आरोपियों की संरक्षक के तौर पर कार्य करती नजर आ रहीं है जिसके लिए रिसाली की महापौर जिम्मदार है क्योंकि महापौर कामकाजी  महिलाओं की सुरक्षा के लिए की जाने वाली व्यवस्था और सुविधाओं के लिए आवश्यक प्रशासकीय जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहीं है । मैडम महापौर अध्यक्ष आंतरिक शिकायत समिति की जवाबदेही कब ...

यूट्यूबर यशवंत साहू जो… भिलाई टाईम्स नामक ब्लॉग लिखता है और… यह कपटपूर्ण विषयवस्तु वाले वीडियो आधारित दबदबा बनाकर सोशल मीडिया मंच वाला व्यापार चलाता है… इसी व्यापारिक गतिविधि के तहत यशवंत के द्वारा आपत्तिजनक वीडियो रोजाना बनाया जाता है… इस आपराधिक गतिविधि की पुनरावृत्ति करते हुए यशवंत ने… विगत दिनों उचित मूल्य दुकान का संचालन करने वाली… महिला स्व सहायता समूहों पर मानसिक दबाव बनाने का कपट पूर्वक प्रयास किया है… जिसकी पुलिस FIR कार्यवाही शिकायत दर्ज करवाई गई है..! पढ़िए पूरा मामला…

भिलाई टाईम्स वाला यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत का सामना करेगा रिसाली और भिलाई के कुछ वार्डों की जानकारी और… लोगों की आपसी खुन्नस को… चटकेदार मिर्च मसाला लगाकर… बिना किसी दस्तावेजिक प्रमाण के… यशवंत बयानबाजी करते हुए नाटकीय वीडियो बनाता है और… वीडियो को अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर… यशवंत प्रकाशित करता है । जिस पर आने वाली लाईक और क्लीक बढ़ाकर यशवंत द्वारा… अपनी रोजी रोटी चलाय जाना की बात लोगों ने बताई है लेकिन… इस बार यशवंत ने अपनी यूट्यूबर सीमा से बाहर जाकर… उचित मूल्य दुकान की संचालक महिला स्व सहायता समूहों को निशाना बनाया और… अपने बड़बोले अंदाज में पुलिस और शासन को भी… अपनी युटुब वीडियो बयान विषयवस्तु के आधार पर कटघरे में खड़ा कर दिया है । इसलिए अब यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत कार्यवाही का सामना करने की स्थिति में आ गया है । जवाबदेही तय : बचकाना भाषा शैली और लालच ने यशवंत को बुरा फसाया… साबित करना पड़ेगा फिल्मी डायलॉग वाले आरोप..!  वैसे तो यूट्यूबर यशवंत स्थानीय राजनीति में अपनी छोटी मोटी जगह तलाशने और… भ्रामक जानकारी के आधार पर बनाए नाटकीय वीडियो के आधार पर ...

दुर्ग से कांग्रेस संगठन की केंद्रीय कार्यकारिणी की नजरों में अग्रणी स्थान बनाने वाले मोतीलाल वोरा जी के बाद… अपने दम पर उल्लेखनीय राजनीतिक भूमिका हासिल करने वाली… कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पित सामाजिक कार्यकर्त एनी पीटर ही है… जो कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ की जमीनी कार्यकर्ता है… जिसने दिल्ली की कर्मभूमि पर… कांग्रेस के लिए मोर्चा संभाला..! और दुर्ग का नाम अपने दम पर केंद्रीय राजनीति में दर्ज करवा दिया है… पढ़िए एक विश्लेषण..!

माननीय वोरा जी के बाद… वैसे छत्तीसगढ़ का दुर्ग जिला… केंद्रीय राजनीति में दो जन नेता के नामों के लिए जाना जाता है पहला मोतीलाल वोरा Moti lal Vora और दूसरा सरोज पांडेय..! Saroj Pandey उल्लेखनीय है कि ये दोनों जन नेता अपने दम पर अपनी पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों से संपर्क में आए और इन्होंने अपना अद्वितीय स्थान अपनी - अपनी पार्टी में बनाया लेकिन… अब इस कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर का नाम भी जुड़ता जा रहा है… वैसे यह नव-उज्वलित नाम..! अभी सिर्फ सड़क की लड़ाई के पहले पायदान पर है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली की सड़कों पर अपनी संघर्षरत गाथा के आधार पर अपनी उपस्थिति देकर  सुर्खियां बटोर रहा है..! एकल चलो रे..! Chhattisgadh congress  सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है इसके कई उदाहरण है जो कांग्रेसी आह्वाहन पर सड़क पर संघर्ष करने वाली कार्यकता होने के तौर पर पहचानी जाती है… वैसे तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस कई खेमों और गुटों में बटी है लेकिन एनी पीटर ही एक मात्र समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है जो सभी के साथ तालमेल रखती है और जब भी कांग्रेस पार्टी को जरूरत प...

छत्तीसगढ़ में उचित मूल्य दुकानों का संचालन करने वाली स्व सहायता समूहों के साथ खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा कि जा रही है प्रशासकीय धोखाधड़ी जानिए कैसे…?

महिला समूहों को... उनके दुकान के प्रतिमाह का... वित्तीय विवरण खाद्य विभाग देता है क्या ? गड़बड़ियों के पिटारे में से… छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों (राशन दुकानों) में खाद्य विभाग के कुछ अधिकारियों/ कर्मचारियों और स्व-सहायता समूहों (SHGs) के बीच समन्वय और गड़बड़ी के कई मामले सामने आते रहे हैं। इस विषय को दोनों पक्षों के पहलुओं से समझा जाना आवश्यक है। तभी सार्थक हल निकलना संभव होगा । एक तरफ जहां कुछ समूहों द्वारा वाकई अनियमितता किए जाने की बात सामने आती है, तो वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं और समूहों के शोषण व प्रशासनिक दबाव की शिकायतें भी उठती रही हैं। जिसका असल कारण यह है कि, महिला समूहों को प्रतिमाह लेन देन का वित्तीय विवरण खाद्य नियंत्रक कार्यालय से उपलब्ध नहीं कराया जाता है और ऐसे मासिक विवरण की जानकारी सार्वजनिक करने की जिम्मेदारी खाद्य विभाग पूरी नहीं कर रहा है । इस गंभीर विषय ओर खाद्य नियंत्रक प्रश्नांकित है । छत्तीसगढ़ के जमीनी परिदृश्य और इस पूरे विषय के मुख्य बिंदु बेहद चिंताजनक हैं गड़बड़ियां कई स्तरो...

खाद्य विभाग दुर्ग कार्यालय के अंतर्गत संचालित उचित मूल्य दुकानों में हुई गंभीर वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं तथा... संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही बाबत खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, महानदी भवन, नवा रायपुर (छ.ग.) स्तर से पहला कर दी गई है… जिसके तहत खाद्य नियंत्रक दुर्ग ने 24 उचित मूल्य दुकानों के संचलन के लिए नवीन स्व सहायता समूहों को आमंत्रित किया है… पढ़िए पूर्वानुमानित विश्लेषण

खाद्य नियंत्रक दुर्ग कार्यालय के दोषी अधिकारियों को पकड़ने की चौतरफा विभागीय कार्यवाही वास्तविकता के धरातल की ओर चल पड़ी है… जांच कार्यवाही की रूपरेखा पर प्रकाश डालने वाले पहलुओं को इस प्रकार समझा जा सकता है… खाद्य विभाग दुर्ग कार्यालय के अंतर्गत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालन को लेकर विगत कई वर्षों से लगातार गंभीर शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। स्थानीय स्तर पर सक्षम अधिकारियों की कथित मिलीभगत और संरक्षण के कारण ये जांच कार्यवाहियां लंबे समय से लंबित पड़ी हुई थीं। अत्यंत हर्ष का विषय है कि, विभागीय शीर्ष अधिकारियों एवं सचिवालय के संज्ञान में आने के बाद इस पूरे तंत्र में व्याप्त जिला स्तरीय गंभीर गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। वर्तमान में इस विभागीय कार्यवाही के दो अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू सामने आए हैं, जो सराहनीय हैं: पहला पहलू: पारदर्शिता एवं जवाबदेही तथा शासकीय कोष को क्षति पहुंचाने वाले को कानूनी शिकंजे लाना सुनिश्चित करने हेतु २४ उचित मूल्य दुकानों के नए संचालनकर्ता की नियुक्ति के लिए प्रेस विज्ञप्ति जारी की जा चुकी है। दूसरा पहलू: जांच में पकड़ी गई गड़बड़ियों को लंबे समय तक...

निगम अधिनियम में वार्ड पार्षद को कई महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए है... जिनका प्रयोग करके वार्ड पार्षद अपने निर्वाचन क्षेत्र का सर्वागीण विकास कर सकता है... इसके लिए आवश्यक है की पार्षद को निगम अधिनियम के अग्रलिखित विधि निर्देश को पढ़ना और समझना पड़ेगा तथा अपने अधिकार को प्रयोग में लाना होगा

पार्षदों को मिला असीमित अधिकार अब पार्षद प्रश्न भी पूछ सकेंगे,   प्रश्न से सम्बंधित दस्तावेजो और फ़ाइल का अवलोकन भी कर सकेंगे और   नियम आयुक्त और निगम अधिकारियो से निगम सम्मिलन के दिन लिखित में जवाब भी प्राप्त कर सकेंगे इसलिए अब निगम आयुक्त, निगम के अधिकारी / कर्मचारी और जिम्मेदार जन प्रतिनिधि अर्थात एम.आई.सी. सदस्य इन तीनो से पार्षद सीधे प्रश्न पूछकर जवाब मांग सकेंगे तथा विधायक और सांसद की तरह शहर सरकार का सशक्त अंग होने की अपनी पहचान बना सकेंगे पार्षद को शक्ति संपन्न बनाने वाले निगम अधिनियम के अंतर्गत बनाये गए नियम निम्नानुसार हैं :-  पहला नियम :-   छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम १९५६ की धारा २५-क पार्षदों के कर्तव्य - छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम १९५६ की धारा २५-क में परिभाषित किये गए है और इस विधि निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि, पार्षद निगम सम्मिलन में भाग लेकर महापौर या आयुक्त का ध्यान... निगम की सम्पत्ति की किसी हानी या... निगम के किसी योजना या.... सेवा में किसी कमी के तरफ ध्यानान्कर्षण करवायेगा दूसरा नियम :- छ,ग. नगरपालिक (कामकाज के ...

सरकार ने चीनी की बढ़ती कीमतों को रोकने और त्योहारों के मौसम में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए

हाल के हफ़्तों में चीनी की कीमतें बढ़ी हैं। 20 जुलाई 2026 को यह ₹48.18 प्रति किलोग्राम थी , जो 20 अगस्त 2026 को बढ़कर ₹55.70 प्रति किलोग्राम हो गई। सरकार स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है और उसने चीनी की पर्याप्त उपलब्धता और उपभोक्ताओं के लिए स्थिर कीमतें सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए इथेनॉल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता चीनी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को इथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी के इस्तेमाल से जोड़ना गलत है। असल में , इथेनॉल के लिए इस्तेमाल होने वाली चीनी का हिस्सा 2022-23 में लगभग 12% से घटकर 2025-26 में लगभग 9% हो गया है। इसके अलावा , देश में उत्पादित होने वाले इथेनॉल का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा अब अनाज , खासकर मक्के से आता है। चीनी की कीमतों में मौजूदा बढ़ोतरी कई वजहों से हो रही है , जिनमें उम्मीद से कम घरेलू उत्पादन , त्योहारों के मौसम से पहले बढ़ती मांग , मौसम की वजह से गन्ने की फसल को नुकसान , दुनिया भर में चीनी की आपूर्ति में कमी और उद्योग जगत के कुछ हिस्सों द्वारा सट्टेबाजी और जमाखोरी शामिल हैं। श...

राष्ट्र के लिए नया आधार ऐप समर्पित

·        नया आधार ऐप पहचान सत्यापन को नए सिरे से परिभाषित करता है , जिसमें जनता को केंद्र में रखा गया है ·        चुनिंदा जानकारी का साझाकरण , सहमति का नियंत्रण आपकी उंगलियों पर ·        दिखाएँ , साझा करें , सत्यापित करें: आधार ऐप आधार के उपयोग को बढ़ावा देगा और जीवन को सुगम बनाएगा वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने आज नए आधार ऐप को राष्ट्र को समर्पित किया , जो जनहित में पहचान सत्यापन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा विकसित आधार ऐप एक अगली पीढ़ी का मोबाइल एप्लिकेशन है , जिसे आधार संख्या धारकों (एएनएच) को अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित , सुविधाजनक और गोपनीय तरीके से ले जाने , साझा करने , दिखाने और सत्यापित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। नए ऐप का अनावरण करने के बाद , श्री प्रसाद ने यूआईडीएआई को इस सराहनीय कार्य के लिए बधाई दी और जोर देते हुए कहा कि आधार सरकार के लिए डिजिट...

आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2025

तेजी से बढ़ता शहरीकरण बड़े शहरी क्षेत्रों में नई और अनूठी चुनौतियां ला रहा है , जो कई क्षेत्रों में एक से अधिक जिलों में भी फैले हुए हैं। इसलिए , शहरी आपदा जोखिम प्रबंधन के मुद्दे पर ध्यान देने और शहरी मुद्दों पर एक केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने के लिए , आपदा प्रबंधन अधिनियम , 2005 में संशोधन कर प्रावधान '41 ए ' जोड़ा गया है , जो राज्य सरकारों को राज्य की राजधानियों और नगर निगम वाले सभी शहरों (राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश को छोड़कर) में शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूडीएमए) गठित करने का अधिकार देता है , जिससे शहर-विशिष्ट आपदाओं से अधिक बेहतर तरीके से निपटा जा सके।   यूडीएमए शहरी विशिष्ट आपदाओं , जिनमें बाढ़ और लू शामिल हैं , पर ध्यान देने वाली शहरी योजना बनाने और उसके कार्यान्वयन के समन्वय के लिए जिम्मेदार हैं। इसलिए , यूडीएमए की स्थापना करना राज्य सरकारों का अनिवार्य दायित्व है। मौजूदा जानकारी के अनुसार , केवल एक राज्य , कर्नाटक ने बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका के लिए यूडीएमए का गठन किया है। आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम , 2025 के तहत राष्ट्रीय आपदा ...

पत्रकार और यूट्यूबर में अंतर को सभी को जानना जरूरी है क्योंकि यूट्यूबर भ्रामक जानकारी के आधार पर स्वयं को पत्रकार होने का भ्रम बनाते है... परिणाम स्वरूप इसका विपरीत प्रभाव पत्रकारिता जगत पड़ रहा है...

पत्रकार और यूट्यूबर के बीच अंतर को समझना आसान है ! अगर हम उनके उद्देश्य, जिम्मेदारी और काम करने के तरीकों को देखें तो दोनों की मंशा और लक्ष्य स्पष्ट हो जाता है । 🎙️ पत्रकार   भूमिका: समाज को तथ्यात्मक, सत्यापित और संतुलित जानकारी देना।   जिम्मेदारी: पत्रकारिता आचार संहिता का पालन करना, स्रोतों की पुष्टि करना और निष्पक्ष रहना।   माध्यम: अख़बार, टीवी, रेडियो, पत्रिका, अन्य प्रिंट माध्यम    लक्ष्य: जनता को जागरूक करना, सत्ता और संस्थाओं को जवाबदेह बनाना।  विश्वसनीयता: गलत सूचना देने पर कानूनी और नैतिक जवाबदेही होती है।   📹 यूट्यूबर भूमिका: मनोरंजन, शिक्षा, व्यक्तिगत विचार या अनुभव साझा करना।   जिम्मेदारी: सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म की नीतियों का पालन करना, लेकिन ये शासकीय अपेक्षाओं के विपरीत पत्रकारिता जैसी सख़्त आचार संहिता का पालन नहीं करते है । सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते हैं ।  माध्यम: YouTube चैनल और सोशल मीडिया।   लक्ष्य: दर्शकों को एन-केन-प्रकारेंण आकर्षित करना, तथ्यविहीन लुभावनी जा...

मामले जिन पर चर्चा गरमाई हुयी है

पत्रकार और यूट्यूबर में अंतर को सभी को जानना जरूरी है क्योंकि यूट्यूबर भ्रामक जानकारी के आधार पर स्वयं को पत्रकार होने का भ्रम बनाते है... परिणाम स्वरूप इसका विपरीत प्रभाव पत्रकारिता जगत पड़ रहा है...

पत्रकार और यूट्यूबर के बीच अंतर को समझना आसान है ! अगर हम उनके उद्देश्य, जिम्मेदारी और काम करने के तरीकों को देखें तो दोनों की मंशा और लक्ष्य स्पष्ट हो जाता है । 🎙️ पत्रकार   भूमिका: समाज को तथ्यात्मक, सत्यापित और संतुलित जानकारी देना।   जिम्मेदारी: पत्रकारिता आचार संहिता का पालन करना, स्रोतों की पुष्टि करना और निष्पक्ष रहना।   माध्यम: अख़बार, टीवी, रेडियो, पत्रिका, अन्य प्रिंट माध्यम    लक्ष्य: जनता को जागरूक करना, सत्ता और संस्थाओं को जवाबदेह बनाना।  विश्वसनीयता: गलत सूचना देने पर कानूनी और नैतिक जवाबदेही होती है।   📹 यूट्यूबर भूमिका: मनोरंजन, शिक्षा, व्यक्तिगत विचार या अनुभव साझा करना।   जिम्मेदारी: सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म की नीतियों का पालन करना, लेकिन ये शासकीय अपेक्षाओं के विपरीत पत्रकारिता जैसी सख़्त आचार संहिता का पालन नहीं करते है । सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते हैं ।  माध्यम: YouTube चैनल और सोशल मीडिया।   लक्ष्य: दर्शकों को एन-केन-प्रकारेंण आकर्षित करना, तथ्यविहीन लुभावनी जा...

शक्ति सुपर-शी के राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की युवा समाज सेविका एनी पीटर को राष्ट्र मंच पर सम्मानित किया गया… इस अवसर आयोजकों को विशेष आभार ज्ञापित किया गया

दुर्ग। जिला समन्वयक एनी पीटर ने जानकारी दी की उनको राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम स्थल से युवा कांग्रेस शक्ति टीम के राष्ट्रीय कार्यकारणी एवम प्रदेश युवा कांग्रेस प्रभारी डॉ पलक वर्मा एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री आकाश शर्मा, प्रदेश समन्वयक आशिका कुजूर व प्रीति वैष्णव द्वारा एनी पीटर को  महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी देने के लिए जिला समन्वयक एनी पीटर ने धन्यवाद ज्ञापित किया । ………. उन्होंने बताया कि, भारतीय युवा कांग्रेस की अनूठी पहल 'शक्ति सुपर शी' को लॉन्च हुए एक साल हो गया है. यह कार्यक्रम विशेष रूप से युवा महिला नेताओं को राजनीति की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। इसकी राष्ट्रीय समन्वयक सरीफ रहमान हैं। प्रदेश में शक्ति सुपर शी की जिम्मेदारी प्रदेश महासचिव आशिका कुजूर और प्रीति वैष्णव को दी गई है. एसएसएस सदस्यता अभियान में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त हुआ। …………पूरा पढ़ने के लिए 👇क्लिक करें ………. पिछले एक साल में प्रदेश समन्वयक के रूप में काम करते हुए हमें कुछ प्रतिभाशाली महिलाएं/ लड़कियां मिलीं जो अपने क्षेत्र में कांग्रेस का परचम लहरा रही...

भारत का एआई गौरव- भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एक अहम और भरोसे के साथ महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने की तैयारी कर रहा है।

  20,000 अतिरिक्त जीपीयू भारत के एआई नेतृत्व के अगले चरण को क्षमता प्रदान करेंगे भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एक अहम और भरोसे के साथ महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने की तैयारी कर रहा है। 17 फरवरी 2026 को , नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित की जा रही इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान , केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत अपनी कंप्यूट क्षमता को वर्तमान 38,000 ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (जीपीयू) से आगे बढ़ाएगा , और आने वाले हफ्तों में 20,000 और जीपीयू जोड़े जाएंगे। यह घोषणा सिर्फ तकनीकी नहीं अपितु रणनीतिक थी। इसने संकेत दिया कि भारत इरादे के साथ आगे बढ़ रहा है और स्वयं की दुनिया की नेतृत्वकारी एआई शक्तियों में मजबूती से जगह बना रहा है। यह घोषणा सम्मेलन के दूसरे दिन की गई और इसका विषय था-सर्वजन हिताय , सर्वजन सुखाय अर्थात सबका हित , सबकी प्रसन्नता। इस आयोजन को पहले से ही दुनिया की सबसे बड़ी एआई भागीदारी कहा जा रहा है। भारत मंडपम के अंदर , ऊर्जा स्पष्ट रूप से दिख रही थी। इस दौरान होने वाले वार्तालाप सुस्पष्ट , भविष्...

महापौर की मनमानी और एकाधिकार पर अंकुश लगाने के लिए... एक जागरूक और निगम अधिनियम का जानकर पार्षद निगम की आम सभा में अपनी अहम भूमिका निभा सकता है... क्योंकि पार्षद के पास है अचूक विधि निर्देश जिसका नाम है छ,ग. नगरपालिक (कामकाज के संचालन की प्रक्रिया ) नियम २०१६ नियम ३. कार्यसूची इसको पढ़ लीजिये

छ,ग. नगरपालिक (कामकाज के संचालन की प्रक्रिया ) नियम २०१६ नियम ३. कार्यसूची :- नगरपालिका के सम्मिलन की कार्यसूची के संबंध में स्पष्ट विधि निर्देश है की :- नगरपालिका के सम्मिलन के लिए सुचना में सम्मिलित की जाने वाली कार्यसूची निम्नानुसार होगी,- क) पूर्ववर्ती सम्मिलन के कार्यवृत्त की पुष्टि करना, यदि उसकी पुष्टि उस सम्मिलन में न हुई हो; ख) पार्षदों द्वारा पूछे गये प्रश्न तथा उनके उत्तर; ग) महत्त्वपूर्ण पत्र व्यवहार के संबंध में जानकारी ; घ) कार्यसूची के शेष कामकाज जो पूर्ववर्ती सम्मिलन में संपादित न किये जा सके हों; ङ) समितियों या मुख्य कार्यपालन अधिकारी   द्वारा प्रस्तुत सुझाव तथा प्रस्ताव; च) पार्षदों द्वारा लोक महत्त्व के विषयों पर व्यक्तव्य देने के लिए प्रस्तुत प्रस्ताव :- परन्तु यह कि किसी विशेष सम्मिलन में सुचना में विनिर्दिष्ट कमाक्ज के सिवाय कोई अन्य कामकाज संपादित नहीं किया जाएगा: परन्तु यह और कि लोक महत्त्व के विषयों पर व्यक्तव्य देने के लिए प्रस्तुत प्रस्ताव केवल साधारण सम्मिलन में ही रखा जायेगा | पार्षद का व्यक्तित्व निगम सम्मिलन में उजागर हो ...

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई)

 “जब कोई हुनर एक नया अवसर लेकर आता है” जिन गांवों में परिवारों का भविष्य काफी हद तक फसल पर निर्भर करता है , वहां कोई हुनर सीखने से आमदनी के नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। गांवों के कई युवाओं के लिए यह सफर सीखने , काम करने और कमाई के नए अवसर तलाशने से शुरू होता है। यहीं पर ‘दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना’ (डीडीयू-जीकेवाई) की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। 25 सितंबर 2014 को ‘राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत शुरू की गई डीडीयू-जीकेवाई योजना ग्रामीण क्षेत्रों के वंचित और कमजोर परिवारों के युवाओं पर केंद्रित है। यह योजना टिकाऊ आजीविका के लिए प्लेसमेंट से जुड़ी कौशल प्रशिक्षण सुविधा प्रदान करती है। यह कार्यक्रम 15 से 35 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए है और कौशल प्रशिक्षण को रोजगार के अवसरों से जोड़ता है। कामकाज की बदलती दुनिया के साथ यह कार्यक्रम भी लगातार विकसित हो रहा है। डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के नए ढांचे में उद्योग की अगुवाई वाली प्रशिक्षण व्यवस्था , दीर्घकालिक रोजगार , नौकरी मिलने के बाद सहायता तथा कौशल उन्नयन और नए कौशल प्रद...

एमएसएमई को वर्किंग कैपिटल आसानी से दिलाने के लिए TReDS पर CGTMSE गारंटी कवर शुरू

M1xchange, RXIL और DTX (KredX) के साथ इंटीग्रेशन से योग्य माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज ( MSEs) को तेज़ी से और टेक्नोलॉजी-आधारित क्रेडिट गारंटी सपोर्ट मिल सकेगा। केंद्रीय बजट में ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम ( TReDS) प्लेटफॉर्म पर क्रेडिट गारंटी कवर देने की घोषणा के तहत , माइक्रो , स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज मंत्रालय ने माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज के इनवॉइस डिस्काउंटिंग पर क्रेडिट गारंटी की सुविधा शुरू की है। MSME मंत्रालय के क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज ( CGTMSE) पोर्टल को अब TReDS इकोसिस्टम के साथ जोड़ दिया गया है , और क्रेडिट गारंटी कवरेज अब तीन प्लेटफॉर्म - M1xchange, RXIL और DTX (KredX) - पर उपलब्ध है। यह MSME मंत्रालय और CGTMSE द्वारा शुरू की गई सबसे तेज़ टेक्नोलॉजी-आधारित सुविधाओं में से एक है ; इससे माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज को क्रेडिट गारंटी सपोर्ट आसानी से मिल सकेगा और वे TReDS पर इनवॉइस डिस्काउंटिंग के ज़रिए तेज़ी से वर्किंग कैपिटल हासिल कर सकेंगे। तीन प्लेटफॉर्म पर CGTMSE गारंटी कवर की हाल ही में शुरू हुई सुविधा का मकसद ...

धरती माता को प्लास्टिक कचरे से बचाने वाली पर्यावरण संरक्षक योद्धा श्रद्धा साहू ने जन जागरूकता लाने के लिए बढ़ाया अगला कदम…

प्लास्टिक की थैलियां, बोतलें, और कचरा हम रोजाना हमारी धरती माता पर फैलाते है इसलिए प्लास्टिक का ये कचरा हमारे ग्रह को नुकसान पहुंचा रहा है। यह जानवरों को मार रहा है और हमें भी बीमार कर रहा है। ***************************** पूरा पढ़ने के लिए क्लिक करें👇👇👇 ****************************** सहभागिता दीजिए   सामाजिक कार्यकर्ता श्रद्धा साहूने प्लास्टिक कचरे से उत्पन्न खतरे की जानकारी देते हुए बताया की छत्तीसगढ़ को प्लास्टिक कचरे से मुक्त कराने के लिए राज्य स्तरीय मुहिम में सभी की सहभागिता सुनिश्चित होने से प्लास्टिक कचरे से उत्पन्न खतरे को नियंत्रित किया जा सकता है ! हम सब मिलकर इसे रोक सकते हैं। ****************************** पूरा पढ़ने के लिए क्लिक करें👇👇👇 ****************************** पृथ्वी माता को बचाने के कुछ आसान उपाय हैं जिन्हे हम आपसी सहभागिता बनाकर पर्यावरण संरक्षण कर सकते हो: कपड़े की थैली ️ले जाओ,  प्लास्टिक की नहीं। स्टील पानी की बोतल का इस्तेमाल करो। प्लास्टिक बोतल का प्रयोग बंद करो । प्लास्टिक के स्ट्रॉ को कहो, “ना”! प्लास्टिक वाले सामान बेहद जरूरी हो तो ही खरीदो...

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