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पर्यावरण अधिकारी जवाब दो कचरा मामले का हिसाब दो – रिसाली निगम क्षेत्र के नगरीय ठोस अपशिष्ठ का मामला चिंताजनक स्थिति में है क्योंकि इस अपशिष्ठ का निपटान रिसाली निगम प्रशासन द्वारा नियमानुसार किया जा रहा है क्या ? यह विषय निगम कार्यवाहियों की पारदर्शिता पूर्ण कार्य व्यवहार के आभाव में कई शंकाओं के घेरे में है और…. रिसाली निगम क्षेत्र के लोक स्वास्थ्य पर प्रत्यक्ष प्रभाव डालने का व्यथित करने वाला कारण बनकर जनहित संरक्षण के कई विषयों पर चर्चा परिचर्चा और आरोप प्रत्यारोप करने के मामलों का विवादास्पद स्वरूप ले चुका है गौर तलब रहे की कचरा मामला रिसाली की शहर सरकार को जनता की अदालत के कटघरे में खड़ा कर रहा है…. इसलिए पढ़िए लोक स्वास्थ्य पर विपरित प्रभाव डालने वाले विसंगतिपूर्ण निगम कार्यवाहियों के विचारणीय पहलू… जिसे रिसाली निगम क्षेत्र के लोगों को जानना और समझना आवश्यक है

रिसाली निगम के गठन के उपरांत निगम क्षेत्र से जनित होने वाले नगरीय ठोस अपशिष्ठ का निपटान कैसे किया गया यह प्रश्न रिसाली के मतदाताओं के लिए अनुत्तरित है क्योंकि रिसाली के मतदाताओं को इस विषय की जानकारी रिसाली निगम के पर्यावरण अधिकारी ने स्पष्ट विधि निर्देश होने के बाद भी नहीं दी है और ना ही इस महत्वपूर्ण जानकारी का उल्लेख रिसाली निगम के वार्षिक प्रतिवेदन का हिस्सा बनाए जाने की जानकारी तक… रिसाली निगम आयुक्त ने सर्व साधारण की पहुंच स्थापित करने का कोई इंतजाम किया है जबकी "पारदर्शी निगम कार्यवाहियों" की अपेक्षा रिसाली के मतदाता हमेशा से करते रहें हैं l
गौरतलब रहे की रिसाली निगम क्षेत्र से बड़े पैमाने पर जनित होने वाले नगरीय ठोस अपशिष्ठ का विनिष्टिकरण करने के लिए निगम कोष से एक बड़ी राशि प्रतिमाह आहरित की जाती है और प्रत्येक वार्ड से उत्पन्न होने वाले कचरे के निपटान के लिए खर्च की जाती है लेकिन प्रत्येक वार्ड के ठोस अपशिष्ठ निपटान के लिए होने वाले निगम खर्चे के बारे में जब भी जनता अपने वार्ड पार्षद से सवाल करती है तो वार्ड पार्षद इस सवाल का प्रमाणित जवाब नहीं दे पता है जिसका कारण क्या है यह जनता जानती है और निगम सरकार की इस अनियमित कार्य व्यवहार के पीछे की मंशा को समझ भी रही है ।
रिसाली निगम कोष से जितनी राशि कचरा निपटान कार्यवाही के लिए आहरित की जाती है और जितना कचरा रिसाली निगम क्षेत्र से जनित होता है इसका ब्यौरा जब जनता के सामने आएगा तब रिसाली निगम का मतदाता इस वस्तुस्थिति से अवगत होगा की…
1/ उसके खून पसीने की कमाई का वह हिस्सा जो वह रिसाली निगम को कचरा निपटान के लिए दे रहा है उसका खर्च किस निपटान कार्यवाही पर हो रहा है और… 
2/ मतदातों के खून पसीने की कमाई को निगम का पर्यावरण अधिकारी कैसे इस्तमाल कर रहा है तथा… 
3 / जनता का यह पैसा किस प्रकार से व्यथित करने वाली परिस्थितियों को उत्पन्न करने का कारण बन रहा है 
लेकिन वर्तमान में यह मामला जन जागृति के आभाव में अभी फाइलों में दबा हुआ है क्योंकि वार्ड पार्षद इस मामले ने मूक दर्शक बने हुए हैं
रिसाली निगम में पर्यावरण एमआईसी सदस्य के पद पर कौन विराजमान है इसकी जानकारी अभी एक खोज का विषय बन गई है क्योंकि लोक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर रिसाली निगम का पर्यावरण एमआईसी निर्णय भी लेता है और जनता के प्रति जवाबदेह भी है लेकिन विडंबना यह है की रिसाली निगम का पर्यावरण एमआईसी कौन है यही मामला खोज का विषय बन गया है क्योंकि रिसाली निगम के पर्यावरण एमआईसी ने पदभार संभालने के बाद से जनता के सामने नगरीय ठोस अपशिष्ठ निपटान का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की पदेन जिम्मेदारी पूरी नहीं की है परिणाम स्वरूप रिसाली का लोक स्वास्थ्य भगवान भरोसे है की किसी और के भरोसे है यह भी स्पष्ट नहीं है वैसे अभी रिसाली के पर्यावरण एमआईसी की खोज जानत जारी रखे हुए है और जैसे ही रिसाली निगम के ठोस अपशिष्ठ का वार्षिक प्रतिवेदन जानत की जानकारी के लिए प्रकाशित और प्रसारित किया जायेगा इस खोज पर विराम लग जायेगा 😂
निगम अधिनियम की धाराओं से विधि निर्देशित कार्यवाही प्रक्रिया से निगम का संचालन और कार्यान्वयन होता है इस अधिनियम में निगम के अनिवार्य कर्तव्यों में नगरीय ठोस अशिष्ठ के निपटान का विधि निर्देशित तरीका, कार्यवाही प्रक्रिया और प्राधिकृत जिम्मेदारियों का उल्लेख किया गया है गौरतलब रहे की निगम का पर्यावरण एमआईसी सदस्य नगरीय ठोस अपशिष्ठ निपटान के लिए आवश्यक कार्यवाही करने और इस कार्यवाही की पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए प्राधिकृत तौर पर ज़िम्मेदार होता है लेकिन रिसाली का पर्यावरण एमआईसी अपनी पदेन जिम्मेदारी कैसे निभा रहा है यह रिसाली के मतदाता जान रहे है और प्रतिक्रिया विहीन होने की मजबूरी के साथ आगामी चुनाओें में अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लोकतांत्रिक अवसर का इंतजार कर रहे हैं ।
रिसाली निगम का निगम आयुक्त रिसाली निगम के नगरीय ठोस अपशिष्ठ निपटान मामले में अपनी पदेन जिम्मेदारी पूरी कर रहा है लेकिन इसमें दो मत नहीं है कि, जो जानकारी निगम का पर्यावरण अधिकारी निगम कार्यवाहियों में आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत कर रहा है उसे निगम आयुक्त विधिवत राज्य शासन तक पहुंचने की पदेन जिम्मेदारी पूरी कर रहा होगा यह वर्तमान परिस्थिति में अपेक्षित है…
    उल्लेखनीय है की राज्य शासन के नगरीय प्रशासन विभाग का एक प्राधिकारी नगरीय क्षेत्र के पर्यावरण विभाग की प्राधिकृत कार्यवाहियों को पूरा करते हुए एक वार्षिक प्रतिवेदन छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के समक्ष भी प्रस्तुत करता है जिसमे रिसाली निगम के ठोस अपशिष्ठ का ब्यौरा होना स्वाभाविक है इसलिए निगम आयुक्त के प्राधिकृत कर्तव्यों पर सवालिया निशान लगाने की गुंजाइश नहीं बनाती है लेकिन गौरतलब बात यह है की पर्यावरण एमआईसी और पर्यावरण अधिकारी के द्वारा निगम आयुक्त को प्रस्तुत किया गया प्रतिवेदन अगर तथ्य विहीन होगा तो न्यायालयीन कार्यवाहियों में न्यायालय किसको दोषी ठहरायेगा यह तो न्यायालयीन निर्णय आने पर स्पष्ट होगा ।
रिसाली निगम लोक स्वास्थ्य संरक्षण के लिए क्या कर रहा इसकी प्रमाणिक जानकारी किसके पास है यह कौन सा पार्षद बतायेगा यह तो आने वाला समय बतायेगा लेकिन यह लेख प्रसारित किए तक लोक संरक्षण के विषय पर रिसाली निगम क्षेत्र के किसी भी पार्षद ने कोई सवाल निगम प्रशासन से पूछा होगा ऐसा नहीं लगता है और आने वाले समय में भी रिसाली निगम कोई पार्षद लोक स्वास्थ्य के मामले में प्रश्न निगम प्रशासन से पूछेगा ऐसी संभावना भी नही लग रहीं है इसलिए आवश्यक है की निगम के प्रत्येक मतदाता को लोक स्वास्थ्य के संरक्षण के लिए आगे आना पड़ेगा और निगम प्रशासन से प्रश्न पूछकर लोक स्वास्थ्य संरक्षण को सुनिश्चित करवाने की नागरिक जिम्मेदारी पूरी करनी पड़ेगी क्योंकि रिसाली निगम के निर्वाचित जन प्रतिनिधि लोक स्वास्थ्य संरक्षण के मामले में अपनी निर्वाचित जिम्मेदारी निभा रहे है यह जन सामान्य की जानकारी में है 

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