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योजना - पर्यटन मंत्रालय ने एक राष्ट्रीय उत्तरदायी पर्यटन पहल - पर्यटन मित्र और पर्यटन दीदी की शुरुआत की

पर्यटन मंत्रालय भारत को एक प्रमुख वैश्विक एमआईसीई गंतव्य के रूप में विकसित  करने पर उद्योग गोलमेज सम्मेलन आयोजित करेगा - ट्रैवल ट्रेड जर्नल

भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस पर 'पर्यटन मित्र और पर्यटन दीदी' नाम से एक राष्ट्रीय उत्तरदायी पर्यटन पहल की शुरुआत की।

प्रधानमंत्री के विजन के आधार पर पर्यटन को सामाजिक समावेशन, रोजगार और आर्थिक प्रगति के साधन के रूप में सक्षम बनाने के उद्देश्य से पर्यटन मंत्रालय ने भारत भर के 6 पर्यटन स्थलों - ओरछा (मध्य प्रदेश), गंडीकोटा (आंध्र प्रदेश), बोधगया (बिहार), आइजोल (मिजोरम), जोधपुर (राजस्थान) और श्री विजयपुरम (अंडमान - निकोबार द्वीप समूह) में ‘पर्यटन मित्र और पर्यटन दीदी’ की शुरुआत की।

इस पहल के माध्यम से, पर्यटन मंत्रालय का उद्देश्य गंतव्यों में पर्यटकों के लिए समग्र अनुभव को बेहतर बनाना है, उन्हें 'पर्यटक-अनुकूल' लोगों से मिलवाकर जो उनके गंतव्य के लिए गौरवान्वित एंबेसडर और कहानीकार हैं। उन सभी व्यक्तियों को पर्यटन से संबंधित प्रशिक्षण और जागरूकता प्रदान करके ऐसा किया जा रहा है, जो किसी गंतव्य पर पर्यटकों के साथ बातचीत करते हैं और उनसे जुड़ते हैं।

‘अतिथि देवो भवः’ की भावना से प्रेरित होकर, कैब चालक, ऑटो चालक, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे, बस स्टेशन के कर्मचारी, होटल कर्मचारी, रेस्तरां कर्मचारी, होमस्टे मालिक, टूर गाइड, पुलिस कर्मी, स्ट्रीट वेंडर, दुकानदार, छात्र और कई अन्य लोगों को पर्यटन, सामान्य स्वच्छता, सुरक्षा, स्थायित्व के महत्व और पर्यटकों को सर्वश्रेष्ठ आतिथ्य और देखभाल के महत्व पर प्रशिक्षण देकर उन्हें जागरूकता प्रदान की गई।

इन व्यक्तियों को गंतव्य की स्थानीय गाथाओं के साथ-साथ इसके कम-ज्ञात तथा विशिष्ट पर्यटन संबंधी लक्षणों से भी अवगत कराया गया, ताकि इन गंतव्यों में पर्यटकों के साथ बातचीत करने वाला प्रत्येक व्यक्ति स्थानीय एम्बेसडर और कहानीकार बन जाए, जो पर्यटकों को हर तरह से सकारात्मक अनुभव प्रदान करने का प्रयास करते हैं।

‘पर्यटन मित्र और पर्यटन दीदी’ के माध्यम से महिलाओं और युवाओं के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि वे हेरिटेज वॉक, फूड टूर, क्राफ्ट टूर, नेचर ट्रेक, होमस्टे अनुभव और गंतव्य की क्षमता के आधार पर अन्य अभिनव पर्यटन उत्पाद जैसे नए पर्यटन उत्पाद और अनुभव विकसित कर सकें। यह भी परिकल्पना की गई है कि स्थानीय लोग इन कौशलों का लाभ उठाकर होमस्टे मालिकों, खाद्य और व्यंजन अनुभव प्रदाताओं, सांस्कृतिक गाइड, प्राकृतिक गाइड, साहसिक गाइड और पर्यटन में अन्य भूमिकाओं के रूप में आगे चलकर लाभदायक रोजगार प्राप्त कर सकें।

पर्यटन-विशिष्ट प्रशिक्षण के बाद डिजिटल साक्षरता और डिजिटल उपकरणों में सामान्य प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके द्वारा प्राप्त किए गए अनुभव राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पर्यटकों के लिए प्राप्त हो सकें। इस वर्ष 15 अगस्त को इस शीर्ष कार्यक्रम के बाद से, पर्यटकों के लिए सकारात्मक अनुभव बनाने के महत्व पर 6 पायलट गंतव्यों में लगभग 3,000 लोगों को प्रशिक्षित किया गया है, जिससे वे पर्यटन मित्र बन गए हैं।

प्रभाव

‘पर्यटन मित्र और पर्यटन दीदी’ के प्रयासों के कारण, स्थानीय लोगों में पर्यटन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का हिस्सा बनने और पर्यटन से संबंधित इकोसिस्टम का हिस्सा बनने के लिए उत्साह देखा गया है।इससे भी आगे बढ़कर, यह मंत्रालय ‘पर्यटन मित्रों और दीदी’ को समर्पित बैज और पहचान के साथ गंतव्यों में मान्यता देगा, जिससे पर्यटकों को पर्यटन मित्र के साथ अविश्वसनीय अनुभव का आश्वासन मिलेगा।

विश्व पर्यटन दिवस 2024 पर, पर्यटन मंत्रालय ने देश के निम्नलिखित 50 पर्यटन स्थलों पर ‘पर्यटन मित्र और पर्यटन दीदी’ लॉन्च किया है:

राज्य/ केंद्रशासित प्रदेश

गंतव्य 1

गंतव्य 2

अंडमान - निकोबार द्वीप समूह

श्री विजया पुरम

 

आंध्र प्रदेश

गांडीकोटा

तिरूपति

अरुणाचल प्रदेश

तवांग

 

असम

गुवाहाटी

 

बिहार

बोधगया

नालंदा

चंडीगढ़

चंडीगढ़

 

छत्तीसगढ़

रायपुर

 

दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव

दमन

 

दिल्ली

दिल्ली

 

गोवा

गोवा

 

गुजरात

अहमदाबाद

केवडिया

हरियाणा

कुरूक्षेत्र

 

हिमाचल प्रदेश

शिमला

 

जम्मू-कश्मीर

श्रीनगर

 

झारखंड

रांची

 

कर्नाटक

हम्पी

मैसूर

केरल

तिरुवनंतपुरम

कोच्चि

लद्दाख

लेह

 

लक्षद्वीप

कावारत्ती

 

मध्य प्रदेश

ओरछा

उज्जैन

महाराष्ट्र

औरंगाबाद

नासिक

मणिपुर

इम्फाल

 

मेघालय

शिलांग

 

मिजोरम

आइजोल

 

नगालैंड

दीमापुर

 

ओडिशा

पुरी

 

पुडुचेरी

पुडुचेरी

 

पंजाब

अमृतसर

पटियाला

राजस्थान

जोधपुर

जयपुर

सिक्किम

गंगटोक

 

तमिलनाडु

महाबलीपुरम

तंजावुर

त्रिपुरा

अगरतला

 

तेलंगाना

हैदराबाद

 

उत्तर प्रदेश

वाराणसी

आगरा

उत्तर प्रदेश

अयोध्या

 

उत्तराखंड

हरिद्वार

ऋषिकेश

पश्चिम बंगाल

दार्जिलिंग

कोलकाता

 ‘पर्यटन मित्र और पर्यटन दीदी’ पहल का उद्देश्य सभी का स्वागत करना है, ताकि वे अतुल्य भारतीयों के माध्यम से अतुल्य भारत का अनुभव कर सकें, जिससे भारत में आने वाले पर्यटकों के लिए अधिक स्वागतयोग्य, आतिथ्ययोग्य और यादगार अनुभव बन सके।

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एमजी/ आरपीएम/ केसी/ एसकेएस/ डीके प्रविष्टि तिथि: 27 SEP 2024 by PIB Delhi (रिलीज़ आईडी: 2059481) आगंतुक पटल : 324

जिन विषयों को खोज रहे हैं लोग

गैरजिम्मेदार महापौर!... कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करवाने के मामले में… रिसाली निगम महापौर बेहद गैरजिम्मेदार तरीके का प्रशासकीय व्यवहार कर अपनी राजनीतिक भूमिका निभा रहीं है… जिसके कारण महिला उत्पीड़न करने वालों को संरक्षण मिल रहा है…

कौन है जो रोकेगा गड़बड़ियां ? महिला उत्पीड़न रोकने के मामले में रिसाली निगम की कांग्रेसी शहर सरकार प्रताड़ना करने वाले आरोपियों का निंदनीय संरक्षण करते नजर आ रहीं है । विशेषकर रिसाली महापौर की भूमिका महिला प्रताड़ना करने वालों के लिए सहानभूति पूर्ण नजर आ रहीं है जिसको विधिवत प्रश्नांकित करने की भूमिका सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती निशा देशमुख पूरी कर रहीं है… अरे! कहां है रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति… रिसाली महापौर के गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यवहार ने रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति का अस्तित्व अनियमितताओं के हवाले हो गया है! बेहद व्यथित करने वाली वास्तविकता यह है कि रिसाली निगम की आंतरिक शिकायत समिति इन दिनों प्रताड़ित महिलाओं की व्यथा का निराकरण करने के स्थान पर प्रताड़ित करने वाले आरोपियों की संरक्षक के तौर पर कार्य करती नजर आ रहीं है जिसके लिए रिसाली की महापौर जिम्मदार है क्योंकि महापौर कामकाजी  महिलाओं की सुरक्षा के लिए की जाने वाली व्यवस्था और सुविधाओं के लिए आवश्यक प्रशासकीय जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहीं है । मैडम महापौर अध्यक्ष आंतरिक शिकायत समिति की जवाबदेही कब ...

यूट्यूबर यशवंत साहू जो… भिलाई टाईम्स नामक ब्लॉग लिखता है और… यह कपटपूर्ण विषयवस्तु वाले वीडियो आधारित दबदबा बनाकर सोशल मीडिया मंच वाला व्यापार चलाता है… इसी व्यापारिक गतिविधि के तहत यशवंत के द्वारा आपत्तिजनक वीडियो रोजाना बनाया जाता है… इस आपराधिक गतिविधि की पुनरावृत्ति करते हुए यशवंत ने… विगत दिनों उचित मूल्य दुकान का संचालन करने वाली… महिला स्व सहायता समूहों पर मानसिक दबाव बनाने का कपट पूर्वक प्रयास किया है… जिसकी पुलिस FIR कार्यवाही शिकायत दर्ज करवाई गई है..! पढ़िए पूरा मामला…

भिलाई टाईम्स वाला यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत का सामना करेगा रिसाली और भिलाई के कुछ वार्डों की जानकारी और… लोगों की आपसी खुन्नस को… चटकेदार मिर्च मसाला लगाकर… बिना किसी दस्तावेजिक प्रमाण के… यशवंत बयानबाजी करते हुए नाटकीय वीडियो बनाता है और… वीडियो को अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर… यशवंत प्रकाशित करता है । जिस पर आने वाली लाईक और क्लीक बढ़ाकर यशवंत द्वारा… अपनी रोजी रोटी चलाय जाना की बात लोगों ने बताई है लेकिन… इस बार यशवंत ने अपनी यूट्यूबर सीमा से बाहर जाकर… उचित मूल्य दुकान की संचालक महिला स्व सहायता समूहों को निशाना बनाया और… अपने बड़बोले अंदाज में पुलिस और शासन को भी… अपनी युटुब वीडियो बयान विषयवस्तु के आधार पर कटघरे में खड़ा कर दिया है । इसलिए अब यूट्यूबर यशवंत साहू पुलिस शिकायत कार्यवाही का सामना करने की स्थिति में आ गया है । जवाबदेही तय : बचकाना भाषा शैली और लालच ने यशवंत को बुरा फसाया… साबित करना पड़ेगा फिल्मी डायलॉग वाले आरोप..!  वैसे तो यूट्यूबर यशवंत स्थानीय राजनीति में अपनी छोटी मोटी जगह तलाशने और… भ्रामक जानकारी के आधार पर बनाए नाटकीय वीडियो के आधार पर ...

तहसीलदार भिलाई 3 और अनुविभागीय अधिकारी को भू-अभिलेख संधारण की वस्तुस्थिति बताने के लिए ध्यानाकर्षण करवाकर पहल की गई है!

मेरा दृष्टिकोण | जनहित की वार्ता  भिलाई-3 चरोदा क्षेत्र में भू-अभिलेखों के नियमसम्मत संधारण को लेकर नागरिक पहल प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने सूचना नोटिस, सांसद-विधायक को भी कराया गया वस्तुस्थिति से अवगत भिलाई-3 | जनहित पहल भू-अभिलेखों के नियमसम्मत संधारण को लेकर नागरिक स्तर से जन-जागरूकता की पहल भिलाई-3। भिलाई-3 चरोदा तहसील क्षेत्र में भू-अभिलेखों के नियमसम्मत संधारण तथा उससे जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों द्वारा एक पहल शुरू की गई है। इस पहल के माध्यम से नागरिक स्तर पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान भू-अभिलेखों के महत्व तथा उनके नियमानुसार संधारण की आवश्यकता की ओर आकर्षित कराया जा रहा है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता अमोल मालुसरे, श्रीमती निशा देशमुख एवं उनके साथियों द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), भिलाई-3 तथा तहसीलदार, भिलाई-3 के समक्ष सूचना नोटिस प्रस्तुत कर विषय की ओर ध्यानाकर्षण कर...

जिला राजनादगांव के नायब तहसीलदार लालबहादुर नगर द्वारा कि गई जांच अब प्रश्नांकित होकर पुनः विधिक चुनौति का सामना कर रही है.. आरोप गंभीर है!

प्रशासनिक मामला | डोंगरगढ़ नायब तहसीलदार की जांच पर उठे गंभीर सवाल, SDM से स्वतंत्र जांच की मांग विवादित भूमि के स्वामित्व स्रोत, नामांतरण और पूर्व आपत्ति के रिकॉर्ड तक जांच के घेरे में; आवेदक ने कहा—अपूर्ण जांच को अंतिम निष्कर्ष न माना जाए ----------------------------- विवादित भूमि प्रकरण में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग डोंगरगढ़। राजस्व प्रकरण क्रमांक 202602095000018 (प्रकरण शीर्ष ब-121) में विवादित भूमि से जुड़े घटनाक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण सवाल सामने आया है। आवेदक थैलेंद्र  देवांगन उर्फ चंद्रभूषण देवांगन ने अनुविभागीय अधिकारी/अनुविभागीय दंडाधिकारी, डोंगरगढ़ के समक्ष प्रस्तुत लिखित तर्क में लाल बहादुर नगर के नायब तहसीलदार द्वारा दिनांक 06 अगस्त 2026 को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन पर आपत्ति दर्ज कराते हुए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। आवेदक का मुख्य सवाल है कि जब विवादित भूमि के स्वामित्व के मूल स्रोत, पंजीकृत विक्रय विलेखों और पूर्व में प्रस्तुत आपत्ति के कार्यालयीन रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण बताई जा रही है, तो इ...

प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई)

प्रगति के मार्ग को प्रशस्त करना भारत की जनसंख्या का 16.6% हिस्सा अनुसूचित जाति (एससी) का है और इन्हें सामाजिक-आर्थिक उन्नति और समावेशन में ऐतिहासिक रूप से बाधाओं का सामना करना पड़ा है। इन असमानताओं को दूर करना सामाजिक न्याय , समान अवसर और भारत के विकास पथ में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन विकास संबंधी कमियों को पहचानते हुए , भारत सरकार ने अनुसूचित जातियों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई) शुरू की। समावेशी सशक्तिकरण का दृष्टिकोण प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई) वित्त वर्ष 2021-22 में शुरू की गई एक पूर्णतः केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य एक व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण के ज़रिए अनुसूचित जाति समुदायों का सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण करना है। सरकार ने पीएम-एजीएवाई योजना के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण...

नायब तहसीलदार लालबहादुर नगर जांच अब प्रश्नों के घेरे में फंसकर पुनः जांच के दायरे में आ गई है।

 

एमएसएमई को वर्किंग कैपिटल आसानी से दिलाने के लिए TReDS पर CGTMSE गारंटी कवर शुरू

M1xchange, RXIL और DTX (KredX) के साथ इंटीग्रेशन से योग्य माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज ( MSEs) को तेज़ी से और टेक्नोलॉजी-आधारित क्रेडिट गारंटी सपोर्ट मिल सकेगा। केंद्रीय बजट में ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम ( TReDS) प्लेटफॉर्म पर क्रेडिट गारंटी कवर देने की घोषणा के तहत , माइक्रो , स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज मंत्रालय ने माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज के इनवॉइस डिस्काउंटिंग पर क्रेडिट गारंटी की सुविधा शुरू की है। MSME मंत्रालय के क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज ( CGTMSE) पोर्टल को अब TReDS इकोसिस्टम के साथ जोड़ दिया गया है , और क्रेडिट गारंटी कवरेज अब तीन प्लेटफॉर्म - M1xchange, RXIL और DTX (KredX) - पर उपलब्ध है। यह MSME मंत्रालय और CGTMSE द्वारा शुरू की गई सबसे तेज़ टेक्नोलॉजी-आधारित सुविधाओं में से एक है ; इससे माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज को क्रेडिट गारंटी सपोर्ट आसानी से मिल सकेगा और वे TReDS पर इनवॉइस डिस्काउंटिंग के ज़रिए तेज़ी से वर्किंग कैपिटल हासिल कर सकेंगे। तीन प्लेटफॉर्म पर CGTMSE गारंटी कवर की हाल ही में शुरू हुई सुविधा का मकसद ...

दुर्ग से कांग्रेस संगठन की केंद्रीय कार्यकारिणी की नजरों में अग्रणी स्थान बनाने वाले मोतीलाल वोरा जी के बाद… अपने दम पर उल्लेखनीय राजनीतिक भूमिका हासिल करने वाली… कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पित सामाजिक कार्यकर्त एनी पीटर ही है… जो कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ की जमीनी कार्यकर्ता है… जिसने दिल्ली की कर्मभूमि पर… कांग्रेस के लिए मोर्चा संभाला..! और दुर्ग का नाम अपने दम पर केंद्रीय राजनीति में दर्ज करवा दिया है… पढ़िए एक विश्लेषण..!

माननीय वोरा जी के बाद… वैसे छत्तीसगढ़ का दुर्ग जिला… केंद्रीय राजनीति में दो जन नेता के नामों के लिए जाना जाता है पहला मोतीलाल वोरा Moti lal Vora और दूसरा सरोज पांडेय..! Saroj Pandey उल्लेखनीय है कि ये दोनों जन नेता अपने दम पर अपनी पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों से संपर्क में आए और इन्होंने अपना अद्वितीय स्थान अपनी - अपनी पार्टी में बनाया लेकिन… अब इस कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर का नाम भी जुड़ता जा रहा है… वैसे यह नव-उज्वलित नाम..! अभी सिर्फ सड़क की लड़ाई के पहले पायदान पर है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली की सड़कों पर अपनी संघर्षरत गाथा के आधार पर अपनी उपस्थिति देकर  सुर्खियां बटोर रहा है..! एकल चलो रे..! Chhattisgadh congress  सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है इसके कई उदाहरण है जो कांग्रेसी आह्वाहन पर सड़क पर संघर्ष करने वाली कार्यकता होने के तौर पर पहचानी जाती है… वैसे तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस कई खेमों और गुटों में बटी है लेकिन एनी पीटर ही एक मात्र समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है जो सभी के साथ तालमेल रखती है और जब भी कांग्रेस पार्टी को जरूरत प...

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई)

 “जब कोई हुनर एक नया अवसर लेकर आता है” जिन गांवों में परिवारों का भविष्य काफी हद तक फसल पर निर्भर करता है , वहां कोई हुनर सीखने से आमदनी के नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। गांवों के कई युवाओं के लिए यह सफर सीखने , काम करने और कमाई के नए अवसर तलाशने से शुरू होता है। यहीं पर ‘दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना’ (डीडीयू-जीकेवाई) की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। 25 सितंबर 2014 को ‘राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत शुरू की गई डीडीयू-जीकेवाई योजना ग्रामीण क्षेत्रों के वंचित और कमजोर परिवारों के युवाओं पर केंद्रित है। यह योजना टिकाऊ आजीविका के लिए प्लेसमेंट से जुड़ी कौशल प्रशिक्षण सुविधा प्रदान करती है। यह कार्यक्रम 15 से 35 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए है और कौशल प्रशिक्षण को रोजगार के अवसरों से जोड़ता है। कामकाज की बदलती दुनिया के साथ यह कार्यक्रम भी लगातार विकसित हो रहा है। डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के नए ढांचे में उद्योग की अगुवाई वाली प्रशिक्षण व्यवस्था , दीर्घकालिक रोजगार , नौकरी मिलने के बाद सहायता तथा कौशल उन्नयन और नए कौशल प्रद...

छत्तीसगढ़ में उचित मूल्य दुकानों का संचालन करने वाली स्व सहायता समूहों के साथ खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा कि जा रही है प्रशासकीय धोखाधड़ी जानिए कैसे…?

महिला समूहों को... उनके दुकान के प्रतिमाह का... वित्तीय विवरण खाद्य विभाग देता है क्या ? गड़बड़ियों के पिटारे में से… छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों (राशन दुकानों) में खाद्य विभाग के कुछ अधिकारियों/ कर्मचारियों और स्व-सहायता समूहों (SHGs) के बीच समन्वय और गड़बड़ी के कई मामले सामने आते रहे हैं। इस विषय को दोनों पक्षों के पहलुओं से समझा जाना आवश्यक है। तभी सार्थक हल निकलना संभव होगा । एक तरफ जहां कुछ समूहों द्वारा वाकई अनियमितता किए जाने की बात सामने आती है, तो वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं और समूहों के शोषण व प्रशासनिक दबाव की शिकायतें भी उठती रही हैं। जिसका असल कारण यह है कि, महिला समूहों को प्रतिमाह लेन देन का वित्तीय विवरण खाद्य नियंत्रक कार्यालय से उपलब्ध नहीं कराया जाता है और ऐसे मासिक विवरण की जानकारी सार्वजनिक करने की जिम्मेदारी खाद्य विभाग पूरी नहीं कर रहा है । इस गंभीर विषय ओर खाद्य नियंत्रक प्रश्नांकित है । छत्तीसगढ़ के जमीनी परिदृश्य और इस पूरे विषय के मुख्य बिंदु बेहद चिंताजनक हैं गड़बड़ियां कई स्तरो...

मामले जिन पर चर्चा गरमाई हुयी है

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएमडीडीकेवाई)

  “100 ज़िलों में केंद्रित कृषि विकास का एक साल” जिला-स्तर पर कार्रवाई के ज़रिए कृषि में बदलाव भारत के कृषि क्षेत्र में अलग-अलग इलाकों और किसान समुदायों के बीच काफी क्षमता है। हालांकि इतनी क्षमता होने के बावजूद , कई इलाकों को कम उत्पादकता , सिंचाई की अपर्याप्त सुविधा , ऋण मिलने में मुश्किल और फसल कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। नतीजतन , ये इलाके अपनी पूरी कृषि क्षमता हासिल नहीं कर पाते और आर्थिक विकास में पीछे रह जाते हैं। पीएम धन-धान्य कृषि योजना (पीएमडीडीकेवाई ) इन कमियों को दूर करने और खास तौर पर ध्यान देकर 100 आकांक्षी कृषि ज़िलों का विकास करने का लक्ष्य रखती है। ज़िले की खास ज़रूरतों को पूरा करके , यह योजना उत्पादकता , सिंचाई , लोन की सुविधा और फसल कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे में नए मौके खोलने में मदद कर सकती है। पीएमडीडीकेवाई को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 जुलाई , 2025 को छह साल की अवधि के लिए मंज़ूरी दी थी और माननीय प्रधानमंत्री ने 11 अक्टूबर , 2025 को इसे औपचारिक रूप से लॉन्च किया था। इस साल 11 अक्टूबर को इसकी पहल...

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने... जो निर्वाचन शपथ पत्र चुनाव आयोग में जमा करवाया है... उसमे भूपेश बघेल के विरुद्ध संस्थापित जांच कार्यवाही का उल्लेख नहीं है... इसलिए अभ्यर्थी भूपेश बघेल के नाम निर्देशन पत्र पर आपत्ति और पुनरीक्षण याचिका दायर की गई है जिसका विवरण इस प्रकार है...

शपथ पत्र मामला   अभ्यर्थी भूपेश बघेल के निर्वाचन शपथ पत्र मामले में संविक्षा कार्यवाही के दौरान की गई आपत्ति पर भूपेश बघेल ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और अपने निर्वाचन कार्यवाही प्रक्रिया की विधि मान्यता को भूपेश बघेल ने स्वयं प्रश्नांकित छोड़ दिया अतः यह प्रश्न अनुत्तरित रह गया है कि, क्या भूपेश बघेल ने मतदाताओं को गुमराह करने के लिए बीएसपी लिज मामले में झूठी घोषणा की थी ? प्रतिक्रिया दो भूपेश बघेल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा बीएसपी लिज मामले में कि गई घोषणा की वस्तुस्थिति जानने के लिए पंजीकृत डाक से प्रेषित नोटिस पर कोई जवाब और प्रतिक्रिया नहीं गई दी है इससे भी गंभीर मामला यह है की भूपेश बघेल ने नोटिस पर संज्ञान लेकर जांच आदेश देने वाले संभाग आयुक्त दुर्ग न्यायालय की कार्यवाही पर भी अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी है और भिलाई के मतदाताओं को गुमराह करने वाला राजनीतिक स्वार्थ पूर्ति का भाषण करके छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री जैसे गरिमापूर्ण पद की छवि को धूमिल की है । न्यायालयीन कार्यवाही प्रश्नांकित   दुर्ग जिले के पाटन विधानसभा का निर्वाचन  संविक्षा अधिकारी अपने न्यायालयीन शक्तिया...

प्याज की पर्याप्त उपलब्धता; सरकार द्वारा मौसमी मूल्य दबाव को कम करने के लिए बफर स्टॉक से सुनियोजित और लक्षित मात्रा में प्याज जारी किया जा रहा है

प्याज लेकर पहली कांदा एक्सप्रेस नासिक से नई दिल्ली के लिए रवाना , प्रमुख उपभोग केंद्रों तक आपूर्ति के लिए रेलवे रेक और सड़क परिवहन के माध्यम से हाइब्रिड परिवहन मॉडल एनसीसीएफ , नेफेड , केंद्रीय भंडार और अन्य खुदरा दुकानों के माध्यम से प्याज ₹35 प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जाएगा Delhi सरकार ने आने वाले महीनों में प्याज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और मौसमी मूल्य दबाव को कम करने के लिए बफर स्टॉक से प्याज की सुनियोजित और लक्षित मात्रा में निकासी शुरू कर दी है। यह हस्तक्षेप रेलवे रेक और सड़क परिवहन से युक्त हाइब्रिड परिवहन मॉडल के माध्यम से किया जा रहा है , जिसके तहत मौजूदा बाजार स्थितियों और मूल्य रुझानों के आधार पर प्रमुख उपभोग केंद्रों तक प्याज की आपूर्ति की जा रही है। पर्याप्त प्याज उपलब्धता और शानदार उत्पादन आने वाले महीनों में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए प्याज की उपलब्धता पर्याप्त है। वर्ष 2025-26 में 307.37 एलएमटी उत्पादन का अनुमान है , जो पिछले वर्ष के 307.67 एलएमटी उत्पादन के लगभग बराबर ही है। मजबूत उत्पादन , बफर स्टॉक की उपलब्धता और सक्रिय बाजार हस्तक...

प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई)

प्रगति के मार्ग को प्रशस्त करना भारत की जनसंख्या का 16.6% हिस्सा अनुसूचित जाति (एससी) का है और इन्हें सामाजिक-आर्थिक उन्नति और समावेशन में ऐतिहासिक रूप से बाधाओं का सामना करना पड़ा है। इन असमानताओं को दूर करना सामाजिक न्याय , समान अवसर और भारत के विकास पथ में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन विकास संबंधी कमियों को पहचानते हुए , भारत सरकार ने अनुसूचित जातियों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई) शुरू की। समावेशी सशक्तिकरण का दृष्टिकोण प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई) वित्त वर्ष 2021-22 में शुरू की गई एक पूर्णतः केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य एक व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण के ज़रिए अनुसूचित जाति समुदायों का सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण करना है। सरकार ने पीएम-एजीएवाई योजना के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण...

6 करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य पूरा करने के लिए 700 शी-मार्ट और 1,000 ज़िला फ़ुलफ़िलमेंट सेंटर बनाए जाएंगे

ग्रामीण विकास सचिव ने डे-एनआरएलएम के अंतर्गत मार्केटिंग पहलों की समीक्षा की ; महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए बाज़ार तक पहुँच बढ़ाने पर बल दियाक्षमता निर्माण , उद्यम को बढ़ावा देना , ओएनडीसी के साथ साझेदारी और वित्तीय समावेशन मुख्य प्राथमिकताएं बनी रहेंगी ग्रामीण विकास विभाग ने छह करोड़ लखपति दीदियों को तैयार करने के लिए एक रणनीति बनाई है। इस रणनीति के मुख्य हिस्से हैं: उद्यम को बढ़ावा देकर आजीविका के बेहतर अवसर सृजित करना , ग्रामीण महिलाओं के लिए वित्तीय समावेशन को बेहतर बनाना , और स्वयं सहायता समूह (शी) के सदस्यों के लिए क्षमता निर्माण , मार्केटिंग गतिविधियों , प्रशिक्षण और हैंडहोल्डिंग सहायता पर ध्यान देना। भारत सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री रोहित कंसल की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में इस पर चर्चा की गई। इस बैठक का उद्देश्य दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डे-एनआरएलएम) और इसकी विभिन्न उप-योजनाओं की प्रगति का आकलन करना था। बैठक में संयुक्त सचिव सुश्री स्वाति शर्मा और सुश्री जयश्री एम.जी. के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका प्रभाग और राष्ट्रीय मिशन प...

क्या राजनांदगांव का जिला प्रशासन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्वाचन अपराध को दे रहा है खुल्लम-खुल्ला संरक्षण ?

कौन दे रहा है... निर्वाचन अपराध के आरोपी को खुल्लम-खुल्ला संरक्षण ?  इसका अंदाजा लगा लीजिए! छत्तीसगढ़ के लोकसभा चुनाव के द्वितीय चरण के मतदान में, राजनांदगांव जिला भी आता है इसलिए राजनंदगांव में निर्वाचन नामांकन पत्र पर स्कूटनी कार्यवाही पूरी कर ली गई है लेकिन इस स्कूटनी कार्रवाई को प्रश्नांकित करने की परिस्थिति खड़ी हो गई है क्योंकि जिला राजनांदगांव के निर्वाचन स्कूटनी अधिकारी ने अभ्यर्थी भूपेश बघेल के निर्वाचन नामांकन पत्र पर आपत्ति करने वाले समाज सेविका निशा देशमुख और सामाजिक कार्यकर्ता अमोल मालुसरे के आपत्ति आवेदन को स्कूटनी कार्यवाही में जमा करने से पहले ही रोक दिया है जिसके कारण भूपेश बघेल के निर्वाचन अपराध को संरक्षित करने वाला गैर-संवैधानिक लाभ मिल गया है क्योंकि... राजनांदगांव के जिला प्रशासन ने अभ्यर्थी भूपेश बघेल के नामांकन पत्र पर की गई लिखित आपत्ती को नजरअंदाज कर दिया गया है परिणाम स्वरूप अभ्यर्थी भूपेश बघेल को नियमानुसार स्पष्टीकरण निर्वाचन आपत्ति कार्यवाही में नहीं देने का अवैधानिक मौका मिल गया है गौरतलब रहे कि, इस मामले में सबसे आपत्तिजनक बात यह है की रिटर्निग अधिक...

भारत टैक्सी को शुरू करना

  सहकारिता मंत्रालय रोजगार सृजन , सामाजिक सुरक्षा और जमीनी स्तर पर आर्थिक भागीदारी के साधन के रूप में सहकारी समितियों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है । भारत टैक्सी की परिकल्पना चालकों- जिन्‍हें सारथियों के रूप में संदर्भित किया जाता है ,  को स्वामित्व , शासन और मूल्य निर्माण के केंद्र में रखकर मोबिलिटी के क्षेत्र में एक रूपांतरणकारी पहल के रूप में की गई है जिससे एग्रीगेटर-चालित मॉडल के लिए एक संधारणीय और सम्मानजनक विकल्प प्रदान किया जा सके । "भारत टैक्सी" भारत का पहला सहकारी नेतृत्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है । यह ' सहकार से समृद्धि ' की परिकल्‍पना के अनुरूप सहकारी क्षेत्र को सशक्‍त करने और समावेशी , नागरिक-केंद्रित मोबिलिटी समाधानों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के चल रहे प्रयासों में एक प्रमुख मील का पत्थर है । बहुराज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम , 2002 के अधीन पंजीकृत , भारत टैक्सी की स्थापना दिनांक 6 जून , 2025 को सहकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले राष्ट्रीय स्तर के 8 संस्थानों द्वारा की गई है जिसे आधिकारिक रूप से दिनांक 5 फरवरी , 2026 को लॉन्च किया गया...

जीवन का सशक्तिकरण: नमस्ते योजना स्वच्छता कर्मचारियों के लिए ठोस बदलाव ला रही ह

राष्ट्रीय यांत्रिक स्वच्छता इकोसिस्टम कार्य योजना (नमस्ते) ने देश भर में सफाईकर्मियों के सम्मान , सुरक्षा और स्थायी आजीविका को प्रोत्साहन देने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि यह योजना सफाईकर्मियों के सम्मान , सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वित्त वर्ष 2023-24 में शुरू होने के बाद से , इस पहल ने लक्षित हस्तक्षेपों , सामुदायिक भागीदारी और खतरनाक मैनुअल सफाई प्रथाओं को समाप्त करने के लिए एक केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से विशेष असर दिखाया है। कुल 90,942 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों का प्रोफाइल तैयार किया गया है , जिनमें से 89,248 का सत्यापन हो चुका है। 87,037 कर्मचारियों को पीपीई किट उपलब्ध कराई गई हैं , जबकि 76,247 कर्मचारियों को कई स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के अंतर्गत कवर किया गया है। 983 सफाई कर्मचारियों को 364 वाहन खरीदने के लिए ₹ 34.17 करोड़ की अग्रिम पूंजी सब्सिडी जारी की गई है। इसके साथ ही , देश भर में सीवर और सेप्टिक टैंक की खतरना...

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